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  • 15 hours ago
चाय की दुकान से पीएम की कुर्सी तक, ऐसा है नरेंद्र मोदी के संघर्ष का सफर

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00:15कि आपका मालिक नहीं मैं आपका सेवक हुई इतने जवाद देने आया
00:21इसी भारत का आधार भी है आत्मनिर भर भारत
00:27एक महिने के भीतर भीतर पांच करोड़ गरीब परिवारों का बैंका हाता खोलने का आपकुरा कर दिया
00:37ये कहानी है हॉसले की ये कहानी है हिम्मत की
00:41धुक्चेन की जिन्द की जियो रोटी खाओ वरना मेरी गोली तो है
00:50एंसी सी के अच्छे केडिश रह चुके है
00:54ये सिंदूर या मिजाज
01:02ये कहानी एक सफर की है
01:08अगर आपके दिल में समाज के लिए देश के लिए क्यूस परने की आप है निकल पड़िये दोस्तों रास्ता अपने
01:14आप बिल जाएगा
01:18हम कहते हैं मुकदर का सिकंदर पर मुकदर का सिकंदर भी वही हो सकता है जिसमें मेहनत की हो
01:28जीएस्टी की सफलता ये किसी सरकार की सफलता नहीं जीएस्टी की सफलता इस सदन में बैठे विये लोगों की इच्छा
01:35शक्ती का परनाम है
01:42सामने गर में हमारे प्रदान मंत्री नरेंद्रपाय मोदीजी का यहां पर जन्मों हुआ था
01:47कितना मुश्किलों भरा उनका जीवन रहा लेकिन कितना बड़ा लक्ष उन्हों नहीं हासिल किया
01:54एक भारत स्रेश्ट भारत का देख सरोपरी हो
02:39अजय के लिए अपके ही अगरा प्रॉप स्काथ में अगरा जुए आपके ही अगरा बड़ा लेवेश्ट आपके लिए आपके ही
02:47अगरा नहीं है
02:47सर्वो परी चुन चुन करके हिसाब लेना यह मेरी फित्रत है
02:53राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास यह हमारा विकास का मंद्र हो
03:042047 के पहले विक्सित राष्ट बना के रहेंगे यह मोदी की गारंटी है
03:21वो आजादी के बाद जन में देश के पहले प्रधान मंत्री है
03:24देश के सबसे लंबे समय तक पीम रहने वाले गैर कॉंग्रिसी नेता है
03:29पीम के तौर पर लगातार दो कारेकाल पूरे करने वाले भी पहले गैर कॉंग्रिसी नेता है
03:34मोधी लगातार तीसरी बार प्रधान मंत्री बनने वाले देश के दूसरे नेता है
03:40देश ने कई बार उनकी आखुं में आसू देखे
03:46समाज का छोटे से छोटा व्यक्ती और परिवार का छोटे से छोटा बच्चा
03:53समान रुप से भाव व्यक्त करता है
03:56तो मुझे लगता है कि पहला मुझसे कोई गल्टी न हो जाए
04:09दूसरा मेरे मन में भाव रहता है
04:11हो सकता है मेरी मान ने मुझे जन्म दिया
04:17परमात्माने स्वयम ने मुझे किसी काम के लिए बेचा है
04:29तो देश पर आच आते ही उनकी आवाज की हुंकार भी सुने है
04:38घर में गुश कर मारेंगे और बतने का एक मौका तक नहीं देंगे
04:52किसी मंत्र की तरह उनका नाम पुकाती भीड के बीच लोगों से समवाद को देखा
05:00एक बेटी बहुत बढ़िया पेंटिंग बना करके लाई थी
05:09बेटा वो पेंटिंग मुझे बिल जाएगी आपने उसमें पता लिखा है अपना
05:15आई ये कैसे कर दिया अज़ा लिख करके दे दो मैं आपको चिठी भेजूँगा
05:31कूटनीतिक मसलों पर दुनिया की राजनीति में खलबली मचाते भी देखा है
05:38मेरी सरकार लगू अद्यमियों का किसानों का पशुपालों को का कभी भी अहीत नहीं होने देंगी
05:59दबाओ कितना ही क्यों आए हम जिलने के अपनी ताकत बढ़ाते जाएंगे
06:10पियम मोदी के नित्रित्व में अयोध्या राम मंदिर निर्मान भी देखा
06:15लाल चौक पर तिरंगे का सैलाब भी देखा
06:17जन्धन उजवला से दूर गाओं में उम्मीदों की चमक्ति किरने भी देखी
06:23और आत्म निर्भर भारत की बुलन तस्वीर भी देखी
06:48प्रधान मंतरी के तौर पर तीसरे कारेकाल के पहले वर्ष में
06:51वो 75 वर्ष की रेखा से आगे निकल गए
06:54काम करने की अपनी उर्जा की व्याख्या भी करते हैं
06:58परिस्ट्रम में जो तपा है उसने ही तो इतिहास रचा है
07:06जिसने फ़ोड़ा दी चट्टानों को तोड़ा है
07:10उसने ही समय को मोड़ा है
07:13और समय को मोड़ देने का भी यही समय है
07:21सही समय है
07:27समय चल रहा है तो पीएम मोदी समय के साथ चल रहें कई मील के पथर पार हुए आगे की
07:33मंजिल भी समय ही तय करेगा हलांकि पीएम मंजिलूं की नहीं रास्तों और पड़ावूं की ही परवाह करते हैं
07:44बचपन में अपने इरादों में संकल्प का बीज बोया था प्रधान मंतरी बोदी रहें जिसे कई वर्ष तक अपने श्रम
07:50से सीचा और इस तरह वो संगहर्षों के कठोर धरातल पर चलते चलते प्रधान मंतरी आवास तक पहुंचें लेकिन इस
07:59एक रास्ते में कई रास्ते �
08:00थे कई मोड भी थे पॉराणिक नगरी वड़ नगर जहां महादेव की धरोहर भी है और तानसेन की सुरीली विरासत
08:26भी
08:29वर्तमान में विलीन इस शहर का इतिहास यूं तो धाई हजार साल पुराना है लेकिन 75 वर्ष पहले गूंजी किलकारी
08:36ने इस शहर को नहीं पहचान दी
08:38तब दामोदर दास मूलचंद मोदी के घर उनके तीसरे बेटे का जन्म हुआ था
08:47बड़ी बड़ी शक्सियतों के पैतरिक आवाज को समारक बनाने के बारे में आपने कई बार सुना होगा
08:53लेकिन अब एक ऐसे प्रधान मंत्री की कहानी भी सुनिये जिसकी शुरुआत एक 50 गज के घर से होती है
09:00ये वही जगह है जहां पर नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था
09:04आज इसे कुछी महीनों पहले तोड़ना पड़ा है क्योंकि आसपास के इमारतों पर इसके जरजर हालत का प्रभाव पड़ रहा
09:12था
09:14बहराल आप सोचिए कि कितनी कठिनाई से कितनी कठिन परिस्थितियों से कितने सीमत दाइरे से निकल कर एक व्यक्ति की
09:24उड़ान आसमान को पार कर गई
09:29छे भाई बहनों में मोदी का बचपन बहत गरीबी में गुज़रा
09:38हमें गरीबी क्या होती है वो देखने के लिए जाना नहीं पड़ता है क्योंकि हमने बचपन गरीबी में बिताया है
09:52शाम को जब घर में चूला न जले बच्चे रात रात रोते रहें तब पता चलता है गरीबी क्या होती
10:03है
10:15पिता को परिवार का पेट पालने के लिए चाई की दुकान चलानी पड़ती थी तो मोदी भी उनका हाथ बटाते
10:21थे
10:21अरे नरेंद्रा बेटा ये सब भी बड़ा बरे पहले बाकडा साफ करें लोगों को बैठना है और सुन कामगरा जिल्दी
10:28जल्दी करा है अरे तुमारा बेटा नरेंद्रा बहुत अच्छा लड़का है आग्या गारी पुत्र है देखना बड़ा होकर मेरा नाम
10:35रोशन करे�
10:37पापुजी केटली में चाहे निकाल दो ठेन आने वाली है आप बस मेटा ये निकाल दी है ये ले जा
10:42और सुन ज्यादा तेज नहीं भागना नहीं तो दोनों गिर जाओगे चाय भी और तुम भी है यह यहां से
10:49करीबन 200 मिटर इनकी स्कूल है यहां यहां यह रेलवे स्टे
11:05करने के लिए हां आते थी मैं 35 साल तक विच्छा मांग करके खाया हूं अब किजिके गले ने उतरे
11:14गई लोगों के घर में इसलिए खाने का कोई है बच्छा जूद आज मैं कभी बता करके नहीं जाता था
11:21जाता था पड़ा है तो खाता था पना चलाता था ऐसे जिया हूँ
11:28सब कुछ साधारण था उनकी जिन्दगी में सब कुछ सिवाए उनके असाधारण व्यक्तित्व के
11:39यह साध्या बोलो था इना में कोई कूरकपट ना थी इना माने बाप ना थी गणतो अने सबादनी पब्लीक बेंदेव
11:51सरकुग्यन था कोई बेदभाव ना थी शक्ति है वो कोई स्वार्थी नहीं है वो सब सेवा करते है
12:00स्कूल की अंदर हमने अच्छी तरसे सभी में पार्ड लेता था रमत अमद में पार्ड लेता था नातक चैटिक में
12:11भी पार्क लेता था और कहीं नाथ कोई ने कोई लेखन보다 उतरता हो तो
12:30एक दिन बापु बार बेट रहे थे तो उनकी मोजडी एक कुट्ता ले गया तो उसके उपरा पुरा नातक था
12:37और वो एमन कोलेज में बहुत अच्छी तरह से पेश किया था तो उनको बार बार तालिया बस्ती थी तो
12:46वारम बार वंस बार वंस बेर होता था
12:49जाद उसमें हम आट देश मित्र थे और नरेंद्र भई बापू बने थे
13:06मैं इस समय एहमदाबाद के वडनगर रेल्वे स्टेशन पर मौजोद हूँ जो बच्मन में नरेंद्र मोदी के जीवन यापन का
13:13जरिया था
13:14आज इस स्टेशन की शहर की पहचान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ी है
13:20यही पर उनके पिता चाई के दुकान लगाया करते थे
13:24ठीक उसी जगे पर अब कुछ मरम्मत करके उस स्थान को रख दिया गया है
13:30लेकिन यहाँ पर उनके पिता चाई बनाते थे
13:33नरेंद्र मोदी बच्पन में चाई को लेकर
13:38ट्रेनों में सवार यात्रियों को बेचा करते थे
13:41और इसके जरिये जीवन यापन उनका होता था
13:44यहाँ से उनकी कहानी की शुरुआत होती है
13:46यह कहानी बच्चा बच्चा जानता है
13:48लेकिन यह कहानी है संघर्ष की तो यह कहानी है उम्मीद की
13:53यह कहानी बताती है कि आप कितनी भी नीचे से शुरुआत क्यों न करें
13:59आपका लक्ष कितना बड़ा है आप कितनी उचे तक सपना देख सकते हैं
14:04आप उसे पूरा करने के लिए कितना परिश्रम कर सकते हैं, ये कहानी उन्ही उसूलों की है
14:17रेलवे स्टेशन पर जहां पिता चाय की दुकान चलाते थे, उसके ठीक पीछे मोधी का स्कूल था
14:27घंटी बचते ही, वो दुकान छोड़ स्कूल चले जाते थे
14:34अपना बस्ता और स्कूल जा, घंटी वज गई है, और सुन अच्छे से पढ़ना, ठीक है बाबुजी, मैं अच्छे से
14:41पढ़ना और आपके और मा के नाम रोशन करूंगा, सरस, सरस, जा जल्दी, और सुन, दुपैर को इधरी आना, ठीक
14:48है बाबु, आउ जे
14:51हम कहते हैं मुकदर का सिकंदर पर मुकदर का सिकंदर भी तो वही हो सकता है जिसने मेहनत की हो
15:00यह नरेंद्र मोदी का स्कूल है जहां पर कभी वो शिक्षा प्राप्त करते थे
15:04लोग उनके अभिने को भी याद करते हैं, एक NCC कडेट के तौर पर उनका समय याद करते हैं
15:10और सबसे बढ़कर बात ये कि यहाँ पढ़ने वाले गरीब घरू के बच्चे भी ये सोचते हैं
15:16कि वो जीवन में कुछ भी हासिल कर सकते हैं, क्योंकि उनके सामने प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी का उदाहरण है
15:29प्रधान मंतरी को जिन टीचरों ने पढ़ाया, उनमें से अधिकांच बहुत वृद्ध हैं
15:33हालनकि अभी भी जो आयोजन होते हैं, उसमें वो स्कूल आते हैं
15:38लेकिन आप सब जो आप यहां पढ़ाते हैं, क्या प्रधान मंतरी को देखकर आप सब महसूस करते हैं
15:46और जो टीचर सुनाते होंगे, वो कहानिया तो सुनाते ही होंगे
15:50पहले तो मोदी जी हमारे स्कूल के चात्र रहे है, उस बात का आमें गर्व है
15:56हमारे बच्चों के लिए यह सबसे बड़ा मैसेज है
15:59हम बच्चों को कहते हैं, कि एक सामाने परिवार से आया हुआ बच्चा आत देश की प्रधान मंतरी तक पहुचा
16:06है
16:06आप में भी ऐसी कई शक्तिय है, कि आप भी कुछ कर्श पाते है
16:10तो हमारे लिए सबसे बड़ा मैसेज मानिया नरेंदर बच्चों का जीवन है
16:16उनके बुद्पूर टीचर कहते थे, कि नरेंदर भाई बाले काल से ही सिस्त वाले थे
16:23एन्सीसी के अच्छे क्याडियस रह चुके है
16:26उन्होंने नाटक किया था, जिसमें जोगीदा स्खुमान का रोल किया था
16:30जब जब उनके टीचर आते है, तो वो ये बात अवश्य करते ही है
16:38अभिने में भी वो मश्यूर थे, और नेत्रुतों के गुण तो बाले काल से ही उन्होंने थे ही
16:44तीसरी जे वो तस्वीर है न, 2017 में सर यहाँ पर पढ़ने कर आये थे
16:53तो यहाँ स्कूल में आकर उन्होंने अपनी स्कूल की मिट्टी को सर पर चड़ाया
17:15सिर्फ स्कूल ही क्यों, पूरे वर्डनगर में मोधी के बचपन की तमाम कहानिया सब की जुबान पर है
17:31अबर वन थे और वो एक दिन मगर के बच्चे को घर लाये थे घर पे तो उनको नहीं माता
17:36ने बोला कि तुम बच्चे को छोड़ क्या हो तुमको को उठा जाता तो हमको कैसा लगता इसलिए उन्हें बच्चा
17:41वापस ताला में रग दिया था
17:46बहराल जिस वक्त मोदी स्कूल में पढ़ रहे थे गुजरात में RSS का विस्तार हो रहा था
17:51किवल आठ साल की उम्र में मोदी शाखा से जुड़ गए
18:00लक्षमन राओ इनामदार उर्फ वकील साहब ने मोदी को बाल स्वैम सेवक की शपत दिलाई
18:06RSS की शाखा में शिर्कत ने मोदी की शक्सियत में कई टहनिया जोड़ दी लेकिन मोदी का मन बेचैन था
18:12हिंदुत्व के प्रचार में वक्त बिताएं या एक सन्यासी का जीवन जीएं मोदी की जिंदगी में दो साल ऐसे भी
18:20आए जब वो कहां थे कोई नहीं जानता
18:31धार केटर के नेचे गरुचटी में उसमा की है ऐसा मैंने सुना है
18:35थे तो नबता गहाँ नरंदर करते थे अईसा मेरेको एले आप �らい जी बताए थे बात इलिहоров Sony
18:53कहते हैं दो साल की इस अग्यात्वास में मूदी ने हिमाले की खाक विछानी फिर वो लोट आए और एहमदाबाद
18:59जाने का फैसला किया शेहर के बस्टैंड पर चाय का ठेला लगाया
19:05कि मेरा बग्राउंड भी कि बिल्कुल सामान्य गरिप परिवार का है आपने से बहुत कम लोगों को मालूम होगा मैंने
19:17पहली पर अभी दो दिन पहले दिली में आया था तो पहली पर अपने मूद से मैं बोला था मित्रों
19:24में बच्पन में रेल के डिबे में चाय बेचता था
19:33मोदी एहमदाबाद लोटे तो गीता मंदर के नस्दीक बस स्टैंड पर एक चाय की दुकान लगाई चाय की दुकान पर
19:42स्वयम सेवक आया करते थे
19:43नरेंदर मोदी की उनसे बातचीत होती थी तो उनकी अंदर का स्वयम सेवक एक बार फिर जाग उठा
19:52ये वो वक्त था जब गुजराथ ही नहीं पूरे देश में RSS एक राजनी तक शक्ति के तौर पर उभर
19:59रहा
20:04अकाल के दौरान समाद सेवा की वज़े से संग की छवी बदल रही थी एमरजेंसी के खिलाफ गुसा लोगों के
20:11दिलों में उबल रहा था
20:13संग में मोदी की जब्मेदारियां बढ़ रही थी और मोदी का शांदार मैनेजमेंट उनकी एहमियत के साथ साथ उनका कद
20:20भी बढ़ा रहा था
20:21उन्हें विशेश ट्रेनिंग के लिए RSS Headquarter नागपूर बुलाया गया
20:25जहां से वो प्रचारक बनकर गुजरात लोटे और उन्हें ABVP की गुजरात शाखा का प्रभार सौंप दिया गया
20:35चातर थे कैसे पढ़ाई में थे क्या कहते थे क्या सोचते थे उस समय की जीवन में करेंगे
21:09मोधी की जहनी तलاش
21:11उनकी बेचैनी और उनकी अंदर का ऐसा घुसा संग के सिधानतों से मेल नहीं खाता था
21:17लेकिन उनकी संगठनात्मक शक्ति, उनकी रणनीतियां, उनका मैनेजमेंट
21:22काम हाथ में लिया तो उसे पूरा करनी की जिद और एक कारेकरता के तोर पर उनकी निश्ठा का ही
21:28नतीजा था
21:29कि मुदी के बगएर गुजरात RSS का कोई काम नहीं चलता था
21:38मणी नगर स्थित हेडगेवार भवन में नरेंद्र मुदी ने अपनी जिंदगी के कई एहम साल बिताए
21:44पर मुदी या अच्छे तरीके से जानते थे कि संग के लीडरों के लिए एक कुशल मैनेजर होना अलग बात
21:51है
21:51और खुद एक कुशल लीडर होना अलग
21:55मुदी अब सक्रिय राजनीती में प्रवेश चाहते थे पर वो जानते थे कि इसके लिए उन्हें संग की वैचारिक दुनिया
22:03से बीजेपी की वास्तविक राजनीती में कदम रखना होगा
22:101987 में आरसेस के संगठन सचिव के तौर पर मोदी की असली जम्मेदारी गुजरात में बीजेपी की जड़े मजबूत करने
22:18की थी
22:19उनाट सालों में जड़े जमी भी और बढ़ी भी
22:231985 के 11 सीटों से बीजेपी 1995 में 121 सीटों पर पहुँच गई
22:301990 का वो दशक जब वीपी सिंग के मंडल पर बीजेपी का कमंडल भारी पढ़ रहा था
22:37बाबरी मस्जिद राम जन भूमी विवाद चरम पर था
22:4125 सितंबर 1990 लाल कृष्ण आडवानी ने सोम नाच से अयोध्या की रत यात्रा शुरू की थी
22:49और इस रत यात्रा के सार्थी बने थे नरींद्र मोदी
22:57संयोग देखिए कि जिस राम मंदर के आंदोलन में आडवानी के रत पर मैनेजर की भूमिका में थे
23:02वही राम मंदर प्रधान मंत्री मोदी के ही कारेकाल में पूरा हुआ
23:09रत यात्रा में मोदी के मैनेजमेंट कला पहली बार बीजेपी आला कमान की नजर में आई
23:14और जब उस वक्त के बीजेपी अध्याक्ष डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा के मानेजमेंट का पूरा जिम्मा नरेंदर
23:21मोदी को सौपा गया
23:23तो बीजेपी का हर छोटा बड़ा नेता उन्हें जानने लगा
23:26लेकिन उस दोर में पार्टी में न तो मोदी की भूमिका बड़ी थी और नहीं वो सीधे तोर पर नजर
23:34आते थे
23:34उन दिनों देश में हिंदुत्व की लहर चल रही थी
23:37बीजेपी गुजरात में विपक्ष में ही थी
23:40शंकर सिंग वागेला गुजरात के लोग प्रियनेता थे और मोदी उनके रणनीती कार की भूमिका में थे
23:501987 में जब बीजेपी को 121 सीटे मिली तो मुख्यमंत्री बनाया गया केशु भाई पतेल
23:59उन दिनों पार्टी में वागेला का जबरदस्त दबदबा था
24:02वागेला ने इतनी उठा पटक मचाई कि केशु भाई को 221 दिनों में कुर्सी छोड़नी पड़ी
24:08अटल बिहारी वाजबेई को गुजरात जाना पड़ा और राज्ज में डामिज कंट्रोल के तहत
24:13नरेंद्र मोदी को राश्ट्रिय सचव बना कर दिल्ली भेज दिया गया
24:18पार्टी ने सुरेश महता को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया
24:24गुजरात में बागेला ने पार्टी छोड़ दी केशु भाई का करिश्मा समय के साथ कम होता गया
24:30लेकिन राश्ट्रिय सचिव बना कर दिल्ली भेजे गए मोदी बड़े नेताओं के संपर्क में आते चले गए
24:37दिल्ली में मोदी पार्टी महा सचिव बनाए गए
24:40उस दोरान वो दिल्ली में नौ अशोक रोड में एक कमरे में रहा करते थे
24:45जो कभी पूर्व वित्मंत्री और बीजेपी के दिवंगत कदावर नेता अरुन जेटली का कार्याले हुआ करता था
24:52मोदी गुजराट से गए तो इसका फाइदा न तो उनके विरोधियों को मिला और नहीं बीजेपी को
24:58यहां तक की स्थानिय निकाय चुनावों में भी पीजेपी को करारी हार मिली
25:022001 में दो विधान सभा सीटों पर उपचुना हुए और बीजेपी दोनों हार गई
25:08गुजराट में पार्टी का बेड़ा गर्क होता देख
25:11आला कमान को फिर से याद आये मोदी और याद आया मोदी का मैनेजमेंट
25:21फैसला यह हुआ कि केशु भाई को हटा कर नरींद्र मोदी को गुजरात की गद्धी सौप दी जाए
25:29हाले कि आरेसेस के कट्टर स्वेम सेवक मोदी को अंदाजा नहीं था कि अटल बिहारी वाजबई ने उनके लिए क्या
25:36सोच रखा है
25:42मुझे आध है जब मैं मुझे मंतरी का दाइत ममिलना था तो अटल जी प्रदान मंतरी थे उनका टेलीफोन आया
25:50कि वह कहां हो तो मैंनों को कहां मैं समशान में हूँ
25:54मैं रहा है मातराओजी सिंधिया का जो एकसिडेंट हो गया है उसमें उनके साथ एक पत्रकार कैमेरा मैं है गोपाल
26:03उसका भी स्वरगवास हुआ है
26:05तो मैं उस गोपाल के फ्यूनरल में आया हूँ
26:27मोधी जब गुजरात लोटे तो पाटी फूट और आपसी कलह से तरस थी
26:32पर मोधी के पास इतना वक्त नहीं था कि वो लोगों के गिले शिक्वे दूर करते
26:37एक साल बात चुनाव थे फूट से भरी पार्टी को दोबारा खड़ा करना था
26:41और सरकार में लोटना भी था
26:43मोधी बीजेपी और गुजरात में डट कर अगले साल होने वाले चुनावों की रणेनीती बनाने में लगे थे
26:50पर उन्हें कुर्सी संभाले कुल चार मही नहीं हुए थे
26:54जब गुजरात में वो हो गया जिसके बारे में किसी ने सूचा भी नहीं था
27:05पहली बात है कि सरकार का एजंडा है लॉइन ओर और और मैं सरकार का दाई तो समालता हूँ
27:12सरकार समिधान की सीमाओं को लेकर के चलती है
27:16सरकार किसका क्या एजंडा है उसको पुरा करने के लिए काम सरकार का नहीं है
27:20सरकार का काम है कानूर और कुवेवस्था को बहाल करना
27:23और तभी सरकार पहली बार गुजरात में कॉमिनल वायलेंस है
27:28जो 72 घंटने में इतने बड़े वायलेंस को रोकने में हम सफल हुई है
27:33पहराल मोदी ने ठान लिया था कि दामन पर इन छीन्टों को वो अपने काम से भुगला देंगे
27:39पूरा देश इस वक्त हैरान रह गया जब मोदी के पहले ही कारेकाल में
27:43गुजरात की सकल घरेलू उत्पात दर में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई
27:50ये हिंदुस्तान की किसी भी राज्ज में अब तक की सबसे बड़ी काम्याबी थी
27:57गुजरात विकास के रास्ते पर चल निकला था
28:0072 परसंट जोग अकेले गुजरात थे चले
28:19गुजरात की शकलों सूरत बदली तो मोदी भी बदले-बदले से नजर आने लगे
28:28सूट बूट और हैट लगाकर मोदी किसी सीएओ की तरह नजर आते थे
28:33बदलते गुजरात के साथ मोदी के तेवर भी बदलने लगे
28:38अब मोदी अपनी आलोचनाओं का करारा जवाब देने लगे थे
28:42विकास के रिपोर्ट कार्ड के जरिये
28:45हमने पाइप्लाइन डाल करके पाकिस्तान की सीवा पर
28:53जहां हिंदुस्तान की सेना का जवान तैनाथ है
28:58वहां तक पाइप्लाइन से नर्दा का शुद्ध पानी पहुँचाया
29:04रेगिस्तान में भी पानी पहुँचाया
29:09और दुनिया की सबसे लंबी पाइप लाइन लगाई
29:15पाइप लाइन की साइज इतनी बड़ी है
29:19कि हमारे मित्रा बाई अखिलेश मारूती कार में बैट करके
29:27परिवार के साथ उस पाइप लाइन के अंदर गाड़ी चला सकते हैं
29:34और जिसमत हम नर्दा का पानी ले जाते हैं
29:389000 गावों में पीने का शुद्ध पानी पहुचाते हैं
29:442003 में मोदी ने दुनिया में वाइबरन गुजरात का नारा दिया
29:48ताकि गुजरात का अंतरिक धांचा भी मजबूत किया जा सके
29:51गुजरात के लोगों को रोजगार मिल सके
29:54इसके लिए मोदी ने देश-विदेश के निवेशकों के लिए
29:57गुजरात के दर्वाजे खुन दिये
29:59झाल

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