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  • 19 minutes ago
विनीत मिनोचा हत्याकांड: 21 दिन बाद जेल से बाहर आई शालू, बयां किया अपना दर्द

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00:00विनीर मिनोचा हत्याकान में जिस शालू को पुलिस ने मास्टर माइंड माना जाच में सामने आया किवे पूरी तरह निर्दोश
00:06है जिसके बाद 21 दिन बाद कोट के आदेश के बाद आखिरकार शालू जेल से बाहर आई हैं और इस
00:11वक्त आज तक से एक्स्क्लूजिव बात क
00:13करने के लिए मौजूद हैं शालू बहुत चुनौती पॉर्ण दिन आपके लिए रहे हैं 21 दिन जिस तरीके की खबरे
00:20चली जिसमें हम भी शामिल है सबसे पहले तो कहीं ना कहीं हम माफी मांगना चाहेंगे जिस तरीके से हम
00:25लोग ने आप लोग के उपर खबर चलाई हाला
00:27कि वो सिर्फ जो पुलिस द्वारा तत्थ दिये गए थे उस पर अधारे थी लेकिन तब भी जो आपके उपर
00:32बीता हुआ आप समझ सकती हैं फिलहाल कैसा मैसूस कर रही हैं जेल से आने के बाद क्योंकि मिक्स फीलिंग्स
00:36होगी आप तो जेल में हैं और आपके पती जो है �
00:38को अंदर है अब ही तो मैं मिल्कु स्टेट ऑफ माइंड पर नहीं हूँ बट बहुत खुशी है मुझे कि
00:45मैं अपने परिवार अपने बच्चे से मिलने जा रही हूं सबसे ज़्यादा मुझे अपने बच्चे से समय मिलने के सब्सक्ता
00:50हो रही है
00:53यह जब पूरा मामला सामने आया आपको औरेस्ट कर लिया पुलिस ने आपको कहीं ने कहीं यह आइडिया था यह
01:01इल्म था कि सुबरत जो आपके पती हैं वो पूरे मास्टर माइं निकलेंगे या फिर इस तरीके की जो प्लैनिंग
01:06है उनके द्वारा की जा रही है
01:08नहीं मुझे बिल्कुल भी आइडिया नहीं था इस चीज़ का कि शुबरत या कोई मुझे बिल्कुल आइडिया ही नहीं था
01:13कि यह सब क्या हुआ है मेरे लिए तो बिल्कुल शौकिंग सिच्वेशन थी जो हुआ है जो भी मेरे साथ
01:18हुआ है जैसे भी मुझे मेरे साथ ह�
01:36पूरी बातचीत हो रही थी लेकिन उस वक्त सुबरत ने कुछ औरी
01:39प्लान कर रखा था. आपके मन में कहीं न कहीं आपको कहीं इसमें
01:42विश्वास किया कि बूले शक हुआ कि क्या चल रहा है या कहीं
01:46न कहीं न कहीं इसमें अंदेशा हुआ आपको.
01:47नहीं मुझे कोई अंदेशा नहीं था, हम लोग बाकी पार्टी में थे, बहुत इंजॉई किया, हम लोग वहाँ पे होस्त
01:53है, तो जल्दी गए थे, कुछ भी मुझे आइडिया नहीं था कि ये सब कुछ प्लैंड है या मुझे कुछ
02:00आइडिया नहीं था किसी चीज़ का भी
02:02पुलिस के सामने आपकी जो है सुबरत के सामने बैठा के पूछताज भी हुई, उस वक्त क्या आपने पूछा सुबरत
02:09से कि तुमने ऐसा क्यूं किया या मुझे क्यूं फुसाया, क्या उस वक्त सुबरत ने आपको बोला जब पुलिस के
02:14सामने पूछता चल रही है, शु�
02:30हुए पोलिस कस्टडी में या फिर जो पुलस ने गिरफतार किया या आपको
02:34बीच में विश्वास हो गया था मैं अभी भी स्टेट आफ माइन में यहां कि मैं यकीन
02:38नहीं हो रहा कि
02:39शुबरَत नहीं किया यह सब मुझे भी भीड़ी नई यकीन हो पामरा की
02:44नहीं कर पा हुँ हैं अगि सुब्रत ने हम से भी बात करी थी आज तक से जब उनको रेमान
02:50मिले के जाया जा रहा था और उने आज तक के
02:52कैमरा पर ये बताया कि उनको कोई मलाल नहीं है अपने पिता की मौत का साती सारों ने बताया कि
02:57financial independence नहीं थी, उनके अवैद रिष्टे थे, दूसरी महिलाओं से, ये सुबरत ने बताया है, आज तक पर on
03:02record, आप कैसे देखती हैं, आप क्यूंकि साथ में रही हैं, कैसे रिष्टे थे दोनों के बीच में, क्या बातचीत
03:08होती थी?
03:09इफरेंसे जरूर थे दोनों के बीच में, बगट कभी मैंने ये नहीं सोचा था, कि इतना हद तक चीजे बिकार
03:14हो जाएंगी, इतने हद तक चीजे खराब हो जाएंगी, कभी भी नहीं थाट प्रासेस, मैं पूरी कोशिश करती रहती थी
03:20थी, कि घर में बैलेंस बना रहा है,
03:22घर में सब कुछ ठीक रहे, अगर मुझे नहीं पता था कि अंदर ये अंदर इतनी प्रॉब्लम्स हो रही थी,
03:27मतलब मेरे सामने तो इतना जाहिर नहीं हुआ, कभी क्यूंकि दुकान में क्या होता था, ओं मुझे नहीं पता था,
03:34कि दुकान से तो मेरा कोई लेना देना ही �
03:36नहीं था जो खुल कर सामने आये जब दोनों के बीच में लड़ाई हुई या महिलाओं के जो बात है
03:42ये उस उब्रत ने उठाई हो कभी नहीं मेरे सामने नहीं उठाई है कभी भी ऐसी चीज शुब्रत थोड़ा सी
03:47क्रेटिव थे तो इतना जल्दी वह शेयर नहीं करते थे �
03:51आपको कही नहीं दुख है कि खुद तो चलो नहीं उनको करना चाहिए था लेकिन आपका जो नाम लिया वो
03:57उससे आपको दुख पहुंचा कही नहीं बिल्कुल मैं अभी कुछ स्टेट ऑफ माइंडी मेनी में समझ ही नहीं पा रही
04:04हुए कि क्या हुआ है मेरे साथ एक दम स
04:06अब आपकी पिछ नहीं किया मैं इनकी नहीं किया कि मैं अभी कुछ बीनमी के पास है वे इसको कि
04:27एक तरीके से परिवार
04:29खतम सा हो गया, पती आपके नहीं रहें, ससुकी आपकी हत्या हो गई, अब आप कहां आपने सोचा है आगे
04:35रहने का या क्या करने का, जो कानपुर में आपका घर है, वहाँ पे तो आप कोई है ने, आप
04:40अपनी जो जिन्दीगी की शुरुवात, क्या अपने सोचा है उसके ब
04:59चाहे वो जेल के अंदर हो, चाहे वो बाहर जो चल रहा था,
05:02इन्वेस्टिगेशन में जो सामने आया, जो फसाने की कोशिश करी,
05:05जिसका एक मुख्य पॉइंट जो है विशाल है, ये अधार बताया गया कि विशाल से आपकी बहुत सारी बातचीत थी,
05:11फोन पे, लेकिन बाद में बता लगा कि उसको फ्रेम किया गया, आपसे विशाल ने जब फोन कर तो आपको
05:16लग रहा था कि इस मांसिक्ता से फोन कर रहा है या फसाने के लिए?
05:19बिलको भी नहीं, वो छोटे-मोटे काम करता था विल्को अडिया नहीं था मुझे की पीछे, ये सब हो रहा
05:26है, चुछ भी प्लाइन है, बिल्को अडिया नहीं fitness विशाल ने निया नंबर लिया हत्या के पहले, जो सुबरत ने
05:32उसको कहा कि आप के नंबर पे फोन करें, ज�
05:49उसे दिया और बस इतना ही था वाकि उसी ने मुझे फोन किया था मैंने किया था एक सवाल में
05:56लूँगा आपसे खतम करने से पहले गार्ड को लेकर जो स्टीटमेंट सबसे ज्यादा उसका अधार बनाया गया कि आपने एंट्री
06:02करवाई थी विशाल की शुभं के नाम से गा
06:17करता कि मेरा स्टाफ आ रहा और उसको आने दीजेगा बसा बी जाभी कभी कुछ कहा किया था कियूस्की रिजिस्टर
06:21में इंट्री मत करना था रैपकुल
06:34होती है कोई भी आता है तो रतन ओर्बिट में होती है इंट्री आप कोट से निकली हमने देखा कि
06:41कैमरे की तस्वीरों के बीच में आप भावुक थी उस वक्त शायद नहीं पुलिस अपना स्टैंड क्लियर कर पाई थी
06:47लेकिन आपके मन में कहीं न कहीं दुख था इस बात का
06:49दुख अभी भी है जो आपके साथ हुआ कैसे दिखती है इस पूरी चीजों को जो आपके सामने पीटे जिनों
06:54घटी है
06:57मैं बस थाइंक्यू करना चाहती हूँ कि उन्हों ने आई यू ने और शिवाकान दिख्षित ने मुझे जस्टिस दिलाया है
07:02इसके लावा मैं कुछ और नहीं कहना चाहती हूँ
07:06हम समझ सकते हैं आपकी स्तिथी कैसी है लेकिन आपने इतनी बात जो रखी उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आखरी
07:14सवाल एक लोगा सुब्रत को लेकर उसके परिवार को लेकर सुब्रत ने कहीं न कहीं ये बताया हमारे कैमरा पे
07:22उसको मलाल है आपको फसाने गा आ�
07:35कि मैं इस जवाब नहीं देना चाहती है इस चीज़ का क्योंकि मैं अभी स्टेट में नहीं हूँ कि मैं
07:40इस कुछ रिष्टे सोच पाऊं इस सिर्फ मुझे अपने बच्चे से मिलने का हो रहा है बहुत-बहुत अन्यवाद हमसे
07:46बात करने के लिए थी शालू जिनोंने पहल
08:03कार पुलिस इंवेस्टिगेशन पर क्या कत्तत्य निकल कर सामने आते हैं और आखिर इस केस को क्या अंजाम मिलता है
08:09वीडियो जनलिस्ट शुक्ला के साथ से मरचावला कानपुर आज तक

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