00:01Uttar Pradesh
00:02में 5.00 चुनाव और High Code के आदेश के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है
00:07इलाबाद High Code की Division Bench ने
00:10राज सरकार और निर्वाचन I.O. को 3 महीने के भीतर 5.00 चुनाव कराने का निर्देश दिया है
00:17कोर्ट ने वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के सरकारी फैसले को भी वैद ठहराया है
00:24यानि चुनाव होने तक मौझूदा प्रधान प्रशासक की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे
01:07चुनाव की समय सीमा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं
01:10राष्टिय पंचायती राजग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष डॉक्टर अखलेश सिंग का कहना है
01:16कि तीन महीने में चुनाव कराना व्यवहारिक नहीं है
01:21कारण ये है कि अभी जनगड़ना का पीक आने वाला है दिसंबर में
01:26इसके साथ विधान सभाद चुनाव की जो मदाता सूचियां है
01:31उनका वार्शिक पुनरिक्षन होने जा रहा है नॉमबर और दिसंबर में
01:46ये करेगी या पंचायतों के चुनाव कराएगी ये इसको ले करके संसे है
01:51मुझे नहीं लगता है कि ये कोई बहुत ब्याभारिक बात हो रही है
01:54कि अगले तीन महीने में पंचायतों के चुनाव हो जाएंगे
01:57विपक्ष ने पंचाय चुनाव के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास महरोत्रा
02:04ने बीजेपी पर हार के डर से पंचाय चुनाव टालने का आरोप लगाया, वहीं कॉंग्रिस की प्रदेश अध्यक्ष अराधना
02:12मिश्चा ने हाई कोड के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया, बाजपा सरकार ने पंचाय चुनाव
02:21में हार की डर के कारण चुनाव को इस्थगित करने का काम किया था, बाजपा को मालुम था कि पंचाय
02:30चुनाव होंगे तो पूरे प्रदेश में
02:33समाजवादी पार्टी चुनाव जीतेगी, इसलिए उन्होंने चुनाव टाल दिये थे
03:06बीजेपी ने चुनाव को लेकर अपना रुख साफ किया है, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकास राजभर और अनिल
03:13राजभर का कहना है कि निर्वाचन आयोंग जो फैसला करेगा, सरकार उसके मताबिक चुनाव कराने के लिए तयार है
03:36समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेता को ये पताय नहीं है, या जानबूझ को और हमेशा जिस तरह से
03:43नोटंकी करते हैं, जनता को गुमरा करने की कोशिस करते हैं, वही कर रहे होंगे?
03:50सरकार के अधिकार और चुनाव आयुक के अधिकार अलग-अलग हैं, चुनाव कराने का अधिकार चुनाव आयुक के पास है,
04:01ये चुनाव आयुक को फैसला करना है, सरकार से क्या लेना देना है?
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