00:06योगी सरकार की मदद से आत्म निर्भर बनी महिलाएं, परिवार में बढ़ा सम्मान, उत्तर प्रदेश के जहासी जिले के भूजला
00:14ग्राम पंचायत में स्वैम सहता सम्हूं से जोड़ी महिलाएं, टेक हूम राशन प्लांट के जर्ये आत्म निर्भर बन रही हैं,
00:21कभी घर से बाहर निकल कर काम करने के लिए परिवार के बिरोत का सामना करने वाली महिलाएं अब अपनी
00:28कमाई से घर चलाने में मदद कर रही हैं, और अपने बच्चों को प्राइविट स्कूलों में पढ़ा रही हैं, बोजला
00:35में सक्षम प्रेनल लगू, द्योग के नाम से �
00:37ये प्लान चल रहा है, इसे शुरू करने के लिए स्वयम सहत समुहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी बच्चत लगाई,
00:44समुहों की अध्यक्चे द्रोप्ती की मताबिक, शुरुवात में दस महिलाएं समुहों से जुड़ी थी, बाद में ग्राम संगठन और क्लस्टर
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01:05से 30,000 रुपे जमा करने थे, महिलाओं ने ये रकम जुटाई और प्लान्ट शुरू हुआ, अब यहां काम करने
01:12वाली महिलाओं को समय पर सैलरी मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिती में सुधार आया है, द्रॉप्ती पहले सलाई करने
01:19के साथ खेतों में मजदूरी भी
01:21करती थी, उनकी आमदनी इतनी नहीं थी कि बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सके, समहु से जोने के बाद
01:28अवे घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई में योगदान दे पा रही है, उनका कहना है कि इस काम
01:33से महिलाओं को रोजगार मिला है, और परिवार में उन
01:51कि रहने वाली सरोज, जो जैमारतन वाली समहु की अध्यक्च है, बताती हैं कि पहले उनके बच्चे सरकारी स्कूल में
01:58पढ़ते थे, लेकिन अव उन्ही प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही है, प्लांट में काम करने वाली विनीता के मुताबिक शुरुआत
02:06में उनके �
02:06परिवार के लोग समहु से जुनने के पच्च में नहीं थे, उसके बावजूद उन्होंने काम जारी रखा, अब वे अपनी
02:12कमाई से पती की आर्थेक मदद करती हैं, और पहले से जादा आत्मे विश्वास के साथ अपनी बात रखताती हैं,
02:20विनीता बताती हैं कि प्लां�
02:33परिवार के अवसर में रहे हैं, इन महिलाओं के लिए ये पहल केवल कमाई का जड़्या नहीं है, बलकि आत्मे
02:40विश्वास और परिवार में सम्मान बढ़ने का माध्यम भी बनी है