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  • 5 hours ago
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में लिए गए

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00:00जी श्वेता देखेगी यहां से काफी दूर लेके जाए जाएगा और अभी इस बात की क्लारिटी नहीं है कि आकरकार
00:04यह जो बस है यह रुकेगी कहाँ पर जाके लेकिन जितनी भी सेक्योरिटी जो राहूल गांदी के साथ है वो
00:10सब साथ-साथ के अंदर चल रहे हैं और उम
00:29जन्त नहीं है कॉंग्रेस यह बात एकदम साफ कर चुकी है मलिका अरजुन खडगे जो कि कॉंग्रेस के प्रेसिडेंट हनों
00:34ने यह बात एकदम साफ बोली है कि सारे के सारे MPs को कल भी दिल्ली में मौझूद रहना है
00:39बहुत से MPs थे जो मेरी जानकारी है जो आज धरना प
00:45पसाच चुके हैं तो यह लड़ाई श्वेता कॉंग्रेस बनाम इलेक्शन कमिशन यहां पर रुकेगी नहीं इस लड़ाई को कॉंग्रेस पार्टी
00:52आगे बढ़ा कर बढ़ाती हुई नजर आई कि श्वेता
00:55और एक तरह से मौशमी उन सभी जो ऑपोजिशन पार्टी उसमें कॉंग्रेस लीड ले रही है इलेक्शन जो कमिशन के
01:03चीफ हैं उनके विरुद इस लड़ाई को उसमें लीड ले रही है और राहूल गांधी उस प्रेशर के अक्सिलेरेटर से
01:09पैर अपने हटाना नहीं च
01:23तरह से आप देखिये कि लगातार राहूल गांधी जहां जाते हैं धरने के लिए तो वहीं पे जम जाते हैं
01:29वहीं अड़ जाते हैं वहीं लड़ जाते हैं उस तरीके का मेसिज जो अपनी कॉंग्रेस के कार्यकरताओं को भी दे
01:36रही यही वज़ए
01:36जो पिछली बार आपको करताओं की खेप नजर नहीं आई कॉंग्रेस की यहाँ पे जब धरना दे रहे थे चाहे
01:43वो पार्लमिन स्ट्रीट हो या प्रधान मंत्री के आवास में उस तरह की खेप इस बारी नजर आई एक खेप
01:51जाती थी डिटेन होती थी तो दूसरी आती थी �
01:53उस तरीके की रणनी थी आई तिंग कॉंग्रेस ने इस बारी इक्तियार की है काफी चाबी भी भरी है अपने
01:59काडर को और वो सड़कों पर कम से कम इस वाक्त इस दौरान लड़ते हुए नजर आ रही है श्वेता
02:06यह तस्पीर हम दिखा रहे हैं जहां पर राहूल गांधी को सुरक्षा बल हटा रहे हैं दरसल राहूल गांधी को
02:12जब पहले हटने के लिए कहा गया उस समय वो जमीन पर लेट गए और सुरक्षा कर्मियों के उपर भी
02:18जिम्मेदारी होती है कि सामने जो व्यक्ति है वो सा
02:35जो कि उस समय धरना कर रहे हैं अब इसी लिए इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलू को की मौझूदगी
02:43हो जाती है कि केवल उस उस फोर्स से उस ताकत से उनको वहां से हटा लिया जाए तो आप
02:50कॉंग्रेस के और भी नेताओं को उनके पीछे देख सकते हैं जो की जिन
02:53को हटाये गया बस के भीतर डाला गया और रहूल गांधी को आखिन में बस में बिठाये गया है और
02:59वहां से आगे ले जाये जाएगा मौश्मी अब तक निकाला जा चुका है उन्हें वहां से या अभी भी उनको
03:05रखकर गाड़ी वहीं पर मौझूद है
03:15मौश्मी आवाज आ रही है अच्छा एश्वर्या आपको आवाज आ रही है तो आपसे जाना चाहेंगे कि गाड़ी आपको भीतर
03:22अभी दिख रही है या फिर सभी गाड़ियों को ले जाए गया है वहां से
03:28नई श्वर्यता देखे सारी गाड़ियों को यहां से ले के जा चुके और मैं आपको बता दू बैरिकेट्स हटाने की
03:33प्रक्रिया जो है वो भी अब चालू हो चुकी है पुलीस दीरे-दीरे करके जो पूरे इलाके को चावड़ी में
03:39तबदील कर दिया गया था दीरे-दी
03:40करके इस पूरे इलाके को खोला जा रहा है क्योंकि यह सेंट्रल दिल्ली है इसी को फेमसली लटियंस दिल्ली कहा
03:46जाता है गेट नमबर तीन पीछे-पीछे से निकाल दिया गया है और ड्रोन से इस समय सारे विज्वल्स लिए
03:52जा रहे हैं यह देखिए पुलीस कर्ण को का
04:06कॉंग्रिस पार्टी एक जुट होके कल फिर से कही न कहीं धर्ना प्रदर्शन करें क्योंकि सबसे पहली बात उनकी मुलाकात
04:12मुख्य चुनावायूग्त यानेश कुमार के साथ नहीं हुई है वो इलेक्शन कमिशन के अंदर कदम नहीं रख पाए हैं और
04:18उनका यह मानना ह
04:19कि कहीं न कहीं जो वो मुलाकात करना चाहते हैं वो मुलाकात जब तक नहीं होगी इसी तरीके का धर्ना
04:25प्रदर्शन जारी रहेगा तो कल भी उतना ही महत्वपून है जितना की आज था हो सकता है कि कल भी
04:30विबक्षी बाटिया या राहूल गांदी इसी तरीके से धर्ना द
04:45प्रदर्शन चल रहा है और कब से कुछी देर के अंदर यहां पर ट्राफिक भी अलाओ कर दिया जाएगा प्लीस
04:49कर्मी यहां से ट्राफिक को भी अलाओ करेंगे यहां से ताकि शुटा पर एश्वर्या दो चीज़ें हैं पहले तो धर्मेंद
04:58प्रधान वाला जो मामला हुआ
04:59उससे पहले की बीजेपी को देखे और बाद की
05:02पहले लोग बोलते थे कि हो ही नहीं सकता कि इस्तीफा हो जाए शिक्षा मंदरी का
05:06लेकिन इस्तीफा हुआ और यही कारण है कि आज जब ग्यानेश कुमार के विरुद
05:10इतनी बड़े पैमाने पर यह प्रदर्शन चल रहा है
05:14उसमें लोग यह नहीं पूछते कि कहते कि हो ही नहीं सकता
05:18पदल की पूछते हैं कि क्या ग्यानेश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं
05:21आपको रुख से क्या लग रहा है इस समय
05:27देखे बश्वेता एक बूस्टर डोस जिसे कहते हैं
05:30वो पूरी के पूरे प्रदर्शन को मिला था जब बच्चे सड़क पे आ गए थे
05:34और जब एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंदर प्रधार ने स्तीफा दिया था
05:38लेकिन इस बार बात थोड़ी सी अलग है वो एक कैबिनिट मिनिस्टर थे वारतिय जंता पार्टी उनसे स्तीफा मांग सकती
05:44थी
05:44ज्यानेश कुमार मुख्य चुनावायुक थे उनको हटानी के लिए आपको इंपीच्मेंट करना पड़ेगा
06:05जिससे की इंपीच्मेंट हो सके तो इतना आसान नहीं है अगर हम कंपेर करें एक कैबिनिट मिनिस्टर का इस्तीफा मांगना
06:11और एक कॉंस्टिटूशनल बॉड़ी के हेड यानि की इलेक्शन कमिशनर का इस्तीफा मांगना तो एक पुरी प्रक्रिया है जो विपक्षी
06:18प
06:34जब्दों को लेकर वो आगे बढ़ सकते हैं और सरकार बढ़ तबाब बना सकते हैं किसी इसी ग्यानेश कुमार का
06:39इस्तीफा सरकार किसी तरीके से ले ले ले लेकिन उसका भी एक प्रोटोकॉल प्रोसीजर होती
06:43पर ऐसा भी नहीं है कि पहली बार ज्यानेश कुमार के विरुद इस तरह की कोई कारवाई होगी मतलब विपक्ष
06:49के निशाने पर लगातार वो रहे हैं पर मौशमी अगर हम इसकी प्रक्रिया बंध रूप में देखें कि किस तरीके
06:57से इस्तीफा हो सकता है इस्तीफा अगर न
07:18मौशमी सिंग हमारे साथ जुड़ी है साथ में एश्वरिया पालिवाल भी जी मौशमी सुन पा रहे हैं आप
07:26हाँ श्वयात जी जी जी मुझे सुनाई दे रही है आपके अवाज मैं यह कह रही हूँ कि एक मिट
07:33इसमें नंबर एंटर कीजे मैं जरा कोशिश करी हूँ राहूल गांदी जहां पर है वहां पर जाने की तो श्वयता
07:39देखें इंपीच्मेंट वाला रास्ता इन लोग के �
07:41लंबा है वो कारगर इन लोग के लिए नहीं होगा जादा तब तक हो सकता है कि उनकी सुनवाई हो
07:48इंपीच्मेंट एक्सेप्ट हो नहीं हो तब तक बहुत लेट हो जाए तो यह यह लोग जान चुके हैं तो इंपीच्मेंट
07:53का रास्ता इनके लिए बहुत प्रबल रास्
07:56उसे में यहीं देखे आपकी session हो, चाहे व शीत काली session हो या special session हो, उससे पहले ही
08:03राहूल गांदी ने टॉप गेर दबा दिया, एक तरफ CJP प्रोटेस्ट कर रहा है, दूसरी तरफ आई सालेफ प्रोटेस्ट कर
08:09रहे हैं, तो Congress इस इंतिजार में नहीं बैठ सकते कि संसत में, �
08:12जब impeachment आएगा तब हम आगे इस कहानी को बढ़ाएंगे और यही वज़ा है कि आप देखें राहूल गांदी ने
08:18दस तारिका जो प्रोटेस्ट है उससे पहले ही इसमें इस पूरे मसले पर टॉप गेर दबा दिया है अभी October
08:246, October 8 को भी धरना है और कल तमाम सांसेदों को बुल
08:28आए गया इसको और तूल देंगे मुझे लगता है कल राहूल गांदी फिर चुनावायोग पहुच जाएंगे तो यह पूरी कहानी
08:33जो है अनफोल्ड हो रही है बेहड अग्रेसिव मोड में यहां राहूल गांदी नजर आ रहे है तो यह बस
08:41के भीतर की भी तस्वीरें हम �
08:43आपको दिखा रहे हैं दरसल आज सब के हाथ में खतियार है मोबाइल फोन का और आप इमरान प्रताब गड़ी
08:51समेथ बाकी सभी कॉंगरेस नेताओं को यहां पर देख रहे हैं जहां पर यह नारा लगाया जा रहा है ग्यानेश
08:56कुमार के विरुद उनके इस्तीफे के लि�
09:12लखने का उसको हम इस रूप पे समझें कि एक दिन के प्रदर्शन से ये संभव नहीं होगा अगर आप
09:18सम्वेधानिक रास्ता नहीं अपनाना चाहते हैं और सरट पर जो सियासत होती है जिसका संदेश जादा सपष्ट लोगों तक पहुंचता
09:25है वो रास्ता अगर आप अ
09:27लाना चाहते हैं तो एक दिन का प्रदर्शन नहीं बलकि ये प्रदर्शन लगातार चलेगा कॉंग्रेस पार्टी इसी मूड में है
09:39बिल्कुल देखें मैं यही कह रही थी कि टॉप गेर लगा लिया और इसी मोड और मूड में नजर आ
09:43रही है जहां राहुल गांधी जो है आप देखें कि मेरे सामने ही वो पहले उनको डिटेंड किया गया वो
09:52बस में गुसे हो उसके बाद वो उतर गए उसके बाद वो संस
10:03रास्ता था गेट नहीं खुला था बीच में रस्ता कशी हुई और उसके बाद वो वहां चले जाते हैं तो
10:08अपने आप में वो लगातार अपनी टाक्टिक्स चेंज कर रहे हैं अपनी स्ट्राटिजी चेंज कर रहे हैं और कहीं ना
10:14कहीं एक तरीके से जो डिफेंस कहते हैं
10:17की defense is the best offense
10:19तो एक तरीके से यहां पे
10:21धरना politics में एक defense है
10:23और उसी में वो काफी offensive
10:25और aggressive नजर आ रहे हैं
10:27एक बारी जिक्र उन्होंने जरूर किया था
10:29कि किस तरीके से वो
10:31अपने opponents के moves को
10:33watch करते हैं कई बारी martial arts का
10:35जिक्र कर चुके हैं और
10:36उससे जो है वो सीखते हैं
10:38और फिर defensive technique से
10:40neutralize करते हैं तो हाला कि
10:42यह कहना कि वो यही कर रहे हैं
10:44बहुत मतलब कि
10:46जादा reading होगी पर मुझे लगता है
10:48कि आप देखे कि राहूल गांदी काफी
10:50अपने defense में resistance में
10:52ही एक messaging
10:54दे रहे हैं और यहां पे
10:57महतपूर्ण हो जाता है
10:58कि प्रियंका गांदी ने पिछली बार जब वो
11:00Parliament Street पे धरने पे बैठे थे
11:03तो प्रियंका गांदी ने काया कि अब चलते हैं
11:05ओदोपहर का वक्त था या कुछ था
11:07क्योंकि पुलिस सुन नहीं रही थी
11:08F.I.R. हो नहीं रही थी लेकिन रहूल गांदी ने का
11:11जिसको जाना है जाए मैं यही पे बैठा रहूंगा
11:13तो यह ऐसा नहीं है कि एक collective strategy है
11:16यह रहूल गांदी का style है जिस चीज़ पे वो अड़ते हैं
11:19तो वो किसी के नहीं सुनते हैं
11:21यह प्रियंका गांदी भी पहले यह कह चुकी है
11:24और इस बात को लेके ग्यानेश कुमार के स्तीफ़े को लेकर
11:26एक बार हमने फिर से देखा है कि रहूल गांदी आड़ गए हैं
11:31हाला कि पिछली बार जिस तरह का CJP movement हुआ
11:34धर्मेन प्रधान का स्तीफ़ा हुआ
11:36उसको लेके रहूल गांदी ने एक तरीके से यह नहीं कहेंगे
11:41कि कॉंगरेस फ्रंट पे थी लेकिन पुलिटिकल प्रेशर लगातार
11:44रहूल गांदी संसद के पहले दिन से बनाते रहे और लगातार
11:48अटाक करते रहे तो कॉंगरेस को लगता है कि यह नीती जो
11:52strategy है वो कारगर साबित हो रही है it is working out और उनको लगता है कि
11:57mass movement इससे पैदा होगी अब देखना है कि क्या जरता भी वाकई में
12:01Congress के पीछे चलती है या इंडिया ब्लॉक से ब्लॉक इतना
12:04convince होता है कि उनको लगता है कि राहूल गांदी की effective
12:08technique है ये बड़ा सवाल है क्योंकि मौशमी इसमें दो चीजों को भी हम ध्यान
12:12में अगर रखें नंबर वन ये कि क्या अगर युवा नहीं जुरते cjp वाले उस
12:18protest में और धर्मेन प्रधान के विरुद जो पूरा protest हुआ था तो क्या उसका
12:24नतीजा वही होता जो अभी नजर आया और क्या केवल एक political
12:27protest का नतीजा वो होगा दूसरा ये कि जब कोई क्रांती अगर कहते हैं तो
12:33वो अधूरी रह जाए तो उसका impact politically तो कम से कम वैसा नहीं पड़ता है

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