दिल्ली-NCR में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार सामने आ रहे यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताते हुए सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने पार्क में कथित सामूहिक दुष्कर्म और चलती स्लीपर बस में नाबालिग से यौन उत्पीड़न जैसी हालिया खौफनाक घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है. 2012 के निर्भया कांड का हवाला देते हुए बेंच ने सिस्टम पर तीखा सवाल उठाया कि इतने सालों बाद भी कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा में आखिर कितना बदलाव आया है?सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा है कि अब सिर्फ एकजुटता और चिंता जताना काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.