00:00और रुक करते हैं इस वक्त आ रही एक और बड़ी ख़बर का बात मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सुप्रीम
00:05कोर्ट में सुनवाई की सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है
00:10लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन की मांग को खारेच कर दिया गया है
00:14कोट ने कहा न्यूस रुपोर्ट के आधार पर वो आदेश नहीं दे सकते हैं
00:19इस वक्त उन्होंने एक नोटिस जारी कर दिया है और इलेक्शन कमिशन से जवाब मांगा है
00:23मामला दरसल उस याचिका का था जिसमें ये आरुप लगाये थे
00:28कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कुछ ऐसे फैसरे लिए जो उन्होंने अकेले लिए
00:32और उसमें सहमती नहीं बनाई गई थी
00:35ऐसे में ये मांग की गई थी कि उनको निलंबित किया जाए उनके पद से
00:53और नोटिस जारी कर क्या मांग क्या पूछा गया है नोटिस जब भी जारी होता है तो अदालत याचिका में
01:03उठाए गए सवालों पर जवाब चाहती है जिसमें केंदर सरकार और
01:06निर्वाचन मुखिन निर्वाचन आयोक्त सहीत साथ पेटिशन रिस्पंडेंट्स हैं जिन से जवाब मांगा गया है लेकिन सबसे बड़ी बात यह
01:14है कि जो सीनियर एडवोकेट विकास सिंग ने जो सवाल उठाए थे उन्होंने ये कहा था कि जो मूल जन
01:20प्रतिनिदित �
01:20अधिनियम है जिसके तहट ये सारी चीजें संचालित होती हैं उसमें संशोधन करके सरकार ने मुखिन निर्वाचन आयोक्त को ऐसा
01:28कबच प्रदान किया है जो प्रदान मंतरी और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जजेज को भी नहीं है रिटार्मेंट के
01:33बाद भी उनके �
01:34खिलाब आपराधिक मामलों पर उनके द्वारा किये गए अपने पद के समय किये गए फैसलों पर कोई मुकदमा नहीं चलाया
01:40जा सकता है तो ये कहा गया कि ये बहुत ऐसा सर्वशक्तिशाली देश में बना दिया गया मुकिन निर्वाचन आयोक्तों
01:47ये कतई उचित नहीं
01:48हैं और इनके नियुकति को लेकर भी जो सुप्रिम कोट ने 2023 में निरணंए दिया था वो बिलकुल सही था
01:57और वो बैलंसिंग था जिसमें निता परतिपक्ष और प्रधान मंत्री के साथ वो बैलंसिंग पावर थे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
02:06लेकिन भारत सरकार ने उस �
02:08आदेश में बदलाव करके जो कानून में संशोधन किया है उसमें उन्होंने CGI को बाहर कर दिया है और प्रधान
02:15मंत्री के और से नियुक्त एक मंत्री को उसमें जगए दी है चायन समीती में ये कताई उचित नहीं है
02:21ये शक्तियों का दुरूपयोग है और जिस तरह से कानू
02:25कहता है कि युनेनिमस यानि सर्वसम्मत फैसले लिए जाने चाहिए निर्वाचा नायोग में लेकिन फिलहाल अभी की न्यूज रिपोर्ट्स में
02:32देखा गया है जो न्यूज रिपोर्ट्स से खुलासा हुआ है उसमें ये बताया गया है कि मैजोरिटी के बावजूद दो
02:52सरकार ने बनाया क्योंकि वो तो अल्रेडी चलेंज है सुप्रिम कोट ने भी कहा कि हां वो अभी हमारे पास
02:57विचारा धीन है लेकिन कोट ने उनकी जो मुख्य मांग थी कि फिलहाल मुख्य निर्वाचन आयोग तो ग्यानेश कुमार को
03:04निलंबित करने का आदेश कोट दे
03:06कोट ने वो आदेश नहीं दिया है कोट ने फिलहाल नोटिस जारी किया है और जब नोटिस पर सभी पक्षकारों
03:11का जवाब आएगा उसके बाद कोट आगे कि दशा और दिशा तैह करेगी
03:15जी बिल्कुल इसमें एहम ये भी हो जाता है संजे की अब जब इलेक्शन कमिशन चुनाव आयो को ये जवाब
03:23देना पड़ेगा कि अब तक जो फैसले लिए गए वो क्या सर्वसमती से हुए या नहीं हुए
03:28ऐसे में सारवजनिक तो हर अब ये इंफूमेशन ये जानकारी जब कि अदालत के सामने रखी जाएगी तो इसका आकसस
03:35सब को मिल जाएगा
03:41ऐसा नहीं है कि अक्सेस सब को मिल जाएगा अदालत चाहे तो गोपने फाइले मंगा सकती है
03:46मंगा कर देख कर अपनी संतुष्टि कर सकती है और अदालत को अगर लगता है कि गोपने फाइलों से भी
03:51ये खुलासा होता है
03:52जो मीडिया रिपोर्ट्स में आया है तो फिर अदालत उस पर आदेश भी पारित कर सकती है अदालत ने कहा
03:57कि एक बार अगर गलती खामी मिलती है तो अदालत किसी भी आदेश को पूरनता कि उसमें रद भी कर
04:04सकती है
04:05तो इससे बहुत सारी चीजें बताता है बिट्वीन दे लाइन्स पढ़ें तो उसमें ये है कि अब तक के सारे
04:11फैसले भी पल्टे जा सकते हैं तो ये बहुत गूढ़ वाकिय है और ये निर्भर करेगा कि जब पक्षकार यानि
04:19जिनको नोटिस जारी गया नोटिस हुआ है व
04:33उनकी नियुक्ति को जब चुनोती दी गई जिसमें मुख्य नियाधिश महुदे को महां से बाहर किया उसके बाद उससे पहले
04:43जो नियुक्ति हुई वो गोपनिये फाइलें कोट ने मंगाई थी उनकी नियुक्ति की जब ये कहा गया कि एक रात
04:49में ही वो उनके रिटायर ह
04:53पी आया उसी समय नाम फाइनल हो गया और दो दिन के अंदर उन्हें शपत भी दिल मतलब उनका जॉइनिंग
04:57भी करा दी गई तो इस पर कोट ने कहा था कि बिजली की तेजी से सरकार को चलने की
05:02जरूरत क्या थी क्या आपके पास कोई प्रक्रिया है निरवाचन आयुक्तों को
05:06तैय करने के लिए चुनने के लिए सरकार ने कहा नहीं हम तो पूल में से तैय करते हैं इस
05:11पर कोट ने व्यवस्था दी कि एक व्यवस्था अंतरिम व्यवस्था होगी जब तक उस पर कानून नहीं बनता है और
05:17कानून बना तो उसे फिर चैलेंज कर दिया गया वो सुप्र
05:21या सन्जेस पुरी जनकादी