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  • 14 hours ago
लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर, लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा पानी

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00:00प्राजानी लखाओं में गुंतेंगी का लगता जलिस्थर बढ़ गया है और आज हम मौजूद हैं पताल पूरी लेटे हुए हन्मान
00:06जी वंदिर पे जहां पे आप देख सकते हैं कि अभी अजल सरित्मा बढ़ गया है कि आप जो लेटे
00:12हुए हन्मान जी हैं वहां के प्रा�
00:28पंडी जी आप क्या पूर्णा चाहते हैं किते विन से यह सब पानी आपे आया तक पहुँच जाएगा गोजी कितने
00:50साल बाद यह ऐसी इस कि आपको देखने को मिलीं
01:06मंदिर में पानी आ चुका है, मा गोंती मा श्री अनिमान जी के चरणों तक पहुँच चुकी है
01:13और शीग रिस्नान कराने वाली है
01:15इस सिती तो वैसे देखा जाए तो भयावा है
01:182006 साथ के बाद ये सिती आई है जब इतना जलिस्तर बड़ा है
01:24परन्तो मानिवी दुष्टी कोण से ये बड़ा दुखत है
01:28क्योंकि लखनों के आप 20 से 25 प्रतिशताबादी प्रभावित हो गई है
01:31जो डाउन स्ट्रीम में रह रही है
01:33यहाँ पर फेजुला गंज है और घैला है
01:37इस सब इलाके पूर रहें से डूब रहें
01:39और सबसे आश्यर की बात है कि निरंतर लगातार जलिस्तर बढ़ी रहा है
01:44जबकि आज बारिश को रुके हुए लगबग लगबग 6 दिन हो चुके है
01:48परन्तु 6 दिन से लगातार 1 से 1.5 फूट माता जी आगे बढ़ती आ रही है
01:55जब हमने यहाँ पर रामकता चली जब रामकता का पंडाल सज रहा था
01:59तो पंडाल से करीबन 15 फूट दूर थी और आज पंडाल के अंदर माता प्रवेश कर चुकी है
02:07तो इस्तिती तो भयावे है परन्तु यह विनाश लीला कहीं न कहीं हम सब के कारणी है
02:14हम लोगों ने जो प्रकृति और संसादनों का दोहन किया है
02:19प्रकृति के विशे प्रकृति से संबंदित प्रेम नहीं रखा
02:23पेड़ काटते चले गए और असंतुलन ले आए हैं
02:27आज उसी का फल है निरंतर ना जाने कितने संगटन मागोमती को सुच करने का प्रयास कर रहे है
02:35परन्तो हम सब निरंतर लखनो वासी इसके उपर ध्यान में देते
02:39पनी फेकते हैं गंदगी फेकते हैं खुडा फेकते हैं सरकार इस तर पर भी इस पर ध्यान होना चाहिए
02:45अब यहान चल रहे हैं कि मागोमती को सुच करो परन्तो यहां पर 27-32 नाले हैं जो मागोमती में
02:51हैं
02:52तो माता भी अपने आपको स्वच्च करने के लिए आज विशाल जल प्रवाह लेके आई हैं कि जिससे जितनी भी
02:58गंदिगी ऐसा भाग जाए तो देंशितों हमी कुछ हिलना पड़ेगा
03:02मंदिर गरग्रह में पानी आ चुका है परंतु पूजन नियमित अभी मंदिर गरग्रह में ही चल रही है क्योंकि घुटनों
03:13के नीचे पानी है
03:15ट्रस्ट की मीटिंग हुई थी जिसमें निर्णय हुआ है कि जब जल इस्तर बढ़ेगा बहुत अधिक तो मंदिर के बहार
03:22से हनवान जी की पूजा नर्चन किये जाएगी और तब हम लोग जैसे पूरवत भी हनवान जी के उपर एक
03:29चादर जो उनकी लाल होती है वो रख �
03:36किया जाता है क्योंकि कहा जाता है कि विश्राम विबहर हनवान जी हैं माता गोंती के अंदर अगर चले जाएंगे
03:43तो विश्राम वस्ता में तो उस समय हम लोग उनके पास जाके उनको नर्धी टरोब नहीं करते हैं
03:50तो बाकी हन्वान जी की लीला, माता गुमती की लीला, जो होगा सब शिरोधारे हैं.
04:04जी बिलकुल होता है. पहले तो मैं आपको बता रहा हूँ कि सन 56 से और लगबग लगबग सन 83
04:12-84 तक लगातार प्रतेक वर्ष मा गुमती सनान कराती जी.
04:17उसके बाद चुकि जब से ये बंधा बना प्लस इस नदी की मुख जल श्रोध हटा दिया गया तो इसको
04:24बाड़ गोशित की शिर्णी से हटा दिया गया इस नदी को.
04:30उसके बाद से जल स्तर उत्ता नहीं बढ़ा फिर कालांतर में एक सरकार आई जिसने और सर्वनाश कर दिया इसका
04:38रिवर्फरेंट बनाके.
04:40नदी की धारा को अवमुक्त रखना चाहिए. बांधना गलत है. बांधने का अर्थक को देखें, जो भी प्राकरतिक श्रोत हैं,
04:50उनको आप बांधेंगे, तो कहीं न कहीं प्रलय होगा.
04:53जिस तरीके से बांध हम बनाते हैं, तो एक तरीके से जो नदियों की धारा को हम रोकते हैं, परन्तो
05:00उसका उपियोग विजली उटवादन के लिए होता है, या किसी ऐसी चीज़ के लिए होता है कि वो प्रपात के
05:07रूप में ना जया. परन्तो वहीं बांध अगर तूट �
05:09जाता है तो सर्वनाश कर देता है उसी तरह से जो पूरवर्ति सरकार ने किया आज उसके कारण जो साइड
05:18की सिल्ट है जो साइड की मट्टी है वो सब हट गई है पेर पौदे जो पहले हुआ करते थे
05:24वो सब भचे नहीं तो विकास के नाम पे विनाश का ये जो दौर चला कह
05:29कहीं ना कहीं उसका भी प्रभाव है और हम सब का भी पाप है जो मागोंती आज इस प्रभाव के
05:36रूप में है लगाओ से अनके हुशा की रिपोर्ट आज तर्थ

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