00:15समाज वाली पार्टी ने पहले भी कहा फिर कहता हूं
00:21जीत ही आधार है जीत ही सीट का आधार है
00:41स्यादों का यह भी आधार है जब यूपी ने समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस के बीच सीटों पर मतभेद खुल कर
00:48सामने आ गया
00:49समाजवादी पार्टी के मुख्या का यह भी आधा यूपी में 2027 की सियासी पठकथा का पहला अध्याय माना जा रहा
00:55है
00:55सोशल मीडिया पर अखलेश रादव ने कॉंग्रेस के लिए गंजाईश का कोना भी छोड़ रखा है
01:01उन्होंने एक्स पर लिखा
01:04मकसद जब साफ हो तो हाथ में हाथ होता है
01:07निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है
01:09बात बड़ी ये नहीं कि गडबंधन में कितनी सीटे या कौन सी सीटे किसके पास जा रही है
01:14बात बड़ी है कि हम सब को ये सुनिश्यत करना है कि जीत गडबंधन की हो
01:19फिर दोहराते हैं बात सीट की नहीं जीत की है
01:23यूपी की राजनीती में सीट सिर्फ एक नंबर नहीं होती
01:26एक सीट मतलब संगठन, एक सीट मतलब भूमिद्वार, एक सीट मतलब वोट बैंक और सबसे बढ़कर
01:33एक सीट मतलब गटबंधन के भीतर राजनीतिक हैसियत
01:37इसलिए जब बात यूपी विधान सभा चुनाव से पहले इंडिया गटबंधन में सीट बटवारे को लेकर तलखी पर आई, तो
01:43बीजे की तूट पड़ी
01:46अखिली से आदो लगातार अपने एक एक कदम से कॉंग्रेस पार्टी को उसके हैसियत बताने का काम कर रहे हैं
01:50पहले राइबरली से यात्रा की सुरुवात करते हैं, फिर राजजबा के सदर से घुचित करते समय कॉंग्रेस पार्टी को हैसियत
01:57दिखाने का काम करते हैं
01:58और आब सोशल मीडिया से हमला बोल रहे हैं
02:01हैसियाद बता रहा है कि कॉंग्रेस पार्टी के उत्तरप्रदिस में हैसियाद सीट जीतने की जितनी है उतनी ही डिवांड करें
02:07और कॉंग्रेस लगातार डेड़ सो सीट, दो सो सीट की डिवांड कर रही है
02:10पता चल रहा है कि इस गड़बंधन में कितना एहंकार है कोई वैचारिक सामेता नहीं है और इसलिए इस गड़बंधन
02:16में गाठे बढ़ पाना पहुत मुस्किल होता हुआ दिख रहा है
02:19यह गड़बंधन स्वार्थ के आधार पर है, कोई वैचारिक साम्मेता नहीं है, इसलिए इस गड़बंधन की दुर्गती है.
02:25जब बीजेपी ने इंडिया गड़बंधन में सीट बटवारे को लेकर तलखी पर हाथ रख दिया, तो समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस
02:31के इंडिये के बीच बड़े कील काटे को उभार कर बीजेपी पर पलटपार किया।
02:56कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, ये श्री राहूल गांधी जी, श्री अखलेशादो जी और श्री मलिकार जुन खड़गे साब तय
03:03करेंगे। इसमें तो ये तो एक अच्छा बयान है श्री अखलेशादो जी।
03:33कील कितनी सीटों पर लड़ेगा, ये श्री जी जी श्री जनता पार्टी को इंडिया गडबंधन सत्ता से बेदखल करेगा।
03:55फिर आया 2022 का यूपी जिधान सभा चुनाओ। इस बार समाजवाधी पार्टी और कॉंग्रेस अलग अलग मैदान में थे।
04:02समाजवाधी पार्टी ने 347 सीटों पर चुनाओ लड़ा और 111 जी ती।
04:06कॉंग्रेस ने भी लगभग पूरे प्रदेश में चुनाओ लड़ा लेकिन उसके खाते में आई सिर्फ दो सीटें।
04:10यानि आकड़े सवाल छोड़ गए। इन आकड़ों में नया मोड 2024 लोगसभा के चुनाओ में देखने को मिला।
04:162024 लोगसभा में समाजवाधी पार्टी असी में से 37 सीटे जी ती।
04:20वही कॉंग्रेस को 6 सीटों पर काम्याभी मिली।
04:22सीटों के इसी खेल के जरिये समाजवाधी पार्टी और कॉंग्रेस के अपने अपने धावे हैं।
04:50के बिच बैठके लेकिन मैं आपको बता रहा हूं मेरी तेयरी 403 सीट पर चल रही है रात दिन काम
04:55चल रहा है।
04:57मैं यह कहता हूं उनको 50 सीट देना भी बहुत बड़ी बात होगी।
05:01उनको देखना चाहिए। दो तुम्हारे विधायक हैं पिछली बार तुमने लड़के देख लिए क्या इसे तुम्हें सबक नहीं मिलता है।
05:07अगर हमारे साथ गठ बंधन न होता तो उनके जो 6 सांसर जीते हैं एकों न जीते हैं।
05:12और मैं आप फिर बता रहा हूं मुझे अच्छे से पता है कि राहूल गांधी भी यहां चुनाव लड़ने से
05:20डर रहे थे हैं।
05:21तो छोड़ी दिया था। राय बरेली जब अखिलेश यादों के समझाने पर हमारे राश्य देश जी के समझाने पर गए
05:27हैं तब उन्होंने परचा भराव जब उन्होंने कह दिया अगर आप नहीं करेंगे तो मैं अपना केंडिडेट घुसित करता हूं।
05:34ऐसा नहीं है कि सीटों की ये लड़ाई इंडिया गडबंधन के बीच में ही है। यूपी में अंडिये में भी
05:39सीटों की दावेदारी शुरू हो चुकी है।
05:41आरेलडी, निशाद पार्टी, अपना दल और S.B.S.P. जैसे सहयोगी अपनी अपनी राजनीतिक जमीन के हिसाब से हिस्सेदारी
05:47चाहते हैं।
05:48यानि यूपी में दोनों गडबंधनों के सामने एक ही सवाल है कि साथ ही कितने मजबूत हैं और उनकी कीमत
05:54कितनी हैं।
05:55फिलाल तो बिजेपी इंडिये से लड़ने से पहले समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस की आपसी खीजतान सबसे बड़ी चुनावती बन गया
06:01है।
06:01क्या खलेश का ताजा बयान इस विवाद को खत्म कर पाएगा।
06:05आज तक बेरो