00:04रायपूर के सदर बाजार में पडेस मलवे की तरह जरजर इमारतों से सुरक्षा का दावा भी जम मिंदोज हो रहा
00:10है।
00:30इसे लेकर विबक्ष ने सवाल उठाया है कि जरजर भवनों के मामले में कारवाई सिर्फ नोटिस तक सिमित नहीं रहनी
00:36चाहिए।
01:00पर तालिस जरजर भवनों का आक्रा सामने है लेकिन इन पर होने वाली कारवाई लंबी प्रक्रिया में उलजी रहती है।
01:06नगर निगम तै कानूनी प्रक्रिया नोटिस और स्ट्रक्षर इंजीनियर की प्रमानन को इसकी बज़ा बता रहा है।
01:12नगर निगम में जो जरजर और जरजर भवन हैं उन सब का हम लोग जो प्रतम दिश्टे हमें जो दिखते
01:18हैं कि
01:18सेफ और हैबिटिशन नहीं हैं उनको हम लोग नगर पाले का दिनियम के धरा 309 और 310 के अंतर ज़र
01:24नोटिस तेते हैं।
01:25इसमें जो रहवासी होते हैं उनको हम लोग 30 दिन का समय देते हैं कि वो एक बार स्ट्रक्ट्रल इंजिनियर
01:31से सर्टिफिकेशन ले के प्रूव कर ले कि वो भवन रहने युक्त है कि नहीं।
01:54जरजव इमारतों जैसा गंभीर मुद्दा कई बार सुरक्षा से हटकर सियासी बयानबाजी और प्रशास्ति प्रक्रिया और दावों के बीच उलचकर
02:01रह जाता है।
02:02अब देखना होगा कि क्या सिस्टम संभावित हाथसे से पहले कारवाई करेगा या किसी बड़ी घटना के बाद ही जरजर
02:08भवनों की सुद ली जाएगी।
02:10राइपूर से ETV भारत के लिए साहक मुक्ष समवधाता प्रवीन कुमार सिंग की रिपोर्ट।