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  • 17 hours ago
क्या सड़कों पर उतरा विरोध-प्रदर्शन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक पहुंच पाएगा? देखें

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00:00ग्यानेश कुमार के स्तीफे को लेकर SIR के मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए
00:05विपक्ष इदल के नेता रास्ट्रपति से मिले अब सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का एलान किया गया है
00:10विपक्ष ने इसे लोक तंतर और वोट के अधिकार के लड़ाई बताया
00:14तो सरकार का रोप है कि विपक्ष और दूसरे प्रदर्शन कारे देश में आसे मंजस और अराजक्ता की स्थिती पैदा
00:20कर रहे हैं
00:21बेराल चुनाब आयो की विश्बस नियता को लेकर सियासे टक्राब लगारता तेज हो रहा है
00:25तो क्या सड़कों पर उत्रा ये विरोध ग्यानेश कुमार के इस्तिफ़े तक पहुँच पाएगा
00:30और क्या इस आंदोलन से विपक्षे एक्ता की नई तस्मीर उभरेगी
00:34दूसरी तरफ कौकरोज जनता पाटी भी ग्यानेश कुमार के इस्तिफ़े के मांग को लेकर सड़कों पर है
00:39कैसी है विरोध प्रदर्शिन की बड़ी तस्मीर आपको दिखाते है
01:02कि यानेश कुमार को इस्तिफ़ा देना पड़ेगा और एक बार फिर प्रोटेस्ट शुरू हो गया है
01:07कनौट प्लीस में और कनौट प्लीस में अचाले प्रदर्शिन पारिया पहुंचे लगे है
01:10प्लीस है वो हिरासत में ले रही है तक्रिमन साथ से सतर की संख्या है आप रोटेस्टर की इनको पुलीस
01:17में हिरासत में लिया है
01:18और किस तरह से यहां पर अभी चल रहा है किस तरह का एक्षन हाया है कुछी प्रिवेंटिव मेजर्स लिए
01:23जा रहे हैं और शांती बनाए रखने की अपनी भी है तर मंतर से कुछी किलोमेटर की दूरी पर आप
01:28देख सकते हैं हातों मशीन और डंडे लेकर यहां पर एंटी र
01:42राजनीती का यह प्रदर्शन काल है और हर प्रदर्शन के साथ एक लखीर खीच रही है यह खीची जा रही
01:48है
01:49कि ऐसा यार के मुद्य पर कॉंग्रेस और अन्य विपक्षी दल राश्ट पती से लेकर सुप्रीम कोट तक गुहार लगा
01:55रहे हैं
01:57और अगोशित आपात काल कहकर राजनीती में आरपार की लड़ाई के ऐलान की एक लखीर खीच रहे हैं
02:06हमको जो वोट का अधिकार मिला है उस वोट के अधिकार को यह चीन रहे हैं इनको सद्वुद्धी जो
02:13कल मोदी जी ने जो तांडव किया है उनने सारी हदें पार कर दी हिट्लर को भी पीछे छोड़ दिया
02:20उनके अत्याचार के वीडियो चारो तरफ घूम रहे हैं चोटी छोटी लड़कियों के ओपर अत्याचार किया जा रहा है बदसलूकी
02:27की ज़रे हैं वकीलों को नहीं चो
02:41हम सुप्रीम कोट को धन्यवाद करते हैं कि लोगों की जो समस्यां है कि कोट ने उनका चेहन किया
02:54सीजेपी को चुनाव आयुक्त ज्यानेश कुमार के स्तीफे से कम कोई बात मनजूर नहीं
02:58वो प्रदर्शन जारी रखने का एलान करके सरकार और प्रशासन के सामने चुनोतियों की बड़ी लकीर खीच रही है
03:05हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि ये लड़ाई अब शुरू हुई है और ये लड़ाई को एक वार
03:17की तरह बनाने के लिए नरेंद्र, मोदी और अमिट्शा को शरम आनी चाहिए
03:22ग्यानेश कुमार से हम ये पूछना चाहते हैं, सरकार में मोदी और शाह से ये पूछना चाहते हैं कि बताइए
03:30ग्यानेश कुमार के पास ऐसा क्या इंफोर्मेशन है आपके बारे में जिसके वज़े से आप अपने ही नागरिकों के साथ
03:38जंग लड़ रहे हो
03:39एक लकीर, तिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए खीची है
03:45उन्होंने पूर्ख में दी गई अंडर्टेकिंग्स तथा लॉफल डारेक्शन को फॉलो नहीं किया था
03:50जब इन्हें पिछली बार पर्मीशन दी गई थी, तब इन्होंने कानून को फॉलो नहीं किया
03:55और इनके द्वारा जुटाई गई भीर, द्वारा भारी पत्राव, आगजनी, हिंसा की गई तथा सरकारी संपत्तियों का भारी नुकसान भी
04:04पहुचाया
04:05निधारित पत्रिया का पालन ना किये जाने, पूर मेरी कानूनों वो दिशाने देशों का अनुपालन ना किये जाने के मामलों
04:14तथा वर्थमान में सुरक्षा व कानून एवं विववस्था की स्थिती को ध्यान में रखते हुए जंतर मंतर पर प्रस्तावित घर्णा
04:22प्रदर्शनी की अनुमती नहीं दी गई थी
04:26सीजेपी नेताओं के रिहाई के साथ एक लकीर अदालत ने खीची है कि उनके नेता किसी भी तरह से साल
04:33भर तक शान्ती भंग ना करे
04:54एक लकीर सुप्रीम कोट ने भी खीची है शासन प्रशासन के सामें कि शान्ती पूर्ण प्रदर्शन कारियों को गिरफतार ना
05:01किया जाए
05:01साथ ही दिल्ली में आवागमन साधनों की बहाली की जाए
05:06ये कहा गया है कि मेट्रो रेल जो भी बैरिकेड्स लगाए गए है बैरिकेडिंग को खोल दिया जाए
05:12लोगों को आवाजाही में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए
05:15इंटरनेट की सेवा लगातार चलनी चाहिए ये उचित नहीं है
05:18कोट ने नोटिस जारी किया जिसमें केंदर सरकार भी है और केंदर सरकार की जो एजन्सिया है
05:23जिसमें दिल्ली मेट्रो रेल है रेलवे है बाकी सारे जितने जिनको पक्षकार बनाया गया उन्स बको नोटिस जारी किया है
05:30कोट ने उन्हें कहा है कि मंगलवार तक कंपलाइंस रिपोर्ट दाखिल की जाए
05:33और ये बताया जाए कि अब तक आपने हमारे आदेश को लेकर जो सुधारात्मक चीज़ें की जानी थी उसमें क्या
05:39किया है
05:40कोट ने अपने आदेश में ये भी कहा कि हिरासत में नहीं लिया जा सकता किसी को भी
05:47प्रदर्शनों की जमीन पर खिचती लकीरों में कुछ सवाल भी है कि क्या आरोप ही देश की राजनीती की दिशा
05:52तै करेंगे जै तत्यों की जाँच भी होगी
05:54क्या लोग तंतर में चुरी हुई सरकार के खिलाप सारे फैसले सडकों पर ही तै हुआ जवाब देहीं कौन तै
06:00करेंगे
06:06दिल्ली से कॉलकाता और मुंबई तक मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के स्तिफ़े की मांग खुलेकर प्रदर्शन तेज होता जा
06:12रहा है
06:12दिल्ली में दो दिनों तक सडक पर प्रदर्शन हुआ
06:15सेकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया
06:17रववार को सीजेपे नेताओं को रहाई मिल गए
06:19लेकिन ये मामला सुप्रिम पूर्ट तक पहुँच गया
06:22अब सवाल ये है कि लड़ाई कहां तक जाएगे और इसका दाइरा कितना बड़ा होगा
06:47मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के स्थीफे को लेकर
06:49रविवार को भी हजारों की संख्या में लोग सरको बढ़ते
06:52आज ना तो मेट्रो स्टेशन बन थे और ना ही ट्रेने रत थी
06:55सुरक्षा के कड़े इंतिजाम थी लेकिन इसके बावजूद सरकों पर प्रदर्शन कारी नजर आए
07:00लेहाजा कुछ को डिटेन किया गया और कुछ भाग गया
07:09दिली के करनाट प्लेस इलाके में जो प्रोटेश्टर हैं वो पहुँच गया
07:23जो आरे अप की टीम है वो यहाँ परतनाथ है करनाट प्लेस इलाके की यह तस्वीर है
07:28साथ से सतर एसे फाई और आईसा के लोग पहुचे थे और इस तरह से पुलिस अगर आप देखें तो
07:34पुलिस ने इनको हिरासत में ले लिया है
07:36और हिरासत में लेकर पुलिस जा रही है यह तस्वीर है करनाट प्लेस इलाके की
07:45ऐसी ही तस्वीर कोलकाता से आई वहाँ भी सड़कों पर हजारों की सम्ख्या में लोग थे
07:59से चलते हुए एक बहुत बड़ी रैली इस समय अब सेंट्रल कोलकाता के डोरीना क्रॉसिंग तक पहुँच चुकी है
08:06उनकी मांग यह है कि जिन भी पुलीस अब सरों के खिलाव आरोप है कि विरोधी नेताओं के साथ बदसलूकी
08:11किये उनके खिलाव सक्त सक्त कारवाई की जाए
08:14और दूसरे चोर पर चीफ एलेक्शन कमिशना ग्यानेश कुमार का त्याग वो चाते हैं जिस और इन तमाम मुद्दों को
08:22सामने रखते हुए है आज लेट्ट स्टूडिन्स के जो समर्तक है ए आई डी एसो साथ में आईसा और कई
08:30सारे ऐसे स्टूडिन्ट यूनियन है जो
08:37मुंबई ने भी ज्यानेश कुमार के खिलाफ भीर जूटी थी श्रिवाजी स्टेडियम में हजारों लोग पहुंचे थे हर कोई मुख्य
08:43चुनाव आयुक्ट के स्टीफे के लिए नारे बाजी कर रहा था
09:11जली में शनिवार के मुकाबले प्रदर्शन सीमित जरूर रहा
09:14लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के स्टीफे की मांग पर सियासी तकराफ थमता नजर नहीं आ रहा
09:45उनके परिवार वालों के साथ कैसे विवार कर रही थी मार्कीट कर रही थी उन्हें डरा रही थी कि जो
09:51दस तारीक का कॉल है उसके लिए वो ना आ है
09:58बंद किये गए मेट्रो स्टेशन दुबारा खोल दिये गए और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दिए लेकिन शनिवार को
10:04प्रदर्शन के दौरान आम लोगों के लिए ट्राफिक पर लगी पाबंदियों और मेट्रो सेवाओं को बंद करने का मामला सुप्रीम
10:10कोर्ट तक पहुँच गया रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने पर बैरिकेडिंग और प्रदर्शन के दौरान
10:17आम लोगों को हुई परिशानी से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई की अदालत ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन से
10:23बंद और खुले मेट्रो स्टेशनों का नक्षा मांगा। सुनवाई के दौरान बताया गया कि 303 में से 45 मेट्रो स्टेशन
10:30बंद किये गए थे और कई ट्रेनों को डाइवर्ड किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अदालक परिसर के आसपास धारा
10:36163 लागू करने वाले �
10:38कोड़ हटाने का निर्देश भी दिया अब सुप्रीम कोट ने अपने ही आदेश के उलंगन को लेकर संबंधित अधिकारियों से
10:44जवाब मांगा है और मंगलवार तक कर समय दिया है
10:48मुक्यत याचिकाओं को दो हिस्सों में बांटा एक तो याचिका थी जिसमें ये कहा गया था कि जिस तरह से
10:54इंटरनेट बंध है
10:55मेट्रो स्टेशन बंध है रेलवे बंध है लोगों के अब आजाई पर प्रतिबंध है तो ये कंटेम्ट अफ कोट है
11:01चुकि कोट ने अपने परसों के आदेश में ये कहा था कि इस तरह की चीज़ें नहीं होनी चाहिए
11:05और इसके साथ ही कोट ने दूसरी आचिकाओं के कैटेगरी बनाई जिसमें ये कहा गया कि वकीलों के ऊपर जिस
11:12तरह से ज़्यादतियां की गई है उस पर भी आचिका दायर की गई थी और ये कहा गया था कवकिलों
11:16का उठा लिया गया है पता नहीं है तो इसल CNP के आप ज्
11:35रांका को भी रिहा किया गया तीनों को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद दिल्ली कैंड की एक्जगेटिव
11:40मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया
11:46रियाई के बाद सीजेपी ने साथ किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केस पीपे की मांग पूरी होने तक उसका आंदोल
11:52अज़ारी रहेगा
11:54यह प्रदर्शन अभी भी जारी है आज भी सीजेपी के तमाम साथी डिटेंड किये गए है उनके साथ मारपीट हुई
12:05है
12:22दिल्ली पुलिस ने शणिवार के प्रदर्शन को लेकर 20 से ज़्यादा F.I.R. दर्ज होने की जानकारी इनने इस
12:28सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस गर्णियों के साथ मारपीट जैसे आरोप शामिल है
12:36इस पूरी घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं चानून विवस्था के नाम पर लगाई गई पाबंदियों और
12:42आम लोगों के अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनेगा और सबसे बड़ा सवाल क्या इस सियासी लडाई का असर सिर्फ
12:48दिल्ली की सड़कों तक
12:49सीमित रहेगा या आने वाले चुनावों में भी इसकी गौन्ज सुनाई देगी
13:19लोग तंत्र के लडाई ने बलके कॉंग्रिस के अपनी सियासी जमीन बचाने के कोशिश बता रहे है
13:50दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन, फुलिस की कारवाई और अब इस पर सियासी संद्राव
13:54सीजेपी के नेत्रत में हुए प्रदर्शन में प्रदर्शन कारियों की मांग है कि मुफ्य चुनाव आयुक्त घ्यानेश कुमार इस्तिफा दे
14:09लेकिन बीजेपी इस परदर्शन को लोगतंत्र में विरोज के नाम पर अराजक्ता प्हलाने की कोशिश बता रहे है
14:15अराजक्ता को प्रोटसाहित करने की कोशिश को भारत के लोगतंत्र ने ध्वस्त किया है
14:24एक और संदेश गया है कि देश संसद से चलेगा सडक से नहीं
14:34बीजेपी ने असम नंदी ग्राम और पुडुचरी में हुए उप चुनाव में जीत का जिक्र करते हुए कहा
14:39कि दिल्ली में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे थे लेकिन चुनावी नतीजों ने दिखा दिया कि देश की
14:44जंता का समर्थन इसके साथ है
14:48अराजक्ता दिर्मान करने की कोसिस है साजे से प्रतिपक्ष की और मैं तो इनके रवये से हैरान गैरों पे करम
14:58अपनों पे सितम हमारे देश में अराजक्ता फैले क्योंकि वैसे जीत नहीं सकते सत्ता की प्रापति के लिए इतने नीचे
15:05गिरेंगे हमारे उद्ध्यों का आ
15:16विपक्ष सरत के प्रदर्श्तों को राजमीतिक हतियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है
15:33अब बार बार हारते हैं
15:37लेकिन
15:39हम सलक पर खुराफात करते रहेंगे
15:43यह जो हम प्रोटेस्ट के खिलाफ नहीं करते हैं
15:48सभावी के लुप्दंत में होना भी चाहिए
15:51लेकिन आपने अपनी हार के कारण
15:56सलक के प्रोटेस्ट को वेपनाईज कर लिया है
16:10बीजेटी ने जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को
16:13पूरे देश की तस्वीर मानने से इंकार किया
16:15बीजेटी इस पूरे विवाद को चुनाव आयों के खिलाफ उठे सवालों तक सिमित नहीं रख रही
16:19पार्टी इसे विपक्ष की राजनितिक रणनीती और देश में स्थिर्ता के सवाल से जोड़ रही
16:26आप कोई मेमोरेंडम लेके जाते हैं तो प्रेसिडेंट अफ इंडिया एक्सेप्स्त मेमोरेंडम
16:33यह बेसिक प्रोटोकॉल है भारत के समविदान का भारत के लोकतंत्र का इसलिए तो भारत का लोकतंत्र विराट है
16:42मगर आपने कहा उन्होंने एक्सेप्ट कर लिया और उसी सांस में कह रहे हैं
16:57जानकारों की माने तो बीजेपी की रण नीती इस मामले में तीन बिंद्वों पर टिकी हुई दिखाई देती है
17:01पहला विदोर्ट प्रदर्शन लोगतांतरिक अधिकार है लेकिन उसके नाम पर अराजकता बरदाश नहीं की जा सकती
17:07दूसरा संसद और समवैधानिक व्यवस्था सर्वो परी है बीजेपी विपक्ष को ये संदेश देना चाहती है कि राजनितिक मांगों के
17:15लिए सड़क का दबाब संसदी व्यवस्था का विकरत नहीं बन सकता
17:18और तीसरा बीजेपी इस पूरे विवाद को विकास और स्थिर्ता बनाम विपक्ष की राजनिती के रूप में पेश कर रही
17:25है
17:25देश की 140 सरोजनता जो शुक्ष शान्ती के साथ भारत के विकास में सबका सहोग मिल रहा है उसको अस्थिर
17:34करने का प्रयास किया जारा है
17:36और ये कौन कर रहे हैं ये दो राज अक्तावादी सम्हूं जिसमें एक इंडिगर्ट बंदन के नेता राहुल गांदीची और
17:44दूसरे गुटका नेतुत्त अर्विन के जिवाल के सहोगी सीजेपी कर रही है
17:51मैं इन दोनों गुटों को इस पर्श रूप से कहना चाता हूं कि भायत की जनता पूरी तरह से आपके
18:00इन उद्देसों को देख रही है
18:02और आज जो आपका एनार्किस्ट प्रतिस्परधा चल रहा है कि कौन अधिक इस देश में अस्थित्ता पहरा कर सकता है
18:09ये आपके मनसुबे पूरे नहीं होगे
18:12कि आज दि अनार्किस्ट से फेल्ड जो अराजक तत्तों का फ्लॉप शो हम देख रहे हैं वो पूरी तरह से
18:25ध्वस्त हो चुका है
18:26प्रयास था ये कोशिश थी कि भारत को बंधक बनाया जाए राजधानी को बंधक बनाया जाए
18:37कोशिश थी कि यहां आजणी हो कोशिश थी कि यहां मार पिटाई हो कोशिश थी कि यहां पर सडकों पर
18:45लड़ाई हो
18:47मगर आज भीड तंत्र पर लोक तंत्र की जीत हुई है
18:57यानि बीजेपी का स्टेंड साफ है
18:59वो सीजेपी के प्रदर्शन को विपक्ष की राजनीतिक अराजत्तर के मेरेटिव मेरेटिव ने रखनी है
19:04और संसर, सुशासन और इस्थिरता को अपना जवाब बना रही है
19:13अगली साल पांच राज्यों में चुनाओं से पहले हो रहा यह प्रदर्शन आखर है क्या
19:17क्या इस सिर्फ विरूत की आवाज है या फिर चुनाओं में एक जुट होकर ताकत दिखाने की तैयारी
19:22इस प्रदर्शन में कौन कौन साथ में खड़ा है और कौन इससे दूरी बनाय हुए है
19:26क्योंकि राहुल गांदी के धरने से कई बड़े विपक्षी नेता अब बेगायब है
19:30तो क्या ये प्रदर्शन विपक्ष की ताकत बनेगा
19:33या फिर इसके भीतर नेताओं के बीच के फासले ही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित होंगे
19:45कि हमारे लिए ज्यानेश कुमार जी देश के लेजिटिमेट इलेक्शन कमिशनर नहीं है
19:57यह दिली का जो सबसे सम्वेदन्शीन इलाका बैठा हुआ है तो वहां राहूल गांधी बैठ कर एनार्की कर रहा है
20:04पीजेपी इतनी निस्वक्ष है जो ज्यानेश जी आएं यहां बताएं के नंदला निशाद के किसे साइन किये दसलत के सो
20:12फॉर्म किसे बनाए बनाए जो लोग सुद्धिकरण नहीं चाहते हैं वो मार्च करें
20:48कि दिल्ली की सड़के कई सालों बाद एक बाद फिर लगातार हो रहा है
20:52प्रदर्शनों की गवाह बन रही है कहीं नारेबाजी हुई कहीं पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शन कार्यों को रोका तो कहीं
21:04भीड को समहनने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी है
21:09दिल्ली की सड़कों पर ऐसी तस्वीरें लगातार सामने आ रही है कभी राहूल गांधी सड़क पर
21:14कभी अखिलेश तो कभी केजरीवाल तो कभी सीजेपी के कारे करता है
21:20विपक्ष का कहना है कि ये तस्वीरें सिर्फ एक प्रदर्शन के नहीं बल्कि उस बड़ी राजनीतिक लड़ाई की भी हैं
21:25जिसका असर आने वाले चुनावों में दिखाई दे सकता है
21:32300 MPs ज्यानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्यानेश कुमार ची ढरे हुए हैं
22:05सवाल है क्या ये प्रदर्शन सिर्फ चुनाव आयों के खिलाफ विरोध की आवाज है
22:09या फिर 2027 के विधान सफा चुनावों से पहले विपक्ष अपनी ताकत आजमाने की तैयारी कर रहा है
22:16उत्तर प्रदेश में फरवरी मार्च 2027 में चुनाव है और बीजेपी की सरकार है
22:21पंजाब में भी फरवरी मार्च के आसपास चुनाव है लेकिन यहां आम आदमी पार्टी की सरकार है
22:25इसके अलावा उत्तराखंड, गोवा, मरिपुर में भी फरवरी मार्च में चुनाव है और यहां बीजेपी की सरकार है
22:32हिमाचल प्रदेश में नवंबर में चुनाब है और यहां कॉंग्रिस की सरकार है
22:36गुजरात में दिसमबर दोहजार सथाइस के आसपास चुनाब होंगे और यहां भी बीजेपी की सरकार है
22:43ऐसे में विपक्ष के लिए हर प्रदर्शन सिर्फ विरोग को मच नहीं बलकि जन्ता के बीच अपनी मौझूद्गी दर्ज कराने
22:50का मौका भी है
23:22पहले धर्मेन प्रदान को लेकर प्रदर्शन हुए और अब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाप विपक्ष का
23:29विरोग तेज हो रहा है
23:30वोटर लिस्ट के SIR को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है लेकिन सरकार कहती है कि यह सिर्फ और सिर्फ
23:36राजनीती है सरकार को बदनाग करने की साजिश है
23:40यह दिल्ली का जो सबसे संविदन्शीन इलाका बैठा हुआ है वहां राहुल गांधी बैठकर एनर्की कर रहे हैं
23:48आपने अपनी बात कही मोटी बात बहुत साफ है राहुल गांधी और उनकी अध्यक्ष्ट और बाकी ने कहा है कि
23:59बैलेट पेपर शुरू किया जाए
24:03मतलब इमांदार टेक्नालोजी चुनाओं में जीत नहीं सकते इसलिए बूत कैप्चरिंग करके जीतना चाहते हैं
24:13अब सवाल ये भी है कि इस लड़ाई में विपक्ष में एक जुटता कितनी मजबूत है
24:21मतलब इमांदा बनर्ची सड़क पर होती है तो कॉंग्रस फिर किनारा कर लेती है
24:33मोदी जी देश में चुनाव केवल और केवल वोट चोरी करके जीत रहे हैं
24:37अब ये रंगे हाथों पकड़े गए हैं जब से इंडियन एक्स्प्रेस की स्टोरी आई है
24:43तो लोग इसके खिलाफ वाज उठा रहे हैं देश का युवा इसके खिलाफ वाज उठा रहा है
24:47तो लोगों को पकड़ पकड़ के जेल में डाला जा रहा है
24:51लोग दिल्ली आना चाहरे थे ट्रेंस कैंसल कर दी गई है दिल्ली मेट्रों की कई सारी ट्रेंस कैंसल कर दी
24:56गई है
24:56जगे जगे पुलीस है लोगों को घर से नहीं निकलने दे रहे
25:00इस तरह की तानाशाही पिछले 75 साल में भारत ने कभी नहीं देखी थी
25:04तो इसके खिलाफ हम सब को मिलके आवाज उठाना पड़ेगा अपने देश के जनतंतर को बचाना होगा अपनी आजादी को
25:11बचाना होगा खास कर युवा बहुत जादा नाराज है बहुत जादा गुसे में
25:1710 अक्तूबर को सीजेपी के जनतर मंतर प्रदर्शन में भी अर्विन केजरिवाल और ममता बनरजी के साथ लेफ्ट के नेता
25:24तो नज़र आ रहे थी लेकिन कॉंग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं था
25:27यानि मुद्दा सिर्फ चुनाव आयोग के खिलाफ विरोद कर नहीं है
25:30मुद्दा ये भी है कि क्या अलग-अलग राजमितिक हित रखने वाले दल एक कौमन मुद्दे पर साथ आ पाएंगे
25:37इस कुमार चुनाव आयोग और भाजपा की मिली भगत का पड़दा पाश हो गया है
25:44जब तक देश की जनता के साथ न्याय नहीं होगा जब तक ज्यानेश कुमार जी का इस्तिफा नहीं होगा तब
25:51तक हम संगर जारी रखेंगे
25:52साइमन गोपैक सव साल पहले जो आंदोलन चला हुआ था आज भी जी के सर गोपैक आंदोलन चल रहा है
26:00इस देश में उस देन भगत सिंग ने इस देश को आजादू दिलवाय तक लड़ाई किये उस देन साइमन गोपैक
26:07आंदोलन देश का आजादी दिलवाय है आज भी ज
26:21उत्तर प्रदेश में कॉंग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों को लेकर मन्भेद और मतभेद हैं।
26:28पंजाब में आम आदमी पार्टी और कॉंग्रेस एक दूसरे के राजनीतिक प्रतिदोंदी हैं।
26:32बंगाल में कॉंग्रेस और मम्ता साथ नहीं है
26:36लेहाज आर राश्टरी इस तर पर संतिलोन बनाना विपक्ष के लिए आसान नहीं है
26:39इसलिए जब नेता सडकों पर होते हैं तो इंडिया गट बंधन में दूरियां साफ नजर आती है
26:46यहार कोई जानता है कि लोकतंतर में प्रदर्शन जनता की आवाज उठाने का माध्यम है
26:50लेकिन उस आवाज को चुनावी ताकत में बदलने के लिए सिर्फ भीर नहीं बलकि मुद्दे पर भरोसा भी होना चाहिए
26:57और जब भरोसा टूता हुआ नजर आता है तो बीजेपी प्रदर्शन की मन्शपर सवाल करती है
27:04भारतवर्श का च्छेत्रफल 32,87,263 km है
27:15और जनतर मंतर का च्छेत्रफल लगभग 4 km का है
27:23तो भारत की कहानी जनतर मंतर की कहानी नहीं है
27:29जनतर मंतर में जो हो रहा है टीरी में जो दिख रहा है
27:35और कुछ सोशेल मीडिया के हैंडल में जनतर मंतर को दिखाया जा रहा है
27:42वो भारत की कहानी नहीं है
27:46अब सवाल ये है कि क्या दिल्नी का ये प्रदर्शन विपक्ष को एक मच पर लाएगा
27:50इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में विपक्ष के रन नी थी और साथ राज्जों के चुनावी समीकरणों से
27:56मिल सकते हैं
27:59से ज़एबी के प्रदर्शन पर सब की निज़् रहे है
28:01लेकिन इस प्रदर्शन के असली तस्वीर क्या है
28:03कौन खुल कर साथ आया है
28:05कौन अब तक दूर है
28:06किसके घर मौजूद की सबसे जादर चरचा में है
28:09किस मुद्डे को लेकर आवाज बुलंद की जा रहे है
28:31दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ी खबर ये है कि कौकरोज जन्ता पार्टी के सरस्थापक अभिजीत दिक्के
28:37और उनके दो सहयोगियों सौरभदास और आशुतोष रांका को रिहा कर दिया गया है
28:43दिल्ली कैंट के विशेश कारिकारी मजिस्ट्वेड ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया है
28:52नरेंद्र मोधी इस दा बिगेस्ट कावर्ड ऑफ इंडिया इतना डर्पोग कायर प्रदान मंत्री आजाद हिंदुस्तान ने आज तक नहीं देखा
29:08पूरी दुनिया में नरेंद्र मोधी ने हमारे देश की इज़त खराब करवाई है
29:14एक ताना शाज बैठा हुआ है जो पूरे देश को एक सिविल वार लाइक सिचुएशन में डाल रहा है
29:29लेकिन इस रिहाई के साथ एक शर्त भी जुड़ी है वो ये है कि एक साल तक शान्ती बनाए रखनी
29:35होगी
29:35इसके लिए तीनों को पचास हजार रुपे का जमानत बॉंड भरना पड़ा है
30:03यानि करीब 24 घंटे की हिरासत के बाद तीनों जेल से बाहर है
30:06लेकिन उनके आंदोलन की अगली रणीती पर अब सब की नज़र है
30:10दिल्ली पुलिस ने तीनों के खलाफ भारतिये नागरिक सुरक्षा सहिता की धारा
30:14126 और 170 के तहट एहतियाती कारवाई की थी
30:26रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी हुई और फिर रिहाई का आदेश आया
30:31सीजेपी की लीगल हेड रतना सिंग ने भी सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी थी
30:36लेकिन कहानी सिर्फ तीन नेताओं की रिहाई की नहीं है
30:39कहानी उस प्रदर्शन की भी जिसे जंतर मंतर पहुँचने से पहले ही रोग दिया गया
30:48और उन सवालों की भी जो चुनाव आयोग दिल्ली पुलिस और विपक्षी एक जुटा को लेकर उठ रहे हैं
30:55इस कहानी की शुरुवात शनिवाद 10 अक्तूबर से होती है
30:58कौकरोज जंतर पार्टी ने मुख्य चुनाव आयोग ज्यानेश कुमार के इस पीपे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन
31:05का एहलान किया था
31:06लेकिन प्रदर्शन चुरू होने से पहले ही सीजेटी के तीन बड़ी नेताओं को विमान के अंदर से ही हिरास्त में
31:13ले लिया गया
31:27अधर यूट्यूबर ध्रव राठी को गुरूगराम स्थित उनके आवाज से हिरास्त में लिया गया
31:31हाला कि उन्हें भी देर रात रिहा कर दिया गया
31:57दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमती नहीं दी थी
32:00पुलिस का कहना था कि पहले के प्रदर्शन से जुरी शर्टों का पालत नहीं हुआ था
32:04और इस बार भी निर्धारित समय सीमा में आवेतन नहीं किया गया था
32:09यानि एक तरफ प्रदर्शन की तयारी थी दूसरी तरफ पुलिस की सकती
32:17नतीजा ये हुआ कि प्रदर्शन कारियों का बड़ा हिस्सा जंतर मंतर तक पहुंची नहीं पाया
32:32दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रदर्शन कारियों को हिरासत में लिया गया
32:41और अब जब सीजेपी के तीन बड़े नेता रहा हो चुके हैं सवाल ये है कि क्या ये आंदोलन यहीं
32:46थमेगा या इसकी अगली खिस्त भी देखने को मिलेगी
32:50उदर इस प्रदर्शन में विपक्ष की भुमिका क्या रही या रहेगी ये जानना भी दिल्चस्प है
32:58Mr. Narendra Modi and Mr. Amit Shah, Mr. Ajit Doval
33:12have attacked the youth of this country, have turned Delhi into a prison, have unleashed gundas,
33:23BJP gundas on the youth of this country, what they need to understand, Modi and Shah need to understand
33:34that no matter what they do, the trap is closing on them
33:43राहूल गांधी प्रदर्शन वाले दिन चिन्मई में एक कारकर में शामिल थे
33:46कॉंग्रस ने CJP के इस प्रदर्शन में आधिकारिक तोर पर हिस्सा नहीं लिया
33:52समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के समर्थन में संदेश दिया
33:57हालनकि वो खुद सरक पर मौजूद नहीं थे
34:02देश के जितने भी रहनेतिक दल हैं उन्होंने समय समय पर सवाल खड़े किये हैं और आखिरकार इलेक्षन कमिशन के
34:11साथ भातिनता पार्टी क्यों खड़ी है जब वो कॉंस्ट्रीशनल बॉड़ी है उसका काम है निस्वक्ष फैसला देना अपनी क्रेडिबिल्टी बढ�
34:28देशे खिलाफ है तो भातिनता पार्टी आगे आ रही है इसका मतलब साफ है कि चोर की दाड़ी में तिन
34:36खाग अगर कोई लेशन कमिशन के पीछे साजिश और सडियन्त कर रहा है वो भातिनता पार्टी है
34:50वामपंती दलों के नेता मौजूद रहे हैं ममता बनर जी और अर्विन केज रिवाल जैसे विपक्षी नेताओं ने समर्थन दिया
35:00अब जी दिपके सौरवदास और आशुतोष रंग का रिहा हो चेके हैं एक साल तक शांती बनाए रखने की शर्थ
35:06और पचास हजार रुबे के बॉन के बाद अब सीजेपी के अगले कदम पर नज़र रहे हैं फिलाल इतना तय
35:12है नेता रिहा हो गए हैं लेकिन विवाद ख
35:28शील है और हालात को संभालने की तैयारी कितनी पुखता है इन सब पर सुरक्षा बलों की नजर होती है
35:34लेकिन इस प्रदर्शन को संभालना सुरक्षा बलों के लिए आसा नहीं होता है कई चुनौतियां होती हैं क्या प्रशासिम के
35:40पास परियात इंतजाम हैं क्या भीड को
35:42और शांतेपूर दर्योके से नियंत्रित करने की रणनीती तयार है ऐसे में असली परिक्षस और रक्षा बलूं की तैयारे, सैयम
35:49और हालात को बिगड़ने से रोकने की क्षमता की होगे
36:06सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने एक चिठ्ठी लिखकर लोगों को यही याद दिलाने की कोशिश की
36:11कि वर्दी के पीछे भी एक इनसान है जिसका अपना परिवार है चिठ्ठी में लिखा था फ्रिय नागरिक आपकी आवाज
36:17आपका हक है और आपकी सुरक्षा हमारा पर्ज
36:20युनिफॉर्म के पीछे भी एक इनसान है जिसका अपना परिवार है अपने लोग है फर्क सिर्फ युनिफॉर्म का है इनसानियत
36:27का नहीं इसने सहित दिल्ली पुलिस
36:29इस चिठी में सिर्फ एक संदेश नहीं बलकि इंसानियत का वो पहलू था जो ये बताने के लिए काफी है
36:35कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभार ही है नागरिकों की दुश्मन नहीं है
37:06अगर आगे देखें तो आगे आपको दिल्ली पुलिस के जो आला अधिकारी है वो भी नज़र आएंगे और साथ ही
37:11आपको वुमन पुलिस परसनल्स भी यहाँ पर भारी संख्या में नज़र आएंगी क्योंकि बहुत से प्रदर्शनकारी देखा गया कि औरते
37:18थी उनको डि�
37:29प्रदर्शन में एक तरफ होती है अपनी आवाज उठाने के लिए जुटी भीड और दूसरी तरफ होती है उस भीड
37:34को समालने की जिम्मेदारी निभाती पुलिस या सुरक्षाबल
37:41एक तरफ होता है शांतिपूर प्रदर्शन करने का आधिकार दूसरी तरफ हिंस तक प्रदर्शनों को रोखने की जिम्मेदारी
37:59प्रदर्शन कारियों के अपने मुद्दे होते हैं अपनी मांगे होती है अपना गुस्सा होता है लेकिन उस गुस्से के बीच
38:05खड़ी कुलिस के सामने भी कई चुनौतियां होती है
38:07भीड का आकार, कानून व्यवस्था, ट्राफिक, सुरक्षा और किसी भी आप प्रिये घटना को रोकने की जिम्मेदारी
38:16आखिर प्रदर्शन के दौरान पुलिस किन हालात से गुजरती है उसके चुनौतियां क्या होती है और भीड को समालते हुए
38:22पुलिस को किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है
38:27चुनौति नमबर एक भीड का आंकलन प्रदर्शन छोटा हो या बड़ा फुलिस के लिए सबसे पहली चुनौति होती है भीड
38:33का आंकलन कितने लोग आएंगे किन रास्तों से आएंगे क्या सभी तय जगे पर रहेंगे क्या भीड शांति पूर रहेगी
38:40और अगर अचानक ह
38:41हालाद बदलते हैं तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता क्या होगा चुनौति नमबर दो प्रदर्शन का दाइरा प्रदर्शन
38:51जिस जगे होता है उसका असर सिर्फ उसी जगे तक सीमित नहीं रहता आसपास की सड़कें दक्तर दुकाने अस्पताल सावज
39:10प्रदर्शन का रास्ता न रुके आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठपना हो और किसी आपात स्थिती में मदद समय
39:16पर पहुंच सके
39:20चुनौती नंबर तीम साइम बनाय रखना प्रदर्शन के दौरान नारे बाजी होती है कभी बहस होती है कभी पुलिस और
39:27प्रदर्शन कारियों के बीच तनाव बढ़ जाता है
39:29ऐसे में पुलिस कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनोतियों में से एक है सईयम बनाए रखना
39:33परिवार से दूर रहकर घंटों ड्यूटी करना लगतार बतलते हालात के बीच पैसले लेना
39:38और हर कदम पर जिम्मेदारी का इहसास यह सब पुलिस कर्मियों के काम का हिस्सा है
39:43लेकिन यहां एक बात उतनी ही जरूरी है
39:49पुलिस की जिम्मेदारी सुरक्षा सुनिश्चित करना है और कारवाई भी कानून के दाएरे में पुन चाहिए

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