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  • 20 hours ago
ओडिशा के कटक शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है. यहां सैयद असलम अली और उनका पूरा परिवार पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए मां दुर्गा के दरबार और झांकियों को सजाने में दिन-रात जुटा हुआ है. असलम की पत्नी फरीदा बेगम भी इस कला में उनका पूरा सहयोग करती हैं. कटक में हिंदू-मुस्लिम एकता सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि शांति समिति और स्थानीय लोग मिलकर त्योहार की हर रस्म में एक-दूसरे का साथ निभाते हैं. आज के समय में जहां कई जगहों से तनाव की खबरें आती हैं, वहीं कटक की यह मिसाल देश भर में भाईचारे और आपसी सौहार्द का एक अनोखा और मजबूत संदेश देती है.

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Transcript
00:03ुडिशा के कटक के गलियों में मादुर्गा के धर्बार को आखरी रूप दिया जा रहा है
00:08इन्हीं तैयारियों के बीच सयद असलम अली और उनकी टीम दिन रात एक के हुए है
00:15पिछले कई दिनों से असलम महज दो घंटे ही सो पा रही है
00:20मगर असलम के लिए ये सिर्फ एक काम नहीं है
00:23ये पीडियों से चली आ रही विरासत है
00:26रोजी रोटी है और मादुर्गा के प्रतियों की आस्था का हिस्सा भी
00:34परिवार में हिंदू पूजा के लिए सजावत और जहांकिया तैयार करने की परंपरा
00:38हमारे दादा के समय से चली आ रही है
00:41दादा ने पिता को सिखाया, पिता से असलम ने सिखा
00:44और अब पूरा परिवार इसी हुनर को आगी बढ़ा रहा है
00:48मादुर्गा की प्रतिमा के पीछे सजने वाला चमकीला बैक ड्रॉप हो
00:53जरी का काम हो या फिर आभूश्रो जैसी बारीक सजावत
00:57हर डिजाइन में कारिगरों की महनत साफ दिखाई देती है
01:01इस साल असलम छे जहांकिया तैयार कर रही है
01:05जिनकी कीमत करीब साथ हजार से धाई लाख रुपे तक है
01:10उनके साथ लगभग 14 कारिगर काम कर रहे है
01:14इस कहानी का एक एहम केरदार है असलम की पत्नी फरीदा बेगम
01:19फरीदा हर दिन पहले घर के काम निपटाती है
01:23और फिर जरी मखमल और सजावती सामान के साथ जुट जाती है
01:28शादी के 25 साल बाद भी उनका समरपड कम नहीं हुआ है
01:33लाठा भी लगाते हैं, लई भी बनाते हैं
01:37तड़ाब डालना, जरी बठाना, चुमकी बठाना, भिलबड जो कपड़ा सब लगाए था
01:42सारा सब काम करते हैं
01:45वो खोद के देखे, देटने
02:06कटक में हिंदू और मुस्लिम समुदायों की साजेदारी
02:10सिर्फ मूर्तियों और जाकियों तक सीमित नहीं है
02:13यहां मुस्लिम समुदाय के लोग दुर्गा पूजा समीतियों में एहम जिम्मेदारियां भी निभाते हैं
02:21मुस्लिम समुदाय के लोग माकी सजावट से लेकर भोग और बिसर्जन तक कई रस्मों में भाग लेते हैं
02:28Hindu-padosi Muslim-privaroom ke ghar jatay hai, Muslim-privaroom bhi unke teoharoom mein shamil hootay hai.
02:35Aaj jab dèške kai hisso me sampradaiq tanau ki khabre sámne aati hai,
02:41tab kattak ki yye tasvīr eek alag sandeish djeti hai.
02:45Yahaan Siyad Aslam Ali aur unka parivar madurga ke darbar ko sajane mein juta hai.
02:50To dousari or, hindu-muslim-samudai ke log meil kar tiyohar ki paramparau ko aagye badhaa rahi hai.
02:58Udisha ke kattak se e-tv bharat ke liye narayan saahu ki report.

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