00:00सुप्रीम कोट ने कहा है कि दूसरे धर्मे धर्मान करने के बाद हिंदू जाती विवस्ता के आधार पर आरक्षन का
00:06लाब नहीं मिलेगा।
00:30के बाद दूसरे धर्म की सामाजिक विवस्ता में अपने आप लागू नहीं होती है।
00:36सुप्रीम कोट ने मदरास हाई कोट के फैसले को बरकरार रखा है जिसमें तमिलाडू सरकार के धर्मानतरित मुसल्मानों को आरक्षन
00:44देने के फैसले को रद कर दिया गया था।
00:52तो आपको बता दे इस वक्त एक बड़ी खाबर आ रही है मदरास हाई कोट का एक आदेश आया था
00:57जिसे अब सुप्रीम कोट ने जारी रखा है।
01:01इस आदेश के तहट अगर कोई शक्स अपना धर्म बदल लेता है और वो अनुसूचे जाती से होता है या
01:09उसको जो फाइदे या जो लाब मिलते रहे हैं उस जाती के खोने की वज़े से वो धर्मानतरण के बाद
01:17नहीं मिलेंगे उसके धर्म बदलने के बाद नहीं मिलें�
01:20नहीं के आरक्षन खास तोर पर जिसे लेकर के अक्सर विवाद उठता रहता है कोट ने अब साफ कर दिया
01:28है कि वो आरक्षन का हख पर कराद उसके लिए नहीं रहेगा
01:37और इस वक्त एक बड़ी खबर आ रहे हैं सीधा उसी का रुक करते हैं खबर आ रहे है कि
01:42एक हलफ नामा दिया गया है दिल्ली पुलिस कमिशनर की तरफ से जिसमें कहा गया है कि कानून बिगड़ने की
01:49व्यवस्ता बिगड़ने की आश्चंका थी और इसी वज़े से कारवा
01:55की गई प्रदेशन के मामले में पुलिस कमिशनर का एक हलफ नामा दायर किया गया है हलफ नामे में वदाय
02:03गया है कि सीजेपी को अनुमती न देने की वज़े ये थी कि कानून विवस्ता बिगड़ने की एक आश्चंका थी
02:10और इसी के चलते उन्हें परमिशन या अनुमती
02:14उस वक्त नहीं दी गई जो उन्होंने मांगी थी प्रदेशन के मामले में पुलिस कमिशनर ने हलफ नामा अदालत के
02:21सामने दिया है जब उनसे पूछा गया था कि क्यों नहीं उनको अनुमती दी गई याद रखे कि सीजेपी ने
02:28अपनी तरफ से अनुमती पुलिस से मांग
02:30थी लेकिन वो मना कर दी गई थी हमारे से योगी संजे शर्मा हमारे साथ जुड रहे हैं संजे पुलिस
02:35कमिशनर का दावा है कि अनुमती न देने की वज़े क्यानून विवस्ता के बिगड़ने बिगड़ना हो सकता है लेकिन पहले
02:42जो बात पुलिस की तरफ से कही जा रही
03:00के चांसे थे आसार थे और उस आशंका को देखते हुए अनुमती नहीं दी गई है और साथ ही ये
03:06पहले ये दलील दी गई थी कि जो दस दिन पहले अनुमती की याचिका दाखिल करनी चाहिए जो अप्लिकेशन डाला
03:12जाना चाहिए वो दस दिन पहले नहीं दो दिन पहले म
03:31पिछले इनके अंदोलन से सबक लेते हुए पुलिस ने इसके अनुमती नहीं दी क्योंकि पिछली बार दो दिन के अनुमती
03:36मांगे गई थी और 17 दिन बाद जगे खाली कराई कराई गई थी
03:39जी बिल्कुल आपसे ये भी जाना चाहेंगे कि पुलिस को ये हलफ नामा दायर आखिर क्यों करना पड़ा क्या जाना
03:48चाह रहे थे सुप्रीम कोट
03:53सुप्रीम कोट ने जो याचिकाएं दाखिल के गई थी उस पर दिल्ली पुलिस और साथ ही मेट्रो रेल रेलवे इन
04:00सारे महकमों को जिनको पक्षकार बना गया था उनको नोटिस जारी किया था उनसे स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी कि आप
04:06स्टेटस रिपोर्ट फाइल क
04:11कहा था कि वो कंप्रेहेंसिव जवाब फाइल करेंगे सारे लोगों का मिला जुला जवाब फाइल करेंगे लेकिन उसमें जो हलफ
04:17नामे का जिक्र किया गया है वो हलफ नामा दिल्ली पुलिस का यही है जिसमें उन्होंने अपने अब इजाजत ना
04:23दिये जाने को लेकर सही
04:25सही वजहें बताई हैं कानूनी वजहें बताई हैं व्याभारिक वजहें बताई हैं जी संजे आप से जाना जाएंगे आज यही
04:32एक याचिका नहीं है जिस पर सुनवाई होने वाले यह बहुत एहम याचिकाएं हैं जिन पर सुनवाई होगी थोड़ा उनके
04:38बारे में भी जा
04:53की गई है जिसमें महिला पत्रकारों के साथ बदसलूकी का मामला भी है इसके साथ ही जंतर मंतर को प्रोटेस्ट
05:01की जगे से हटा उसकी सूची से हटा दिया जाना भी है साथ ही इन लाइंड ओर्डर सिच्वेशन को लेकर
05:08भी है और SIR को लेकर तो है ही SIR में जो गड़बडिय
05:15करने के आरोप हैं उस पर भी सुनवाई है और SIEC के इस्तिफ़े को लेकर यानि उनको हटाया जाए इस
05:22मामले में सुप्रिम कोट डखल दे जो इनकी मांग है याचिका करता हूं कि उन तमाम चीजों पर सुनवाई है
05:27यानि 26 याचिकाए हैं अलग-अलग चीजों को कवर कर
05:30करने वाली अलग-अलग पॉइंटर्स के साथ हो याचिकाए हैं तो अब यह देखना दिल्चास वोगा कि 26 याचिकाओं पर
05:35बारी-बारी से एक के बाद एक सुनवाई होगी तो उमीद की जा रही है कि 12 बजे तक शायद
05:41वो मैंटर आएगा चूंकि राउल गांदी और अन
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