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  • 2 days ago
कहीं भारी बार‍िश, बाढ़ तो कहीं सूखा, मौसम क्या इसी तरह रहेगा रूठा?

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00:07आज तक मैं हूँ आपके साथ पूजा शर्मा बात करते हैं मौनसून क्योंकि देश में समय मौनसून की आस्मान चाल
00:14के कारण एक तरफ जहां कई राज्यों में गंभीर सुखा और जलसंकट है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ हिस्सों में
00:20भारी बारिश बार का खत्रा है
00:21आएमडी ने इसलेकर अलर्ट भी जारी किया है रिपोर्ट देखें
00:53अब इतना जल बढ़ा हो इसमें जब डंफर फसे हुए है तो हम लोग कहा से छोटी गाड़ी लेकर निकलेंगे
01:03यहां देखें, मरीज निकल रहे है, यहां पर चारो तरफ पानी बढ़ा हुआ है
01:08एम्बूलेंस जो है एम्बूलेंस देखिए यहाँ पानी में खड़ी हुई है
01:18आप इस वक्त संगम छेतर में हैं जहाँ पर यह संवत्र जैसी लहरें आपको देखने को मिलेंगी
01:31वाल्मिकी नगर के ही लक्ष्मी पूर में मौझूद है और आपको तस्वीरे जो दिखा रहे हैं
01:37उससे आप समझ सकते हैं कि जो जन जीवन है वो किस तरह से प्रभावित दूआ है
01:46आपको सीधी तस्वीरे दिखा रहे हैं तरसकों को भी यह गंडक बराज है वाल्मिकी नगर का और यहां इस वक्त
01:51यो पानी का उफान है धार है जो नाराइनी नदी नेपाल से बहकर के बिहार में गंडक के रूपे पहुंचती
01:57है
02:02पान कुटा है क्या कानलता हैं पान को यहां चूप रहा है हम लोग आए तो देखें मुध्या जिस पर
02:06लगे हुए है और लोग परियास कर रहे हैं लेकिन इरिगेशन डिपार्टमेंट का पलड़ कर्ट्रोल डिपार्टमेंट का कोई भी बेक्ति
02:13आभी तक टंड़ नहीं ह
02:14हुआ है कि बारिश नहीं होने के जलते जो है मिठी में जो नमी होनी चाहिए वो नमी भी यहां
02:24पर नहीं दिखाई दे रही है
02:43एक तरफ बिहार और उत्तर प्रदेश में बाल का पानी आफ़त बन कर लोगों के घरों तक पहुच रहा है
02:59क्या सब परेशानी हो रहा है इसे परेशानी तो सबसा पहला नमर जो है जो पसू का तो सबसा एक
03:05नमर परेशानी है
03:06इसके बाद जो है खना पिना तो दिक्कत तो है यह है जो जाने आने में दिक्कत हो गया है
03:23दूसरी तरफ हिमाचल और उत्तरघंड में अक्टूबर की सुर्वात में सर्दी और पर्फ़ारी ने दस्तक दे दिए
03:32कहीं पहाडों पर मौसम ने समय से पहले करवट लिए तो कहीं मैदानी इलागों में बारिश ने तबाही मचा दिए
03:43लेकिन देश की तस्वीर का एक पहलु और कई इलागों में बारिश की कमी अब सुखे के हालात पैदा करने
03:56करें कि बारिश नहीं होने के चलते जो हैं मिट्टी में जो नमी होनी चाहिए वो नमी भी यहां पर
04:03नहीं दिखाई दे रही है जितना खोडे दे टॉतने यह पाद क्यूंकि अगर बारिश होती थी तो यहां
04:15नमी दिखाई देती थी और ये खेत की जमीन जो है ये नहीं उखड़ती थी लेकिन देखिए आप पूरी तरीके
04:21से आप धूल उड़ती नदर आ रही है
04:31किसान अब आखिरकार क्या कर रहा है कि अब आने वाला तो हाथ में कुछ नहीं है
04:36मजदूरी देकर इसको उकाड़ फेकने की भी उनकी फिलाल की स्थीती नहीं है
04:42करजा लेकर बैठे है फसल तो बोई है लेकिन आने वाला कुछ नहीं है
04:51यानि एक ही वक्त में कहीं पानी जरूरत से ज़्यादा है तो कहीं बूद बूद पानी का इंतिजार है
04:57कहीं नदियां उफान पर हैं तो कहीं खेट बारिश का इंतिजार करते करते सूख रहें
05:04पहाडों में अरली विंटर का असर दिख रहा है जब कि कई मैदानी इलाखों में मौसम का मिज़ाज अब भी
05:09असामान ने बना हुआ है
05:10ये सिर्फ अलग-अलग राज्जों की अलग-अलग तस्वीर नहीं बल्कि बदलते मौसम के बदलते मिज़ाज की कहानी है
05:18बाड, बर्फबारी और सूखा एक साथ दिखते ये तीनों रंग मौसम के असन तुलन की तरफ इशार कर रहे है
05:24आकर मौसम के ये विरोधा भास बढ़ क्यों रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर कितना बढ़ा होगा
05:36बिहार में बाड की सिती गंबीर होती जा रही है बिहार सरकार के मुताबिक राज्य का करेब 68 लाग से
05:43ज्यादा हेक्टेर श्वेत्र यानी की लगबग 73 फीसिदी हिस्सा बाड प्रभावित है राज्य के 38 में से 28 जिले बाड
05:49की चपेट में आने जाने वाले माने जाते हैं
06:16बिहार में बाड का संकट लगतार गहनाता जा रहा है
06:21गंगा और गंडग दोनों ही मुख्य नग्यों का चरिस्तर विहार ने कई इलाखों में तेजी से बहता जा रहा है
06:27कहीं सलकें डूब गई हैं तो कहीं गावों का संपर्ख पूरी तरह से टूर चुका है
06:35बकसर से लेकर पटना बेगुसराय, सारन, पूरी चंपारन और मुझफर पूर तक बाड ने लोगों की मुश्किले बढ़ा दी है
06:44कई इलाखों में तो हालात ऐसे हैं कि घर से निकलने के लिए नाव ही एक मातर साधे मची है
06:50बाड के पानी ने लोगों की रोज मर्ना की जिंदगी को पूरी तरह अस्तव्यस्त पर दिया है
06:58ये तस्वीरे पटना की हैं जहां गंगा का बहता जलस्तर अब गलियों को मरीम ड्राइव में बदल चुका है
07:03पिछले दो दिनों से घाटों पर गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से बह रहा है
07:11हाला को देखते हुए प्रशासन ने भद्र घाट और महावीर घाट पर बेरिकेडिंग गर दी है
07:16और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है
07:19प्रशासन की कोशिश है कि बहते पानी के बीच लोग घाटों की तरफ ना जाए
07:23और किसी भी तरह की अन्होनी को ताला जा सके
07:27फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों पर हत्रा भी बहता नजर आ रहा है
07:32प्रशासन लगतार हालात पर नजर बनाये हुए है
07:37गंगा नदी एक वार फिर से उफान पर है और गंगा नदी से सटे जितने निचले इलाके वहां जलजमाव की
07:44स्थिती उत्पन हो गई
07:45अभी हो मौजूद है पटना सिटी के भद्र घाट में और देखिए ये पूरा घाट पूरी तरह से डूप चुका
07:50है
07:51और ये नदारा देखिए ये सरक है इस सरक पर पानी आ गया है जो नदी का पानी है वो
07:56आ गया है जिसके कारण यहां के आने जाने में लोगो को काफी दिक्कते हो रही है
08:02क्योंकि यह पूरा इलाका जो है असोक राजपत से अलग एक बनाया गया था जो जिप गंगापत है उसके किनारे
08:09पाकि लोग आराम से इस रास्ते दिदार गंसsw तक जा सके लेकिन यह पूरा इलाका देखिए दूप चुका है फिर
08:16से गंगा उफान पर है और यहां जो स्�
08:31का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है इसका सबसे ज़्यादा असर दियारा इलाफे के निचले हिस्सों में देखने को
08:38मिल रहा है
08:38हालात ये हैं कि मंदिरों और सरकारी संस्थानों तक में बार का पानी पहुँच गया है
08:44लेकिन सबसे ज़्यादा परिशानी स्कूली बच्चों को उठानी पर रही है
08:47सबकों पर पानी भरने की वज़े से बच्चों के लिए स्कूल तक पहुचना मुश्किल हो गया है
08:52ऐसे में अब नाव ही उनके स्कूल आने जाने का सहारा बनी हुई है
08:56यानि जहां कभी बच्चे सबक के रास्ते स्कूल पहुचते थे
08:59वहीं अब उन्हें पानी के बीच नाव से सफर करना पर रहा है
09:45बिहार को उत्तर प्रदेश से जोडने वाला बली अमार्ग बार के पानी की चपेट में आ गया है
09:52सबक पर पानी भरने के बावजूद लोग इसी रास्ते से आवा जाही करने को मजबूर है
10:06ये तस्वीरें बिहार के बेगवू सराय जिले की हैं
10:09जहां पानी से खेल जैसे मौत से मेल हो गया
10:13दर invariant ये तस्वीर इस बाद की गवाह है
10:15कि बार के पानी से की गई लापरवाही कितनी भारी पड़ गई
10:19यहां गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद सड़क पार करने के दौरान
10:22साइकल सवार चाचा भतीजे की दूबने से मौत हो गई
10:28बताय जा रहा है कि बांध पर पानी ज्यादा था
10:31और रास्ता भी साफ नज़र नहीं आ रहा था
10:33इसी दौरान दोनों तेज बाहाव की चपेट में आ गए
10:36विडियो में दोनों पानी के तेज बाहाव में बहते हुए नज़र आ रहे है
10:40उन्हें बचाने की कोशिश भी की गई
10:42लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सकता
10:47ये दोनों लड़का साइकिल से रोड क्रोस कर रहा था पानी में
10:53उसको पता नहीं चल पाया आगे चर्निंग था
10:57चर्निंग उसको पता नहीं चला और पानी में भस गया
11:28पासने के दर्वियान ये दोनों काम दोनों डुब गया।
11:30गोविंद गंच के विधायक राजु तिवारी दरसल चमपारण तटबंध पर तेज रिसाब के बाद पानी गाओं की ओर बढ़ने लगा
11:39था
11:39आलाद को देखते हुए विधायक मौक्टे पर पहुँचे और फुद मिट्टी, बालू और गिट्टी से भरे बोरे उठा कर रिसाब
11:47को रोपने में चुट कर
11:50पुछरिया से ले करके चटियां तत बांध में करीब एक दर्जन जगा लिकेज है पानी का जैसे आप देखे होंगे
11:58मुटसा गिला रहा था बांध बैठ गया तो यह लोग इतने जागरुक हैं और सब लोजवान लोग मिल करके हैं
12:04और अपने को मतलब स्वेंसेवी बन करक
12:11अब विभाग के लोग भी लगे हुए हैं लेकिन विभाग में थोड़ी लापरवाही इस बार बरती गई है कि हर
12:16पॉइंट पर जो बोरा रखते थे वो लोग इस बार नहीं रखते हैं इसके हम देख रहा है इसके हम
12:21इसमें भी ऐसी कोई गलती ना हो बार की तयारी होती है
12:34विभाग को बोरा उठाते देख ग्रामीन भी आगया गई और मिलकर बांथ को तूटने से बचाने की कोशिश की है
12:40अब विभाग का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरन हो रहा है और लोग इसकी सराहना कर रहे है
12:49मुझफ़टपुर में बार का असर इंसानों के साथ साथ जानवरों पर भी पल रहा है बार के पानी में बहकर
12:55खरीब एक दरजन हिरन गाओं के पास पहुँच गए
12:58सूशना मिलते ही वन विभाग के टीम ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया और कई घंटे की मशक्कत के बाद सभी
13:04हिरनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया
13:13वहीं मुझफ़पुर में आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट का असर भी देखने को मिला
13:17साहिब गंच के माधुपुर हजारी पंचायत में तीन दिनों से बार में फसे ग्रामियों ने राहत की मांग की थी
13:24ग्राउंड रिपोर्ट में उनकी परिशानी सामने आने के बाद डियम कुमार गौरफ परशास्तिक टीम के साथ गाउं पहुँचे
13:30और प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामगरी बाटी
13:41गोमती नदी का जलसर बढ़ने के बाद राजधानी लखनों के कई अलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं
13:47रसल फैजोला गंज और आसपास की कॉलोनियों में पानी अब सिर्फ सडकों तक सीमित नहीं है बलकि घरों के अंदर
13:54तक पहुँच चुका है
13:54हैरान कर देने वाली बाती है कि 40,000 घरों में 4-5 फीट तक पानी भरा हुआ है
14:34उत्तर प्रदेश में बाईश इस बार राहत से ज़्यादा कहर बन कर आई है
14:37मौनसून भले ही उम्मीद से कम रहा हो लेकिन मौसम के उतार चड़ाव ने फिर से एक बार नदियों का
14:42जरस्तर बढ़ा दिया है
14:45बढ़ता हुआ जरस्तर केवल अब गाउं को ही नहीं शहरों के लिए भी परिशानी का सबब बन गया है
14:53ये लकनों से महस 80 से 90 किलोमेटर दूर बसा शहर सीतापूर है
14:56यहां घरों के अंदर इतना पानी है कि लोगों को छटों पर रहना पड़ रहा है
15:00चारों तरफ पानी और तबाही की ये तस्वीरें बता रही है
15:04कि सीतापूर में बार ने लोगों की जिंदगी कितनी मुश्किल कर दी है
15:09कितापूर में इस वक्त बार के हालाइथ बहुत ही विक्राल रुख धरना कर चुक है
15:12हालात यह हैं कि क्योल ग्रामीड अलाकों नहीं
15:15ही शहरी अलाकों में लोग इतना परेशान हैं कि अपने मकानों को छोड़कर वो यहां से झाच चुके
15:21मस किस काम्तिदी हैं
15:33और दूर दूर तक देखेंगे, देखेंगे उस तरफ अपने हमारे बाया हाथ की तरफ देखेंगे किस तरीके से मकान पानी
15:41में पूरे पूरे डूब चुके हैं, लोग यहाँ पर घरों को छोड़कर जा चुके हैं, कुछ लोगों ने सरकारी व्योस्थाओं
15:48का सहरा लिया है
15:48लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जो अपने रिस्ते नातेदारों के हां सिफ्ट हुए हैं, दूर दूर तक जहां तक मेरी
15:54नजर जाती है, सिर्फ पानी और पानी ही देख रहा है।
16:18लोगों को समन सब डूब गया है, और टाइम भी नहीं दिया गया, एक दिन में ये सब काम हो
16:24गया, 24 घंटे भी नहीं हुए है, तो सब का इतना नुक्षान हुआ है, ज़रूरी कागज, बच्चों के सब जो
16:30भी है, जैक वगएरा, ये उस सब तभा हो गया, सब का गज़, �
16:35इतने छोटे छोटे बच्चे आ रहे ति हुनका क्या होने वाला है, मा हमें सूचना दी जगए दो घंटे के
16:41अंदर हमारे गुटनों तक धरों के अंदर पानी ताब, हमारे पलंग तह रहे एक एक मंजिल पानी बच्चब, उसका क्या
16:46होगा, मेरी मा की भी दवा चली, अभ
17:05अधर गोंडा में घागरा नदी का पानी खत्रे के निचान से उपर बह रहा है, अलकि पानी पहले के मुकाबले
17:11कुछ नीचे आया ज़रूर है, लेकिन जंदा की मुसीबतें पिरहाल कम नहीं हुए
17:17गोंडा की तरब गंज और करनेल गंज तहसील के 23 गाओं बार की चपेट में है, परी 33,000 लोग
17:24बार से प्रभावित बताय जा रही है, कई लोगों के घरों में पानी खुस गया है, ऐसे में परिवारों को
17:29घर छोड़कर सबक किनारे रहने को मजबूर होना पार रहा है
17:34बार के पानी ने लोगों के रोज मर्रा के जिन्दगी पूरी तरह रोग दी है, प्रशासन राहत और बचाव की
17:39पार में जुटा हुआ है, लेकिन सवाल यही कि जब हर साल नज्यों का पानी बाता है, तो बार से
17:45निपटने की तैयारी पहले से क्यों नहीं की जाती, सरकार �
17:48और प्रशासन से सवाल है कि शेहरों और खजबों में जल निकासी पर केवल बात ही क्यों होती है, बार
17:53के पानी के उतरते ही ये मास्टर प्रान लागों क्यों नहीं होते है, बार से परिशान लोगों के लिए रहने
17:58एक खाने और पीने के इंतिजाम कहा है, और आकर ऐसी क्य
18:18गए जबकि बाबा नारान दास मंदिर के बरामदे में भी दरार पड़ गई है नदी के भाते पानी और कटान
18:25से गाओं वालों में डर का महौल है कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगों की तरफ जाने को मजबूर
18:30है प्रशासन की तरफ से राहत और बचाफ का
18:33काम चल रहा है रहा है राहत और बचाफ को लेकर भी ब्रामीर सवाल उठा रहे हैं उनका कहना है
19:01कि पानी लगतार बग रहा है
19:02लेकिन गाउं में प्रशासन की मदद वक्त पर नहीं पहुँंच रहे हैं लेकिन बार सी वबक्ति में सरकारी किट बांटी
19:10जरूर जा रही है
19:12मुख्य रूप से तीन तसीर प्रभावित है और उसमें हमारा राम नगर जो है जिसमें की हेत्मापूर गाउं है जिसमें
19:25अबादी कटी है और सेस जो है वो अग जो सैक्लोन आया था उस कान भी हमारा काफी नुक्षान हुआ
19:34है
19:34पार से जो प्रभावित लोग थे उनको आलेडी हम लोगों ने जो रहत कीट उपलद कराई है और दोनों टाइम
19:43का बोजन की व्यूस्ता भी हम लोंने की है उनकी पसों के लिए भी हम लोंने व्यूस्ता की है उनके
19:50स्वास्त के लिए भी व्यूस्ता की है
19:53लेकिन सवाल अभी वही है कि बेखर हुए लोगों का परिवार सरकारी किट के सहरे कब तक इस तरह की
19:59जिन्दिगी बिताएगा
20:02अगर नद्यों का पानी और बढ़ा तो लोगों की मुश्किले और बढ़ सकती है
20:05फिल्हाल बार प्रभावित लोगों को बस पानी उतरने का इंतजार है ताकि उनकी जिन्दिगी एक बार फिर पटरी पर लोट
20:12सके

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