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  • 9 hours ago
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस से क्या EC की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल? देखें दंगल

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:02आज का दंगल मुख्य निर्वाचन आयूग ज्यानेश कुमार के खिलाफ सुप्रिम कोट में हुई सुनवाई पर है
00:07देश भर में विपक्षिदल आंदोलन चला रहे है कि ज्यानेश कुमार ने मुख्य चुनावी आयूग तरहते हुए असवधानिक और एक
00:14तरफा फैस्ते लिये है
00:15और इसी लिए उन्हें पट से हटाये जाना चाहिए
00:18सुप्रिम कोट पे भी ऐसी अरजी आई उस पर सुनवाई हुई और कोट ने चुनावाईों को नोटिस देकर जवाब बांग
00:24लिया
00:24अलगि आरजी में न्यानेश कुमार के अंतरीन निलंबन की मांग भी की गई थी
00:28लेकिन अदालत ने सिर्फ अकबारी रिपोर्ट के अधार पर आदेश पारिद करने से मना कर दिया
00:33अदालत के अंदर न्यानेश कुमार पर जो बड़े आरोप लगाए गया है
00:36उसमें कथित तोर पर 14 फैसले अपनी मर्जी से करने के आरोप भी लगाए गया
00:41उसमें सबसे बड़ा फैसला फॉर्म 6 के साथ लगे एनेक्सचर डी वाले हलफ नामे को ले कर था
00:47दरसल बिहार S.I.R. वाले केस में सुप्रिम कोट ने इसी साल 27 मई को कहा था
00:53कि चुनावायोग फॉर्म 6 के अलावा कुछ डॉक्यूमेंट्स मागने का तार्किक प्रावधान कर सकता है
00:58इनी डॉक्यूमेंट्स और हलफ नामे पर बिहार, बंगाल और यूपी समेट 13 राज्यों में S.I.R. भी हो गया
01:05लेकिन इसे बीच 12 जुलाई को चुनावायोग ने फॉर्म 6 के साथ लगे अनेक्सचर D के हलफ नामे में तक्निकी
01:12बदलाव कर डाले
01:13ये बदलाव ECI नेट पर किये गए और इसका कही भी कोई भी गैजट टोटिफिकेशन नहीं निकला
01:19बदलाव ये था कि पहले वाले हलफ नामे में माता पिता के पुराने S.I.R. से जुड़े सवाल हा
01:26या ना करने का विकल्प रखा गया था
01:2812 जुलई को उसके बाद माता पिता या दादा दादी के वोटर नमबर क्षेत्र, बूत नमबर, पार्ट नमबर सब बांगा
01:37जाने लगा
01:37और बिना उसे बरे वेबसाइट या मुबाइल एप्लिकेशन में फॉर्म जमा नहीं हो पा रहा था
01:43ऐसे में नए वोटर जो फॉर्म नमबर छे बरते हैं उन्हें दिक्कत होने लगी
01:47इसी बीच इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया कि फॉर्म छे के साथ जुड़े अनेक्चर डी के अलफ नामे में
01:52जो तक्निकी बदलाव किया गया है वो असमविथानिक और अवेत था
01:57और ये बात सुक्विंदर संदू जो चुनाव आयोग के कमिश्टर है उन्होंने भी ये बात उठाई थी
02:03चुनाव आयोग ने इस तक्निकी बदलाव की सफाई नहीं दी और 27 जून वाले सुप्रिम कोर्ट के फैसले का हवाला
02:09दे दिया
02:10अब सवाल यही उठाय जा रहा है कि अदालत ने हालिया बदलाव को मन्जूरी नहीं दी थी
02:15तो आयोग ने ऐसा दावा क्यों किया और अगर आयोग ने अपनी शक्तियों के तहट ऐसा किया है
02:21तो उससे सविधानिक और कानूनी पहलूओं का ध्यान क्या रखा गया था
02:26और इसी पर हम दंगल में चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले यह रिपोर्ट देखते है
02:37दो अक्टूबर से दिल्ली में हंगामा मचा है
02:396 अक्टूबर को विपक्ष सबसे बड़ा धावा बोलने वाला है
02:428 अक्टूबर को राश्पती तक शिकायत पहुँचने वाली है
02:46कॉंग्रेस से लेकर समूचा विपक्ष इंडिया गड़ मंधन मुख्य चुनवा आयुक्त के स्तीफे की मांग पराड़ा है
02:55सियासे आरोप बेहिसाब है लेकिन आदालत की चोकर तक जब आरोपों की फेरिस पहुँची
03:00तो उसमें यही कहा गया कि ग्यानिश कुमार आसमवैधानी काम कर रही है
03:03ग्यानिश कुमार ने 14 एकतरफा फैसले लिये हैं
03:06ग्यानिश कुमार ने फॉर्म 6 में अवायध तकनीकी बदलाव कर दिया
03:1014 करोड योग्यमत दाताओं का नाम हटा दिया
03:13बंगाल में आयोग के नाम से 16 करोड 10 लाक अवैध अपीलें दाखिल कर आई
03:17इसलिए उन्हें फोरण निलंबित कर दिया जाए
03:19मुख्य निया अधिश की अदालत ने याचिका करता की गली ने सुनी
03:37याचिका करता ने कहा चुनायोग ने खबर का खंड़न नहीं किया
03:40कोड ने कहा खबर सही या गलत हो सकती है
03:43लेकिन हम उस आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकते
03:46याचिका करता ने कहा इतने उचे पत पर बैठाक शक्स कानून का उलंगन कर रहा है
03:50कोट ने कहा जब रिकॉर्ड पेश होगा तो देखेंगे फॉर्म 6 में तक्निकी बदलाब किस ने किया है
03:57कोट ने ये भी कहा कि फॉर्म 6 में जो जुलाई 2026 में बदलाब किये गए हैं उसे सुप्रीम कोट
04:03ने कोई मंजूरी नहीं दिये
04:04अधालत ने चुन आयोग को नोटीस देकर जवाब मांगा है लेकिन जवाब की मियाद तय नहीं की है
04:14चीफ एलक्षन कमिशनर ग्यानिश कुमार के खिलाब देश भर में आंदोलन एक अख़बार के खुलासे के बात से हो रहा
04:19है
04:19जिसमें पता चला कि आयोग के कई फैसले सर्म सम्वत्ती से नहीं हुए और आरूपों की धुंद छटी तो सबसे
04:25बड़ा मुद्दा फॉर्म 6 में अवयद बदलाब का सामने आया
04:32विवाद फॉर्म 6 के साथ अनिवारी किये गए इस घोशना पत्र को लेकर है जिसमें 12 जुलाई को सिर्फ डिजिटली
04:38बदलाब कर दिये गए
04:39सुप्रिम कोट में सवाल उठा है कि चुनायोग नहीं ये अस समपैदानिक बदलाब किये क्योंकि अख़वार ने चुनायोग तो सुखवीर
04:46सिंग संधु के हवाले से ऐसा खुलासा किया
04:48सफाई में चुनायोग ने कहा कि फॉर्म 6 के साथ अटैज किये गए डिकलेरेशन को सुप्रिम कोट ने सही ठहराया
04:54है
04:54और S.I.R. के बाद फिर वही पुराना सिर्फ फॉर्म 6 इस्तमाल होगा
04:58लेकिन सुप्रिम कोट ने आजसाफ कहा है कि कोट ने ऐसे किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी
05:06दरसल मामला दो साल पहले बिहार S.I.R. के समय का है
05:09तब आयोग ने एनेकसर डी जोडा और उसे जरूरी बताया
05:13उसमें गलत जानकारी पर एक साल की सजा तक का प्रावधान था
05:16इसके बाद 11 दस्तावेजों की अनिवारेता पर मामला सुप्रिम कोट पहुँचा
05:21वहां सुनवाई के बाद सुप्रिम कोट ने 27 जुलाई 2026 को साफ कहा
05:25के SIR के दोरान चुनायोग सिर्फ फॉर्म 6 तक ही सीमित नहीं है
05:28उसके पास SIR के हिसाब से डॉक्मेंटेशन के तरीके में बदलाव का अधिकार है
05:33लेकिन आयोग को नियम कानूर का ध्यान रखना होगा और बदलाव का तारकिक संबन भी होना चाहिए
05:39इसी आदेश को चुनायोग फॉर्म 6 के साथ NXR D को जोडने को वाजिब ठहरा रहा है
05:44जबकि स्पीच NXR D में एक ऐसा बदलाव हुआ जिस पर सवाल उठे
05:4912 जुलाई को चुनायोग के वेबसाइट PCI NET पर डेकलेरेशन NXR में बदलाव हुआ
05:54माता पिता या दादा दादी के पिछले SIR के ब्योरे मांगे गए
05:58वोटर कार्ड नमबर से लेकर शित्र का नाम, बूथ नमबर, पार्ट नमबर, स्टीरियल नमबर तक मांगे गए
06:05दावा है कि इसी बदलाव पर चुनायोगत S.S. संधु ने आपती जताई थी और इसे आसमबैधानिक करार दिया था
06:13दरसल फॉर्म 6 यानि नए वोटर को दिक्कत ऑनलाइन फॉर्म भरने में हुई क्योंकि नया इनक्सर भरे बिना फॉर्म जमा
06:19नहीं हो सकता था
06:48ओफलाइन फॉर्म फिर भी जमा हो रहे थे
06:49तक महराष्ट, बंजाव, हरियाना, ओडिशा, जारखंड, तेलंगाना, उत्राखंड, अडुनाचल प्रदेश, मणिपूर, मेखालय, मिजुरब, नगलेड, सिक्किम, तिरपुरा, दिल्ली, चंडिगड, दादरा और
07:01नगरहवेली तर्था दमन और दीव
07:03इन 19 प्रदेशों में नए डिकलिरेशन के साथ फॉर्म 6 के तहट नए वोटर का रईस्टेशन मियम फॉलो किया
07:11SIR की एक प्रक्रिया में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पैमाना अपनाने को लेकर सवाल उठे और मामला सुप्रीम
07:17कोर्ट में मुख्य चुनायूत के फैसले पर उठ रहा है
07:20अब आयूक को बताना होगा कि मौजूदा SIR के फॉर्म 6 में डिकलिरेशन में दादा दादी के ब्योरे जोडने के
07:25अनिवारियता किस तार्किक संबंद की कसोटी को कैसे पुरा करता है
07:29संचेश शर्मा दिल्ली आज तक
07:50उनको भी नोटिस थमा दिया गया और उनको इसका जवाब देना है
07:52इससे कई सवाल खड़े होते हैं और उस पर हम चर्चा करेंगे
07:55डॉक्टर आजे आलोग भारती जनता पार्टी के प्रवक्ता इस चर्चा में शामिल होंगे
07:58सुरिन राजपूत कॉंगरिस पार्टी के तरफ से चर्चा में जुड़ रहे है
08:01मौमद अमीन पूर्व जॉइन डिरेक्टर है एलेक्शन कमिशन के
08:05उनसे भी राय पूछेंगे और आजटोष शिवास्तप ये सुप्रिम कोर्ट के एडवोकेट है
08:09जस्तिस उजवल भूयां उन्होंने जो बयान दिया है उसको लेकर भी चर्चा होना ज़रूरी है
08:14और आशटोष हमारे पॉलिटिकल आनिस भी चर्चा में शामिल होंगे
08:17तीन सवाल इस पैनल के सामने पहला सवाल
08:19जुलाई में ECI NET पर फॉर्म छे वाले हलफ नामे में हुआ तक्निकी बदलाव क्या समवधानिक है
08:26क्योंकि इसी बदलाव को लेकर सुक्विंदर संदू उस यूज रिपोर्ट के आधार से अगर हम देखे तो वो कहते हैं
08:32कि ये समवधानिक है
08:34अवैद है गलत तरीके से है और उसकी जानकारी उने नहीं दी गए थी
08:38दूसरा सवाल
08:39मुख्य चुनाव आयुक के खिलाफ एक तरफा फैसलों के आरुकों के दस्तावेजी के आधार है
08:44क्योंकि अगर अब सुप्रिम कूर्ट के सामने जवाब देना है तो ये सारे आधार भी उसके सामने रखने पड़ेगे
08:49तीसरा सवाल
08:50S.I.R. प्रक्रिया के दोरान देश के वाजिब मतदाताओं के साथ हुए अन्याई का जमेदार आखिरकार कौन होगा
08:58साड़े तेरा करूर मतदाताओं के नाम कटे हैं उसमें से 71% मतदाता जिनके नाम कटे हैं
09:04वो चुनाव आयों के मताबिक या तो अपना पता बदल चुके हैं या तो उस पते पर नहीं मिल पाए
09:10या तो कोई और कारण के वज़े से उनका नाम कटा है कोई स्पेसिफिक कारण उसके साथ नहीं दिया गया
09:16है
09:16और इसी को लेकर ये सवाल कायम रहता है शुरुबात करते हैं
09:19अजय आलोग जी आज सुप्रिम कोट के सामने प्रेयर्स काफी रखी गई थी
09:23इंटरीम रिलीव भी मांगा गया था इंटरीम रिलीव में जाहिर से बात है
09:41इंटरीम रिलीव तो नहीं दिया गया है कोई सस्पेंशन नहीं किया गया है
09:44लेकिन नोटिस थमा दिया गया है और सबसे बड़ी बात
09:48सुप्रिम कोट में आज चीफ जस्टिस नहीं ये क्लैरिफाई कर दिया कि
09:51फॉर्म नंबर चे में अगर कोई बडलाव किया गया है तो उसकी इजाज़त सुप्रिम कोट के तरफ से नहीं दी
09:56गई थी
09:57कि आपको लगता है कि आज की स्थिति में एलेक्शन कमिशन के इंस्टि़ूटल क्रेडिबिलिटी पर कही ना कही सवाल खड़े
10:04हुए इस सबसे पहली बात
10:16जब फॉर्म सिक्स में कोई बडलाव किया ही नहीं गया
10:19तो सुप्रीम कोर्पर्मिशन किस बात की देगा
10:22आयोग ने बड़ा स्पेसिफिकली उनका अजस्टिस शुरेकान जी का ओर्डर दिखाया है जो लाइका जिसमें लिखा है कि एलेक्शन कमिशन
10:28रिटेंस राथॉरिटी और रेज्टेंस राथॉरिटी टू इंप्लिमेंट एसाया और उसी के तहट यह डेक्लेरेशन फॉर्म �
10:36में जोड़ा गया और उसके सुप्रीम कोर्ट ने मना भी नहीं किया है जब वॉर्म 6 ने बदलाओ होता तब
10:42तो बदलाओ के अनुमिती मंते बदलाओ हुआ ही नहीं तो अनुमिती किस बात की मांगे है मैं साहिल के पास
10:47आये हुए हूं मैं आने के अंगती मांगों मुझे
11:06जवाब जाएगा सुप्रीम कोट में यही जवाब जब सुप्रीम कोट में जाएगा फिर उनके मुग पे तमाचा लगेगा लेकिन यह
11:13तो है थेथर इसको कोई फरक नहीं पड़ेगा आप लाइन से देखिए रफचे यह सरकार बनी है 2014 से नोडबंदी
11:20सुप्रीम कोट में ग
11:36यह आदत है यह भ्रम जाल फेलाने का आदत है कि देश को अराजकता में कहीं से धकेला जा सके
11:41और आज सुप्रीम कोट ने पश्ट किया है कि भाई तीनों आयोग औरों ने बहुत जस्टिस हुई आने बहुत कड़ा
11:47स्टेट्मेंट भी दिया कि अगर सहमती से फैसले नहीं
12:03माफी मागें यहांके जो यह पूरे देश में भ्रहम फ्यलाने की कोशिश की गई क्योंकि चुनाओ अब तो जवाब और
12:09आपने सुप्रिम कोर्ट में जो हुआ अज सुप्रिम कोट के भीतर इस बात को रखा गया कि जुलई महने से
12:21अचानक यह तकनी की बदलाव कहां से कि
12:23गया डिकलेरेशन जो उसके साथ में अटाच किया गया था और विदाउट डिकलेरेशन फॉर्म नंबर 6 एकसेप्ट नहीं हो सकता
12:29यह बात ECINET पर क्लियर हो गई थी कि आपको पहले डिकलेरेशन भरना होगा उसके बारी फॉर्म नंबर 6 एकसेप्ट
12:35होगा अब उसमें ज�
12:49सबसे पहले शुरू हो गई थी तेरा राज्यों में SIR की प्रक्रिया उसी डिकलेरेशन के तहत करने के बाद जुलाई
12:56महिने के भीतर अचानक उसमें दो एडिशनल कॉलम्स लगा दिये जाते हैं और ECINET पर वो डाल दिया जाता है
13:03यह बदलाव किसके कहने पर किया गया यह
13:19पर अडिशनल दो कॉलम जोडने की बात है और उसमें सुप्रीम कोर्ट ने ही महीं में जुलाई में हर जगह
13:24कहा एलेक्शन कमिशन रिटेंस दपावर एग्जेक्ट रिटेंस दपावर अफ रिज्डूल अथारिटी ओनली दे कैनों डूट देर वे मनमानी नहीं कर
13:34सकते है
13:35अगर सहमती बनाके तीनों आयुकतों की सहमती से अगर कोई चीज आड़ किया गया तो ये एलेक्शन कमिशन के समधानिक
13:40पावर्ज में हैं जिस पिर कहते हैं वो इसायर करवा रहा है इसी का तो ये फायदा उठा के कन्फूजन
13:46क्रेट कर रहा है सुप्रीम कोर्ट से अनु
14:01मांजूरी मांगी नहीं गई थी तो सुप्रीम कोर्ट मंजूरी देगा क्यों ये एलेक्शन कमिशन के समधानी का धिकारों में है
14:08जिसको अब हैंदी और अंग्रेजी समझने में दिक्कत हो क्रिपा करके किसी के साथ बैठे मैं जानता हूं ग्रे मैंटर्स
14:15की कमी हो रही आ�
14:29तब भी ये नहीं मानेंगे तब ये सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाएंगे जैसे आज कौकरोज जल्टा पार्टी के दिक्के ने
14:35सवाल उठा दिया रंका ने सवाल उठा दिया उन्होंने कहा कि हम नहीं मानता है कि तीव जस्तित सूरकान को
14:41इससे दूर रहना चाहिए इ
14:56सुप्रीम कोर्ट के सामने मामला जाने के पहले इलेक्शन कमिशन के तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी कर दिया जाता
15:01है उस प्रेस रिलीज के बीतर ये कहा जाता है कि इसकी इजाज़त तो हमने पिछले साल मई मईने में
15:07ली ती जब इसायार की प्रक्रिया शुरू हो गई
15:09थी उसके बावजूद आज सुप्रिम कोट के सामने जब ये मामला जाता है तब सुप्रिम कोट कहता है कि भाई
15:14उसमें बदलाओ की पर्मिशन तो हमने दी नहीं है अजे आलोग कह रहे हैं कि भाई बदलाओ तो किया ही
15:18नहीं गया है अभी भी उसी बात को लेकर सवाल उठा�
15:22अगर सुप्रिम कोट इस याचिका को खारिच करता है तो क्या कॉंग्रस पार्टी इस बात को मानेगी जो सवाल अजे
15:28आलोग उठा रहे हैं पहले पॉर्म नमबर सिक्स और उसके बाद जो सवाल उठाएगे है
15:33दो चीजे बड़ी इसपस्ट है आप से बताऊँ कि भारती जनता पार्टी बड़ी बेशर्मी से ग्याना देश का यानि ग्यानेश
15:41कुमार के असंबैधानी कादेशूं का बचाव कर रही है
15:45और इससे इस पस्ठ हो रहा है कि भारती जन्ता पार्टी देश को अराजकता में ग्यानेश कुमार के साथ मिल
15:52करके धकेलना चाहती है
15:53कल तक यह लोग क्या कह रहे थे कल तक कह रहे थे कि नहीं साब जो सुप्रीम कोर्ट ने
15:58जिस चीज को अप्रूव किया है
16:00जो फारम 6 में बदलावों को अप्रूव किया है वो बदलाव हुए थे इनके क्या नम ये खुद भी कह
16:07रहे थे और इनके यहां के बैठे वो कुछ कुछ क्या नम जो चुनाव आयोक के कुछ रिटायर जो है
16:12वो ब्यूरो क्रेट से जो चाटू कारिता करते हैं भारती जनता �
16:15पर्टी की वो लोग भी कह रहे थे आज सुप्रीम कोट के इस आदेश से इन सारे के सारे थेतरों
16:21को इनकी थेतरई को करारा तमाचा पड़ा है नोटिस नाम पर कल तक ये लोग ये कह रहे थे इसी
16:27पर कि साब अभी तो याची का आई है याची का खारीज हो जाएगी अब क
16:42किसी फारम छे में बदलाव को, किसी एनेक्स्चर को, हमने मंजूरी नहीं दी, वहाँ पर जिस टाइम मंजूरी थी, उस
16:48वक्त उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, अगर उस वक्त की टाइम लाइन देखें, तब ये काम हो चुका था
16:55बिहार में, वो रिवर्स नहीं कर स
16:57रखते थे, एक बात, आने वाले समय में सारे के सारे कागत सुप्रीम कोर्ट के सामने जाएंगे, और अजय आ
17:04लोग जैसे जो विद्वान प्रवक्ता हैं, जिनके दिल में कुछ और है, दिमाग में कुछ और है, आज की डेट
17:09में दिल से तो ये हमारे साथ कहना चाहते हैं,
17:11चुकि लोकतंत्र में कभी इनका भरोसा था लेकिन भारती जनता पाल्टी का बेशर्मी से बचाव करने के लिए अभिशक्त हैं
17:18ये लोग
17:19अब ग्यानेश कुमार की वोट चोरी पकड़ी गई बहुत इसपस्ट है
17:24ग्यानेश कुमार की वोट चोरी पकड़ी गई आपके सामने हैं और ग्यानेश कुमार ने जो वोट चोरी करने के SIR
17:31के नाम पर भारती जनता पार्टी को समर्थन किया उससे स्पस्ट हो गया है कि भारती जनता पार्टी की चाहे
17:37बिहार की सरकार हो चाहे हर्याना की सरकार हो च
17:52अगर लोक्तंत्र की रक्षा करनी है नमबर एक नमबर दो ग्यानेश कुमार के इन फैसलों से जी सर जी बताइए
18:01कुछ पूछ ले देखे सवाल इसलिए मैं पूछ रहा हूँ यहाँ पर क्योंकि आज यही बात यही बात अदालत के
18:06सामने रखने की कोशिश हुई है अदालत का यह कहना था कि भाई उनको सुनने का मौका तो मिलना चाहिए
18:10और सिर्फ न्यूस पेपर के रिपोर्ट के आधार
18:13पे वो सीधे चुनाव आयोक को इस तरीके से बरखास नहीं करेंगी जो इंटरीब रिलीफ इस पे मांगा गया था
18:19तो कम से कम जब तक चुनाव आयोक के बारे में सुप्रिम कोट के भीतर तीन जेजेस का बेंच है
18:25उनके सामने और जिसमें CGI खुद है उसके सामने जब तक
18:29इसका फैसला नहीं होता है तब तक तो कम से कम आप मानेंगे कि तब तक तो आप रुकने के
18:34लिए तयार है कॉंगरेस पार्टी है उसके तब तक आप यही कहते रहेंगे कि भाई उनको निकाल देना चाहिए या
18:39साबित हो गया आपके हम बरखास्तगी की मांग सुप्रीम को
18:59हमारा बड़ा इसपस्ट मानना है हम सरकार से कह रहे हैं हम राष्टपती जी से कह रहे हैं कि लोकतंत्र
19:04को अगर बचाना है तो लोकतंत्र को बचाने के लिए आपको कुछ असाधरन कदम उठाने पड़ेंगे और आज जो सुप्रीम
19:12कोट ने अपने observations दिये हैं आज जो सु
19:29आप specific observation कोट करिये ना कि जिसके वज़ेंगे दो अलग अलग आरोप है पहला आरोप तो यह है कि
19:36भाई वो जिस तरीके से चुनाव आयोग चला रहे हैं वो एक तरफा चुनाव आयोग चला रहे हैं उसमें जो
19:40बदलाव कर रहे हैं वो समिधानी कही है उन पर आरोप है ऐसा
19:43कौन सा observation है कि जिसके वज़े से आप सीधा उसको बीजेपी से जोड़ रहे हैं कि बीजेपी के वज़े
19:47से चुनाव आयोग बीजेपी चुनाव जीत रही है तो इन बदलावों के वज़े से observation के आदार पर दरा specific
19:52बताईएगा यह observation उनका उन्होंने इस first कह दिया ना कि let it be clear
19:57कि साब हमने फारम छे में किसी बदलाव की मंजूरी नहीं दी और उसी फारम छे के बदलाव होने की
20:03वज़े से यह उसमें एनेक्शर जमा करने की वज़े से यह उसमें एक additional farm लगाने की वज़े से लाखों
20:09मत दाता हैं मदान करने में वन्चित रहे गये
20:11नमबर एक नमबर दो उन्होंने जो नोटिस जारी किया है सुप्रीम कोर्ट ने कि भाई 16 लाख मतदाताओं को डिलीट
20:19करने का आदेश और उस कोर्ट में जो अपील करने की बात है वो किसके कहने से किये इसका भी
20:24आप बात कीजिए उसके बाद जो 14 पॉइंट्स इंडियन ए
20:41अभी तो दूद का दूद पानी का पानी होना पड़ेगा ना कम से कम चुनाव आयुकतों को जाके क्योंकि नोटिस
20:48तो सभी को दिया गया है ज्यानिश कुमार के पास भी नोटिस गया है सुपिंदर संदू को भी नोटिस गया
20:53है विवेक जोशी के पास भी नोटिस गया है
20:54उन सभी को आके इस बात का clear clarification देना होगा कि कब कब उन्होंने सवाल उठाएं
20:59कौन से ऐसे 14 फैसले हैं कि जिस पर सवाल उठाएं
21:02लेकिन उसके बावजूद भी त्यानिश कुबार ने directly सीधे सीधे वो फैसले लिये है
21:07लेकिन उसके बावजूद अजे अलोग सवाल अभी भी कायम रहता है
21:09क्या आपको नहीं लगता कि कम से कम अदालत के भीतर
21:12अदालत को जब लगने लगा है कि अगर ऐसी बात है तो हमने उसकी इजाज़त नहीं दी थी
21:17मई महिने तक कोई form number 6 के साथ जो documents मांगे जाते हैं
21:20या declaration उसके साथ जाता है उसमें 2-4 line गायब रहती है
21:24अब form 6 तब तक आप accept ही नहीं कर सकते जब तक आप declaration भरके नहीं दे दे
21:29यानि एक तरीके से वो annexure हो गया जो उसका part हो गया है
21:33यह भी तो कहीना कहीन तार्कीक बात रखने की कोचिश है
21:36सुप्रीम कोट ने यह भी कहा था कि जो statutory उसकी situation है
21:40उसको कहीना कहीन भी धका नहीं लगना चाहिए
21:43उँ प्रावधानों को धका नहीं लगना चाहिए
21:45यह बात भी उन्होंने कही थी उसमें
21:46अगर उसके अलावा आप बदलाव करेंगे तो हमसे आके पूछिएगा, उसके बिना बदलाव नहीं होगा
21:54सुप्रीम कोट ने ये कभी नहीं कहा था कि आप कोई बदलाव कीजिएगा तो आके पूछिएगा
21:58Supreme Court ने सीधा ये कहा था कि residual power of authority election commission के पास है और उसको लेकिन
22:03वो मनमाने तरीके से लागू नहीं कर सकती है ये consultative और affirmative के तरह लागू होना चाहिए जिसमें statutory
22:09प्रवज़ाओनों का बिल्कुल ख्या रखता हूँ
22:12मैं कोट करता हूँ Supreme Court का order से आपको मैं Supreme Court का order कोट करता हूँ
22:17The formulation of the documentation regime must thus reflect a calibrated balance in drawing from statutory framework मतलब statutory framework
22:25को धक्का नहीं लगना चाहिए
22:35ये बात उसमें साफ लिखी गई है याने आप statutory framework को धक्का नहीं लगा सकते है ये बात इसमें
22:44लिखी गई है कहीं नहीं
22:48एकदम statutory framework को कोई धक्का नहीं लगाया गया है यही बात तो election commission अब जवात के जरिये Supreme
22:54Court में देगा
22:54आपने शुरू में बड़ा चोटा से एक प्रशन पूछा था लेकिन बड़ा सटीक प्रशन था एक देखन में छोट लगे
23:00गाहो करद गंभीट वाला प्रशन था जिसको खा गए सुरेंदर भाईब बैटे बैटे आपने पूछा अगर चुनाए अगर Supreme Court
23:08चुनाए यह खा
23:41सब्सक्राइब करने की कोशिश तमाम सविधानिक संस्ताओं को कडगरे में खड़े करने की कोशिश आज कौकरोज जनता पाटी जो आफी
23:49का टूल किट है उसका रंका कहता है
23:50Chief Justice of India को दूर रहना चाहिए वो इनकी मिली भगत है प्रह यह ऐसा तो इनका हाल है
23:55इनके हिसाफ से नहीं आगए तो Supreme Court के खिलाव पहले भी यह प्रस नहीं पाट चुक्क है
23:58इरान तोरान पहुच रहे हैं थोड़ी देर बाद अर्जंटीना पहुच जाओगे थोड़ी देर बाद चिली पहुच जाओगे और धाना पहुच
24:16जाओगे
24:17मैंने कहा ना थोड़ी देर बाद चिली और धाना पहुच जाओगे
24:31जवाब सुन लिजे ना साहिल जी आफी का सवाब साइल जी बोली है जवाब दीजे
24:46सारे सुप्रीम कोर्ट के फैंसलों को माना है और हम हाथ जोड करके ससम्मान इस फैंसले को भी मानेंगे
24:54लेकिन आप इस चीज को बता दीजी अगर आपके फैंसला खिला पाया तो नरेंद्र मोदी को क्या आप कान पकड़
25:01करके
25:01देश के प्रधान मंत्री के पद से बरखास्त करवाएंगे हमारी मदद करेंगे बारती जनता पाल्ती कहेगी कि
25:08चोरिस किये हुए जना देश से नरेंद्र मोदी चुन करके आया है इसको बरखास्त करो हम तो मानेंगे
25:15अगर आप पहिंमत हो तो पहुमिशाग और नरेंद्र मोदी को परखास्त करेंगे
25:21जबेगे साहिल जी मौमद अमीन जी जड़ा इलेक्शन कमिशन को बीच में लाते हैं
25:27हाँ साहिल जी ठेक है आपका जो चैनल है मैं ज़रा फॉर्म नंबर 6 का मामला सुलजा लिजे पहले फॉर्म
25:38नंबर 6 के साथ जो एनेक्षर डी वाला हलफ नामा है उसको लेकर सुप्रीम कोट ने इसी साल 27 मई
25:45को कहा था कि चुनाव आयोक फॉर्म 6 के अलावा कुछ
25:48दोक्यमेंट्स मांगने का तारकिक प्रावधान कर सकता है ठीक है और इसी पर 13 राज्यों में SIR के प्रक्रिया हो
25:54गई लेकिन 13 जुलई को इस फॉर्म नंबर 6 के साथ जो एनेक्षर लगा है जिसके अलावा फॉर्म नंबर 6
26:01एक्सेप्ट ही नहीं हो रहा है इसी आइनेट में
26:03बदल किया गया उसके लिए उसका कोई गैजट नोटिफेकेशन नहीं है और बदलाव में आइडिशनल कॉलम्स उसके साथ जोड़े गए
26:09अब बताईएगा कि मही महीने तक एक डिस्कलिबर डिस्कलोजर के साथ में डिकलेरेशन के साथ में आप SIR की प्रक्रिया
26:17कर रहे है
26:17फॉर्म नंबर 6 के साथ में और 12 जुलई के साथ डिकलेरेशन में बदलाव करके आप उसी प्रक्रिया को कर
26:23रहे हैं और कह रहे हैं कि बिना डिकलेरेशन के फॉर्म नंबर 6 एक्सेप्ट नहीं होगा
26:27क्या ये सम्विधानिक है या नहीं है
26:31मैं साहिदी एक बात कहना चाहूँगा कि आपका प्रेस्टिजिस चैनल ने दुनिया देखती है
26:35कम से कुछ लोग अपने नशे में मुल्टी करते हैं जैसे हमारे लिए कहा गया या और लोग के लिए
26:41कहा जाता है
26:42उटीशी दिवाते चाटूकार तो खुद हैं वो लोग जो दूसरों को दूसरों चाटूकार बताते हैं नमबर एक
26:48नमबर एक मैं आप बताऊंगा कि जो आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है इस बात के लिए कि सीच को
26:54पहली बात तो आपने खुदी बता है कि
26:56सस्पेशन वाला खतम हो गया आपको आदेश नहीं दे सकते हैं उसकी बाद एसी आई को और आयुक्तों को जो
27:02है नोटिस जारी करके वही जब आप पूछे गए हैं जो आप बता रहे थे जो भी आपने आप फार्म
27:07सिक्स की बात की पहले ही मैं कहता रहा हूं कि फार्म सिक्
27:25कमिशन उसके लिए थी ट्रिटी और फार्म सिक्स इन तीनों के अंतरगत एलेक्शन कमिशन को समयदानिक अध्रकार है कि वह
27:33अपनी परकिरिया को पूरा करें पालन करें इसमें चेंजेज भी हो सकते हैं लेकिन अपनी अपनी वेरिफिकेशन लिस्ट कर सकते
27:39हैं अपने आ�
27:47एक ठәकित आपनी जी और अपनी दकार के हिंके उन्हों उन्होंने ठीकर किया इस बातको अपनी अपनी चेंजेज इसमे तरुद
28:00होना को याद हो गहां अपनी अपनी गए इसमें कि अगा आप इक आज की �원 अट
28:15स्वाल एक बार पर repeat करता हूँ मुहमद अमिन जी में स्पेसिटिक सवाल आपको एक बार पर repeat कर देता
28:21हूँ
28:21मैं specific सवाल repeat कर रहा हूँ declaration form आप ले सकते हैं सुप्रिम को नहीं यह कहा
28:26कहा कि statutory framework को धका मत लगाईएगा आप declaration मांग सकते हैं
28:43जुलाई को जुलाई महिने में आकर इसी साल में अचानक उस
28:46declaration form में दो points और add कर देते हो, दो columns उसमें
28:50और add हो जाते हैं, ठीक है, वो add होने के बाद अब ECINET में
28:55आप बदलाव कर देते हो, ECINET में आप क्या बदलाव करते हो, form
28:58नंबर 6 तब तक accept नहीं होगा, जब तक आप declaration form नहीं बरोगे,
29:01तो एक तरीके से वो part of the declaration, form नंबर 6 हो गया,
29:05declaration form, वो साथ महीं accept होगा, उसके बिना accept नहीं हो पाएगा,
29:09क्या ये समविधान को पकड़ के है या नहीं है, ये समविधान सम्मत है या नहीं है,
29:16ये अलग-अलग राज़ों में अलग-अलग rules क्यूं है, 13 नहीं है,
29:24इसी को मांगा है Supreme Court of India ने सारी चीजें, उसके बाद देखने के बाद उसका जो है,
29:29फैसला आएगा जो अभी तक अभी तक प्रियर नहीं हो पाया है उसी के आने के बाद ही सब चीज़ें
29:35बिस्तरा सूप से सामने आएगी चुकि सुप्रीम कोर्ट ऐसी पावर है यहां मारी सारी फाइले जाएंगी
29:46उसके बाद देखने के बाद मैं समझता हूँ कि सही नहीं है
30:06देखें क्या सही है क्या सही नहीं है इसका निड़ने तो सुप्रीम कोर्ट करेगा
30:10चुनाव आयोग अपने सब्धानिक अधिकारों के तहट तीनों चुनाव आयोग की सहमती से
30:15अपने रेज्डियल पावर ऑफ अथारिटी से कुछ एडिशन और कुछ सब्स्रैक्शन हमेशा कर सकता है
30:19ये सुप्रीम कोर्ट नहीं का है किसी और ने नहीं का है ये भी और्डर का पार्ट है
30:23तो अब अब बेता रहे मैं तो यही कह रहा हूँ कि अब सारी फाइल्स और सारी माइनियूट
30:28मिनिट्स अब दे मीटिंग टोटल ची सुप्रीम कोट के पास जाए
30:30और या अचिका अगर खारीज होगी तो राहूल गैंडी जी को इटली भेज़ देगी कॉंग्रस पार्टी
30:35हम माफी माँगेगी एक मीने से जो ड्रामा कर रही है
30:37कि देश के सब्सक्राइब को और तड़ी पार को अभी तक क्योंकि आपका ट्राक रिकोर्ड एसाइड है ना
30:50गुजराद दंगे से प्रिम कोट में गया शांती अजरा बटका ये गमार्ट में गया उसके बाद शांती रफेल के बाद
30:57हर चाली दोनों को शांता है
31:01हम टेंपरेचर इलेक्शन कमिशन पर रखते हैं एक दूसरे पर नहीं करेंगे और एक दूसरी के नेता के बारे में
31:05मैं कई बार कह चुका हूँ कि जरा भाई उनको इस तरीके से बोलने का कोई मतलब नहीं है तो
31:09दोनों पार्टियों से मेरी गुजारिश है कि हम मुद्दे
31:13पर रहे और उसी बुद्दे पर हम बात करें मुद्द अमिन जी आशुतो श्रिवास्तव और आशुतो जी के पास जाने
31:18से पहले जल्दी से आपसे एक प्रतिक्रिया और एक चाहिए क्योंकि आप चुनाव आयोग यह कह रहा है कि हम
31:22एक स्पेशल ड्राइव करवाएंगे �
31:24है और उन सारी जगे पर जाएंगे जिन वोटर्स को बाहर निकाला गिया है जिनको डिलीट किया गया है अब
31:29यहाँ पर इस्वाई कुरेशी कह रहे हैं कि भाई जो डिलीटेट वोटर्स हैं उनसे अप फ़म नंबर 6 भरवा ही
31:34नहीं से थक्नेट को या यह सही है
31:43Special Intensive Revision के बाद एक और एक Special Drive
31:49नहीं, Farm No. 6 जो है, वो Farm No. 6 भरा जाएगा उन Fresh Waters के लिए होता है, रेजिस्टेशन
31:55के लिए
31:56जिसमें लिखा जाता है कि मैं भारत का नादर के और मेरा कहीं भी भारत के निर्वाचन निर्वाचन नियमावली में
32:02कहीं हमारा अंकित नहीं है
32:04यह declaration होता है, और जहां तक सवाले revision का, वो देखा जाएगा कि किसकी गलती से हुआ है, यह
32:10computer की गलती से हुआ है, यह हमारे BLC की गलती से हुआ है
32:15मतलब पहले आप delete करोगे, और उसके बाद आप कहोगे कि हम दोबारा उनको add करना चाहते है, क्या इसलिए
32:26आशितो श्रिवास्तव जी, क्या इसलिए जब उजवल भुया यह बयान देते है, सुप्रिम कोट के setting justice, कि लाको नागरिकों
32:35को वोट का अधिकार छीनने वाली को�
32:42सकती है, यह बयान भी बड़ा दिल्चस्प है, वो इस बेंच में नहीं है, जो बेंच यह पूरे मामली की
32:51सुनवाई कर रही है, यह किसी का भी अपना अधिक है, जहां तक सुप्रिम कोट का सवाल है, जो आज
32:59जो हुआ है, उस पे अगर हम बात करें, तो जैसे कहा जा रहा
33:02कि सुप्रिम कोट ने नोटिस इशू किया, और जो मांगा गया था कि उनको जो है, इलेक्शन कमिशन को जो
33:08है, डिस्मिस किया जाए, रिमूव किया जाए, तो मैं बता दूँ पहले तो, कि ऐसा कोई पावर कोट के पास
33:14नहीं है, यह एक एक कॉंसिटूशनल पोजिशन है,
33:17और कॉंसिटूशनल पोजिशन का रिमूवल जो है, वो सिर्फ प्रेजिटमेंट आफ इंडिया कर सकते हैं, और वो भी जो पार्लियामेंटरी
33:23जो प्रोसेस है, जो इंपीच्मिशन का जैसे इस मामले में हम देखे हैं, तो आर्टिकल 3.24, उसका जो 5
33:29है, उसमें जो है पू
33:47पॉसिबिली नहीं है, अब रहा बात कि सुप्रीम कोट क्या करने वाला है, तो सुप्रीम कोट जो है, एक्जामिंग करने
33:54वाला है कि जो पावर्स दिये गए हैं एलेक्शन कमिशन को, क्योंकि देखे सेपरेशन ओफ पावर है इंडिया में, या
34:00कोई भी डेमोकरिसी में, �
34:01तो सेपरेशन ओफ पावर में क्या होता है कि जुडिशियरी को अपना पावर है, लेजिसलेचर को अपना पावर है, एक्जिक्यूटिव
34:07को अपना पावर है, तो एलेक्शन कमिशन को ये जो है कॉन्सिचूशन में इस तरह से रखा गया है कि
34:13वो एक इंडिपेंडेंट ब
34:31कि अगर एक तरफा फैस्टे लिए गया है,
34:33फॉर्म नंबर चे के डिकलेरेशन में 12 जुलई से अचानक बदलाव किया गया है,
34:37जो लाखो करोडो बतदाता निकाले गए,
34:40जस्तिस भुईयां यहां पर कहने की कोशिश करने कि भाई फैसला कभी सही नहीं हो सकता,
34:44मैं सेटिंग जस्टिस कह रहे हैं उस बात को लेकर,
34:47मैं उसी पे आ रहा हूँ, मैं उसी पे आ रहा हूँ,
34:50अब यह जो फैसले 324 में जो दिये गए हैं जो पावर,
34:53अब यह सवाल उटता है कि सुप्रीम कोट को यह देखना है कि क्या इस पावर का सही इस्तमाल हुआ
34:58है या नहीं हुआ है,
34:59या इसको एकसीड किया गया है इस पावर को,
35:01अब देखें, जो साथ में अगर हम इलेक्टार रूल्स देखें,
35:051960 का तो अब Supreme Court को
35:08examine करना है कि क्या इसका
35:10violation हुआ है कि नहीं हुआ है
35:12क्योंकि 324 certain powers
35:14लेता है लेकिन जो form 6
35:16में जो amendment के लिए जो
35:18elector rules है हमारा 1960 उस समय
35:20ऐसा कोई provision नहीं था अब सवाल
35:22है कि अगर कोई rule election
35:24commission बनाता है तो उसके
35:26लिए जो हमारा कानून जो अभी
35:28नया बना था उसमें
35:30जो appointment of election commissioner
35:32act है जो 2023 में
35:34उसमें section 18 में ये
35:35कहा गया था कि जो एक चीफ
35:37election commission होगा और दूसरे
35:39दो election commissions होंगे और ये
35:41दोनों ये जो कोई भी अगर
35:43फैसला किया जाएगा तो कम से कम दो की
35:45सहमती होनी चाहिए यानि majority से फैसला
35:47दिया जाएगा अब सवाल ये उठता है
35:50कि जो भी भात उसकी नहीं है
35:51ये तो प्रक्रिया सबकों पता है अभी
35:54नहीं नहीं लेकिना आशेतोश जी
35:56सवाल उस बात का नहीं है
35:57सवाल ये है कि उसके बावदूद
35:59सुप्रिम कोट यहां पर पूछने की कोशिश कर रहा है
36:02भाई कैसे आपने फैसला लिया
36:03हमने तो इसकी इजाज़त नहीं दी थी
36:06इलेक्शन कमिशन प्रेस रिलीज निकाल के
36:07कहता है कि हम ये इसमें बदलाव करना चाह रहे है
36:10कुछ ना कुछ तो छुप रहा है न इसमें
36:12इसलिए तो सुप्रिम कोट के सामने गये लोग
36:14इसलिए उपर्चुनिटी दिया गया है एलेक्शन कमिशन को
36:17नोटिस दुआरा कि आप बताईए कि आपने ये फैसले
36:20जो है यूनिलैक्टरल लिये है या यूनियानिमस लिये है
36:24आपने सहमती जलिए गी नहीं है इसलिए जो क्या जवाब देगा
36:27अफिड़िट के तोर पर क्योंकि तीनों इलेक्शन कमिश्टर्स के
36:44ये नोटिस बेजी गई है लेकिन उसके बावजूद हमने देखा कि चुनाव आयोग ने अचानक प्रेस लिज निकाल करका कि
36:50अब इसके आगया मीटिंग्स
36:51मिनिट्स ऑफ दा मीटिंग्स रखेंगे अजेंडा शेर करेंगे
36:54इसी आइनिट की जो प्रक्रिया है उसकी जाच करेंगे उसका रिव्यू किया जाएगा अब सारे बदलाव उन्होंने करना बोलना शुरू
37:01कर दिया उसमें ये बदलाव देखते हुए आपको क्या लगते है एक प्रेंट
37:10साहिल मैं तथ्यों के आधार में बात करता हूँ मैं तो रेटरिक्स में बात करता रही हूँ
37:1526 तारीक को पिछले महीने 26 तारीक को चुनाव आयो का एक प्रेस्रिलीज है उसमें पहले पहले पराग्राफ का साफ
37:26तर लिखावा
37:27टेकलारेशन अटाइस्टो फर्म 6 थे अपहलेशन प्रेंट इस रा मुणस्ट की आप हीज़ा नहीं किया तो अपहलेशन प्रेंट को आप
37:56आज शुप्रिम कोट ने कहा
37:57इस बात को मान रहा है कि SIR Form 6 में बदलाव किये गए, इसलिए वो कह रहे है किसने
38:03बदलाव किया मुझे ये बताईए, और इसके सासा तो कह रहे है हमने इस बारे में कोई मिन्सूरी नहीं दी,
38:08अगर उसके बावजूद भी, अगर कोई इसको डिफेंड करने की कोशिश कर रह
38:13है, अब मैं आपको बता दू, चलिए आप जो ऐसे संधू ने, जो विवेक जोशी ने 16 माई को, जो
38:22अपना लिखा हुआ है, साफ तोर पे लिखा हुआ है,
38:34फिर वो आगे लिखते हैं, कि इसके लिए अगर कोई बदलाव करना है, तो फिर इसे हमें सरकार के पास
38:40भेजना पड़ेगा,
38:4213 अगस्त को ऐसे संधू साफ तोर पर कहते हैं कि हम ने और जोशी जी ने जो फॉर्म 6
38:48को लेके बदलाव के बारे में अपनी ठिपड़िया
38:50अबजेक्शन किये थे, उसमें अभी तक बदलाव नहीं हुआ है, अब चुनाव आयोग के दो चुनाव आयोग यारी वो गलत
38:59बात कह रहे हैं, सुप्रीम कोल के चीप जस्टिस भी गलत बात कह रहे हैं, प्रेस रिली जो निकाली गे
39:03वो बिल्कुल सही है, बात बोल रहे ह
39:06जो रिपोर्ट में, इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट में जो जो बाते आई हुई है, या तो उन्हें अफिडेविट पर वो
39:13एकसेप्ट करनी होगी, क्योंकि अब तक तो चुनाव आयोग ने इस पर कुछ नहीं का है, या तो उन्हें कहना
39:18पड़ेगा कि जो रिपोर्
39:31आपने आपने, दो बैज तीन लोग हैं, दो कह रहे हम इससे सहमत नहीं है, तो वो इल्लीगल फैसला है,
39:38और अर्बिट्रेरी तरीके से ग्यानिश कुमार जी ने इसको किया है, दूसरी बास सुप्रिम कोट के आज इस टिपड़ी के
39:44बाद से बिलकुल इस पस्ट है, कि ये
39:46कंटम्ट अफ कोट का मामला है, आपने सुप्रिम कोट का नाम लेके उसको जस्टिफाई करने की कोशिश की है, अगर
39:53इसके बाद भी कोई ठितरही करता तो मुझे कुछ नहीं कहना है इस बारे में, अगर इसके बाद भी जस्टिफाई
39:58कर गया है, तो फिर समाद ख़ना हो�
40:12जुलई को जो बदलाव किये गए, वो आखिरकार क्यों बदलाव किये गए थे, और जो 14 बार जो कहा गया
40:18है, इंडिन एक्सपेस के रिपोर्ट में, कि इन दो चुनाव आयुक्तों ने कई सवाल उठाए थे, कई फैसलों पर, क्या
40:26वो सच्पुछ में सवाल उठाए गए �
40:28जो फैसले लिए गए, उसके लिए क्या मीटिंग हुई, मिनिट्स ओफ दे मीटिंग कहा है, क्योंकि उस दिन के प्रेस
40:33रिलीज में, चुनाव आयो खुद ही कहता है, कि इसके आगे अजेंडा भी शेयर किया जाएगा, मिनिट्स ओफ दा मीटिंग
40:38भी किया जाएंगा, अ�
40:51अश्तोजी ठेथरई उसको कहते हैं, कि अंकन्डिशनल एपॉलजी सुप्रीम कोट पर मांग मांग के लोग ठेथरई करते हैं, उसके बावजूद
40:57भी यही सब काम करते हैं, कि बाद में फिर सिले एपॉलजी माँगने पड़े, ठेथरई उसको कहते हैं, आप जो
41:02बात कहे र
41:41कौन से फैसले थे जो उनको पूछे बिना लिये गए, जो जिस तरीके से रिपोर्ट में का गया है
41:47और उसके साथ-साथ ज्यानेश कुमार को भी इस बारे में जानकारी रखनी होगी सुप्रिम कोट के सामने कि आखिरकार
41:53फॉर्म नंबर 6 में अगर बदलाव किये गए हैं तो वो क्यों किये गए हैं
42:10वो आखिरकार क्यों किया जाने वाला है और सुप्रिम कोट के इस लोटिस के पहले चुनाव आयोग आकर ये क्यों
42:17कहता है कि इसके आगे जो भी मीटिंग्स चुनाव आयोग तो की होगी उसका मिनिट्स ऑफ दा मीटिंग भी रखा
42:22जाएगा और उसके साथ-साथ अजेंडा �
42:23भी शेयर किया जाएगा लोगों के सामने ये बात आना जरूरी है चलिए फिला लेंगे एक ब्रेक ब्रेक के बाद
42:28भी खबरे जारी रही है आप देखते रही है आज ता

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