00:00कर दो कर सकते हैं जा रहे हैं जा रहे हैं जो कि बुंतरों का एक मौला है बोरखपुर में
00:28फिल चौदा मौले है
00:29जहां एक लाक ऑँम्म से मौला है और यहां पर पावरलू में लेकिन आज आप्तक्ताष सबida से 7 में बचे
00:51हैं और रहे हैं
00:54बुनाई करते हैं जो उत्पादन करते हैं वो आज उनको खरीदने वाला कोई नहीं है कुछ बड़े कारेखानेदार जो हैं
01:02वो बड़े पाउलों 300-400 लगा कर वो 13-14 लोग इन एक लाग बुनकरों के पूरे पेशे पर भारी
01:09पढ़ रहा हैं और इन लोग ने इस सुनाव में
01:12ये दो विधानसभा चेतरों में बटा हुआ है गोरपूर सहर और गोरपूर ग्रामीड जिसमें से जात्तर जो गुनकरों के मोहले
01:20हैं वो गोरपूर ग्रामीड चेतर में आते हैं और इन लोग की सिकायत है कि इतने वो परसान है पिछले
01:26करीब-करीब 2 दसक से वो तबाः ह
01:30कर दो रहा है Can Arm — उनके cord Fantastic One जो लोग की एंड लूम और पाउर लूम चलाते
01:39थे आज़ चाय की दुकान चेल
01:45लेकिन इनकी सबसे वड़ी स्कायत है कि जो यहां के जननक्तनी दियए चाहिए वह सांसद हों भीधायक
01:50वो लोग ना उनका हाल चाल लेने आते हैं ना उनके मुद्धे उठाते हैं इस लिए इस चुनाओं में इन्होंने
01:55चुनाओं के वहिशकार का नारा दिया है और यह जो एक बैनर लगा करीब एक पक्षबारे पहले इसने पूरा हंगामा
02:02ख़ड़ा कर दिया है और सारे बुनक
02:19का नारा दिया है और जब से यह नारा दिया है कोई 85 भी यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा
02:25पा रहा है उनसे बात करने के लिए उनके सवालों का सामना नहीं कर पा रहा है हम लोग आज
02:28नौरंगाबाद में हैं और गोरपूर नीज लाइन और चल्शित अभियान की और से हम
02:33लोग गुंकरों से बातचीत करेंगे और जानेंगे कि उनके सुमस्या क्या है और क्यों उन्होंने सुनाओ का वैस्कार किया गुरपूर
02:39में तो एक लाग बुनकर हैं तो आज क्या हालात ऐसे क्या पैदा हो गए हैं कि सारे पावर लूम
02:46बंद हो रहा हैं अधकरवे भी पं
03:01में नबे वानवे के बाद हमारी कोी सुनने वाला नहीं हमारी या भाने वाला कोई कंहीं नय राजित
03:08सभा में नाव induce सभा में और यू कहसाटे यह कहा जा सकता है कि यूप लाजनीतीति हो गई है
03:16वो मुझे लगता है कि वह विरादरी वाद हूब है
03:22सीधी सिवादे ब्रादरी ब्रातत voter वाद हो गई है कि जिस पोष पद छोड़े से लेकर ऋपर तक जिस ब्रादरी
03:27का है वह अपनी ब्रादरी का सपोर्ड कर रहा है
03:29अफसोस के साथ ये कहिना पड़ता है कि हमारा कोई पर्तिनीती नहीं है
03:33वरना शायद हम भी हमारा भी कुई कुरसाने हाल होता है, हमारी भी बाद बनती, बाराल यह हमारा जो कारोबार
03:40जो ठख हुआ है, उसकी सबसे बड़ी वज़े यह है कि सरकार की गलत, नीती जो है उनकी नियत दुरस
03:46नहीं हमारे पर दे तो इसलिए रोजगार जो हमारा दिन �
03:49बिल्कुल जवाल पसीर होता जा रहा है यह जो आप नब्बे के बात की बात शुरू किये थे हैं कि
03:56हालात बिगड़े तो यह आपने कागी सरकारों की नीथी इसके लिए जो कौन सी नीथ है क्या उससे फ़र्ट परा
04:03है जेकि ऐसा है कि 1990 के पढले जो आपने पूछा तो सरका
04:08सरकार ने कारपुरोसन खोला जो यहां पर खुला हुआ है पूरे हिंदुस्तान में उसका सहर के बीचोबीच में उसका डीपो
04:15बनाया हमारा सरकार माल खरिती थी हमको धागा देती थी हम चादर तयार करते थे तहुलिया चैयार करते थे गंचा
04:22तयार करते थे वह सरकार खर
04:37खरीदी थी औहुन यहां सो नबे में जब कारपुरोशन बंद हो गया कि कि वाइनप का कपड़ा बनने लगा जो
04:59स्कूलों में बच्चों को उत्तर प्रदेश में खाकी
05:01का बाटा जाता है और पुलीस की वर्दी बनती है मिलेटरी की जो मिलेटरी पहेंटे हैं इसी कपड़े की छपईया
05:08होते हैं क्योंकि यह गिरे बनता है कपड़ा इसके बाद इसका डाइम होता है तो यह जो प्रूप में तब्दील
05:15हो गया अच्छा जब पावर लूम में त�
05:28तो यह चला बहुत अच्छा चला, मगर फिर हम लोगों को दिक्कत आने लगी बिजली में, लाइट में दिक्कत आने
05:37लगी, लाइट में लोगों की महमी पढ़ने लगी, तो पूरे उत्तरपरदेश के बुनकर ने अवाज उठाई कि हमारा मीटर हटाया
05:44जा और फिक्स किया �
05:45तो 2006 में उत्तरपरदेश की में गोर्मेंट मुलाइम सिंग की थी, उन्होंने हम लोगों से वादा किया था चुनाओ में
05:53कि हम अगर जीत जाएंगे चुनाओ, तो हम आप लोगों का मीटर हटा देंगे, एक लूम पर फिक्स रेट कर
05:59देंगे, आप लोगों का जो आज 2006 में
06:01उन्होंने एक लूम का 130 रूपिया फिस कर दिया, एक लूम का, और 13 रूपिया वो जो उस पर बलब
06:08जलता है, 13 रूपिया उसका, 143 रूपिया उन्होंने फिस कर दिया, और जब उन्होंने फिस किया और उन्होंने कहा था
06:15कि मैं छोटे बुनकरों का फिस कर दूँगा, जो
06:29तो लोग घर से हटके लगा लिए, ज्यादा तरह आप लोगों को 90% घर के अंदर ही मिलेगा, तो
06:34लोगों ने लगाया और उन्होंने वादा किया था कि हम इसको कर देंगे, हम लोगों ने वादा कर देता है,
06:40मगर तुरंट पूरा नहीं करता, हम लोग लड़ते रहे, लड़
06:56अब हमको 143 रुगा देना पड़ा, फायदा तो हम लोगों को पहुचा, मगर दो तीन साल तक तो वो चला,
07:04उसके बाद जो है, उसमें कैसे रदो बदल हो गया, कि उसको 120 किलो वाट बिजली, 120 किलो वाट तक
07:14हो गई, हमको 8 किलो वाट की जरूरत है, वो 120 किलो वाट कैसे हो
07:18गई, बाद में बदला हुआ, या सुरू में बना जियो, यह हमको नहीं मालूम है, उसके बाद जो है, जब
07:25क्या नम है, कि जब 120 किलो वाट हो गई, तो असल मुद्दा ये हुआ, ये फेल होने का असल
07:32मुद्दा हुआ, तो पहले ही बन दो गया, जब इस पर हम लोगों मिर
07:48वो पावर लूम ही स्रिफ उनका है, जमीन उनकी है, लाइप उनकी है, उस पर जो धागा लगता है, वो
07:54टोटल महाजनों का होता है, वो हमारा नहीं, नबे परसंट में पांच परसंट लोगों का अपना होगा, बाकि 95 परसंट
08:01लोगों का यही सिस्टम है, वो धागा दूस
08:18करते थे हैं लूम का हम लोग बीजमा करते थे साल के बाद हो जब तो षिस द्ञाइब किसी तरीचे
08:26से वो लोग हमको हमसे कपड़ा ना बनवाकर के अब खुद ही वो लोग पावर लूम लगा लिये दो-घर
08:36धीर Caribbean
08:45नहीं लगा देना
08:48एक मीटर की आज उन्नाइस सो दो हजार सत्रे में तीन रुप्या असी पैसा है आप ये सोचेंगे कि ये
08:55इनसान धर्ती पर जिन्दा कईसे है चुंकि सोचने वाली बात है उन्नाइस सो पंचानवे में चार रुपिया से पांच रुपिया
09:02कीलो आटा रहा होगा जादा से जा
09:19होंगे लगवागे एक दो पंच है अब कुल मिलागे आट दस लोगों के पास बड़े कार खाने बड़े कार खान
09:27ना ही छोटे आपके इस तरह से जो पावर लूम चल रहे थे और कई सारे ऐसे पावर लूम चल
09:35रहे हैं संख्या इनकी बहुत है अब आप कह रहे हैं कि छो�
09:44कि अब यहां चोटे कार पावर लूम इस तरह की कितने हो इस तरह के गए यह बारह हजार थे
09:52जो की घट करके अभी पंदरे दिन पहले भी गया ट्रफ लाट पांच छह जार और बचा है बारह हजार
09:59से छह हजार बच गया है और बागी आप कह रहे हैं कि अग जादा तर प्
10:12कि इसे उAmल 뚜्ट गोर्मेंन की टीहिंगे है हम को 12 की घंटा पिजली मिलती है उनको 14 जगन्ता बिजली
10:24गलती है उनसे भी 138 लिया जाता हा हमसे हमारा मेल इने को आप ज इसकी से एमार था गई
10:42छोटे पावर लूम थे इस तरह की उससे कितना लगभा कितने लोगों को रोजगार मिल रहा था और अब घटके
10:49कितना हो चुका है एक लूम पर मतलब बारे लोको मान दीजिए एक कारिगार लूम चलाता है एक नरी भरती
10:57है हमको अगर कोई सामान खराब हो गया तो खराद मस
11:12कुछ मिश्टिक हो गया तो इलेक्ट्रिक वाले पस जाएंगी बहुत लोगों का मतलब काम इसमें रोजगार आप कह रहे हैं
11:19अगर एक लूम पर बारा लोग थे और लगभग बारा हजार ऐसे लूम थे तो मतलब कम से कम एक
11:25लाग चावालेस हजार लोग सीधा सीधा रोज
11:40को लोग भी आप कोई काम निकर रही है जोला सिल रही मात सिल रही है को यहां देजिए लूम
11:58आप चला रहे हैं और
11:59चौबीस घंटे में कितना काम अगर लूम चला है तो बारा तेरा घंटे से ज्यादा चला पाते हैं गें?
12:09चै भी तीन पीना है आदमि अराम करेगा रिष्ट करेगा उसमें आदी गंटा पौन खंटा रिष्ट करेगा यहाँ तो किती
12:32से पैसे कि इसाब से कितना?
12:40क्वाल्टी होती हैंग दो हुआसी पैसे मेरते तार ही अाप तो 33 पैसे में
12:53आर आपम ते देंगे दियता और हुआज स्भागा लिया है के साबसे वो कपड़ को उनको देना रएफा है
13:03अगर 50 kg दागा अगर 50 kg दागा अमने उठाया जहां से हम चलाते हैं और माल तयार करने के
13:11बाद हमने भेज दिया अगर 50 kg की जगे 48-45 kg हो गया तो उस 5 kg का हमें
13:17अपने मजदूरी में से वो भी पार पैसा करें पर रहा है तो यह मैं जानने कोशिश कराता है कि
13:2310-12 गंडा बता �
13:24हैं कि लूम चलता है और 30 से 35 मीटर अधिकतम आप लोग कपड़ा तयार कर सकते हैं तो अगर
13:30वो 3.80 पैसा मिल लाए तो 120 रुपिया एक सो तीस रुपिया के ही तो कमाई हुई है और
13:38अगर सावान टूट गया तो और 30 दिन आप लगातार काम करने हैं तो आप कितने करीब-क
14:10अगर लूम की कमाई 33 रुपिया है अब अगर हमको 330 रुपिया हमको मिलता है
14:21अच्छा ये लोग काना है कि नोटबंदी जब हुई है उसने और इसको तोड़ दिया वो उसके बारे में जब
14:28बता है यह कैसे हुआ कि नोटबंदी से क्या परक पड़ा है
14:31अच्छा यही जिसका चलवार रहे थे वह अपना हाथ रोख लिये कि धागा नहीं मंदमार पाए रहे है पैसा नहीं
14:40है
14:40काम करने वाले अब निकल रहा चोगी सजार तो कैसे चलेगा वो लोगों ने बंद कर दिया उसका अभी तक
14:50है तो कितना काम पर असर पड़ा होगा जिसे माली जै की आठ नॉम्बर के पहले जितना काम आ रहा
14:55था वो तो इसे ही कम था लेकिन नुट बंदी के बाद कितना काम �
15:00अब अब के बाद 50% हो गया 50% चलेगा 50% अचा अब आप कुछ दिखा रहे थे
15:07इसमें यह सरकार की नीची देख लीजिए कि हमें मिला है उदर दिखाईए कि यह सूट पासबुक अब हमें पता
15:18नहीं है कि हम कहां इसके इसका मतलब इस्टमाल करें कहां जाए कहां इसका ड
15:30कि रच पास बुक दिखा तो कुछ तो एक होगा ड़ ब्रक भूख धे लाग दे दिये शुझ लगा ओम
15:36चारा कि अवा कुछ यहा बताया कि अजब अब इसको लेकर आए वी कि अश्य मनाई है बस आप जाख
15:40आपकार की नेती अभी तक एक बार वीश पर दागावा नही चल
15:59कुछ बताएं नहीं है इसका क्या फाइदा है अब हमारे समझ में नहीं आ रहा है कि इसको हम कहा
16:06हम इसका इस्तमाल का इस्से हम करें एक चीज़ बताएं आप लोगों नहीं बाहर एक बैनर लगाया है जिसके चलते
16:16काफी चर्चा होने लग गई है जहां पर लगभग आपने �
16:19कि हम इस चुनाफ का बहिशकार कर रहे हैं और कोई भी पार्टी का प्रत्याशी हमारे महलों में ना है
16:25इसका क्या कुछ असर इस चुनाफ पर आप लोग देख रहे हैं क्या अलग अलग पार्टी के प्रत्याशी बात उठाने
16:33की आप कोशिश कर रहे हैं और क्या चुनाफ क
16:36बहिशकार से आपका क्या मतलब है कि आप लोट ही नहीं डालेंगे क्या आप लोग कहना चाहरे हैं देखिए जो
16:41यहां कि हमारे जो चितर के जो परतीन जी हैं उनसे तो खयत वो आए हैं मिले भी हैं लेकिन
16:47वही है जैसे बड़ बड़े नेता भाषड देते हैं लंबे-लंबे
16:50करते हैं बस वहीं तक है जब मोदी जी की सरकार आई है वो फुद बनारस से जहां पर बुनकरी
16:58का कारोबार बहुत ज्यादा है और बड़ी-बड़ी घोश्राय भी होई थी उनके स्वें में तो कौन सी योजनाय गोश्राय
17:04थी जो कभी आप लोग के पास तक पहुँची है
17:07सर अभी तक तो बनारस में नहीं पहुची है बहुत परशान हाल लोग है आप पूरे यूबी का सर्वे करिये
17:21जहां पर बुनकर बसे हैं आपको शायद एक नहीं मिलेगा जो कहें कि हुशाल है जो बुनकर है जो लूम
17:26चरवार है कोई एक नहीं मिलेगा एक चीज़ बताई
17:57आप लोग लोग लेकिन मैं इसले भी पूछ रहा हूं कि जाधा तर बुनकर चाहे आहां पर हो चाहे बनारस
18:02में हो जाधा तर बुनकर क्योंके कुँके कुछ तहनी भी यह आप लोग को कारुबार रहा है
18:06जाधा तर बुनकर मुस्लिम समाच से आते हैं अपने व्यवसाय पर जो आप लोगों का धक्का पॉंचा है वो तो
18:12पॉंचा है जिसके चलते आप लोग कही न कहीं चुनाफ का भाहिशकार करने की बात करें लेकिन साथ साथ ही
18:18साथ उसके समाचिक रूप से भी कहीं न कहीं �
18:21आज अलब संख्यक समाच पर एक अलग किसम का एक दबाव है तो तो क्या उसके बावजूद भी आप ये
18:28सोच रहे हैं कि चुनाफ का भाहिशकार ही करेंगे ने देखिए बहिशकार का मतलब यह नहीं है कि हम जाएंगे
18:34नहीं ओट देने जिए चुनावा योग ने हमें एक
18:50दो जूमले खर्च करते हैं तो हम यह चाहते हैं कि मतलब सरकार थोड़ा भी जो है अगर नज़र डाल
18:56दे और कपड़े की खरिदारी हम लोगों से सुरू कर दे जैसे कि किसानों का 12 रुपया कीलो सरकार गहूं
19:03खरीदती है और 10 रुपया 2 रुपया कीलो उसको बाढ़ती ह
19:08सरकार को उससे नुकसान है हमारा कपड़ा जो हम बनाते हैं यह टोटल ड्रेस का कपड़ा बनता है और सरकार
19:14उत्तर परदेश की गोवर्नमेंट खुद दो ड्रेस बच्चों को साल में एक बार देती है पूरे स्कूलों में फिरी खाकी
19:21रंका इसके पहले मायवती जी की सरक
19:23सरकार थी तो इस्टिल गेरे और नेवी बूलू कलर का दिया जाता है जब मॉलायम याखलेस यादो की सरकार आई
19:28तो उन्होंने खाकी रंका कर दिया फिर किसी की सरकार आगी तो को यह और रंकार बदल जाएगा अगर कपड़े
19:33की जरूत रहे गया पुलिस की वर्दी भी �
19:37तो हम यह चाहते हैं कि सरकार 400 रुपिया दो ड्रेस का दो बच्चों को एक बच्चे का 400 रुपिया
19:44सरकार हर साल देती है जिससे कपड़ा खरीद के सिला करके वो दे दिया जाता है तो हम यह चाहते
19:48हैं कि सरकार हम से कपड़ा खरीदे डारे छोटे बुनकरों से यह पूज
20:07और सरकार का बारे रुपिया कीलो गेहूं जब खरीद के दो रुपिया कीलो बाढ़ती है बहुत नुकसान है हमारे कपड़ा
20:13खरीदने से सरकार को जर्रा बराबर भी नुकसान नहीं होगा और नहीं तो फाइदा है अब यहां पे सब को
20:19बताए कि प्रवांचल में खास है उस
20:38कब तो आजब लुकसान है और व्जлам शुरु काो फ्री नहीं हो पार रहे हैं कि अपलोंग उसके लिए क्या
20:54कर रहे हैं आप लोग देखे ऐसी बात नहीं है आप आदी जब 20% है तो हमें परतिनीदी बहुत
21:02बिल जाएंगे मेन शुरू में
21:05कि जहां जो मुखिया होता है, वहाँ से जो आदेश होता है, भई होता है, पश्पाथ मैंने शुरू में बताये
21:10था आपसे.
21:10तो यह जो तीन पार्टियां है खासका, कांगरेस है, सपा है, बस्पा है, सब लोग मुसल्मान ओटों के लिए करते
21:17हैं कि हम ही सबसे बड़े रहनुमा हैं, तो और कांगरेस में भी हैं, बस्पा में भी हैं, सपा में
21:24तो सबसे बड़े आपने चेंपियन करती हैं, तो उन लो
22:02क्या आप लोग आने वाले सालों में इस चुनाफ के बाद क्या आप लोग
22:10एक पासमानदा आन्दोलन को जिस तरह से दलित आन्दोलन भी खड़ा हुआ है जिस तरह से पिछड़े वर का आन्दोलन
22:17भी खड़ा हुआ है उसी तरह से क्या आप एक मुस्लिम पासमानदा आन्दोलन को भी पुर्जोर तरीखे से उठाने की
22:23सोच रहा है इसके लिए हम लो�
22:38सरकार हमारे यह नहीं समझ में आ रहा है कि इतना बड़ा उत्तर परदेश है और इतना बुनकर समाज है
22:45कि उन्हें ही जरा सध्यान देती है जरा हालात अब कहीं पी चले जाए यह बहुत बद्तर हालात है
22:49सर्फ ऐलक्षन पीरिड में लोग आते हैं
22:54अब छीज़ बता ए्यखक ali मैं आपसे इते है श्याइप भी।
22:57तब कि आप आप मुस् calories बहुते हैं तो मुस्लिम दॉलम राजनीतिम भी और गेहराई के नाम पर शभजा बने
23:16हुआ ह ожидs does ship irrigation
23:16सुम्हां वह बंका या जम ऐस एक ताय।
23:19आफ उनके भी प्रतिनीदी आप उस दिश्वा में चाह रहे हैं
23:22मुस्लिम भी हो àsगे बढ़ने के लिए तो हम चेहा हम लोगों पर तो हम लोग fell
23:49पर तो लेबल लग गया कि इस समाजवादी का है, चार दस लोगों के बीच में बैटते हैं तो वो
23:53समाज़ता है कि बसक्रोय मुलाहिम से इंकार हुए है, और पांच सल के बीच में अकलेस यादू ने एक बार
23:56मुझूल करो का नाम है, नहीं तो