00:06Ghandhi Jaiyanthi Pardesh Bhar Me Bapu Ko Naman Kiya Jaya Raha Hai
00:10Lekin Kya Aap Jantai Hai Kisah 36 Ghandha Se Mahatma Ghandhi Ka Ghehran Aata Raha Hai
00:161922-1947 TAK 36 Ghandha Me Ghandhi Yook Ka Prabhaav Raha
00:2136 Ghandha Ji Pahli Bar 20 December 1920 Ko Aya Thay
00:26दूसरी बार Ghandhi Jai Ka 36 Ghandha Prawas 22-28 November 1933 Ko Hua
00:33विरायपूर के बुढ़ा पाराष्थित शुकल भवन में एक सब्तहा तक रुके
00:37सुभा चार बजे प्रार्थना से उनका दिन शुरू होता था
00:41कांदी जी यहां दो बार आये हुए हैं महां अपने महां लच्मिन आयांदास जब
00:49सब्सक्राइब के लिए इधर अच्छतिसगर में लोगों को जागरित करने और दूसरी बार आये थे अचूत उधार के नाम से
01:03जिसके लिए उन्होंने एक अचूत करनिया के
01:07यहां इस्थित खूए से पानी निकाल करके बांकी लोगों क्विलाया था और यह पर्टिकुलर इस्थान है यह इस्थान है जहां
01:14पर बढ़ करके उन्होंने सभा ली थी इसलिए महां जी ने इसको उनकी स्विती में गांधी भवन के नाम दे
01:22करके बनवाया था
01:24रायपुर में जिस जगा गांधी जी ने सभा की थी उसे बाद में गांधी भवन नाम दिया गया
01:301945 में ये सिर्फ टीन शेड हुआ करता था
01:332018 में पक्का बना और 2020 में यहां चर्खा चलाते हुए गांधी जी की प्रतीमा स्थापित की गई
01:56इतिहासकारों की माने तो गांधी जी से पहले 36 गड में तिलक जी का प्रभाव था
02:01लेकिन 1920 के बाद से आजादी तक यहां गांधी यूग का प्रभाव रहा
02:06आज भी रायपुर के शुक्ल भवन और जैतु साव मठ में गांधी जी की यादें जीवित हैं
02:12रायपुर से रितेश तंबोली ETV भारत 36 गड