00:00न्वसकार मैं हूँ शमस ताहर खाना और आप देख रहे हैं वारदात
00:03मेरट की नीले ड्रम वाली मुस्कान को आज मेरट की एक कोट ने अपने ही पती के कतल का दोशी
00:10करार दिया है
00:10मुस्कान के साथ साथ उसके प्रेमी साहिल को भी आदालत ने कातिल माना है
00:16मुसकान और साहिल के हिस्से में अब फासी की सजा आएगी या फिर उम्र भर की खैद इसका फैसला बात
00:23में होगा
00:249 मार्च 2025 को मुसकान ने अपने पती सौरफ का कतल करने के बाद लाश के तीन टुकडे कर उसे
00:32नीले ड्रम में पैक कर दिया था
00:34इसके बाद अपने प्रेमी साहिल के साथ वो हिमाचल प्रदेश की वादियों में घूमने चली गई थी
00:40तिलाल मुसकान और साहिल मेरट की जेल में बंद है इसी जेल में मुसकान ने पिछले साल नवंबर में एक
00:47बेटी को जन दिया था
00:54तो नीले ड्रम में इस नीले ड्रम में सौरब था इसे उसकी पत्नी मुसकान ने खरीदा था
01:03जिस ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरब की ुलाश के तीन टुक्डे की और उन्हें उसी नीले ड्रम
01:10में पैक कर दिया
01:11इसलिए नीले डिरम को देश भर में कुख्यात और बर्णान करने वाली मुसकान और उसके प्रेमी साहिल को सौरप के
01:20गतल का दोशी गरार दिया जाता है
01:22गतल के इस इल्जाम में मुसकान और साहिल को अब मौत की सजा मिलेगी या उम्र भर की खैर इसका
01:30फैसला बाद में होगा
01:34सजा सुनाये जाने के वक्त मुसकान और साहिल दोनों विडियो कांफरेंसिंग के जरी मेरट जेल से सीधे कोट से जुड़े
01:43हुए थे
01:43करीब दस मिनट पहले उन्हें जेल के उस कांफरेंसिंग रूम में लाकर बिठा दिया गया था
01:49दोनों के हाओ भाओ तब तक बिलकुल सामान ने थे
01:53लेकिन जैसे ही जड़ साहब ने अपना फैसला सुनाया
01:56मुसकान और साहिल जेल के उसी विडियो कांफरेंसिंग रूम में रोंडे लगे
02:01इसके बाद उन्हें जेल के स्टाफ अपने साथ लेकर वापस बैरक में जाते है
02:08सौरब अप्याकान में मुसकान को और साहिल को दोशी करार दिया है कोट में
02:13है और हमारे साहरा सौरब के वखील है किस तरीके से उन्हें केस लाला और
02:17अब अब अजालत ने उनको दोशी मान लिया है अगली क्या कै बिंदू बेस्ज़ा होगी और Is
02:36तरह के मामलात में के वलदोवी सज़ा सेजा होती है तो da
02:45आज क्यों सजा नहीं दी मतलब आज क्यों ने रोकिया ने इसके दो पार्ट होते हैं यह नेच्वल प्रॉसेस है
02:50क्या क्या जब जुले मुस्तान और साहिल जब जुले तो क्या ज़साब ने उनसे सवाल किया और क्या उसके उन्होंने
02:59जवापी है
02:59एकशली ऑन्रेविल कोड ने केवल इतना पूछा था कि आज हम तुमारे केस में जज़्ज्मेंट दे रहे हैं क्या आपको
03:05कुछ कहना चाहते हैं आप तो उन्होंने का हम कुछ कहना नहीं चाहते हैं जो आपको करना एक यानि कि
03:09वह प्रिपेर थे इस बात के लिए कि उन्हों
03:11क्या लगता है जस्धाप से लगता है कि अनोंने वह कर रहे हैं।
03:48मुसकान और उसका प्रेमी साहिल तोनों ही पिछले डेड़ साल से इसी मेरट जेल में बंद है।
03:54जब मुसकान गिराफतार हुई थी तब वो गर्बवती थी। पिछले साल 24 नुवंबर को मुसकान ने इसी मेरट जेल में
04:00एक बेटी को जन दिया था।
04:02बेटी का नाम उसने राधा रंगा। मुसकान की बेटी भी उसी के साथ जेल में फैसले के बाद सौरफ के
04:10घरवाले खुश तो हैं पर वो चाहते हैं कि मुसकान और साहिल को फांसी की सजा मिले।
04:17हमारी एक फांसी होने चाहिए दोनों को उनका फांसी की सजा होईगा।
04:23दोनों को आपको क्या बता चला क्या जज़िमन का पतला है।
04:29अब पता नहीं है उन्होंने बोला पंद्राइब करार देगी है।
04:37जो दोशी करार देगी।
04:48दरसल देश में क्राइम का ये वो केस था जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया था।
04:54इसकी वज़ा कतल नहीं बलकि कतल के बाद लाश को ठिकाने लगाने का तरीका था।
05:00और उसी तरीके ने अचारा नीले ड्रम को हर तरफ बदनाम कर दिया।
05:05मार्च दोहजार पच्चिस में ये कहानी कैसे शुरू ही और कैसे कहानी का सच सामने आया।
05:12आईए आपको सिलसलेवार बताता हूँ।
05:20इस वक्त ये भीड मेरट के एक मुहले में मौजूद एक घर के बाहर एकटी हुए हर एक की निगाहें
05:27इसी घर की तरफ हैं।
05:29थोड़ी देर बाद यहाँ पुलिस पहुचती है। पुलिस के बाद फॉरें से टीम घर में दाखिल होती है।
05:36घर के अंदर से और तो कुछ नहीं नेले रंग के प्लास्टिक का एक ड्रम बाहर निकाला जाता है।
05:41अमोमन इस तरह का ड्रम लोग घर में पानी यमा करने के लिए खरीदे है। इसके बाद ड्रम को एक
05:47गाड़ी में डालकर ले जाया जाता है।
05:52अब ड्रम मेरट के एक सरकारी इस्पताल के मुर्दा घर पहुच चुका है।
05:56ड्रम जरूरत से ज्यादा भारी है। ना ये ड्रम खुल पारा है ना है इसे तोड़ा जा सका है।
06:02लहादा पुलिस वाले तैय करते हैं कि इस ड्रम को मशीन से काटा जा।
06:06कुछ देर में ही मशीन और मेकेनिक भी मुर्दा घर में बुला लिये जाते हैं।
06:12अब बारी ड्रम को काटने की थी। बड़ी मशक्कत के बाद आखिर कार ड्रम को काटने में काम्यावी की।
06:18दरसल इस ड्रम के अंदर सेमिन का घोल भर दिया गया था। जिसकी वजह से वो जम कर सक्त हो
06:24चुका था। पत्थर की तरह।
06:27अब ड्रम काटने के बाद उसके अंदर जमे हुए सिमिन के टुकणों को भी मशीन से काटने का काम शुरू
06:33हो जाता है।
06:34थोड़ी देर बाद सारे टुकणे अलग हो जाते हैं। और फिर उन्हीं टुकणों में से तीन टुकणों में बिखरा सौरफ
06:42कुमार बाहर निकलता है।
06:47ड्रम में टुकणों में बंद होने के पूरे 14 दिन बाद ये जो जमे हुए सिमिन्ट और काटे गए ड्रम
06:54के परावर में जमीन पर काली पॉलिथिन आप देख रहे हैं।
06:58सौरफ कुमार के तीन टुकणे इसी में लिप्टे हैं।
07:03फ्रिच कुकर बैक के बाद ये सबसे ताजी लाश है जो एक ड्रम ने उगली है।
07:08लेकिन कहानी ऐसी है कि आपका दिमाग खूंग जाए।
07:12ये कहानी एक ऐसी पत्मी की है जिसने घरवालों की मर्जी के खलाफ लव मेरिज की है।
07:17लेकिन लव मेरिज के तीन साल बार उसे फिर से लव की और उसने अपने पहले प्यार और पती के
07:24सीने पर अपने हाथों से पहला हंज़ उता है।
07:28फिर दूसरे प्यार यानि दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर लाश के तीन तुकणे की।
07:33सर धर से अलग तिया, दोनों हाथों की हतेलिया काथी, फिर आधी लाश बैग में डालकर बिट के नीचे रख
07:40दी.
07:40प्रेमी अब अपने खर चला गया था, लेकिन जाते जाते, वो सर और दोनों हतेलिया एक दूसरे बैग में रखकर,
07:47अपने साथ अपने खर ले गया था.
07:49प्रेमी के जाने के बाद इधर प्रेमिका को अब बैग में रखी लाश्ट दर लगने लगा नीम नहीं आ रहे
07:56थी
07:56इसलिए तरके तीन बजे वो भी आधी लाश्ट घर में छोड़कर अपने प्रेमी के घर पहुँचे
08:05यह कहानी है तीन लोगों की
08:0729 साल के सौरफ कुमार 26 साल की मुसकान और 28 साल के साहिल की
08:132016 में सौरफ की मुलाकात मेरट में मुसकान से होती है
08:17मुलाकात दोस्ती में बदलती है और फिर दोस्ती प्यार में
08:21सौरफ ने मुसकान को बताया था कि वो नेवी मर्चंट है और लंडन में पोस्टिड है
08:26मगर इसके बावजूद सौरफ के घरवाले मुसकान से उसकी शादी के लिए तयार नहीं होती
08:31सौरफ घरवालों की मर्जी के खलाफ जाकर मुसकान से शादी कर लेता है
08:35शादी के बाद वो छे महीने के लिए लंदन चला जाता है
08:39मगर बाद में पता चलता है कि सौरफ नेवी मर्चंड नहीं बलकि लंदन में शायद वो किसी बेकरी में काम
08:45करता है
08:45उसकी मेली हालत भी अच्छी नहीं थी इधर सौरफ और मुस्कान को तब तक एक बेटी हो चुकी थी
08:51बेटी होने के बाद अब सौरफ के घरवाले भी उसके करीब आने लगे थी
09:42दूपने बेटी के साथ किराय के इस घर में इसी दोरान मुसकान की मुलाकात इसी मुहले में रहने वाले साहिल
09:49से होती है
09:50देखते ही देखते दोनों बेहत करीब आ जाते हैं
09:53अब साहिल अक्सर मुसकान के घर आने जाने लगता है
09:56यहां तक की दोनों घर में शराब भी बीते हैं
09:58इतफाक से मकान मालिक इन दोनों के रिष्टों को भाव जाता है
10:022021 में जब सौरफ लंदन से मेरत आता है
10:05तब मकान मालिक उसे मुसकान और साहिल की सचाई पता देता है
10:09इस बीच दोनों के कुछ चैट पर भी सौरफ की नजर पढ़ जाती है
10:12दोनों में जगड़ा होता है और फिर बाद तलाक तक पहुंच जाती है
10:16सौरफ मुसकान को अब तलाक देना चाहता था
10:20उसके बाद इसने इसको इन्वाइट किया घर पे अपने किया पाऊ उसके बाद इसके नदरीकिया बड़ी
10:25इनके उसके बाद फिजिकल रिलेशनिशिप हुए
10:27यह लगतार बीच वीच में आता रहता था आता है इसमें
10:32यह चीज सौरफ को पता चल गई थी
10:34में सौरफ ने डाइवोर्ज भी फाइल किया था कि इस चीज को लेकि इसको आपकती थी कि यह से क्यों
10:40मिलती है और यह जो महिला थी जो मुसकान है यह जो साहिल है इसके साथ शराब अगरा भी पीठी
10:48थी एक बार इसके लैंडलोंड ने पकड़ लिया था जो किराही मकान म
10:52यह पात इसे सौरफ को बता दी थी सौरफ को यह बात कफी नागावार बुझरी थी कि भई यह तुम
10:57कैसे क्यों होते है उसे आक इसको कंपर भी किया था कि तुम क्यों मेरे घर बे आते हो तो
11:02उसकी वज़़ा से काफी टेंशन थीन की बीच में
11:06इन्ही जगड़ों के 20-2023 में सौरफ फिर से लंदन चला जाता है
11:10अब मुसकान और साहिल आजाद थे फिर पूरे दो साल बाद फरवरी 2025 में या आजादी खत्म होने वाली थे
11:18क्योंकि सौरफ 24 फरवरी को लंदन से दो साल बाद नेरट अपने घर लोटा था
11:2425 फरवरी को मुसकान का बरड़े था और सौरफ खास तोर पर मुसकान का बरड़े बनाने के लिए मेरट लोटा
11:32था
11:32लेकिन इदर मुसकान कुछ और ही प्लान करके बैठी थी उसका इरादा ठीक बरड़े वाले दिन यानि 25 फरवरी को
11:39सौरफ को मार डालने का था
11:58इस तरह सौरब 25 को तो बच गया
12:00मगर मुस्कान और साहिल अगली प्लाइनिंग में जुट गया
12:03मुस्कान की बेटी का एक्जाम चल रहा था
12:06तीन मार्ट के एक्जाम खत्व होते हैं
12:08मुस्कान ने अपनी बेटी को मा के घर भेज गया
12:10और तीन मार्ट की तारीख सौरफ के गए चुना
12:16कोफ्ता में जब लिए लेकर आया तो इसमें सर्व करने के लिए बोला सर्व कर दू
12:19इरात के आठ नौ बजी के आसपास की बात है
12:21इसने उसमें ये अग्जाइटी जो दौईत इसने में मिक्स कर दी
12:25मिक्स करने बाद इसको खाना परोज दिया इसने खाना खाया करीब बारा बजी के आसपास ये बारा एक साड़े बारे
12:31के आसपास ये बेहुश हो गया बेहुश होने के बाद इसने साहिल को बुलाया
12:35साहिल आया है वहां पे रात में करीब एक वजी आसो साहिल पाँचा है साहिल
12:41उसको बोला जो लेकर ती चिक crystall वाला वह चककू लिया इसका कैने मताय कैसे था पकड़ने के लिए
12:50और साहिल को इसने पहले गोला था वद करने के लिए
12:53तो साहिल उस मोड में था कि उसका वद करना है
12:55उसने का वद तभी होगा तेरे हाथों से होगा वद
12:58साहिल इसने हाथ पकड़ा साहिल इसने चाकू पकड़ा
13:00साहिल ने इसका हाथ पकड़ा, सीनी प्रक्यास ने फुश कर दिया चाकू।
13:04फिर उसके बाद इसने दुवारा गोला भी दुवारा इसको मारू।
13:07फिर तोनों ने हाथ पकड़े फिर से तीम बार इसको वार किया।
13:09उस समय इसका हो गया।
13:11आवाज बाहर ना जाए, इनको डरता कहीं, आवाज आ जाए, कोई चिलना ना दे।
13:14इसलिए इन्होंने वाँ पर कूला राउन कर दिया था।
13:16कटल के बाद अब लास्ट ठिकाने लगाने की बारी थी, तो उसकी प्लैनिंग पहले से होच की थी।
13:22बातरूम में ले जाने के बाद स्वाहिल ने उसके गले पर उसके सवार करने का ट्राई किया पहले।
13:27उसके बाद जो चाको था उससे इसने घड़ा काटा है।
13:31हाथ की जो हतेलिया हैं, दोनों हतेलिया इसने काटी हैं।
13:34इन्होंने फिर जो ये मुसकान एक कोई दिने पहले एक बैग भी लेके आई थी।
13:39उस बैग में इन्होंने जो शफ था बाडी उजो थी।
13:42वो बाडी बैग में रखके उन्होंने बेड़ में अंदर चुपा दी।
13:53उसके बीच इन्होंने ब्लिंकेट्स ओर्डर किया था।
14:00साहिल के घर जाकर दोनों आराम से सो गए। फिर चार मार्थ की सुबह हुए।
14:04अब लाश को छुपाने की बारी थी। इसके लिए कुछ सामान खरीद ना थी।
14:09साहिल ने इसको बताए कि तुम में काम करो सेमेंट ड्रम और कुछ रेतित खरीद लो यह उस बात को
14:18लेके नौ बजे निकलिए घर से शारदा रोड़ पेस ने फिर कुछ सेमेंट के बोरिया खरीदी हैं घंटागर पे गई
14:22हैं अपना के ड्रम की ड्रम लेके नेक्स रही र
14:38पास पास आके दोनों ही अपना सेमेंट मिक्स करते हैं इसमें ड्रम में ड्रम को लेटाते हैं उसके बाद जो
14:45धाड़ उनलब यह सिर और यह हाथ था यह वापस लेके आते हैं लोग बॉड़ी को सरका के बैट निकाल
14:50के सो सरका के इसमें सरकाते हैं ड्रम के अंदर ड्रम को
15:05साथ वादियों में घूमने जा रही थी चार मार्च की शान को ही दोनों एक कैप बुक करते हैं और
15:11शिमला-मनाली कासो खूमने निकल जाते हैं
15:38मुसकान अपने साथ कुल 84 हजार रुपए लेकर निकली थी
15:4214 दिन बाद जब वो पैसे खत्म हो गए तब दोनों ने वापस मेरट आने का फैसला किया
15:48हाला कि एक दूसरी कहानी ये भी है कि पैसा खत्म होने के बाद मुसकान सौरफ के एकाउंट से पैसे
15:53निकलना चाहती थी
15:54पैसे निकलने ही रहे थी तो उसने अपनी माँ को फोन किया मा ने कहा जब सौरफ तुम्हारे साथ ही
16:00भूमने गया तो पैसे की क्या ज़रूर रहती थी
16:03पर मुस्कान अपनी मां को बता दी है कि उसने सोरफ को माँ डाला है तब मां पहली बड़ पुलिस
16:09को ये सचाही बता दीए और व तारीख की 18 मारच
16:16इसी के बाद 18 मारच को पुलिस मुस्कान के घर पहुचती है
16:20और फिर नीले रंग के इस ड्रम से सौरफ की सचाई बाहर आती है
16:25तो ये तो रही कतल की कहानी पर कतल की इस कहानी से कहीं ज़्यादा संसिनेखेज है
16:30कतल की प्लैनिंग और मुसकान और साहिल के इश्च की कहान
16:35तो पहले इश्च की कहान
16:37मुसकान की बेटी प्ले स्कूल में पढ़ती बेटी को स्कूल लाने ले जाने के दौरान मुसकान की मुलाकार साहिल से
16:45भी
16:45सौरफ चुकी जादातर बाहर रहता था और मुसकान अकेली तो जल्दी दोस्ती प्यार में बढ़ती
16:51घर में कोई था नहीं तो दोनों जब तब घर में ही मिल लेते थे
17:21तकराई तो इसकी अट्रेक्शन इसके तरफ बढ़ी है
17:24साहिल अन्ध विश्वासी था उसकी माँ नहीं थी
17:26मगर उसने अपनी माँ के नाम पर स्नैप चैट पर एक एकाउंट खोल रखा था
17:31उसे लगता था कि उसकी मुर्दा माँ उससे बाते करती है
17:34ये बात मुसकान को भी पता थी
17:37मुसकान ने अपने भाई के मुबाईल नंबर पर एक एकाउंट खोल थी
17:40उसी नंबर के जरीए वो साहिल को उसकी माँ बन कर मैसेज करती
17:44कि मुसकान अच्छी लग़ी तू उसके साथ खुश रहे
17:47इससे साहिल मुसकान से और ज़्यादा प्यार करने रग़े
18:19मुझे कोई आपती नहीं तुम लोग के इससे रिष्टे से फिर जो साहिल
18:22उसकी माँ एक्सपायर हो चुकी है तो वो क्योंकि सूपर्स्टीश है तो वो यह दिखाता था
18:27यह दिखाती है कि इसकी मा जो है वो इससे बात कर रही है इस माद्यम से स्नैप्चैट के माद्यम
18:33से जैसे मैं होता है वो स्नैप फुरा सा यह ज़्यादा बिलीवर था इसीश को लेके तो इसके तब जे
18:39मेरता था
18:40मुसकान भी अब सौरफ से पीछा छोड़ाना चाहती थी इसी के बाद दोनों ने पिछले साल नवंबर में ही तैक
18:46कर लिया
18:46कि इस बाद सौरफ के मेरत आते हैं उसे मा डाले और नवंबर से ही गत्ल की प्लैनिंग शुरू होगी
18:52सबसे पहले दोनों ने इस बाद की प्लैनिंग की कि कि गत्ल के बाद लाश का क्या करेंगा
18:57आखिर में तैकिया कि लाश को जमीन में गार देंगा पर कैसे यह उन्हें नहीं पता था
19:03इसके लिए अब दोस्तों से पूस्ताज करने लगी मगर दूसरी तरह से
19:31पच्चेस फरवरी को मुस्कान का जर्म दिन आता है
19:34लेहादा सौरव ने 24 फरवरी को लंदन से मेरट लोटने का फैसला की यह बात मुस्कान ने साहिल को बताई
19:41इसी के बाद तैह हुआ कि ठीक बढ़डे वाले दिनी सौरव का गतल होगा
19:45प्लानिंग यह थी कि शराव में बेहोशी की दवा मिला कर उसे पिला देनी फिर मार डा रहे
19:50मगर उस राद सौरव ने शराव देही ने
19:57पहली कोशिश नाकाम रही
19:58अब मौत की दूसरी तारीख तीन मार्च तैकी गए
20:01क्योंकि उस दिन मुस्कान और सौरव की बेटी का एक्जाम खत्म होना था
20:05और फिर बेटी को मुस्कान को अपनी मा के घर भेजना था
20:09प्लैन के तहट मुस्कान पहले से ही दुकान से 800 रुपे में दो चाकों खरीद कर लाए
20:15दुकानदार को शक ना हो इसलिए कहा कि मुरगा काटने के लिए चाकों चाहिए
20:23फिर तीन मार्च की रात आई
20:25इस बार शराब की जगह मुस्कान में सौरफ का पसंदीदा खाना कोफता बना है
20:30और उसी में बेहोशी की दवाग्या था
20:32जब सौरफ बेहोश हो गया तब देर रात साहिल को घर बुला है
20:36और फिर सौरफ के सीने पर पहला वार मुस्कान में की
20:40क्योंकि साहिल अन्विश्वासी था और चाहता था कि सौरफ का वक्त है उसकान था
20:47ये साहिल का अन्विश्वासी था कि उसने कटल के बाद सौरफ की दोनों हतेलिया काटी थी
20:52और फिर उसका सर और हतेलिया अपने साथ बैग में रखकर घर ले गया था
20:59परकिस्मत का थेल कहिए या फरेग पकाल मेरत पुलिस मुस्कान सौरफ का कतल तो करना चाहती थी पर वो साहिल
21:07से शादी करना नहीं चाहती थी
21:09और साहिल ये सब कुछ सिर्फ मुस्कान से शादी करने के लिए कर रहा है
21:14यानि कहानी का टाइमेक्स अगर ऐसा नहोता तो क्या पता मुस्कान पार्ड ट्रीप पंसाथा भी
21:23मुहम्मद उस्मान चौधरी मेरट आज तक
21:29आजाद भारत में आज तक किसी महिला को फांसी नहीं दी गई
21:33हाला कि इस औरा बहुत सारी महिलाओं को फांसी की सजा जरूर सुनाई गए
21:38इसी यूपी में शब्नम नाम की वो महिला भी है
21:41जिस पर अपने ही परिवार के साथ लोगों के कत्ल का इखौजम है
21:45और जिसे फांसी की सजा सुनाई गए
21:47लेकिन उसे फांसी अब तक नहीं मिली
21:50खैर आगे बढ़ते हैं और मुसकान और साहिल की आगे की कहानी जामते है
21:57इस कहानी का सबसे आजीब और गरीब पहलू ये भी है
22:00कि सौरफ के गतल का सच शायद इतनी जल्दी कभी सामने आता ही नहीं
22:05अगर खुद मुसकान की मा ठाने नहीं पहुँचती
22:08दरसल वो मुसकान की मा ही थी जिने मुसकान ने सबसे पहले ये बताया था
22:14कि उसने सौरफ का कतल कर दिया
22:16ये सुनते ही मुसकान की मा पुलिस के पास पहुँच जाती और सारी कहानी बता देती
22:23मुसकान के माबाब खुद ये मानते
22:25कि सौरब मुसकान से बेपना प्यार करता था
22:28तब रूने कैमरे पर मुसकान और सौरब को लेकर कई बाते कहीं गी
22:34क्या आप कहना है इस बारे में जो इस तरीके से ये घठना हुई है
22:39गलत कराए जी वो अपना जीने का हक हो चुकी है मेरी तरफ से
22:45फीलिंग मर गई है उसके लिए उसे फासे हो लीजी है
22:51मेरा बेटा चीना है उसने मेरा बेटा बहुत केर करता था वो
23:03हम अभी बच्चा गया है हमारे घर कभी बच्चा जाएगा तो हम भी यही करेंगे जो उसके गर्वालों ने करा
23:11है
23:13तो कभी पट्टिस मिलना चीए उस लड़के को जस्टिस मिलना चीए बहुत अच्छा था ब्लाइंड लव करता था उससे बहुत
23:21अच्छा था आपकी बेटी ने क्यों दोका दिया मतलब क्या ऐसी वज़ा रही वो दो साल से अलग रह रहे
23:27थी मतलब अक वो लंडन चले गए �
23:29नेवी का काम था उनका तो अलग अकेले रहती थी वो हमारे साथ 20 लेनी रहती हमने सौरब से भी
23:36कई थी यह बात कि सौरब आप जा रहे हो उसे हमारे पात छोड़के जाओ लेकिन वो पता निकित क्या
23:40घुट्टी पिलाती थी उन्हें कि वो सीके कहने में चलते थी अपने �
23:44घरवालों की इमीनी सुनी ना उन्होंने हमारी सुनी तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बागी
23:50खबरों के लिए आप देखते रही आज तक