00:00कि जुनून जब जीत में बदलता है, तो वो कैसे मेडल्स के साथ साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता
00:17है।
00:30आपने 140 करोड देशवाचियों को गवरव का मोका दिया है।
00:38क्योंकि सबसे बड़ी सफलता और सफलता अगर कुछ होती है, तो वो है तिरंगे की शान बढ़ाना।
00:55आपने तिरंगे की शान बढ़ाई है।
01:01तिरंगे का मान बढ़ाया है।
01:05और इसलिए आपकी सफलता केवल आपकी नहीं है।
01:13ये देश के करोडों करोडों नागरिकों की सफलता है।
01:24मैं सभी देशवासियों की ओर से और आप सब को एक बार फिर से बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ।
01:45साथी आपके कोच, आपके सपोर्ट स्टाफ और आपके परिवार का भी मैं रदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूँ।
02:03साथियों आज हमारे पुर्वर राष्टपती एपी जे अब्जुल कलाम जी की जन्वजेंती भी है।
02:13उनका जीवन और उनका वीजन हम सभी के लिए प्रेणा है।
02:19मैं उन्हें भी सादर नमन करता हूँ।
02:24साथियों इस बार एशियन गेम्स कई माइनों में हमारे लिए यादगार रहे।
02:32हमारी होकी की महिला और पूरुस दोनों टीमें हैं मुझूद है।
02:43दोनों टीमों ने इस बार गोल्ड मेडल दीता है।
02:49और खास कर हमारी महिला होकी टीम आपने तो गोल्ड लाकर
02:5644 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है।
03:13क्रिकेट में हमारी दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार मेडल जिता है।
03:23और इतना ही नहीं अपना ही रेकोर्ड दोहरा दिया है।
03:31कबड़ी में भी हमारी पुरूष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड जीता है।
03:43इसी तरह तिरंदाजी में पाँच गोल्ड और जहां पंच वहां परमेश्वर।
03:55शूटिंग में शांदार प्रजर्शन, बॉक्सिंग में, कुस्ती में बड़ी-बड़ी सफलता।
04:05एथलेट से ये नए रिकॉर्ड, 28 साल बाद, बेट लिप्टिंग में मेडल।
04:221982, 1982 के बाद, पहली बाद, मेरा धन में भारत को मिली सफलता, ये वांके ही बहुत सुख़व है।
04:41साथियों, मैं हमारी बेटियों की, खास तोर पर सराना करना चाहता हूँ।
04:52भारत ने जो 85 मेडल जीते हैं, उनमें से 38 मेडल हमारी विमेन एथलेट्स ने जीते हैं।
05:08और इनमें 11 गोल मेडल भी सामिल है।
05:17और ये मेडल्स केवल एक संख्या नहीं है, ये नए भारत की एक ससक्त तश्वीर है।
05:34आज भारत ऐसे खेलों में भी मेडल जीता रहा है।
05:41जिनमें एशियन गेम्स के इतियास में में पहले कभी मेडल नहीं मिला था।
05:47मिक्स मार्थल आर्ट, सौफ टैनिस और सेलिंग की कुछ परधाएं।
05:55में इनमें हमारे खेलाडियों ने पहली बार मेडल जीत कर नया इतिहास रचा है।
06:09साथ क्यों अब हमें खेलों में और भी बड़ी उंचाईयों तक जाना है।
06:18जाना है ना। और ज्यादा करना है ना।
06:23मैं कुछ संकल्प आपके सामने रखोंगा।
06:27और आप सब को पूरे जोज से कहना है।
06:31वी विल डू इट।
06:34तो मेरे साथ बोलिये।
06:37हर मादान पर तिरंगे की शान।
06:42हर मादान पर तिरंगे की शान।
06:47खेलों में भारत की नई पहचान।
06:52हर खेल में नए चेंपियन्स।
06:55हमारे नाम और नए रिकॉर्ड।
06:59साथियों अभी हम इस टेडियम में हैं।
07:06वो मेजर द्यांचन जी के नाम पर है।
07:12होकी के पती उनका समर्पन इतना ज़्यादा था
07:16कि वो रात में भी गंटों गंटों होकी की प्रैक्टिस करते थे।
07:25उनका ये परिश्रम हमें बार बार याद दिलाता है
07:34कि संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते हैं।
07:44इसके लिए बर्षों का धैरिय और लगातार परिश्रम ये अनिवारिय होता है।
07:59साथियों भारत ने भी बीते बारा वर्षों में बहुत धैरिय और परिश्रम के साथ अपने स्पोर्ट परसन और स्पोर्ट इको
08:14सिस्टिम पर बहुत लगन से काम किया है।
08:19आप देखिए एक समय बड़े टुर्णामेंट में भारत केवल गिने चुने मेडल्स ला पाता था।
08:33कितने ही खेलों का तो देश में पता ही नहीं होता था कि ये भी खेले जाते हैं।
08:42पहले ऑलिम्पिक जैसा इतना बड़ा इवेंट होता था और आदे से जाजा खेलों में हमारे देश का कोई प्रतिनीदित्व ही
08:54नहीं था।
08:55आप सोचिए अगर हम कंपीट ही नहीं करेंगे तो मेडल कहां से लाएंगे।
09:04साथियों हमने ये संकल्प लिया।
09:09हम इस निराशावादी मानसिक्ता को हटाएंगे।
09:17और नतीजा ये हैं कि आज हर ग्लोबल प्रतिनीदित्व बढ रहा है।
09:34साथियों देश में ये बढ़लाव आया कैसे।
09:38ये बढ़लाव आया है उसी स्पिरीट से जिसकी बदोलत आपने सफलता हासिल की है।
09:53बित्ते 10-12 वर्षों में देश ने लगन निस्टा से निरंतर प्रयास किये।
10:01एक दुर्गामी वीजन के साथ काम किया।
10:06खेलों के लिए एक पारदर्ति और आधुली की को सिस्टिम बढाया।
10:12जैसे कि आप सब जानते हैं हमने टारगेट ओलिम्पिक पोडियम स्किम शुरू की।
10:20हमने खेलों इंडिया स्किम शुरू की।
10:24समय के साथ इसका दायरा और व्यापक बनाया।
10:28खेलों इंडिया के विस्तार और स्पोर्ट्स फेडरेशन को मजबूत करने के लिए
10:35जैसा आभी मन्सुबह ने बताया
10:3836,000 करोड रुपिय से जादवा एलोकेट किये हैं।
10:48ताथियों आध देश में एक हजार से जादा खेलों इंडिया सेंटर बनाये गए हैं।
10:58स्टेडियम और मिनी स्टेडियम मल्टी परपज हॉल स्पोर्ट्स के लिए तयार किये हैं।
11:07एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल ग्राउं, होकी ग्राउं, स्विमिंग पूल, हजारों ऐसे स्पोर्ट्स इंफ्रासक्तर छोटे बड़े शहरों में बन रहे हैं।
11:20इस स्कीम के तहट खिलाडियों को भी सीधे मदद दी जा रही है।
11:28उन्हें आउट आप पॉकेट एलाउंस दिया जा रहा है।
11:35टॉप स्कीम के तहट खिलाडियों को पच्चास हजार रुपिय मईने मिल रहे हैं।
11:45अगर किसी खेल में कोचिंग के लिए देश से बाहर जाने की जरुप है तो सरकार उसे भी फैसिलिटेट कर
11:58रही है।
12:00उसके लिए आर्थिक सहायता दे रही है।
12:04साथियों युवाओं को खेलने और कंपिट करने के जादा से जादा मोके मिले।
12:12इसके लिए विंटर गेम जैसे इवेंट शुरू किये।
12:19सांसत खेल प्रतियों गीताएं शुरू की गई।
12:23देश ने नई स्पोर्ट पॉलिसी, खेलो भारब नई नीती बनाई।
12:29हमारे दिव्यांग खेलाडी भी अपनी प्रतिभाव और सामर्थ से देश का गवरो बढ़ा रहे हैं।
12:40उनके लिए भी खेलों में बहतर अवसर और आदुनिक सुविदाएं सुनिस्चित की जा रहे हैं।
12:49और इसलिए ही आज हर खेलाडी को ये भरोसा होता है कि उसकी पूरी जर्री में देश उसके साथ खड़ा
13:02है।
13:04और जब खेलाडी को ये एसास रहता है तो वो देश के लिए क्या करके दिखाता है आप सब खुद
13:16इसके उत्तम उधारन है।
13:23साथियों इस बार एश्यन गिब्स में तीम इंडिया के कई खिलाडी ऐसे भी थे जिम की उम्र पंदरा सत्रा साल
13:36ही है।
13:39इतनी कम उम्र में इन खिलाडियों ने अपने शांदार प्रदर्शन से देश का गवरो बढ़ाया है।
13:50देश वाच्वों का दिल जीता है।
13:53ये दिखाता है कि सफलता के लिए उम्र कोई बंदिश नहीं होती।
14:03बरकि खेलों में तो कम उम्र से की गई शुरुवात एक एड़ेड एडवांटेज होती है।
14:12इसलिए हमारी कोशित है कि खेलों में प्रतिभा की पहचान कम उम्र से ही हो।
14:21पांच से पंदर वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनकी ट्रेनिंग पर हमारा विशेश फोकस है।
14:31आने वाले वर्षों में हजारों नए खिलाडियों को खेलों इडिया और इमर्जिंग खेलों इंडिया के माध्यम से आगे बढ़ने के
14:44लिए आउसर मिलेंगे।
14:48हमें आने वाली खेल प्रतियोगीताओं की तैयारी को और मजबूत करना है।
15:16ओलेम्पिक्स की महजबानी करना भी भारत की आकांशा है।
15:25इसी को देखते हुए मैंने लाल के लिए से तैलेंड हंट अभियान चलाने की बाग कही है।
15:35आज गाउं गाउं तक जाकर प्रतिभाओं को तलासा जा रहा हैं और उन्हें तरासा भी जा रहा है।
15:45यही घिलाडी आने वाले समय में भारत के लिए मेडल्स लेकर आएंगे।
15:53साथ क्यों हमारे सपने बड़े हैं हमारे संकल्प भी बड़े हैं और इन्हें पुरा करने का आत्म विश्वाद भी आज
16:07हिंदुस्तान के पास है।
16:09हर हिंदुस्तानी के पास है।
16:13अर इसलिए मैं पूरे विश्वाद से कहता हूं भारत में बड़े स्पोर्ट इवेंट्स
16:27भारत में बड़े स्पोर्ट इवेंट्स
16:41भारत में बड़े स्पोर्ट इवेंट्स
16:46भारत के हर कोने से एक चेंपियन साथ क्यों
16:53एशियन गेंट्स में हमारी सफलता देश के बदलते मिजाज का भी उदहरण है।
17:03येक एकजांपल है कि कैसे आज देश का युवा हर बुलंदी को छुने के लिए अधीर है।
17:14ऐसा कोई मुकाम नहीं है जो भारत की युवाओं के होसले से बड़ा हो।
17:23ऐसा कोई लक्ष नहीं है जो हमारी युवाश शक्ति के सामर्थ के बहार हो।
17:30संभाव नाओं का असी माकाश सामने हैं और मन्जिल भारत का युवाँ खुद तै कर रहा है।
17:42इसलिए देखते ही देखते भारत आज दुनिया का तीसरा बड़ा तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टिम बन गया है।
17:59हमारे हुआ आज स्पेस सेक्टर में अपनी कंपनिया बना रहे हैं।
18:06सैट्रिलाइट टेक्नोलोजी पर काम कर रहे हैं।
18:10यही हुआ डिफेंस सेक्टर में नई तक्नीक विशित कर रहे हैं।
18:16आर्टिफिशल इंट्रिजिएंस में नए प्रयोग कर रहे हैं।
18:21और यह बदला केवल बड़े शहरों तक सिमित नहीं है, जैसे खेलों में आज दूर दराज की प्रतिभाओं को भी
18:33मोका मिल रहा है, बैसे ही आज स्टार्ट अप्स, रीसर्च और दूसरे उद्यमों में भी छोटे शहरों और गाओं के
18:47हुआ नए आइडिया लेकर आगे आ र
18:50रहे हैं, इस आत्म विश्वास के पीछे एक बड़ा भरोसा है, बिते एक दसक में देश ले जो व्यवस्ताएं विक्सित
19:02की हैं, उनसे युवाओं को भरोसा मिला है, कि वे बड़े सपने देख सकते हैं, उन्हें विश्वास है, कि उनके
19:13सपनों को आगे बढ़ाने के लि�
19:20के साथ खड़ा है, साथ कियों, हमारे प्रयासों का लाब केवल मैदान में खेलने वाले खिलाडियों तक सिमित नहीं हैं,
19:35स्पोर्ट्स कोचिंग, फिज्यो थरेपी, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स ब्रोर्कस्टिंग यसे खेत्रों में भी, युवाओं के लि�
19:51खेलों के विकास के साथ साथ, इन से जुड़े अनेक प्रोफेशन भी आगे बढ़ रहे हैं, इससे युवाओं के लिए
20:01रोजगार और उद्यम के नए रास्ते बने,
20:04साथ कि आज हम, जिस किसी भी फिल्ड में है, हमें अपनी सफलता के लिए परिशम तो करना ही है,
20:16साथ ही नई पीड़ी को घड़ने की जिम्मेदारी भी उठानी है,
20:21अब आपके पास, इंटरनेशनल टूर्णामेंट का भी अनुभव है, और इसलिए मेरा आगरह होगा, आप कुछ समय, उन बच्चों को
20:36जरूर दें, जो आपकी तरह, आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं,
20:47आपके पसीने से, उनके सपनों को सीचना है, सफलता तब आती है, जब भी अवसर मिले, अपने गाव, अपने शहर
21:01के बच्चों से मिली है,
21:03अलग-अलग स्कूलों में जाईए, जिस मैदानों पर आपने खेलना शुरूर किया था, वहाँ जरूर जाईए, आपके अनुभव, उन बच्चों
21:16के बहुत काम आ सकते हैं, हो सकता है, आपकी एक छोटी सी बाप, किसी बच्चे को, खेलों में आगे
21:26बढ़ने का होसला दे
21:29साथियों, देश के युवाओं को आप से केबल स्पोर्ट की ही प्रेणा नहीं मिलती है, क्योंकि खेल की भुमी का
21:41केबल मैदान तक ही सिमित नहीं है, खेल हमें जीवन में अनुशासन सिखाते हैं, जीवन में गिर कर फिर से
21:51खड़े होने की, हार कर जितने की सीर्क खेलों स
21:56मिलती है, एक लक्ष के लिए कैसे लंबे सबय तक अटल रहना है, कैसे परिशित्यों के हिसाब से खुद को
22:05ढालना है, स्पॉर्ट से हमारे हरोज के जीवन का हिस्सा बन जाता है, यही स्पॉर्ट पर जन प्रिट, जीवन भर
22:16काम आती है,
22:18साथियों, मैं हमेशा कहता हूँ, जो खेलेगा, वो खिलेगा, आप भी खेलते रहिए, खिलते रहिए, आने वाली प्रतियोगिताओं, और भविश
22:36के सभी प्रयासों के लिए, एक बार फिर मेरी तरब से आपको अनेक अनेक शुप काम नाए,
22:47आपका ये उत्सा, ये आत्मविश्वास, यही नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है,
22:58इसी आत्मविश्वत के साथ हमें भारत को नई बुलंदियों तक पहुँचाना है,
23:06तो आईए, एक बार फिर, पूरी ताकत के साथ मेरे साथ बोलिये,
23:14विख्शीद भारत, विख्शीद भारत at 2047,
23:22we will do it, we will do it, we will do it, top three economy, top three economy,
23:34आत्मा निर भारत, आत्मा निर भारत, global manufacturing hub,
23:43global manufacturing hub, technology में भारत की लेडर्शिप,
23:49अंतरिक्ष में कदम, ओलिम्पिक्स का आयो जान,
23:55नए खोलों में medals, यस, we will do it.
24:09बहुत बहुत सुप काम रहा है, बहुत बहुत धन्यवाद.
24:18Thousand ministisions increase the
24:19बहुत nay, बहुत की लिए कुटअ श्सक्षण सुέसर with kys not