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  • 6 minutes ago
Upload date: 28/02/17

The weavers of Gorakhpur have threatened to boycott the upcoming UP elections. This assertion has forced political circles of Gorakhpur to take notice of their conditions, specially given the large number of voters from the weaver community. ChalChitra Abhiyaan and Gorakhpur news line speak to the weavers from the region about the reasons that have brought about a near collapse in their once flourishing profession. Along with the economic issues that confront them, they also speak of the need for Pasmanda politics to ensure their representation in UP politics.
Crew: Nakul Singh Sawhney, Hagen Desa

गोरखपुर के बुनकरों ने चुनाव बहिष्कार का नारा दे कर राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को उनको समस्यों के बारे में बोलने पर मजबूर किया है I उनकी बड़ी संख्या के कारण राजनैतिक दल उनकी अनदेखी नही कर पा रहे है I ChalChitra Abhiyaan और Gorakhpur News Line ने क्षेत्र के बुनकरों से उनके दम तोड़ते हुए व्यवसाय के बारे में बातचीत करी I आर्थिक मुद्दों के इलावा उन्होंने ने पसमांदा राजनीत की ज़रुरत पर भी ज़ोर दिया I
टीम : नकुल सिंह साहनी , हेगन देसा

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Transcript
00:00कर दो कर सकते हैं जा रहे हैं जा रहे हैं जो कि बुंतरों का एक मौला है बोरखपुर में
00:28फिल चौदा मौले है
00:29जहां एक लाक ऑँम्म से मौला है और यहां पर पावरलू में लेकिन आज आप्तक्ताष सबida से 7 में बचे
00:51हैं और रहे हैं
00:54बुनाई करते हैं जो उत्पादन करते हैं वो आज उनको खरीदने वाला कोई नहीं है कुछ बड़े कारेखानेदार जो हैं
01:02वो बड़े पाउलों 300-400 लगा कर वो 13-14 लोग इन एक लाग बुनकरों के पूरे पेशे पर भारी
01:09पढ़ रहा हैं और इन लोग ने इस सुनाव में
01:12ये दो विधानसभा चेतरों में बटा हुआ है गोरपूर सहर और गोरपूर ग्रामीड जिसमें से जात्तर जो गुनकरों के मोहले
01:20हैं वो गोरपूर ग्रामीड चेतर में आते हैं और इन लोग की सिकायत है कि इतने वो परसान है पिछले
01:26करीब-करीब 2 दसक से वो तबाः ह
01:30कर दो रहा है Can Arm — उनके cord Fantastic One जो लोग की एंड लूम और पाउर लूम चलाते
01:39थे आज़ चाय की दुकान चेल
01:45लेकिन इनकी सबसे वड़ी स्कायत है कि जो यहां के जननक्तनी दियए चाहिए वह सांसद हों भीधायक
01:50वो लोग ना उनका हाल चाल लेने आते हैं ना उनके मुद्धे उठाते हैं इस लिए इस चुनाओं में इन्होंने
01:55चुनाओं के वहिशकार का नारा दिया है और यह जो एक बैनर लगा करीब एक पक्षबारे पहले इसने पूरा हंगामा
02:02ख़ड़ा कर दिया है और सारे बुनक
02:19का नारा दिया है और जब से यह नारा दिया है कोई 85 भी यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा
02:25पा रहा है उनसे बात करने के लिए उनके सवालों का सामना नहीं कर पा रहा है हम लोग आज
02:28नौरंगाबाद में हैं और गोरपूर नीज लाइन और चल्शित अभियान की और से हम
02:33लोग गुंकरों से बातचीत करेंगे और जानेंगे कि उनके सुमस्या क्या है और क्यों उन्होंने सुनाओ का वैस्कार किया गुरपूर
02:39में तो एक लाग बुनकर हैं तो आज क्या हालात ऐसे क्या पैदा हो गए हैं कि सारे पावर लूम
02:46बंद हो रहा हैं अधकरवे भी पं
03:01में नबे वानवे के बाद हमारी कोी सुनने वाला नहीं हमारी या भाने वाला कोई कंहीं नय राजित
03:08सभा में नाव induce सभा में और यू कहसाटे यह कहा जा सकता है कि यूप लाजनीतीति हो गई है
03:16वो मुझे लगता है कि वह विरादरी वाद हूब है
03:22सीधी सिवादे ब्रादरी ब्रातत voter वाद हो गई है कि जिस पोष पद छोड़े से लेकर ऋपर तक जिस ब्रादरी
03:27का है वह अपनी ब्रादरी का सपोर्ड कर रहा है
03:29अफसोस के साथ ये कहिना पड़ता है कि हमारा कोई पर्तिनीती नहीं है
03:33वरना शायद हम भी हमारा भी कुई कुरसाने हाल होता है, हमारी भी बाद बनती, बाराल यह हमारा जो कारोबार
03:40जो ठख हुआ है, उसकी सबसे बड़ी वज़े यह है कि सरकार की गलत, नीती जो है उनकी नियत दुरस
03:46नहीं हमारे पर दे तो इसलिए रोजगार जो हमारा दिन �
03:49बिल्कुल जवाल पसीर होता जा रहा है यह जो आप नब्बे के बात की बात शुरू किये थे हैं कि
03:56हालात बिगड़े तो यह आपने कागी सरकारों की नीथी इसके लिए जो कौन सी नीथ है क्या उससे फ़र्ट परा
04:03है जेकि ऐसा है कि 1990 के पढले जो आपने पूछा तो सरका
04:08सरकार ने कारपुरोसन खोला जो यहां पर खुला हुआ है पूरे हिंदुस्तान में उसका सहर के बीचोबीच में उसका डीपो
04:15बनाया हमारा सरकार माल खरिती थी हमको धागा देती थी हम चादर तयार करते थे तहुलिया चैयार करते थे गंचा
04:22तयार करते थे वह सरकार खर
04:37खरीदी थी औहुन यहां सो नबे में जब कारपुरोशन बंद हो गया कि कि वाइनप का कपड़ा बनने लगा जो
04:59स्कूलों में बच्चों को उत्तर प्रदेश में खाकी
05:01का बाटा जाता है और पुलीस की वर्दी बनती है मिलेटरी की जो मिलेटरी पहेंटे हैं इसी कपड़े की छपईया
05:08होते हैं क्योंकि यह गिरे बनता है कपड़ा इसके बाद इसका डाइम होता है तो यह जो प्रूप में तब्दील
05:15हो गया अच्छा जब पावर लूम में त�
05:28तो यह चला बहुत अच्छा चला, मगर फिर हम लोगों को दिक्कत आने लगी बिजली में, लाइट में दिक्कत आने
05:37लगी, लाइट में लोगों की महमी पढ़ने लगी, तो पूरे उत्तरपरदेश के बुनकर ने अवाज उठाई कि हमारा मीटर हटाया
05:44जा और फिक्स किया �
05:45तो 2006 में उत्तरपरदेश की में गोर्मेंट मुलाइम सिंग की थी, उन्होंने हम लोगों से वादा किया था चुनाओ में
05:53कि हम अगर जीत जाएंगे चुनाओ, तो हम आप लोगों का मीटर हटा देंगे, एक लूम पर फिक्स रेट कर
05:59देंगे, आप लोगों का जो आज 2006 में
06:01उन्होंने एक लूम का 130 रूपिया फिस कर दिया, एक लूम का, और 13 रूपिया वो जो उस पर बलब
06:08जलता है, 13 रूपिया उसका, 143 रूपिया उन्होंने फिस कर दिया, और जब उन्होंने फिस किया और उन्होंने कहा था
06:15कि मैं छोटे बुनकरों का फिस कर दूँगा, जो
06:29तो लोग घर से हटके लगा लिए, ज्यादा तरह आप लोगों को 90% घर के अंदर ही मिलेगा, तो
06:34लोगों ने लगाया और उन्होंने वादा किया था कि हम इसको कर देंगे, हम लोगों ने वादा कर देता है,
06:40मगर तुरंट पूरा नहीं करता, हम लोग लड़ते रहे, लड़
06:56अब हमको 143 रुगा देना पड़ा, फायदा तो हम लोगों को पहुचा, मगर दो तीन साल तक तो वो चला,
07:04उसके बाद जो है, उसमें कैसे रदो बदल हो गया, कि उसको 120 किलो वाट बिजली, 120 किलो वाट तक
07:14हो गई, हमको 8 किलो वाट की जरूरत है, वो 120 किलो वाट कैसे हो
07:18गई, बाद में बदला हुआ, या सुरू में बना जियो, यह हमको नहीं मालूम है, उसके बाद जो है, जब
07:25क्या नम है, कि जब 120 किलो वाट हो गई, तो असल मुद्दा ये हुआ, ये फेल होने का असल
07:32मुद्दा हुआ, तो पहले ही बन दो गया, जब इस पर हम लोगों मिर
07:48वो पावर लूम ही स्रिफ उनका है, जमीन उनकी है, लाइप उनकी है, उस पर जो धागा लगता है, वो
07:54टोटल महाजनों का होता है, वो हमारा नहीं, नबे परसंट में पांच परसंट लोगों का अपना होगा, बाकि 95 परसंट
08:01लोगों का यही सिस्टम है, वो धागा दूस
08:18करते थे हैं लूम का हम लोग बीजमा करते थे साल के बाद हो जब तो षिस द्ञाइब किसी तरीचे
08:26से वो लोग हमको हमसे कपड़ा ना बनवाकर के अब खुद ही वो लोग पावर लूम लगा लिये दो-घर
08:36धीर Caribbean
08:45नहीं लगा देना
08:48एक मीटर की आज उन्नाइस सो दो हजार सत्रे में तीन रुप्या असी पैसा है आप ये सोचेंगे कि ये
08:55इनसान धर्ती पर जिन्दा कईसे है चुंकि सोचने वाली बात है उन्नाइस सो पंचानवे में चार रुपिया से पांच रुपिया
09:02कीलो आटा रहा होगा जादा से जा
09:19होंगे लगवागे एक दो पंच है अब कुल मिलागे आट दस लोगों के पास बड़े कार खाने बड़े कार खान
09:27ना ही छोटे आपके इस तरह से जो पावर लूम चल रहे थे और कई सारे ऐसे पावर लूम चल
09:35रहे हैं संख्या इनकी बहुत है अब आप कह रहे हैं कि छो�
09:44कि अब यहां चोटे कार पावर लूम इस तरह की कितने हो इस तरह के गए यह बारह हजार थे
09:52जो की घट करके अभी पंदरे दिन पहले भी गया ट्रफ लाट पांच छह जार और बचा है बारह हजार
09:59से छह हजार बच गया है और बागी आप कह रहे हैं कि अग जादा तर प्
10:12कि इसे उAmल 뚜्ट गोर्मेंन की टीहिंगे है हम को 12 की घंटा पिजली मिलती है उनको 14 जगन्ता बिजली
10:24गलती है उनसे भी 138 लिया जाता हा हमसे हमारा मेल इने को आप ज इसकी से एमार था गई
10:42छोटे पावर लूम थे इस तरह की उससे कितना लगभा कितने लोगों को रोजगार मिल रहा था और अब घटके
10:49कितना हो चुका है एक लूम पर मतलब बारे लोको मान दीजिए एक कारिगार लूम चलाता है एक नरी भरती
10:57है हमको अगर कोई सामान खराब हो गया तो खराद मस
11:12कुछ मिश्टिक हो गया तो इलेक्ट्रिक वाले पस जाएंगी बहुत लोगों का मतलब काम इसमें रोजगार आप कह रहे हैं
11:19अगर एक लूम पर बारा लोग थे और लगभग बारा हजार ऐसे लूम थे तो मतलब कम से कम एक
11:25लाग चावालेस हजार लोग सीधा सीधा रोज
11:40को लोग भी आप कोई काम निकर रही है जोला सिल रही मात सिल रही है को यहां देजिए लूम
11:58आप चला रहे हैं और
11:59चौबीस घंटे में कितना काम अगर लूम चला है तो बारा तेरा घंटे से ज्यादा चला पाते हैं गें?
12:09चै भी तीन पीना है आदमि अराम करेगा रिष्ट करेगा उसमें आदी गंटा पौन खंटा रिष्ट करेगा यहाँ तो किती
12:32से पैसे कि इसाब से कितना?
12:40क्वाल्टी होती हैंग दो हुआसी पैसे मेरते तार ही अाप तो 33 पैसे में
12:53आर आपम ते देंगे दियता और हुआज स्भागा लिया है के साबसे वो कपड़ को उनको देना रएफा है
13:03अगर 50 kg दागा अगर 50 kg दागा अमने उठाया जहां से हम चलाते हैं और माल तयार करने के
13:11बाद हमने भेज दिया अगर 50 kg की जगे 48-45 kg हो गया तो उस 5 kg का हमें
13:17अपने मजदूरी में से वो भी पार पैसा करें पर रहा है तो यह मैं जानने कोशिश कराता है कि
13:2310-12 गंडा बता �
13:24हैं कि लूम चलता है और 30 से 35 मीटर अधिकतम आप लोग कपड़ा तयार कर सकते हैं तो अगर
13:30वो 3.80 पैसा मिल लाए तो 120 रुपिया एक सो तीस रुपिया के ही तो कमाई हुई है और
13:38अगर सावान टूट गया तो और 30 दिन आप लगातार काम करने हैं तो आप कितने करीब-क
14:10अगर लूम की कमाई 33 रुपिया है अब अगर हमको 330 रुपिया हमको मिलता है
14:21अच्छा ये लोग काना है कि नोटबंदी जब हुई है उसने और इसको तोड़ दिया वो उसके बारे में जब
14:28बता है यह कैसे हुआ कि नोटबंदी से क्या परक पड़ा है
14:31अच्छा यही जिसका चलवार रहे थे वह अपना हाथ रोख लिये कि धागा नहीं मंदमार पाए रहे है पैसा नहीं
14:40है
14:40काम करने वाले अब निकल रहा चोगी सजार तो कैसे चलेगा वो लोगों ने बंद कर दिया उसका अभी तक
14:50है तो कितना काम पर असर पड़ा होगा जिसे माली जै की आठ नॉम्बर के पहले जितना काम आ रहा
14:55था वो तो इसे ही कम था लेकिन नुट बंदी के बाद कितना काम �
15:00अब अब के बाद 50% हो गया 50% चलेगा 50% अचा अब आप कुछ दिखा रहे थे
15:07इसमें यह सरकार की नीची देख लीजिए कि हमें मिला है उदर दिखाईए कि यह सूट पासबुक अब हमें पता
15:18नहीं है कि हम कहां इसके इसका मतलब इस्टमाल करें कहां जाए कहां इसका ड
15:30कि रच पास बुक दिखा तो कुछ तो एक होगा ड़ ब्रक भूख धे लाग दे दिये शुझ लगा ओम
15:36चारा कि अवा कुछ यहा बताया कि अजब अब इसको लेकर आए वी कि अश्य मनाई है बस आप जाख
15:40आपकार की नेती अभी तक एक बार वीश पर दागावा नही चल
15:59कुछ बताएं नहीं है इसका क्या फाइदा है अब हमारे समझ में नहीं आ रहा है कि इसको हम कहा
16:06हम इसका इस्तमाल का इस्से हम करें एक चीज़ बताएं आप लोगों नहीं बाहर एक बैनर लगाया है जिसके चलते
16:16काफी चर्चा होने लग गई है जहां पर लगभग आपने �
16:19कि हम इस चुनाफ का बहिशकार कर रहे हैं और कोई भी पार्टी का प्रत्याशी हमारे महलों में ना है
16:25इसका क्या कुछ असर इस चुनाफ पर आप लोग देख रहे हैं क्या अलग अलग पार्टी के प्रत्याशी बात उठाने
16:33की आप कोशिश कर रहे हैं और क्या चुनाफ क
16:36बहिशकार से आपका क्या मतलब है कि आप लोट ही नहीं डालेंगे क्या आप लोग कहना चाहरे हैं देखिए जो
16:41यहां कि हमारे जो चितर के जो परतीन जी हैं उनसे तो खयत वो आए हैं मिले भी हैं लेकिन
16:47वही है जैसे बड़ बड़े नेता भाषड देते हैं लंबे-लंबे
16:50करते हैं बस वहीं तक है जब मोदी जी की सरकार आई है वो फुद बनारस से जहां पर बुनकरी
16:58का कारोबार बहुत ज्यादा है और बड़ी-बड़ी घोश्राय भी होई थी उनके स्वें में तो कौन सी योजनाय गोश्राय
17:04थी जो कभी आप लोग के पास तक पहुँची है
17:07सर अभी तक तो बनारस में नहीं पहुची है बहुत परशान हाल लोग है आप पूरे यूबी का सर्वे करिये
17:21जहां पर बुनकर बसे हैं आपको शायद एक नहीं मिलेगा जो कहें कि हुशाल है जो बुनकर है जो लूम
17:26चरवार है कोई एक नहीं मिलेगा एक चीज़ बताई
17:57आप लोग लोग लेकिन मैं इसले भी पूछ रहा हूं कि जाधा तर बुनकर चाहे आहां पर हो चाहे बनारस
18:02में हो जाधा तर बुनकर क्योंके कुँके कुछ तहनी भी यह आप लोग को कारुबार रहा है
18:06जाधा तर बुनकर मुस्लिम समाच से आते हैं अपने व्यवसाय पर जो आप लोगों का धक्का पॉंचा है वो तो
18:12पॉंचा है जिसके चलते आप लोग कही न कहीं चुनाफ का भाहिशकार करने की बात करें लेकिन साथ साथ ही
18:18साथ उसके समाचिक रूप से भी कहीं न कहीं �
18:21आज अलब संख्यक समाच पर एक अलग किसम का एक दबाव है तो तो क्या उसके बावजूद भी आप ये
18:28सोच रहे हैं कि चुनाफ का भाहिशकार ही करेंगे ने देखिए बहिशकार का मतलब यह नहीं है कि हम जाएंगे
18:34नहीं ओट देने जिए चुनावा योग ने हमें एक
18:50दो जूमले खर्च करते हैं तो हम यह चाहते हैं कि मतलब सरकार थोड़ा भी जो है अगर नज़र डाल
18:56दे और कपड़े की खरिदारी हम लोगों से सुरू कर दे जैसे कि किसानों का 12 रुपया कीलो सरकार गहूं
19:03खरीदती है और 10 रुपया 2 रुपया कीलो उसको बाढ़ती ह
19:08सरकार को उससे नुकसान है हमारा कपड़ा जो हम बनाते हैं यह टोटल ड्रेस का कपड़ा बनता है और सरकार
19:14उत्तर परदेश की गोवर्नमेंट खुद दो ड्रेस बच्चों को साल में एक बार देती है पूरे स्कूलों में फिरी खाकी
19:21रंका इसके पहले मायवती जी की सरक
19:23सरकार थी तो इस्टिल गेरे और नेवी बूलू कलर का दिया जाता है जब मॉलायम याखलेस यादो की सरकार आई
19:28तो उन्होंने खाकी रंका कर दिया फिर किसी की सरकार आगी तो को यह और रंकार बदल जाएगा अगर कपड़े
19:33की जरूत रहे गया पुलिस की वर्दी भी �
19:37तो हम यह चाहते हैं कि सरकार 400 रुपिया दो ड्रेस का दो बच्चों को एक बच्चे का 400 रुपिया
19:44सरकार हर साल देती है जिससे कपड़ा खरीद के सिला करके वो दे दिया जाता है तो हम यह चाहते
19:48हैं कि सरकार हम से कपड़ा खरीदे डारे छोटे बुनकरों से यह पूज
20:07और सरकार का बारे रुपिया कीलो गेहूं जब खरीद के दो रुपिया कीलो बाढ़ती है बहुत नुकसान है हमारे कपड़ा
20:13खरीदने से सरकार को जर्रा बराबर भी नुकसान नहीं होगा और नहीं तो फाइदा है अब यहां पे सब को
20:19बताए कि प्रवांचल में खास है उस
20:38कब तो आजब लुकसान है और व्जлам शुरु काो फ्री नहीं हो पार रहे हैं कि अपलोंग उसके लिए क्या
20:54कर रहे हैं आप लोग देखे ऐसी बात नहीं है आप आदी जब 20% है तो हमें परतिनीदी बहुत
21:02बिल जाएंगे मेन शुरू में
21:05कि जहां जो मुखिया होता है, वहाँ से जो आदेश होता है, भई होता है, पश्पाथ मैंने शुरू में बताये
21:10था आपसे.
21:10तो यह जो तीन पार्टियां है खासका, कांगरेस है, सपा है, बस्पा है, सब लोग मुसल्मान ओटों के लिए करते
21:17हैं कि हम ही सबसे बड़े रहनुमा हैं, तो और कांगरेस में भी हैं, बस्पा में भी हैं, सपा में
21:24तो सबसे बड़े आपने चेंपियन करती हैं, तो उन लो
22:02क्या आप लोग आने वाले सालों में इस चुनाफ के बाद क्या आप लोग
22:10एक पासमानदा आन्दोलन को जिस तरह से दलित आन्दोलन भी खड़ा हुआ है जिस तरह से पिछड़े वर का आन्दोलन
22:17भी खड़ा हुआ है उसी तरह से क्या आप एक मुस्लिम पासमानदा आन्दोलन को भी पुर्जोर तरीखे से उठाने की
22:23सोच रहा है इसके लिए हम लो�
22:38सरकार हमारे यह नहीं समझ में आ रहा है कि इतना बड़ा उत्तर परदेश है और इतना बुनकर समाज है
22:45कि उन्हें ही जरा सध्यान देती है जरा हालात अब कहीं पी चले जाए यह बहुत बद्तर हालात है
22:49सर्फ ऐलक्षन पीरिड में लोग आते हैं
22:54अब छीज़ बता ए्यखक ali मैं आपसे इते है श्याइप भी।
22:57तब कि आप आप मुस् calories बहुते हैं तो मुस्लिम दॉलम राजनीतिम भी और गेहराई के नाम पर शभजा बने
23:16हुआ ह ожидs does ship irrigation
23:16सुम्हां वह बंका या जम ऐस एक ताय।
23:19आफ उनके भी प्रतिनीदी आप उस दिश्वा में चाह रहे हैं
23:22मुस्लिम भी हो àsगे बढ़ने के लिए तो हम चेहा हम लोगों पर तो हम लोग fell
23:49पर तो लेबल लग गया कि इस समाजवादी का है, चार दस लोगों के बीच में बैटते हैं तो वो
23:53समाज़ता है कि बसक्रोय मुलाहिम से इंकार हुए है, और पांच सल के बीच में अकलेस यादू ने एक बार
23:56मुझूल करो का नाम है, नहीं तो

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