00:00तो सबसे पहले बिहार की बात कर लेते हैं, नेपाल के भीतर से जो लगातार पानी आ रहा है, कई
00:04जिलों में बाट से बुरी तरह से प्रभाबित कर रहा है, और कई जिले तो ऐसे भी हैं, जहां तीन
00:09तीन बार बार आ चुकी है, कहीं पानी उतर रहा है, लेकिन कई जगा ऐसा
00:13है कि उतरता हुआ पानी भी कहर बर पा रहा है हजारों लोग बेघर है कई एकर फसले बरबाद हो
00:20चुकी है इस पूरी रिपोर्ट को देखिया
00:22अक्टूबर का महीना लग चुका है लेकिन बिहार के कई जिले अभी भी पाट से जूझ रहे हैं कई गाम
00:28अभी भी कटे हुए हैं लोगों की फसलें बरबाद है घर डूबे हुए हैं बहुत ज्यादा नुकसान हो चुका है
00:34ये बेघूस राय है जहां तीसरी बार गंगा न�
00:50के दरजनों गाम में पानी प्रवेश कर गया है सडकों पर घुटनों से ज्यादा पानी घर गया लोगों के घरों
00:57में पानी घुस गया ये मट्यानी प्रखंड के पुरमपुर्चित्रोर और चाक गाम का हाल है लोगों को आने जाने में
01:05कई किलोमीटर सडकों पर पानी में �
01:07चलना पड़ रहा है पानी कम है तो नाव भी नहीं चल पा रहे हैं क्योंकि पानी इतना कम है
01:12कि नाव का परिचालन भी नहीं हो सकता है
01:14वहीं बांध किनारे बसे दरजनों घर के अंदर तीन चार फीट तक पानी लग गया है
01:20संबादाता सौरब कुमार ने छितरोर और खोरंपूर गाम का जाइजा लिया जहां आप देख सकते हैं कि सडकों पर पानी
01:26है लोग पानी के बीच आ जा रहे हैं
01:29अमूमन अक्टूबर वह में गंगा का जलस्तर इतना नहीं बढ़ता था कि बाढ़ की स्थिति उत्पन हो जाए
01:35लेकिन इस गाउं में तीसरी बार गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी सरकों पर आया है
02:08बेगूस राय में ये बढ़ा हुआ पानी लोगों की चान पर भारी पड़ रहा है
02:12यहां गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है
02:15इसी दोरान सडक पार करते हुए साइकिल सवार चाचा भतीजा पानी में डूब गए जिससे दोनों की मौध हो गए
02:21पहले चाचा डूबा जिसे बचाने की भतीजे ने कोशिश की लेकिन वो भी इसमें डूब गए और दोनों की मौध
02:27हो गए
02:27ये घटना साहेपूर कमाल के चेच्या ही बांध की है
02:31स्थानिये लोगों की मदद के बार वहां से दोनों का शव बरामत किया गया है
02:36बताया है जा रहाता है साइकिल से एक डूब लड़कार चाचा डूब रहा था ये गया कुझ खे बचाने खेरा
02:43मेरी चल गया
02:43पता नहीं चल पाया आगे चर्निंग था चर्निंग उसको पता नहीं चला और पानी में भस गया बसने के दर्वियान
02:51ये दोनों का दोनों डुब गया
02:56इधर मुजफरपुर में बांध के पानी के साथ हिरन बहकर पहुँच गये
03:00करीब एक दर्जन हिरनों को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया है
03:04पारू और साहिब गंज इलाके से इन हिरनों को सुरक्षित निकाला गया
03:07एक हिरन गंभीर रूप से घायल में जिसका उप्चार किया जा रहा है
03:11बाद में इन्हें वालमी की टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा
03:17मुजफरपुर के साहिब गंज प्रखंड के माधोपुर हजारी पंचायत के बाढ़ प्रभावित गाम में आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट का
03:24असर देखने को मिला है
03:25तीन दिनों से बाढ़ के पानी के बीच फंसे ग्रामीनों ने आज तक के माध्यम से रहत सामगरी उपलब्ध कराने
03:31की मांग की थी
03:32इसके बाद शुक्रवार को जिलाधिकारी कुमार गौरव पूरी प्रशासनिक टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गाम पहुचे
03:38और प्रभावित परिवारों के बीच रहत सामगरी का वित्रण किया
03:42आप देख सकते हैं एनेच पर लोग शरन ले रहे हैं तमाम महिलाएं हैं जो छटो पर आसरा ली हुई
03:50हैं
03:51और लोग काफी परिशान है चुकि गंड़क नदी 29 शिदंबर को तटबन तूटा और इसके बाद इन तमाम दर्जनों गाहों
04:01में काफी ज्यादा पानी आ गया जिसके बाद लोगों की परिशानी बढ़ गई मवेशी सडग पर हैं
04:07दोनों जो बाद हैं वो मेन बाद नहीं इस इंपोर्टेंट बात यह हैं धोनों रींग बाद हैं धीम बाद
04:34उधर बिहार के बकसर में बाढ़ की वजह से बलिया जाने वाला रास्ता ही बंद हो गया है
04:38क्योंकि इस रास्ते पर गंगा का पानी बह रहा है और इसके बावजूद भी लोग इसे खतरनाक तरीके से अपनी
04:44जान जोखिम में डाल कर पार कर रहे हैं
04:46बकसर में गंगा नदी खतरे के निशान के पास पहुँच गई है यहां सिमरी प्रखंड में गंगौली से बलिया जाने
04:51वाली सड़क बिहार को यूपी से जोड़ती है लेकिन अब इस सड़क पर भी बाढ़ का पानी बह रहा है
04:59और ये है पटना का मनेर इलाका जहां गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से दियारा इलाके के
05:05निचले हिस्सों में बाठ का पानी घुस गया है
05:07हल्दी, छपरा, 76, महावीर, टोला और इसलाम गंज समेत कई गांव प्रभाविली गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए
05:15है
05:16मंदिरों और सरकारी संस्थानों में भी पानी घुस गया है
05:19जबकि फसल और पशों का चारा ढूबने से ग्रामीनों की परेशानी बढ़ गई है
05:23सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूल आने जाने वाले छोटे बच्चों को हो रही है
05:26जिनके लिए नाव ही अब आवाजा ही का सहरा बनी हुई है
06:05इधर पटना शहर में गंगा नदी अभी भी खत्रे के निशान से ऊपर बह रही है
06:10पटना के कई घाट डूब गए है भद्र घाट महावीर घाट पर पैरिकेडिंग लगा कर लोगों को आने जाने से
06:16रोका जा रहा है
06:18देखिए पूरा घाट पूरी तरह से डूब चुका है और यह नजारा देखिए सरक है इस सरक पर पानी आ
06:25गया है जो नदी का पानी है वह आ गया है जिसके कारण यहां कि आने जाने में लोगों को
06:31काफी दिक्कते हो रही है क्योंकि यह पूरा
06:45इलाका देखिए दूब चुका है फिर से गंगाव फान पर है और यहां जो स्थिती है घुटने बर पानी है
06:51और यह घाट आप देख सकते हैं बदर घाट पूरी तरह से डूब चुका है और यहां जो है दो
06:58दिन पहले यह जो पानी है वह बढ़ा जिसके कारण स्थिती ऐस
07:13प्रभावित इलाकों का दौरा किया और करीब एक हजार बाढ़ पीडितों के बीच राहत सामगरी बांटी विधायक, शायमपूर, गुदरिया, चमपारण,
07:22तटबंध समेत कई बाढ़ प्रभावित गावों में पहुंचे और लोगों की समस्याएं जाने राहत पहुंचान
07:28के दौरान विधायक कई जगों पर कमर तक भरे बाढ़ के पानी के बीच पैदल ही चले।
07:58शिलेश तिवारी ने गोपाल गंच के बैकुंटपूर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, राहत और बचाव कामों का जायजा
08:04लिया।
08:05शिक्षा मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संचालित कम्यूनिटी किचन का भी निरीक्षन किया।
08:10बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल के नुकसान का मुआवजा भी जल्द दिलाने का आश्वासन दिया।
08:16जो हमारा ये rescue operation चल रहा है और साथ साथ आपदा का प्रभंधन चल रहा है।
08:22कल हम फिर एक बार सभी अधिकारीयों के साथ बैठेंगे, उसकी पूरी समिक्षा करेंगे और बाढ़ के दोरान हुए काम
08:29की और बाढ़ के बाढ़ के बाढ़ आने वाले समस्या जो पुस्त, प्लट जो समस्या आती हैं बिमारी, बाकी चीज,
08:36पसक्रों की समस्या, मच्छ�
08:39पातं की सब चीजों को बूले करके हमारा एकसल प्लान क्या होगा, इन सब चीजों को ले करके कल हम
08:44बैठेंगे
08:46कुल मिलाकर बिहार में गंगा और गंड़क के किनारे के जिलों के हालात खराब ही, सरकारी सिस्टम लोगों तक मदद
08:52पहुँचा रहा है, लेकिन वो नाकाफी साबित हो रही है, असल काम तब होगा जब बाढ़ का पानी उतरेगा, और
08:58इनके नुकसान का अंकलन होगा, आ�
09:14हाई वे पर आने जाने वाले लोगों को खाजी परिशानियों का सामना करना पर रहा है, देखिए हमारे समाधा ता
09:20आलोक कुमार जाइसवाल की एक खास रिपोर्ट, यह जो आप देख रहे हैं, जो अपने घर में जल कैदी बने
09:28हुए है, यह जिसका कारण है कि जो मकेर में
09:31बागा कोल पंचायद के पास जो बांध का वो टूट गया है, अब देख सकते हैं, अब देख सकते हैं,
09:37जो एक टीम है, वो लगातार लोगों को रेस्क्यू करने के लिए अपने बोट से जा रही है, और जो
09:42भी लोग घर में फसे हुए हैं, उनको निकालने कोशिश कर रही
09:59और इसमें काफी मुश्किल से आदमी खड़ा हो पा रहा है, सबसे बड़ी बात है कि यह बांध जो है
10:04हर साल की तरस्दी हुए है बिहार के लिए, किसी ने किसी लाके को हर साल बर्बाद करती है, लोगों
10:10का जीवन पूरी तरह से मुश्किल कर देती है, लाखों करोड़ा क
10:13नुक्कान होता है, और सरकार सिर्फ रहत के नाम पर चूड़ा, गुड़ और तिरपाल दे करके अपनी तूसरी कर लेती
10:20है, छप्रा के मकेर से आलोग कुमार जहा स्वाल
10:25और अब बात करेंगे उत्तर प्रदेश के बारे में, जहां नदियों के उफान के चलते कैई जिलों में बाट जैसे
10:30हालात हैं, बुरे हालात हैं, यूपी के सीतापूर गॉंडा, बारा बंकी में बुरे हाल हैं, कई गाउं की लाखो लाख
10:37अबादी बाट से प्रभावित ह
10:38और प्रशासन भी आक्शन में नजर आ रहा है, हमारी इस पूरी रिपॉर्ट को देखिए
11:08अपने घरों की तरफ जा रहे हैं, पी एसी के जवानों की ड्यूटी लगी है, कि वो दिन भर में
11:15करीब 5-6 चकर नावों से लगा कर लोगों को ले जाते हैं, और लोग अपने घरों में रखे सामान
11:21देखकर वापिस आ रहे हैं
11:40अब तक करीब 5,000 लोगों को बाड से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है, शहर
11:46के करीब एक दरजन से अधिक महले बाड के पानी में पूरी तरह जलमगन हो चुके हैं, और इन लोगों
11:51को रैन बसेरों और धर्म शालाओं में शिफ्ट किया जा �
11:58उधर 12 बंकी में सर्यू नदी में आई बाड से जिले की तीन पहसिलों के दरजनों गावों की करीब 30
12:04,000 की आबादी प्रभावित हैं
12:10सर्यू नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है, लेकिन हैत्मापूर में कटान का कहर अभी
12:15भी जारी है
12:16नदी की तेजधार में कई मकान समा चुके हैं, जबकि कई घर नदी के किनारे खतरनाक स्थिती में पहुँच गए
12:22हालांकि प्रसिद्ध बाबा नारायन दास के मंदिर पर बोल्डर डाल कर कटान रोकने की कोशिश की जा रही
12:30घर तो कटन का देखता है ओ भी या ना खेती पाती रही गए है ना कोई कमाने वाला है
12:36और कौन परस है नी
12:38हाँ एक काकरी जो प्रभावित लोग थे हम अलएड़ी हम लोगो ने जो राहत राओक प्लच करायी है और दोनो
12:50टाइंका बोजन की वेउस्ता भी हमहों में की है इनके पासूं के लिफि 차 कि है
12:56इनके स्वास्थ के लिए भी दोस्था की है तो प्रयास यही है कि पाड का जो प्रभाव है निवन्तम उन्पे
13:06पड़े
13:09गोंडा में घागरा नदी अब तेजी से उतरने लगी लेकिन उतरता पानी भी बरबादी पर उतारू
13:18ग्रामीनों की हजारों हेक्टेर की फसल चौपट हो गई है गोंडा के 23 गावों की 34 हजार की आबादी पाड
13:25के कहर से बेहाल है
13:26हालात ऐसे हैं कि लोगों को बहते पानी में ही इंटे लगा कर उसी के उपर गैस चूलहा रखकर खाना
13:32बनाना पड़ रहा है
13:32प्रशासन की तरफ से 174 नाव और स्टीमर लगाए गए
14:10आज तक ब्यूरो