00:08पैंसिल के छिलकों को बच्चे कच्रा समझ कर फेक देते हैं उससे साक्षाद भगवान का दर्बार सच सकता है जी
00:16हां बिहार के गया में ऐसा ही एक अनुखा चमतकार हो रहा है
00:19यहां के बागेश्वरी महले के मूर्तिकार विक्की बिंदू बिना मेट्टी और बिना किसी रासाइनिक रंग के केवल पच्चास हजार पैंसिलों
00:28के छिलकों शापनर और एरेजर से मादुइगा की भव्य प्रतिमा तैयार कर रहे हैं
00:56पिछले डेड़ महीने से पांच मुख्यकारिगर और करीब दस लोग दिन रात पैंसिल चीलने के काम में जुटे हैं
01:03इस पूरे दरबार को फाइनल करने में पचास हजार से अधिक पैंसिलों के छिलकों का इस्तमाल होना है
01:18इस हुनरमंद कलाकार की कहाने भी बेहर दिल्चस्प है
01:22विकी पहले बिजली विभाग में 60,000 रुपे महीने की नौकरी करने वाले इंजीनिया थे
01:27लेकिन कुरोना काल में नौकरी छूटने और मूर्तिकार पिता के निधन के बाद उन्होंने अपने इस पैत्रिक हुनर को गले
01:34लगा लिया
01:50गया के फतेह गंज की पूजा समिती के ओरडर पर बन रही ये इको फ्रेंडली प्रतिमा
01:54इस बार दुर्गा पूचा में सबसे बड़ा आकर्शन का केंडर होने वाली है
01:59गया से ETV भारत के लिए रतनेश कुमार की रिपोर्ट