00:00सोचिए, पानी में एक ऐसा जानवर रहता है, जो अपने शरीर से इतना तेज बिजली का जटका दे सकता है,
00:07कि उसका शिकार कुछ ही पल में हिलना डुलना बंद कर दे.
00:10जी हाँ, हम बात कर रहे हैं इलेक्ट्रिक इल की. इसे देखकर लगता है कि ये कोई लंबा सा साप
00:18है, लेकिन असल में ये एक मचली है, और इसकी सबसे खतरनाक ताकत इसके दात या जबडे नहीं, बलकि इसके
00:26शरीर में छिपी बिजली है. इसके शरीर में खास अंग होते है
00:31जो बिजली पैदा करते हैं. कुछ इलेक्ट्रिक इल प्रजातियां 800 वोल्ट से भी ज्यादा का जटका दे सकती हैं. इतना
00:39तेज जटका इसके शिकार की मास पेशियों को कुछ समय के लिए बे असर कर सकता है. लेकिन सवाल ये
00:45है कि पानी में रहने वाली ये मचली बिजली
00:49का इस्तमाल करती कैसे है? दरसल जब इलेक्ट्रिक इल को पानी में कोई शिकार मिलता है, तो ये बिजली के
00:56जटकों से उसे कमजोर कर सकती है. शिकार के लिए बच कर निकलना मुश्किल हो जाता है और फिर इलेक्ट्रिक
01:03इल उसे आसानी से पकड़ लेती है. लेकिन इसकी �
01:07एक और खास बात है, जहां पानी इतना गंदला हो कि आसपास साफ दिखाई न दे, वहां इलेक्ट्रिक इल कमजोर
01:15बिजली के संकेतों की मदद से अपने आसपास की हलचल का पता लगा सकती है, यानि इसके लिए बिजली सिर्फ
01:22हमला करने का तरीका नहीं, बलकि आसपास की द
01:37करना पड़ता होगा, दिल्चस्प बात ये है कि इलेक्ट्रिक इल सिर्फ गलफणों पर निर्भर नहीं रहती, ये पानी की सतह
01:44पर आकर हवा भी निगलती है, क्योंकि इसे सांस लेने के लिए हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन की जरूरत होती
01:52है, यानि ये पानी के अंदर श
02:07इल यानि मचलियों के उस समूह की सदस्य नहीं है, जिसके नाम पर इसे इल कहा जाता है, इसका रिष्टा
02:14कैटफिश और कार्प जैसी मचलियों से ज्यादा करीब है, सोचिए, एक ऐसा जानवर जो देखने में सांप जैसा लगता है,
02:23मचली की तरह पानी में रहता है और अ
02:37दूर से ही देखना पसंद करेंगे