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NEET छात्रा की डेथ मिस्ट्री क्यों नहीं सुलझा पाई CBI? देखें क्राइम कहानियां विद शम्स

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00:00अब नवस्कार गुड़ीवनिंग सश्यकार एक बाद फिर आप तमाम में वोका स्वागत है क्राइम कहानिया विद्शंस
00:042008 का आरूशी तलवार केस
00:08सुशान सिंग राजपूत केस 2020 का
00:12जैनियू के जो मिसिंग स्टुडेंट
00:15नजीब केस
00:17कोलकता का एक
00:20रिजवान रहमान केस
00:22और अब
00:25पटना की नीच छातरा का केस
00:28इन सारे केस की समानता ये है
00:31कि ये सारे वो केस हैं जिनकी जात CBI ने की
00:34और इन सारे केसे में
00:35CBI ने अपनी क्लोशर रिपोर्ट दे दी
00:38ये कहते हुए कि हमें ना कोई सबूत मिला
00:40ना कोई गुनाइगार मिला इसके केस को क्लोस करते हैं यह तो बानगी भर एक डेटा है जो बाकाइदा ओफिशिल
00:49डेटा है CBI का
00:512024 में CBI ने 1574 केसि ऐसे थे जिसमें सबूर न मिलने की वज़ा से उनकी इसको क्लोस कर दिया
01:01यह हाल के वक्त में सबस्यादा था 2024 का 114 केस एक ही साल में 30, 40, 50 से 60
01:10केस तो हर साल ऐसे होते हैं जिनको CBI क्लोस कर देती है
01:13क्यों? क्योंकि सबूत नहीं मिलता अब यह वही CBI है जिसकी जांच के लिए बड़े पैमाने पर शोर मचाया जाता
01:21है
01:22लोकल पुलिस के जांच के उपर सवाल उठाए जाते हैं फिर जो विक्टिम फैमिली है उनमें से बहुत सारे लोग
01:30कहते हैं कि CBI को जांच तो
01:31फिर सरकार CBI की सिफारिश कर देती है
01:35लेकिन आज जो कहानी आपको सुनाने जा रहा हूँ वो कहानी में एक अजीब चीज है
01:40यह पहला केस है हाल के वक्ता जिसमें विक्टिम की फैमिली उनसके माबाप बाकाहिदा सरकार से यह कह रहे है
01:47कि भाई हमें CBI केस इस केस की जांच करें हमें नहीं चाहिए आप केस CBI को मत दो
01:54लेकिन उनकी मर्जी के खलाफ स्टेट गवर्मेंट केस CBI को देती है
01:58मैं बात कर रहा हूँ पटना की नीट इस्टुटिन्ट वो नाबाली चात्रा
02:03जो इसी साल 6 जनवरी को जिसकी मौत रही थे
02:06तब 6 जनवरी को ये केस शुरू हुआ था
02:09मौत तो 11 जनवरी को हुई थे
02:11कितना हंगावा मचा था कितना शोर हुआ था
02:14लेकिन इस केस का हुआ क्या
02:16आठ महीने जाँ चली
02:18चार आईयो जानी
02:20इन्विस्टिगेटिंग अफसर बदले गए
02:21केस सीवियाई को सौपी गई
02:23सीवियाई की दो दो टीम ने इस केस में जाँच की
02:25तीस लोगों का डियाने टेस्ट हुआ
02:28कई लोगों से पूचताच हुई
02:29एक उस होस्टल के जो
02:32ओनर या मालिक उसको तो जेली भेज़ दिया गया
02:35और आखिर में नतीजा क्या निकला
02:37अभी सीवियाई पटना की एक कोट में
02:40पॉक्सो कोट में
02:42एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करती है
02:43और कहती है
02:44कि पटना की नीट स्टूडेंट्स
02:47के रेप या फिर मडर के केस में
02:50उन्हें कोई सबूत नहीं मिला
02:52कोई गुनाइगार नहीं मिला
02:55अब तेरा अक्तूबर को कोट में सुनवाई होगी
02:57केस पे क्या किया जाए
02:59अदालत को लगता है कि अगर इस क्लोजर रिपोर्ट को
03:01इस चार्षीट में करनी
03:03के लाइक evidence है तो कर सकती है
03:07court ने victim family और बाकी लोगों को notice भेजा
03:10और कहा आप आईए इस closer report पर अपनी अपनी राय रखिए
03:13फिर हम फैसला करेंगे कि इस closer report का करना क्या है
03:16क्या इस case को बंग कर दे या फिर इस case की दुबारा जाज का
03:20हुक्म दे यह वो case है जिसे कदम कदम पर मारा गया पहले
03:27पटना पुलिस ने फिर पटना केस IT ने फिर CBI ने मतब हर किसी
03:33में सोचिए जिस case में post bottom report में यह कहा जा रहा है
03:39कि उस need story के साथ शायद रेप हुआ है जिसके undergarments में
03:45spam मिले बाकैदा forensic report में यह बात आई
03:49तीस लोगों का DNA कराया CBI ने
03:53इन सारी चीज़ों के बावजूद CBI यह पता लगाने में ही नाकाम रही
03:59कि उस लड़की के साथ क्या हुआ था
04:03और closer report दाखिल कर दी
04:05आरुशी केस में भी इसी तरह से closer report दाखिल की गई थी
04:08हलाकि बाद में CBI हाई court ने का आप इसी को चार्शीट में तबदील कर दो
04:12court के कहने पर चार्शीट में इसको तबदील कर दिया गया फिर मुकदमा चला
04:16आरुशी के माबाब को मुरकायत की सिदा भी लिए
04:19लिकिन पिर रहावाद हाई court ने बरी कर दिया
04:21मांमला अज़ी सुप्रिम रोट में है सुषांग सिंग राजपूर के 20 के इसका कुछ gloss नहीं होँआ
04:40की कैसे कत्ल किया गया मैं सलसलवार आपको बताता हूं आपको याद होगा
04:4626 जन वरी को पट्ना के ये गल्ड सोच्टल में, शंपूनाद गल्ड सोच्टल में, एक लड़की बेहुसी के आलन में
04:52मिली थी, फिर उसको फॉराँ अस्पताल ले जाएगा.
04:55हालाद सीरियस थी फिर उसे दूसरे अस्पताल ले जाएगा
04:58तीन-तीन अस्पताल में उसका इलाज हुआ
05:01फिर एक 11 जनवरी को उस लड़की ने दम तोड़ दिया
05:05ये वो केस था जिसमें पटना पुलिस ने शुरुवात में ही कह दिया था
05:23फिर पटना पुलिस के दो पुलिस अफसरों को सस्पेंट भी कर दिया गया
05:25हालाकि या अलग बात की बाद में खामुशी से जब मामला ठंड़ा हुआ
05:29दोनों को वापस बहाल कर दिया गया दोनों इस वक्ट बीडियो ठीकर रहे
05:33पिर हंगामा हुआ तो ये केस
05:36S.I.T. को सौंते आ गया है
05:39S.I.T. ने भी कुछ नहीं किया
05:41पिर लंबी मांग भी
05:44स्टेट गॉर्मेंट ने देखा बिहार सरकारने के मामला तूल पकड़ा है
05:47पर लड़की के फादर लगातार कह रहे हैं कि हम नहीं चाहते हैं कि
05:50C.B.I. से इस केस की जांच हो
05:52हम चाहते हैं कि एक पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जच की अगुवाई में इस केस की जांच हो
05:57क्योंकि उन्हें मालूमता से लिया है क्या करेगी
05:59इसके बाद एक वक्त ऐसा है जब इस लड़की के फैमिली वाले ही इस शक के गहरे में थे
06:05फिर उस लड़की के घरवालों के एक एक लोगों से पूचता चुई
06:12सिब्याई को सिर्फ 34 पता करनी थी
06:14और वो चार्च चीज यह थी कि एक तो यह कि इस लड़की के साथ रेख हुआ के नहीं
06:18इस लड़की ने अपनी जान दिया इसका गतल हुआ है
06:22इसके लड़की की फैमली का इसमें क्या रोल है
06:25उस गल्स होस्टल में जहां यह रहती थी थी उस गल्स होस्टल के लोगों का क्या रोल है
06:29इसके ओनर का क्या रोल है
06:30एक ताकतवर शक्स का नाम आराता कि बिहार की पॉलिटिक्स में एक ताकतवर शक्स है
06:35उसका क्या रोल है वो कौन है
06:38इसके लावा वो जो लड़की का अंडर गार्मेंट्स जो मिला जिसमें इस पॉम थे
06:43वो पुलिस ने बाद में जब्द क्यों किया
06:47देरी क्यों की
06:48होस्टल की तलाशी लेने में देरी क्यों की
06:50और सब में सवाली उट रहा था कि एक ताकतवर शक्स एक ताकतवर शक्स
06:54और उसी को बचाने के लिए यह सारी लीपापूती चल रही है
06:58जब मामला तूल पकड़ा और मामला पॉल्टिकल होता गया
07:01और फिर यह हुआ कि एक ताकतवर शक्स है जो इस पूरी रैकेट के पीछे है तो फिर लगा कि
07:07अब क्या किया जाए तो मामले की जांच CBI को सौंती गई अब जब CBI के जांच सौपी गई तो
07:14एक महिला अधिकारी ने इसकी जांच शुरू की लोगों को बहुत सारे लगा कि �
07:19जांच कुछ इस केस में होगा लेकिन कमाल देखें CBI को CBI ने जांच की 90 दिन बीद गए CBI
07:30जैसी प्रीमियम जांच इजिंसी है उसे पता है कि एक चार्षीट दाफिल करने की जो महलत या मियाद है वो
07:3690 देज है 90 दिन अगर 90 दिन में आप चार्षीट उस केस से डिरेटर �
07:40दाफिल नहीं कर सकते हैं तो जो आरूपी है वो अपने आप बेल पाने का हगदार हो जाता है क्यों
07:45क्योंकि वो कोट में जाकर कहता देखे 90 दिन तो निकल गए जो कानून ने दिया इसमें इन्होंने मेरे खिला
07:50को चार्षीट तो लगाई नहीं तो फिर मुझे जेल में ब
08:07जेल में बंद था जैसी उसे पता चला कि 90 दिन में तो चार्षीट दाफी नहीं हुई है फॉरण उसने
08:13अपलाई कर दिया बेल के लिए और जेल के बाहर आ गया जब बाहर आया मीडिया में खबर चपी तब
08:19CBI को लगाई यह क्या हो गया लेकिन तब तक तोता उड़ चुक
08:38उसका रचाना एक जगह पर आकर वो आयराम जिस लड़की करेंस जिस नीट की स्पर्डिट करेंस वो ये था ज़सी
08:48ना वाली ना वाली है तो पिर और उसके साथ रेप की बात हो
08:52है क्योंकि एंडरगार्वन से इस्पम की बात हो रही है वो मेल इस्पम है तीस लोगों का डिने इसलिए तो
08:58लिया क्या था था कि उसका मिलान कराएगा सके बट कमाल देखिए
09:04कि सीवाई कोट पहुंची उसने सारे डॉकुमेंट्स दिये दस्तावेश दिये जो धारा हैं सौपी सबको कोट में जच साहब ने
09:12पेपर देखा और हैरान परिशान उन्होंने कहा कि यह क्या है इस लड़की का केस यही तो है कि इसके
09:18साथ रेप की बात हो रही है और फिर इस
09:32के लिए है दोहदार बारा निर्भया के बाद इस केस का सही इस्तमाल होना शुरू हुआ इसमें यह है कि
09:38फिर आपको जमालत नहीं मिलती और पॉक्सों में उम्रकायत की सदा है यहां तक के डेथ परनिल्टी भी है लेकिन
09:46जिस केस की जड़ में रेप और मडर है उस जड़
09:50को ही सीवियाई ने नजर अंदास कर दिया और कोट में जब पहुंची और एफ आयार जो के काफी पहले
09:56दर्ज पर चुकी है उस एफ आयार में कहीं पॉक्सों की धारा ही नहीं लगाई गए थी जड़ सामने देखा
10:03तो गुस्सा तो आया होगा उनको तूनोंने पूछा कि
10:07कि भईया जो आप जांच कर रहे हो जिसकी रिपोर्ट दे रहो इसमें वो धारा तो ही नहीं जिसमें आपको
10:12जांच करनी है पॉक्सों के बच्ची है नावाली गया तब सीवियाई ने कहा कि गलती हो भी तो असलमें पटना
10:18पुलिस नहीं लगाई तो हमने भी नहीं लगा�
10:33फिर दिल्ली की CBI की टीम को इस जांच को सञपा गया यानी CBI की भी दो टीम लगी और
10:38पांच जांच एजिंशियों एक तरह से पुलिस से लेके, SIT से लेके जब ने अलग अलग इसकी जांच कि चार
10:45IIO इसमें लगे इन्वेस्टिगिटिंग अब सार्ड터
10:49तब भी कुछ नहीं हुआ, उसी वक्त इस केस का हश्र मालूम था
10:54फिर CBI पहुंसती है, गाओं वहाँ पूस्ताज करती है
10:57फिर एक जगाँ पर ये भी है कि शुरुवात में ही पटना पुलिस ने अपना काम तो सब कर दिया
11:02था
11:03तो CBI के हाथ तो कुछ आना भी नहीं था
11:05बहुत पुराने हो चुके एविडेंस पुराने क्राइम सीन से वो क्या निकालती
11:10और फिर लेकिन सवाल ये था, कि ना भी निकाले तो अपनी जांस तो ढंग से करती
11:15बहुत सारे ऐसे सवाल थे कि उस बच्ची के साथ अगर रेप हुआ तो क्या वो जहानाबाद में
11:20क्योंकि उस वक्त वो चुट्टी पे अपने घर गई थी, वहां हुआ या फिर जब लोटी जिस रात
11:25उस रात हुआ, यानि कि पांच और छे जनवरी को, CCTV फुटेग भी है, बहुत सारे लोग लड़के
11:32वहां आते जाते दिखाए दिये, उनकी पता नहीं क्या क्या जांच हुई है, लेकिन दो जबहों में इसे कहां ये
11:38हुआ, और क्या ये रेप था या फिर मर्जी से कुछ हुआ, ये सारी चीज़ें पता करनी थी, लेकिन CBI
11:48इसका एक भी जवाब तलाश नहीं कर पाई, आठ
12:00पती जा सिफर, कोट में जाकर CBI ने कह दिया है, कि इस केस में हमें कोई सबूत नहीं मिला,
12:06हमें कोई गवाब नहीं मिला, और इसलिए इस केस को क्लोस करते हैं, जिस गल्स होस्टल में छे जन्वरी को
12:14ये लड़की मिली थी, उसके बाद तीन हस्पाल में उसे ले जाय गया
12:17था, उन अस्पताल के डॉक्टरों के जो बयान थे, वो अपने आप में उस फक्त शक पहला करने के लिए
12:23काफी थे, पत्ना पुलिस ना वालूं उनके पास कहां से जानकारी आई, कि पोस्टम रिपोर्ट आई नी, फॉरन सीक रिपोर्ट
12:30आई नी, विसरा रिपोर्ट आई
12:31नी और उनने एलान कर दिया था, कि इस लड़की ने अपनी मर्जी से जान दिया और इसके साथ कोई
12:36गलत काम नहीं हुआ, इंतजार भी नहीं किया था, वहीं से शक गहराना शुरू हुआ था, इसके बाद फिर इस
12:44गल सोस्टर को लेके बहुत सारी बाते आई, पिर ये भी
12:47हुआ कि यहां से लड़कियां और उनको कहीं बाहर भेजा जाता है, कुछ के साथ जबरन जबरदस्ती उनको धंकाये जाता
12:56है, और ये सारा खेल सत्ता के गलियारे तक है, वहाँ एक ताकतवर नेता है, उसकी भी पहुँच है, और
13:03इस होस्टल का संचालक है, उसकी भी पह�
13:06तक, तो ये सारी लाइने थी, लेकिन जिस क्राइम सीन को पटना पुलिस नहीं आट-दस दिन तक पलट कर
13:14देखा ही नहीं, उस क्राइम सीन से फिर क्या मिलता है, जब अंगामा हुआ, क्योंकि शुरू में पटना पुलिस को
13:19ही मालूम नहीं था, कि ये केस बवाल मचाएग
13:24बाद में जब वो गए, क्राइम सीन, धुला धुला है, आई विट्टेस थी वो लड़की, जिसने ये भी बताया था,
13:30कि वहां के बेटशिट से लेकर सब कुछ धो दिया गया था, कमरा साफ कर दिया गया था, तो ऐसी
13:35ज़ला से फिर क्या आप एविडन्स की उमीद करते है
13:38तो कुछ मिला नहीं, सीबियाई को जब बाद में केस मिला, तो सीबियाई ने पूछ तास तो की, लेकिन खुद
13:47लड़की के फैमली वालों ने तब भी अलगाया कि सीबियाई ने जब इस केस की जान शुरू की, तो वो
13:52परिवार वालों से ऐसी बाते कर रहे थे कि जैसे अ
14:07जिन लोगों को डियने के लिए 30 अलग लगों के डियने सेंपल लिये गए, उनको कैसे कब, क्योंकि उनमें से
14:134-5 लड़के तो थे, जो CCTV कैमरे में भी थे, लेकिन बाकी को किस आधार पर बुला कर डियने
14:20लिया गया, सिर्फ केस को निफटाने के लिए ये भी आस तक के लि
14:37से देखिए, तो कुल में लाकर कदम कदम पर इस केस के साथ जो किया, उसका अंजाम ये हुआ, कि
14:44अब ये एक क्लोजर रिपोर्ट है, तो क्या नीच छात्रा की मौत का सच अब कभी सामने नहीं आ पाएगा,
14:51असल में 5 औ 6 जनवरी की रात को क्या हुआ, ये सच्चा ही हमे�
15:06फिए खत्म हो चुका है, अब ये पटना की उस कोट के उपर है। जिस कोट में सी भी आई
15:12ने एक कलोजर रिपोर्ट दाफिल किया। वो कोट इस कलोजर रिपोर्ट को देखेगी, उसमें सी भी आई की जो कहानी
15:20है, 5 औ 6 जनवरी की रात, उस कहानी के जितने के किरदार हैं
15:25उनमें कितने के उपर शक है
15:26उस कहानी से जुड़े हुए जितने सबूत है
15:30वो सारी चीजें
15:32उनको देखने के बाद
15:34और इस कहानी से जुड़े जितने भी विटनेस है
15:37उनको सुनने या उनके बयान को पढ़ने के बाद
15:39यह अदालत तैक करेंगी
15:41कि क्या
15:43CBI की इस केस को क्लोजिंग रिपोर्ट उनको ने दी है
15:48इससे पहले वो पेरिंट्स शिकायत करता
15:50जो इनफॉर्मर इन लोगों से भी पूस्ताज करेंगी
15:52उनकी राए भी लेंगे
15:53और फिर आखिर में इस क्लोजर रिपोर्ट के उपर
16:13तो फिर नीट छात्रा के फादर के पास राइट है
16:15हक है कि वो उपरी अदालत में जाए है
16:17और इसको चैलेंज करें
16:19कि CBI ने जो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किये
16:21वो उससे संतुस्त नहीं है
16:22और इस केस की सही से जाच होनी चाहिए
16:26और शायद हाई कोर्ट में वो एकर्जी लगाई गया
16:28उन्होंने लगा रखा है
16:30तो अगर ऐसा होता है और हाई कोर्ट का फिर डारेक्शन आता है
16:33कि नहीं इस केस को रीपन करें
16:35इसको फिर से जाच करें इसकी
16:36तो यह केस दुबारा कुलेगा
16:39और अगर लोवर कोर्ट नहीं यह कह दिया
16:41कि सीवाई के क्लोजर रिपोर्ट को वो नहीं मानते
16:43इसी को आप
16:45चार्शीट के तोर पर कनवर्ट कर
16:47आप जाच कीजिए तब तो केस चलेगा
16:49लेकिन ऐसी सूरत में
16:51अमूमन केस का फैसला वैसा नहीं होता
16:53हाद उसी केस इसका बेस्ट एक्जामपल है
16:56फिर तो यह कि सीवाई तो खुद ही हार मान लिए
16:58अभी क्लोजर रिपोर्ट देखकर कि उसको
17:00कुछ मिला नहीं है तो फिर उस पर
17:02मुगदमा के लड़गी आगे चलकर
17:05नसबूत नगवा आदे अधूरे
17:06मंद से फिर आप क्या केस लड़ोगा और क्या जीत होगे
17:09फिर केस का हश्रवही होगा
17:10जो बाकी केस का हुआ है
17:13क्योंकि जो जांच कर रही है
17:14जो जांच एजिंसी है
17:15अगर वही
17:18हाथ पर उसने छोड़ दिया
17:19तो पिर आगे मुदमे का को मतलब नहीं है
17:23लेकिन इस पूरे मामले में एक चीज है
17:25जो CBI ने अपनी तफ्तीश की
17:29पटना पुलिस अब कह सकती है
17:31कि हम गलत कहां थे
17:33हमने तो सही जांच की थी
17:36हमारी जांच को तो लगबक CBI ने अपनी जांच को
17:38का अधार बनाया
17:40उसी को शामिल किया
17:41और देखो इसमें कुछ नहीं मिला
17:42हम तो शुरूर से कह रहे हैं इसमें कुछ नहीं है
17:44पटना पुलिस अब कह सकती है
17:45क्योंकि उसकी बहुत फ़जियत हो चुकी थी उस वक्त
17:48दो पुलिस वाले सस्पेंड हो गये थे
17:50बहाल भी हो गये
17:52तो पटना पुलिस भी ऐसा कह सकती है
17:55लेकिन कुल मिलाकर नहायत अफसोस की बात ये है
17:58केस के साथ ये क्या और केस का कतल हो गये

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