00:00ग्यानिश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई अब पोर्ट तक पहुँच गई है।
00:30सबसे पहले आपको बताते हैं कि याचिका में क्या-क्या खामिया है।
01:00कई पन्नों के नंबर डालने में गलती थी।
01:04शेत्रिय भाशा में शामिल पन्नों का आधिकारिक अनुवाद साथ में नहीं लगाया।
01:09याचिका के समर्थन में कुछ पुराने फैसलों की कॉपी नहीं लगाई गई।
01:15दस्तावेजों में जरूरी कानुनी आपचारिक ताएं अधूरी पाई गई।
01:20याचिका में SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाये जाने और आनियमित्ताओं का मुद्दा उठाया गया है।
01:28विपक्ष ने SIR की प्रक्रिया पर ततकार रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयूत ग्यानिश कुमार को पद से हटाने की
01:35मांग की है।
01:36अब आपको ग्राफिक्स के जरीए ये भी बताते हैं कि किन किन को प्रतिवादी बनाया गया है।
01:42भारतिये चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयूत ग्यानिश कुमार, चुनाव आयूत सुकबीर सिंग संदू, चुनाव आयूत विवेग जोशी, विपक्ष की याचिका
01:56में खामिया मिलने के बाद सियासत भी शुरू हो गई है।
01:59बीजेबी का कहना है कि सड़क पर जूठी नौटंकी करना आसान है, लेकिन अदालतों में तक्थ्यों और सबूतों की आवशक्ता
02:07होती है।
02:08वही कॉंग्रिस का कहना है कि कोई गंभीर कानूनी या सम्रधानिक कमी नहीं है।
02:13तक्नीकी कमिया तो हमेशा होती है। कोई उसमें सद्धान्तिक या कोई लीगल कमी नहीं है।
02:21जो हैं दूर कर दी जाएंगी। नबे दिन का समय है। ऐसा कुछ नहीं है जिसमें कोई गंभीर तुटी हो
02:30या संबधानिक तुटी है।
02:31हो सकता है। हो सकता है। राक के अंधरे में हमको जाना पड़ा। इतनी भीर थी पाज घंटे हम सड़क
02:39पर थे। तो उसमें कुछ खाम्या होगी तो दुरुष्ट हो जाएगी। हो सकता है ना। उसमें बिजीपी को इतनी नाचने
02:49की जरूरत नहीं है।
02:50देखिए सरक पर भीर जुटा कर जिस तरह देश की सर्वोच अदालत पर राजनितिक दवाब बनाने का कुछित प्रियास राहूल
03:02गांधी का यह नियाय पालिक का अपका सीधा अपमान है।
03:05जाहर तोर पर याचिका में खामिया मिलने के बाद बीजेपी को हमला करने का नया मौका मिल गया है।
03:11पर सुन वाई के बाद किसको राहत और किसको जटका मिलता है।