00:00भारत के प्रती उनका प्रेम वैस्विक मंचों पर भारत के प्रती उनकी भावनाएं हमेशा बहुती सकारत्मक उर्जा देने वाली रही
00:14हैं और इसके लिए मैं स्रिमान
00:21आपका रड़े से बहुत बहुत आभार व्यक्ते करता हूँ हर साल ये फोरम
00:32दुनिया के बहत्रीन मैंड्स को एक साथ लाता है यहां एकनॉमी पर चर्चा होती है
00:47टेक्नोलोजी एनरजी और ग्लोबल एफेर्स पर विमर्ष होता है और इस बार पहली बार यह आयोजन भारत में हो रहा
01:01है
01:03मैं मिस्टर ब्लुमबर्ग और उनकी पूरी टीम को इस निर्णे के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूँ
01:14आपने सही समय पर सही जगे चुना है
01:27फ्रेंट इस साल ब्लुमबर्ग एकानोमिक फोरम की थीम दुनिया में उभरती नई पावर्स पर केंद्रित है
01:44हर यूग में पावर के अपने स्रोत रहे हैं अपनी परिभाशा रही है लेकिन 21 सदी में खासकरी तीसरे दसक
02:01में एक बड़ा बडलाव हो रहा है
02:08तुड़े टेक्नोलोजी इस पावर डेटा इस पावर नॉलेज इस पावर इनोवेशन इस पावर लेकिन साथियों असली सवाल यह नहीं है
02:27कि पावर किसके पास है
02:32बलकि सवाल यह है कि इसका यूज कैसे हो रहा है
02:40क्या टेक्नोलोजी सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाएगी
02:47या करोडों लोगों के लिए नए अवसर बढ़ाएगी
02:53क्या नॉलेज केवल कुछ लोगों की ताकत बनी रहेगी
02:58या सबकी ख्रमता बढ़ाएगी यहीं से एक नया विचार जन्म लेता है
03:11और यह विचार है पावर टू एमपावर पावर टू एमपावर पावर टू कंट्रोल से आगे
03:28पावर टू एनेबल, पावर टू कम्पिट से आगे, पावर टू कॉलबरेच, पावर टू सक्सीर से आगे, पावर टू हेल्प अधर्थ
03:47सक्सीर, और इसलिए
03:51आज मैं यहाँ जिस वीजन के साथ आया हूँ, वो है पावर टू एमपावर, साथ क्यों, यह विचार भारत के
04:05लिए नया नहीं है, हमारी यहाँ कहा गया है,
04:10विद्या विवादाय, धनम मदाय, शक्ति ही परेशा, परी पीडनाय खलस्य सादो, विप्रितम एतत, ज्ञानाय दानाय चरक्षनाय,
04:31इसका भाव यही है, कि ज्ञान, धन और शक्ति, जिसके पास भी हो, वो इनको यूज केसे करता है, यह
04:47महत्वकुन है,
04:49यानि पावर का असली मुल्य, उसके परपज में है, और इसी सोच को, आज के दौर में समझना बहुत जरूरी
05:04है,
05:06सद्यों पावर टू एमपावर करने वाला जो यह मानविय भाव है, यह सिर्फ दूसरों को उपदेश देने के लिए नहीं
05:16है,
05:16यह हजारों वर्षों की हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है, और भारत में हमने इसे अपनी गवरनेंस में, अपनी कारेशंत
05:30संस्कृति में लागू करके दिखाया है,
05:34इसलिए मैं भारत के उदारणों से ही अपनी बात को आगे बढ़ाऊंगा,
05:42साथ के आप सभी जानते हैं, भारत मदर अब डेमोक्रेसी है, भारत में हंड्रेट से उपर भाशाएं हैं,
05:55करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और पॉब्लिकेशन्स हैं, एक हजार से जादा सेटलाइट टीवी चैनल्स हैं,
06:12और इतना ही नहीं, सोशल मेडिया के इस दौर में भारत में 500 मिलियन से अधीक यूट्यूब यूजर्स हैं,
06:25500 मिलियन से जादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं,
06:32हमारे हाँ अलग-अलग मुद्धों पर खुल कर बहस होती हैं,
06:41अलग-अलग दर्श्टिकौन पर जनता चर्चा करती हैं,
06:47और वरतमान समय में इसमें जिसने एक बड़ी भूमी का निभाई हैं,
06:53वो है डिजिटल पावर.
06:58साथ योग 12-13 साल पहले तक भारत में एक समय वो भी था,
07:05जब मोबाईल और इंटरनेट तक पहुझ भी अपने आप में शक्ति हुआ करती थी,
07:13जिसके पास एक्सेस था, उसके पास इंफर्मेशन थी,
07:19नौलेज थी, आपर्चुनिटीज थी,
07:242014 के बाद जब भारत में नई सरकार बनी,
07:31हमें सेवा करने का आउसर मिला,
07:34तो भारत ने मोबाईल डेटा को एफ़रेबल बनाने पर जोर दिया।
07:44इसी का नतीजा है कि आज एक छोटे शहर का विद्यार्थी भी डिजिटल लर्निंग से जुर सकता है।
07:55किसी गाउं में एक छोटा दुकानदार भी नए कस्टमर्स तक पहुच सकता है।
08:03एक युवा भी ऑनलाइन नए कोर्से जाइन कर सकता है।
08:10यानि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को कनेक्ट नहीं किया।
08:16उसने आउपर्चुनिटीज को भी कनेक्ट किया है।
08:22यही यही पावर टू एमपावर है।
08:28साथ क्यों आप पैसे जो अतिती विदेश से आये हैं।
08:34उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट्स एकोसिस्टिम को भी आजमा कर देखिए।
08:43हमार यहां एक स्ट्रीट मेंडर और एक बड़े कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है।
08:52उनका स्केल अलग है। लेकिन भारत में यह दोनों डिजिटल पेमेंट्स के एक ही इकोसिस्टिम का इस्तमाल कर रहे हैं।
09:05यही इंक्लूजीव टेकनोलोजी की ताकत है।
09:09साथ यह भारत का जो भी सामर्थ है।
09:13उसे हम अपने घर में ही रखने के समर्थक नहीं है।
09:20उसे हम ग्लोबल साउथ के साथ अन्य पार्टनर कंट्रीज के साथ निरंतर साजा करते हैं।
09:32डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्क्तिर के अनुभव को हम दूसरे देशों से शेर कर रहे हैं।
09:40ताकि वे अपनी जरुतों के अनुसार अपने डिजिटल सिस्टिम्स विक्सित कर सके।
09:50हमने कोविड के समय भी कोविड प्लेटफर्म बनाया था जो ओपन सोर्स था।
10:00यानि हमारे ये निरंतर प्रयास है कि भारत की केपबिलिटी दूसरे देश के लिए भी पॉसिबिलिटी के नए दरवाजे खोले।
10:13यानि हमारा सामर्थ मानवता को एमपावर करें। चाथियों इनोवेशन की पावर भी ऐसी ही है।
10:25एक आइडिया को प्रोड़क्ट में बदलना एक प्रॉब्लेम को सॉलूशन में बदलना यह अपने आप में बड़ी छमता है।
10:37लेकिन जब यह अवसर समाज के अधिक से अधिक लोगों को मिलता है, तो शक्ती का संतुलन बनता है।
10:47और इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
10:52भारत की स्टार्ट अप जर्नी इसी बदलाव का उधारन है।
10:59वर्स 2014 से पहले भारत में कुछ सो स्टार्ट अप ही हुआ करते थे।
11:08अब देश में इनकी संख्या धाई लाग से अधिक हो गई है।
11:15करीब आदे स्टार्ट अप छोटे शहरों और कस्मों से आते हैं।
11:2245% से अधिक स्टार्ट अप में कम से कम एक महला डिरेक्टर या पार्टनर है।
11:32यानि इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुँच रहे हैं।
11:41नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
11:45नए सॉलुशन्स बन रहे हैं।
11:47साथियों पावर के परपज पर जो फोकस हैं।
11:54यही सोच गवर्नांस में भी जरूरी है।
11:59सरकार के पास अथोरिटी है।
12:03लेकिन इसका उदेश यह नहीं होना चाहिए।
12:07कि देश का नागरिक सिस्टिम पर ही निर्भरत हो जाए।
12:12बलकि इसका मकसद यह होना चाहिए।
12:15कि देश के नागरिक सक्षम हो, ससक्त हो।
12:20और भारत इसी रास्ते पर चल रहा है।
12:25इसी रास्ते पर चलते हुए भारत ने बिते एक दसक में 25 करोर लोगों को दुनिया के कई देशों की
12:38आबादी से भी जादा 25 करोर लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
12:46साथियों, आपने जेम, ट्रिनिटी और डारेक बेनिफिट ट्रांसफर के बारे में भी सुना होगा।
12:57हम टेकनलोजी का इस्तमाल करते हुए हमने बेनिफिशेरीज के बैंक अकाउंट कर सरकारी मदद सीधे पहुचाने की व्यवस्ता बनाई है।
13:10इससे करप्शन कम हुआ है, देश के नागरी की सुविधा बड़ी है, गवर्मेंट और सिटिजन के बीच सीधा रास्ता बना
13:22है।
13:22साथियों, पावर टू एमपावर की यही सोच भारती ग्लोबल एंगेजमेंट में भी दिखाई देती है।
13:34कोविड महमारी के धौरां वैक्सिन मैनिफेक्टरिंग केपिसिटी का बहुत बड़ा महत्पता।
13:42तब सवाल था कि क्या इस ताकत का फाइदा भी कुछ ही देशों तक सिमित रह जाएगा।
13:52या फिर जिनके पास यह सुविधा और यह सामर्त नहीं है।
13:59उन देशों उन लोगों तक भी वैक्सिन पहुंचेगी।
14:04भारत ने मानवताव को एंपावर करने वाला रास्ता चुना।
14:10हमने सों से अधिक देशों को वैक्सिन की सप्लाई की।
14:17हमारी मैनुफेक्टरिंग केपिलिटी।
14:21दूसरे देशों के लिए भी सहायता का माध्यम बनी।
14:25मैं आपको एक और इंट्रेस्टिंग एग्यांपल दूँगा।
14:29कुछ महने पहले भारत में AI इंपेक्ट समीट हुई है।
14:36और जिमान ब्लूंबर्ग जी ने भी उस AI समीट के अभी बहुत तारीप भी किये।
14:43इसमें हमने Humanity के लिए AI के उप्योग के साथ ही Animals को कैसे AI का फाइदा हो इससे भी
14:57चर्चा का विशे बनाया।
14:59नंदन यहां बैठे हैं आपको बाद में काफी जानकरी वो दे सकती हैं यह कैसे किया।
15:06यानि भारत जितना सक्षम होगा मानवता के लिए दुनिया के लिए उतना ही फाइदेमंद होगा।
15:19Friends, Power is not just the ability to move ahead. It is also the ability to empower others to move
15:33ahead.
15:34भारत का मानना है, competition जरूरी हैं, लेकिन compassion भी होना चाहिए.
15:43इनोवेशन जरूरी हैं, लेकिन उसके लाप का विस्तार भी होना चाहिए.
15:52National strength जरूरी है, लेकिन global challenges के लिए solutions में भी योगदान देना होगा.
16:01Climate change हो, water governance हो, public health हो, या emerging technologies का responsible use हो.
16:14दुनिया को ऐसा सामर्थ चाहिए, जो solution दे, नए अवसर पैदा करे.
16:24साथियों, मैं आप सभी को एक और उदान देता हूँ.
16:30पैरिस agreement के तहट, climate change से निपटने के लिए बारत एक बड़ा commitment किया था.
16:40साल 2015 में हमने लक्ष रखा था, कि 2030 तक अपने installed electricity capacity का 40% non-fossil sources
16:58से हासिल करेंगे.
17:00और भारत दी ये उपलब्दी, नवेंबर 2021 में ही हासिल कर ली.
17:14यानि तैस समय से नौ साल पहले भारत ऐसा करने वाला पहला G20 देश बना हैं.
17:29यह केवल एक commitment पूरा करने की बात नहीं थी.
17:34यह भारत की बदलती हुई energy journey का भी संकेत था.
17:42साथियो, 2014 में भारत की renewable energy capacity करीब 75 gigawatt थी.
17:57आज यह करीब 300 gigawatt हो चुकी है.
18:02यानि हमने लगबग four time ज्यादा capacity aid की है.
18:10साथियो, भारत में हो रहे इस energy transition के नए अवसर भी बन रहे हैं.
18:18आज हमारे यहाँ PM सूर्यगर और PM कुसम जैसी schemes चल रही है.
18:26एक योजना घरों को solar power से जोट रही है, दूसरी योजना किसानों को solar energy पैदा कर ले और
18:38उसके यूज से input cost कम करने का सामर्त दे रही है.
18:43इन दोनों योजनाओं के माध्यम से भारत को 30 gigawatt से अधिक solar capacity हासिल हुई है.
18:54इन से हर साल करीब 30 million tons से अधिक carbon emission कम होने का अनुमान है.
19:06यानि solar power प्रकृती की रक्षा करने का माध्यम भी बन रहा है और लोगों को empower भी कर रहा
19:17है.
19:17साथियों, दुनिया में power की इस भागदोड में भारत एक अलग मिजाज लेकर चल रहा है.
19:30और उसका गवाँ यह दशक भी है.
19:36साथियों, 21st century का यह decade अभूत पुर्वा global challenges लेकर आया है.
19:45हम अगर पिछले 6 वर्सों को देखे, हमने global pandemic देखी, फिर अलग-अलग regions में युद्ध चिड़ गए, जैसे
19:57इतना ही काफी नहीं था, फिर trade हो, critical minerals हो, या energy supply हो, उसमें भी अर्चने आ रही
20:06है.
20:06कि दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलास्ती है, तब तक एक नया संकट सामने आ जाता है,
20:17जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोड़ा था, वही आज weapon बन रहे हैं, supply chains हो, energy हो, minerals
20:30हो, payments हो, या technology.
20:34ये दबाव और दबदवे का माध्यम बन रहे हैं, बीते दशकों में, globalization ने जो roots बनाए, वो कम और
20:48कहां, chalk points बन गए, ये हम सब देख रहे हैं,
20:56इन सब के बीच, artificial intelligence है, हर सक्टर में काम करने के तरीके बतल रही है, अनेक देशों में,
21:10aging से जोड़े challenges भी तेजी से बढ़ रहे हैं,
21:14ऐसे में, आज दुनिया के सामने एक बड़ा सवाव, trust का है, भरोसे का है, भरोसा ये कि जरुवत के
21:28समय, supply जारी रहेगी,
21:31भरोसा ये कि जो promise किये हैं, वो निभाए भी जाएंगे, भरोसा ये कि संकट के समय, हमारा partner country
21:43साथ खड़ा रहेगा,
21:45और यहीं पर भारत एक अलग बिजाज, एक अलग सोच के साथ आपके सामने है,
21:54साथ योट 21st century में, भारत की प्रगती, सबके साथ मिलकर, सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कहानी है,
22:06जब दुनिया को affordable medicines की जरुद होती है, तो हर पांच में से एक generic medicine भारत से आती
22:18है,
22:21जब digital identity और payment के solution चाहिए, तो भारत में विक्सित model दिखता है,
22:31जब दुनिया को talent की जरुद होती है, तो भारत के skill युवाओं पर भरोसा होता है,
22:39आज भारत में 2000 से अधिक Global Capability Centers हैं, जो दुनिया भर की companies को अपनी services दे रहे
22:53हैं,
22:54साथियों, ये स्पस्ट हैं कि जब भी दुनिया को एक steady pillar की जरुद होती हैं,
23:04तो भारत अपना दाईत्व समयते हुए हाथ आगे बढ़ाता है,
23:12we do not grow at anyone's cost, we grow with the world and for the world.
23:30और साथियों, भारत जो करता है, उसका credit भी नहीं चाहता,
23:37दुनिया गर्व से कहती हैं कि भारत ने दुनिया को zero दिया,
23:44इस zero ने पूरी मानोता का लाब किया,
23:48लेकिन भारत ने इसके के लिए कभी भी रॉयल्टी नहीं मांगिये हैं,
23:59और आज भी भारत इसी भावना के साथ काम करता है,
24:07और आज की चुनोतियों से निपटने के लिए,
24:11हमारे जो विचार हैं,
24:15उनमें भी उन सारी बाते दिखती हैं,
24:19इत्यास में अनेक वैस्विक संगठन बने हैं,
24:26उनके अपने अपने हीत रहे हैं,
24:30लेकिन भारत ने किस तरह के ग्लोबल प्लैप्राउंस बनाएं,
24:38आप भी गौर कीजिएं,
24:44हमने केसी केसी समसाओं को जन्म दिया,
24:48और दुनिया में क्या क्या हुआ है, उसका जरा एक बार तुलना करके देख लेना,
24:52हमने क्या दिया,
24:55International Solar Alliance,
24:58हमने क्या दिया,
25:00Coalition for Disaster Resilient Infrastructure,
25:03हमने क्या दिया,
25:05Big Cat Alliance,
25:07Global Biofuel Alliance,
25:10India, Middle East,
25:12Europe Economic Corridor,
25:15IMAG,
25:16Mission Life,
25:19Lifestyle for Environment,
25:21यानि जिन से सब का भला हो,
25:27हर जीवन का भला हो,
25:29ऐसे इनिशेटिव भारत ने लिए है,
25:33साथियों,
25:34भारत किन विचारों को लेकर सामने आया है,
25:38ये भी आपके सामने है,
25:41One Son, One World, One Greed का वीजन,
25:47One Earth, One Family, One Future,
25:51ये हमारी सोच,
25:54One Earth, One Health,
25:56ये हमारी दिरदर्ष्टी,
25:58यानि भारत,
26:01जोडने पर और जुडने पर बल देता है,
26:05और इसमें भी,
26:08पावर का इस्तेमाल,
26:10दूसरों को एमपावर करने के लिए ही है,
26:13साथियों,
26:16अनिस्टाओं से भरी इस दुनिया में,
26:19भारत,
26:20रिलाइबिलेटी और स्टेबिलेटी का विश्वाद देता है,
26:25इस साल एपरिल जून क्वार्टर में,
26:30भारत की ग्रोथ रेट,
26:32सेवन पॉइंट एइट परसेंट रही है,
26:37और यह ग्रोथ मजबूत नीव पर खड़ी है,
26:42बारा तेरा साल पहले,
26:45भारत का करन्ट एकाउंट डेफिसिट,
26:49जीडीपी के फोर परसंट से भी अधिक था,
26:54पिछले साल यह घटकर लगबग,
26:57आधा प्रतिशत, यानि 0.61 परसेंट रहे गया है,
27:06आज हमारे फोरेंट एक्षेंज रिजोर्स,
27:10700 बिलियन डॉलर से अधिक है,
27:14हमारा बैंकिंग सिस्टिम,
27:17अनेक देशों में सबसे मजबूत स्थिति में है,
27:22साथियों,
27:24इसी मजबूती का परणाम है,
27:26कि भारत की सौवरीन रेटिंग्स अप्ग्रेड की जा रही है,
27:33आज भारत का कंफिडन्स अभूत पुर्व उंचाई पर है,
27:40हमें क्लियर पॉलिसी डारेक्शन के साथ रिफार्म कर रहे हैं,
27:44जी एस्टी के जरिया हमने टैक्सिस के एक कॉंप्लेक्स वेब को नेशनल मार्केट में बदला है,
27:54हमने इंसल्वन्सी लोग बनाया है,
27:5929 लेबर कोर्ट्स अब फॉर सिंपल कोर्ट्स में सिमट चुके हैं,
28:0619 से जुड़े सेंकडों छोटी मुटी गलतियों को डिक्रिब्रलाइज किया गया है,
28:12और हम यहां रूके नहीं है, भारत की रिफॉर्म एक्ष्पेस तेज गती से आगे बढ़ रही है,
28:21हमारे लिए रिफॉर्म कोई कंपल्सन नहीं है, रिफॉर्म हमारा कन्विक्ष्ण है,
28:31साथियों, हजारों वर्स पहले हमारे वेदों ने हमें एक मंत्र दिया था,
28:42संगच्छद्वं, सम्वदद्वं, संभो मनासि जानतां, आएए, आज फिर उस मंत्र को दोर आए,
28:52लेट उस वॉक टुगेदर, लेट उस पिक टुगेदर, लेट उस ट्राइ टो अंडरस्टैंड वन अनदर,
29:01क्योंकि साथ चलने से हमारी शक्ति बढ़ती हैं, संभात से हमारी समझ बढ़ती हैं,
29:11और एक दुसरे को समझने से हम मिलकर बड़ी चुनोतियों का समाधान कर सकते हैं, यही हैं पावर टु एम
29:21पावर,
29:23अपनी पावर को केवल अपनी प्रगती तक सिमित न रखना, बलकि उससे दूसरों के लिए भी नए अवसर बनाए,
29:32मुझे विश्वास है कि Bloomberg Economic Forum का यही मंच इसी भावना को आगे बढ़ना केगा,
29:41एक बड़ा प्लेट्वर्म बनेगा, एक बार फिर आप सभी पार्टिशिपेंट्स को इस कार्खम के लिए मेरी धेर सारी सुबकामना है,
29:55आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद, तैंक्यू.