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  • 28 minutes ago
गांधी सागर में चीतों का नए घर, MP के वन्यजीव संरक्षण अभियान पर क्या बोले सीएम मोहन?

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00:00कुनों में जो अनुभव रहा कुनों में जिस तरह से चीतों को एक तरीके से सब अपनी भावुक तौर पर
00:09भी जो आम लोग रहे वो सब जुड़ करकि चीतों की आबादी बढ़े
00:13वहां के कौन से ऐसे अनुभव हैं चीजें हैं जिन से सीखे आप लोग जो इन सब एरियाज में जो
00:20रिइंट्रड्यूस किया जा रहा है चीतों को वहां काम आ रहे हैं
00:23देखे सुरू में तो हमारे साथ सब के लिए चैलेंज था कि किसी को आदत ही नहीं थी ऐसे में
00:28हमने अपने जो वेटनरी डाक्टर उनकी जूटी टीम लगई थी एक एक चीते के साथ में आठाट लोगों की टीम
00:36थी जो चोईस घंटे उनको अबजर्व करती थी वो कहां ज
00:52दोश करके उनको बड़ा किया है अब महां की जो आदत है हमको अब जो अभ्यास मिला है उनकी नजदीक
01:00से आदत है देखते हुए हमारी लगबक चार साल से जादा की टीमों के अभ्यास हो गए इसी अधर पर
01:07हमने अपने बाकी लोगों की ट्रेनिंग करते करते ये अपने �
01:10नए नए अब टाइगर अभ्यारिने के साथ चोड़ने के या अलग से चीतों का घर बनाने का ने गांधिसागर में
01:17किया है वो भी प्राकरतिक रूप से बहुत अद्भूत जगा गांधिसागर जह हमने चार चीते छोड़े आज यहां नीरा और
01:25व्योम दो का नाम करण किय
01:28यह व्योम आकास और नीरा जल तो यह हमारी जो मादा चीता उसका नाम नीरा है जो नर है उसका
01:36नाम व्योम है और अच्छी बात यह रही कि आपने देखी है यह वो इतन्य मस्त और तो तहल्दी थे
01:43कि छोड़ते ही दोड़ पड़े एक दम से जो चीते के सवाव होगा इनक
01:58वी आईपी है मध्यप्रिदेश की जो महमान नवाजी है उसका स्वाद वो भी चखते हैं लेकिन बहुत वल्नरिबल प्राणी होते
02:06हैं बहुत सेंसिटिव प्राणी होते हैं चीता और एक तो आप एक जगे से दूसरी जगे पर ला रहे हैं
02:11जैसे कूलों है वहाँ पर तेंद
02:26अधा को भी एक साथ नहीं छोड़ा है पहले वो इस छेतर से परचित कराएंगे तो एक छोटा बोमा है
02:31जिसके अंदर उनकी सिकार की प्रबंदन तो है लेकिन यहां तुरन टाइगर या भी लेपड नहीं है लेकिन इसके बाद
02:38के जब जंगल में छोड़ेंगे तो यहां क
02:53टीम उनके साथ रहेगी पूरे समय जो चिंता करेगी उनके स्वास्त की भी खानपान की और बाकी प्रकार से भी
03:00उनको किस प्रकार का दूसरा खत्रा नहीं हो इसकी चिंता करेंगे क्योंकि जो लोग देख रहे हैं कुनो वाला सबने
03:06अगर फॉलो किया हो तो सब को ध्यान ह
03:22लेकिन धीरे-धीरे करके इससे भाल ले आएंगे इसको हां वो धीरे-धीरे करके वो भी यूज्टू होते जाएंगे और
03:28सबसे अच्छी बात यह है कि वह भारत की आभवा से बिल्कुल यूज्टू है मतलब डॉक्टर याद्व यहां से आगे
03:34भी आप बद्यप्रदेश
03:35के और इलाकों को भी आप लोग चिन्नित करके वहां भी रिश्टू है मैं आपकी जयनकरी के लिए पताना चाहूं
03:39कि हम सोभाग के साली है हमारे राज्जी के अंदर टाइगर स्टेट है सबसेदा टाइगर हमारे होगा हमारी सरकार बनने
03:46के बाद हमने दो नए टाइगर र
03:51डाक्टर विष्णु सिर्दर वाकनकरजी के नाम भौपाल के पास में है इसकी विश्टे अबन टाइगर वही पर है सहर से
03:59लगावा लगबक 15 किलोमेटर के अंदर में टाइगर और कई बार तो किज सड़क पे आप दिन में घूमरो रात
04:06में टाइगर गूंते दुनिया मे
04:19माधर टाइगर जरू हमने वह इसको भी अनौंस किया था इसी साथ हमारे घडियाल भी हमने उनका भी घडियाल की
04:26बहुत तरश भी लुप तो प्राइब प्राइब चंबल में घडियाल प्रोजेक्ट बहुत अच्छे चल रहा है मगर भी हमारी मानरवदा
04:33और कई बड़ी �
04:34अधियों में गायब हो गए थे हमने मगर भी माध चोड़े हैं गिड़ आज की स्थिती में हमारे यहां गिड़
04:39लुप तो प्राय हो गए थे लेकिन अभी जो आकड़ा आया है लगबख साड़े पंद्रह हजार गिड़ हमारे हो गए
04:44हो गए हैं पीच में घड़ को छोड�
05:00कि अधियों आपने अपना मिशन बना रखा है इसाथ देखिए मेरा मिशन तो हमारी सरकार के सबी विभावों के साथ
05:17इसी प्रकार से चलाने क्या उशकता है मुझे इस बात का प्रसंदा है कि जब हम अपने नागरिकों की चिंता
05:22करते हैं वन्यों की भी करना चाहें वन्यी
05:27जीवों में जो वीदता है उस वीदता का भी लेके चलने का जो अनन्द है कितना अच्छा लगता है अगर
05:33आप इस जंगल में आप बैठे हैं और आपके सामने से टाइगर निकल के जा रहा है और यह जो
05:38हमारे लिए यही अनुसासित जीवन जीने का तरीका भी है कि हर एक �
05:44अपने अपनी जिंदिगी कही आनन्द लेरा है।
05:47क्योंकि इससे बड़ा कुई प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में सफल नहीं हुआ है, री-लोकेशन का।
06:07ये समझते हुए इस चुनोती को उठाया गया था
06:10tiger का भी यसा था
06:11tiger का भी यह समय ओगया था
06:13कि saw का असपास भी नी बचे थे
06:16आज 1000 से उपफर tiger हो गया है
06:18दीरे दीरे करके हमारी
06:19सारे प्रबंदन के कारण से
06:21इसी प्रकार से
06:23हमारे जिस से मैंने बताया
06:25घडियाल, घडियाल भी पूरे गाइब होगा थे, घडियाल के लिए तो बड़ा मज़धार पक्षर रहता है,
06:30कि घडियाल एक दिन में बड़े नहीं होते हैं, तो घडियाल जहां अंडे देते हैं,
06:35वहां हमारी टीम जाती है, उनके अंडे आदे माँ छोड़ती है, आदे उठा के लेके आती है, आदे इसलिए माँ
06:41रखते हैं कि ताकि वो हमेशा आदत डाले ने तो आना बंद कर दे जा, और आदे उठाये गए घडियाल
06:46को, उनके निसेचन के बाद बच्चे निकलते हैं, �
06:49बच्चे को लगबग 2-5 साल हमारे पास रखके बढ़ा करते हैं, जब जब जब 24 से 30 इंची के
06:55बढ़े नहीं हो जाए, 2-5 साल बाद, फिर उनको एक दिन फरवरी में नदी में छोड़ते हैं, ताकि उनकी
07:02आबादी बढ़े हैं, तो एक साइकल अलग अलग अलग हर प्रका
07:18कीट नासक का उपयोग हुआ, तो गिद की आबादी खत्रे में पड़ जाती है, और खत्रे में पड़ भी गई
07:24थी, लेकिन हम दुबारा उसको रिसाइकल करते हैं, दुबारा प्रयास किया और आज हमको लगता कि बहुत अच्छी स्थी महां
07:31पाई है, तो क्या हम कह सकते है
07:32यह मध्यप्रदेश का विकास मॉडल है, जिसमें जंगलों, यह बात सही है कि देश के अंदर हमारे अपने आप 33
07:40% से उपर फारेस्ट है, और फारेस्ट भी नेचरल फारेस्ट है, यहां अगर आपको पेड़ दिख रहा तो पेड़ को
07:46कोई काटेगा नहीं, यह स्वभाई
07:48से सूख करके अपने आप ही गिरेगा, इसी से वापस दूसरा पेड़ बनेगा, यह जो एको सिस्टम अंदर का बनावा
07:55है, इसी को मेंटेन करने में, जो हम अनस्पतियों का ध्यान रखते हैं, तो वन्य प्राणियों का भी ध्यान रखने
08:00क्या उशकता है, इसलिए सभी प्
08:06पर तो यह कहा जाता है ने कि परियावरण और विकास साथ में नहीं चल सकते, पर क्या एक ऐसे
08:12भविष्टी की तरफ हम बढ़ सकते हैं, जहां पर विकास परियावरण के साथ साथ बिल्कुल सही बात है, और बहुत
08:18सफलता के साथ चल रहे हैं, जो आप जैसे हमने कहा कि ज
08:36आगे किस दिशा में आप देख रहे हैं?
09:07चीता को थोड़े बसाहट मानोबस्तियों में भी जाने की आदत है, पर उससे तो कॉन्फिक्ट होगा ना? बिल्कुल नहीं होता,
09:13चीता कभी किसी मनुस्य से उसने संगर्स ने किया है, इसलिए सुरू-सुरू में ज़रू हमारे यहां जब पालनपुर कुनों
09:20में हम लेकर
09:21आए थे शुपूर के जंगल में, तब ठोड़ा मां के लोग डरे थे, लेकिन अब धिर दिरे में उनको इतना
09:26अच्छा लग रहा है, अब हम आसे ला रहे हैं तो लोग क्यों ले जा रहो हमारे यहीं रेनेजुन को,
09:30हमने का आपके बढ़ गए परियाब तब दूसरी जगी
09:32ही बढ़ा दे हैं पर क्या जो लोग जो कैटल होते हैं, जो मवेशी होते हैं, उनको भी खत्रा नहीं
09:37होगा चीते अगर इसमें हमने दोनों तरह से तायारी की अगर अगर बाइद भी कोई क्रमन हुआ है, सिकार हुआ
09:45तो हमारी टीम तरांद उसको मौआउजा दे जयती है,
09:48तो इसमें कोई कश्टन ही है और वे attract वह आम पर हिरन और बाकी जो सिकार भी करता है
09:54लिकन कभी कोई करन से बच्छपनों में या कोई ज्यादा उमर का हो जाता तो नंच्दी कmara कोई
10:00कर लेता है तो गावन वालों को मालूम है कोई नुकसान नहीं होने वाला है और 99 परसेंट तो कुछ
10:05होता ही नहीं एक परसेंट है तो मेंटेन कर लेता है बहुत बहुत धन्यवाद आपका इस बाचे के लिए

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