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  • 5 minutes ago
वर्ष 2026 का फिजिक्स (भौतिकी) का नोबेल पुरस्कार प्रतिष्ठित वैज्ञानिक फ्रांसिस हैल्ज़ेन को देने की घोषणा की गई है. उन्हें यह सम्मान 'आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी' के निर्माण में अहम योगदान देने और ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने वाले 'हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो' की खोज के लिए दिया गया है. 1944 में बेल्जियम में जन्मे हैल्ज़ेन वर्तमान में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं.उन्होंने 1988 में दक्षिणी ध्रुव की बर्फ का उपयोग करके अदृश्य और सूक्ष्म न्यूट्रिनो कणों को पकड़ने का जो क्रांतिकारी विचार दिया था, उसी के आधार पर बाद में आइसक्यूब ऑब्जर्वेटरी का निर्माण हुआ. उनके इस अभूतपूर्व अनुसंधान ने अंतरिक्ष विज्ञान और ब्रह्मांडीय घटनाओं को समझने का एक नया द्वार खोल दिया है.

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Transcript
00:28physics
00:30wisconsin's medicine
00:31में professor के तौर पर काम कर रहे है
00:33neutrino बहुत छोटे करण है
00:36अंतरिक्ष में मौजूद है
00:37high energy neutrino धर्ती की तरफ
00:40सीधी रेखा में ट्रावल करते है
00:41अगर वैग्यानिक इन्हे पकड़ ले
00:43तो ब्रम्हान के रहस्यों से परदा उठ सकता है
00:46ये किसी भी पदार्थ में बिना टकराए
00:48आर पार निकल जाते हैं
00:50लेकिन इनको पकड़ना आसान नहीं
00:52इसी समस्या का हल्क होचते हुए
00:54वैग्यानिक फ्रांसेस हेलजेन ने
00:561988 में दक्षणी धरूफ की बर्फ का
00:59इस्तमाल कर neutrino को
01:01पकड़ने का विचार दिया
01:16मौजूद एटम के न्यूकलियस से टकराते हैं
01:19तो हल्की चमक पैदा करते हैं
01:21इसी रौशनी को इस सेंसर में क्याद किया जाता है
01:24हेलजेन के दिये विचार ने
01:26अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं के बारे में
01:29जानकारी हासल करने का नया तरीका दिया है
01:32Bureau Report, ETV भारे
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