00:00क्या आप भी हर महीने कमाई तो करते हैं लेकिन महीने के आखिर तक आपके खाते में पैसे नहीं बचते
00:06हैं क्या आप जानना चाहते हैं कि आपका निवेश कितने साल में दोगूना हो सकता है नौकरी छुटने आचानक बिमारी
00:12या किसी बड़ी जरूरत के समय आर्थिक परि�
00:28देते हैं लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि कमाई का कितना हिस्सा खर्च करना चाहिए कितनी बचत करनी चाहिए
00:35और किस उम्र में शियरवाजार जैसे जोखिम बाले विकल्पों में कितना पैसा लगाना उचित होगा कई बार लोग ज्यादा रिटरं
00:42की उमीद में अप
00:56निवेश ऐसे नियम हैं जिनकी मदद से आप अपने पैसे की संभावित पढ़ोतरी का अनुमान लगा सकते हैं खर्चों को
01:03विवस्थित कर सकते हैं और भविश्य के लिए आर्थिक सुरक्षा तयार कर सकते हैं आए समझते हैं कि यह नियम
01:09कैसे काम करते हैं और आप अपनी
01:11आर्थिक स्थिती के अनुसार इनका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं निवेश की रकम कितने समय में दोगुनी हो सकती है
01:17और इसका अनुमान लगाने के लिए रूल आफ 72 का इस्तेमाल किया जाता है इसमें 72 को निवेश पर मिलने
01:24वारे अनुमानित सालाना रिटर्न से भाग दिया �
01:27जाता है इससे पैसा दोगुना होने में लगने वाले वर्ट्षो का मोटा अनुमान मिल जाता है उधारन के लिए अगर
01:33आपके पास निवेश का सालाना 12 फिस्ते रिटर्न मिलता है तो 72 को 12 से भाग देने पर 6 आता
01:39है यानि इस दर से आपका पैसा करीब 6 साल में दोगुना
01:54नहीं होती इसलिए बास्पिक नतीजे अलग हो सकते हैं अगर आप चानना चाहते हैं कि निवेश की रखम 3 फिस्ते
02:01रिटर्न मिला ऐसे में 114 को 12 से भाग देने पर करीब 9.5 आता है इसका मतलब यह हुआ
02:19कि अनुमानित साल साठे 9 साल हुआ
02:21इस हिसाब से 1 लाक रुपए लगबग 3 लाक रुपए हो सकते हैं इसी तरह रूल ओफ 144 का इस्तेमाल
02:27निवेश की रखम 4 गुना होने का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है इसमें 144 को अनुमानित सालाना रिटर्न
02:33से भाग दिया जाता है अगर सालाना रिटर्न 12.50 हो �
02:37तो गणना के अनुसार रकम 4 गुना होने में करीब 12 साल लग सकते हैं ध्यान रहें कि ये दोनों
02:42फॉर्मूले भी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं देते अब सवाल आता है कि महीने की कवाई में से कितनी रकम
02:48खर्च करनी चाहिए कितनी बचानी चाहिए इस नियम के
02:51मुताविक टैक्स के बाद मिलने वाली आय का 50 फिस्ती हिस्ता जरूरी खर्चों 30 फिस्ती एक्छाव और बाकी 20 फिस्ती
02:58बचत या निवेश के लिए करने का सुझाव दिया गया है उधारन के लिए अगर आपकी मासिक के खुम सैलरी
03:0450,000 रुपए है तो 25,000 रुपए किराय
03:21नहीं है अगर आपके घर का किराया या पारिवारी खर्च जादा है तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें
03:26बदलाव कर सकते हैं निवेश ने जुड़े एक अन्य प्रचलित फॉर्मूले को सौ माइनस उम्र का नियम कहा जाता है
03:33इसके तहत सौ मेंसे अपनी उम्र घ�
03:49जैसे विकल्पों में रखने का विचार दिया जाता है लेकिन केवल उम्र के अधार पर निवेश का फैसला करना सही
03:55नहीं है आपकी आमदनी परिवार की जिम्मेदारियां घर्ज जोखिम सहने की शमता और भविश्य में पैसों की जरूरत भी महत्पूर्ण
04:02है इसलिए इस
04:17कमाई 40,000 रुपए हैं तो आप 4,000 रुपए बचत या निवेश के लिए अलग रख सकते हैं आमदनी
04:22बढ़ने के साथ निवेश की रकम भी बढ़ाई जा सकती है अगर मौजूदा आर्थिक स्थिति इसकी इजाजत नहीं देती तो
04:29कम रकम से शुरुआत करके धीरे धीरे �
04:31पढ़ाना भी एक विकल्ब है निवेश का तरीका अपने लक्ष समयोधी और जोकिम शमता को ध्यान में रखकर चुनना चाहिए
04:38निवेश के साथ इमर्जंसी फंड तयार करना भी बेहर जरूरी है नौकरी छुटने बिमारी घर की मरम्मत या किसी अन्य
04:45अचाना काने वाली
04:46जरूरत के समय या फंड आर्थिक सहारा देता है एक समानने दिशा यह है कि कम से कम 6 महीनों
04:52के जरूरी खर्चों के बराबर रकम अलग रखनी चाहिए उधारन के लिए अगर आपके जरूरी मास्तिक खर्च 30,000 रुपए
05:01हैं तो 6 महीने के लिए 1,80,000 रुपए का इमर्जं
05:08ही रहे या परिवार की जिम्मेदारिया अधिक है उन्हें इससे बड़ा फंड रखने की जरूरत हो सकती है इसलिए रकम
05:14को ऐसे विकल्प में रखना वेहतर होता है जहां जरूरत पढ़ने पर पैसा असानी से उपलब्ध हो इमर्जंसी फंड का
05:20उदेश्टे ज्यादा रि
05:36साथी कि स्थिती का आकलन बेहर जरूरी है साथी कर्ज और जरूरी खर्चों को नजर अंदाज करके निवेश नहीं करना
05:42चाहिए बेहतर वित्य भविश्य सिर्फ ज्यादा कमाने से नहीं बलकि सही बजट बनाने नियमित बचत करने जोकिम समझने और जरूरत
05:50के समय परिय
06:03दिश्टल के साथ