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  • 11 minutes ago
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं की तरफ से दायर याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं।अब खामियों को ठीक करने के लिए ⁠याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों ने रजिस्ट्री से वक्त मांगा है और बुधवार को लिस्ट करने का आग्रह किया है। वहीं अब इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है कि सड़क पर झूठी नौटंकी करना आसान है लेकिन अदालतों में तथ्यों और सबूतों की आवश्यकता होती है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि कोई गंभीर कानूनी या संवैधानिक कमी नहीं है।

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00:00ग्यानिश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई अब पोर्ट तक पहुँच गई है।
00:30सबसे पहले आपको बताते हैं कि याचिका में क्या-क्या खामिया है।
01:00कई पन्नों के नंबर डालने में गलती थी।
01:04शेत्रिय भाशा में शामिल पन्नों का आधिकारिक अनुवाद साथ में नहीं लगाया।
01:09याचिका के समर्थन में कुछ पुराने फैसलों की कॉपी नहीं लगाई गई।
01:15दस्तावेजों में जरूरी कानुनी आपचारिक ताएं अधूरी पाई गई।
01:20याचिका में SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाये जाने और आनियमित्ताओं का मुद्दा उठाया गया है।
01:28विपक्ष ने SIR की प्रक्रिया पर ततकार रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयूत ग्यानिश कुमार को पद से हटाने की
01:35मांग की है।
01:36अब आपको ग्राफिक्स के जरीए ये भी बताते हैं कि किन किन को प्रतिवादी बनाया गया है।
01:42भारतिये चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयूत ग्यानिश कुमार, चुनाव आयूत सुकबीर सिंग संदू, चुनाव आयूत विवेग जोशी, विपक्ष की याचिका
01:56में खामिया मिलने के बाद सियासत भी शुरू हो गई है।
01:59बीजेबी का कहना है कि सड़क पर जूठी नौटंकी करना आसान है, लेकिन अदालतों में तक्थ्यों और सबूतों की आवशक्ता
02:07होती है।
02:08वही कॉंग्रिस का कहना है कि कोई गंभीर कानूनी या सम्रधानिक कमी नहीं है।
02:13तक्नीकी कमिया तो हमेशा होती है। कोई उसमें सद्धान्तिक या कोई लीगल कमी नहीं है।
02:21जो हैं दूर कर दी जाएंगी। नबे दिन का समय है। ऐसा कुछ नहीं है जिसमें कोई गंभीर तुटी हो
02:30या संबधानिक तुटी है।
02:31हो सकता है। हो सकता है। राक के अंधरे में हमको जाना पड़ा। इतनी भीर थी पाज घंटे हम सड़क
02:39पर थे। तो उसमें कुछ खाम्या होगी तो दुरुष्ट हो जाएगी। हो सकता है ना। उसमें बिजीपी को इतनी नाचने
02:49की जरूरत नहीं है।
02:50देखिए सरक पर भीर जुटा कर जिस तरह देश की सर्वोच अदालत पर राजनितिक दवाब बनाने का कुछित प्रियास राहूल
03:02गांधी का यह नियाय पालिक का अपका सीधा अपमान है।
03:05जाहर तोर पर याचिका में खामिया मिलने के बाद बीजेपी को हमला करने का नया मौका मिल गया है।
03:11पर सुन वाई के बाद किसको राहत और किसको जटका मिलता है।

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