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00:33ुत्राखंड में चारधाम यात्रा, कावड यात्रा समेथ अन्यधार्मिक यात्राएं प्रदेश की आमदनी का एक बड़ा आधार है।
00:41इसके अलावा मसूरी, नयनिताल जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटक भी प्रदेश की अर्थ ववस्था को बढ़ाने में बड़ी
00:48भूमी का निभाते हैं।
00:49इस तीर्थाटन और पर्यटन से उत्राखन को अच्छा खासा राजस्व भी प्राप्त होता है।
00:54लेकिन दूसरी तरफ इनी तीर्थाटन और पर्यटन से पहालों को पर्यावरणी नुकसान भी जिलना पड़ रहा है।
01:33पर्यावरणी संतोलन के लिए भी बेहद ही गंभीर विशय है।
01:36हाला कि चारो धामों के अलावा पहालों से लगातार कच्रे के निस्तारन का काम भी किया जाता है।
01:42जिम्यदार नगर पंचायतों के अलावा जागरुक लोग भी कच्रे के निस्तारन में अपनी भागेदारी निभा रहे हैं।
01:48किदारनाथ में कैरी मी बैक पहल के जरिए शद्धालों द्वारा 12 तन से अधी खुडा गौरी कुण पहुचाये जा चुका
01:55है।
02:22जिनको वो अपने साथ नीचे लाते हुए गौरी कुण में निरधारी किस्तान पर जमा करा लेते हैं।
02:28जिससे किदारनाथ में उपन होने वाले कोड़े के लिए स्थारण में मदद मिल रही है।
02:34इस अभियान के तहट वर्दमान तक 4,732 प्रतिवाईग्यों के सयोग से लगभग 12 तन के आजपश कोड़े का किदारनाथ
02:44से और एकुन लाए जा चुका है।
02:46इस अभियान के तहट सभी सरदालों से अपील रहेगी कि वो जब भी किदारनाथ आते हैं तो इस अभियान का
02:53जरूर हिस्ता बने और किदारनाथ को सवच्च और प्लास्टिक लुक्त बनाने में अपना अमूली अभियान दे है।
02:59हलाकि ये कोले की समस्या सिर्फ चारधाम या पहालों में ही नहीं है बलकि मैदानी इलाकों में भी है।
03:29और लोगों का जागरुक होना बेहत जरूरी है।