00:00देखिए, Election Commission की विश्वसनियता और उसकी साख एक Indian Express के रिपोर्ट से प्रभावित नहीं हुई है, उनके अपने
00:08कारेकलाप जो पिछले 5-7-8 सालों में रहे हैं, और जानेश कुमार और इनसे पहले जो राधिव कुमार जी
00:14CEC थे, उनकी भी कारेसेली करीब करीब यही थी।
00:18पूरे देश में इस बात पर चर्चा होनी चाहिए, कि जो फुर्व CC थे, वो आज देश के सबसे बड़े
00:26प्राइबेट बैंक HDFC के चेर्मेन कैसे बन गएं।
01:11इस बात हम लोग पिछले दस साल से कह रहे हैं।
01:18दस साल से इस बात को कहा जा रहा है, और सभाविक है कि इंडिन एक्सपरेस की जो रिपोर्ट आई
01:24है, उसने एक तरीके से उस पूरी चर्चा को बल दिया है,
01:27क्योंकि उन्होंने इंटर्नल कम्यूनिकेशन को पब्लिक डोमेन में रखा है, और ग्यानेश कुमार के इस्तिफाद देने से उनको तो देना
01:34ही चाहिए, क्योंकि उनकी गलती पकड़ी गई है एक तरीके से, उससे नहीं बात बनेगी, व्यापक्स उसमें रिफॉर्म की ज
01:57आपक पर कदम उठाने चाहिए, सुप्रिम कोर्ट की उसमें भूमिका होनी चाहिए, किस तरह से कमिशनर्स की न्युक्ती होती है,
02:04उनकी भूमिका क्या होती है, जो वोटर लिस्ट बन रहा है, उसको जो पहले से भी कई दल मांग कर
02:08रहे हैं, कि उसको आप डिजिटल मसीन �
02:10इडिवल फॉर्म में रिलीज कीजिए, जब बूत पर भोट पड़ता है, वो फॉर्म सेवेंटीन, मैं ये बात आपको बता रहा
02:18हूँ, मैं राजीव कमार जी से उसमें मिलकर भी मैंने कहा कि आप जब बूत पर फॉर्म सेवेंटीन जहां भोटिंग
02:24खतम होती है, उसको आ
02:39और फिर अगले दो दिन, तीन दिन के बाद आप जारी करते हैं कि 65% पोल हो गया, काउंटिंग
02:45जब हो रही है, उससे लोगों को सक होता है, तो अगर एलेक्शन कमिशन इन चीजों को में ट्रांसपरेंसी लाएगा,
02:53टेक्नॉलोजी का जमाना है, अगर आप चीजों को पब
02:57बढ़ेगी, विश्वशनीता बढ़ेगी.