00:03उत्राखन में कई ऐसे ट्रेकिंग रूट्स हैं जिनकी प्राकृतिक सुन्दर्ता सैलानियों को बर्बस ही अपनी ओर आकरशित करती है
00:11उनी में से एक है पामाली कांठा त्रिजुगिनारा एंट्रैक जिसे देखकर लगता है कि मानो कुद्रत ने खुद इसे अपने
00:18हाथों से समारा हो
00:20बुग्याल, हरी घास की मखमली चादर, उंची परवत चोटियां और ठंडी हवाएं यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के करीव
00:30ले जाती है
00:30लेकिन बेतर सुविधाओं और सुनी योजी त्विकास के भाव में यह शेत्र अभी भी पहचान का इंतजार कर रहा है
01:00लोग जो है यह शेत्र का विकास होगा
01:03तीरी गडवाल का पमाली कांठा त्रिजुगिनारा एंट्रैक, प्राकृतिक सुन्दर्ता, धार्मिक आस्था के साथ ही पर्यटन की अपार संभावनाय समेटे हुए
01:14है
01:14पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पैदल मार्क का सुधारी करन, सुरक्षित ट्रेकिंग डूट, विश्राम स्थल, स्वच पेजल, शौचाले और
01:24प्रात्मिक चिकित्सा जैसे सुधाएं विक्सित करना जरूरी है
02:00वहीं ये ट्रेक केवल प्राक्रितिक सुनरता ही नहीं बलकि धार्मिक आस्था के लिए भी काफी एहम माना जाता है
02:06कावड यात्रियों के आवाजाहे छेत्र की पुरानी यात्रा परंपरा को जीवन्त बनाए हुए है
02:12जो राजसरकार की ग्रामुर्था नियोजना है उसके माध्यम से यहां पर गंट्यागंड स्वाएमसाता सम्मू है
02:19उसको एक दसलाग का प्रजेक्ट दिया गया था ठ्रेकिंग को यहां पर बढ़ावा देने के लिए
02:24तो उनके द्वारा जो हमारा पावाली कांटा का बहुत फेमस ट्रेक है उसको संचालन है तो एक टीम बनाई है
02:30ठ्रेनिंग प्राप्त की गई है उसके एक कुपमेंट सखटे किया गए है
02:33तो आज उस प्रजेक्ट का शुबारम किया जा रहा है जिसमें वो फर्स बैच में अराउंड तीस से चालेस लोगों
02:39को ट्रेक कराएंगे
02:40और यह त्रेक दूर दिनका ट्रेक है जिसमें पहले प्रथम यह मेंडू सित्वाल गाउं से
03:12इस चेत्र को प्रकृती ने अपनी नेमत से समा रहा है
03:15लेकिन इस खुपसूरत हिमाले डेस्टिनेशन पर सरकार की नजरें पढ़ने का इंतजार है
03:21जिससे इस डेस्टिनेशन को विक्सित किया जा सके
03:25इजी विभारत के लिए टीरी से विकास रतूरी