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  • 16 minutes ago
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉक्सो के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है...जिसके बाद से देश की राजनीति गरमा गई है...दरअसल दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया कि 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करने के बाद उसके साथ यौन संबंध बनाने पर पति को सिर्फ इस आधार पर आपराधिक कार्रवाई से छूट नहीं मिल सकती कि शादी मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुई थी...कोर्ट ने साफ किया कि व्यक्तिगत कानून POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता में बच्चों को दिए गए कानूनी संरक्षण को खत्म नहीं कर सकता...अब इसी मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं

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00:00दिल्ली हाई कोट ने एक पॉक्सों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है जिसके बाद से देश की राजनीती गर्मा
00:07गई है
00:07दरसल दिल्ली हाई कोट ने साफ किया है कि 18 साल से कम उम्रिकी लड़की से शादी करने के बाद
00:14उसके साथ यौन संबंद बनाने पर पती को सिफ इसाधार पर आपराधिक कारवाई से चूट नहीं मिल सकती कि शादी
00:22मुस्लिम पॉसनल लौके तहत हुई थी
00:24कोट ने साफ किया कि व्यक्तिगत कानून पॉक्स को एक्ट और भारतिये नया सनहिता में बच्चों को दिये गए कानूनी
00:31सनरक्षन को खत्म नहीं कर सकता अब इसी मामले पर राजनितिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं कोट के इस फैसले
00:38पर पहले आप एंडिये नेताओ
00:40को सुनिये कि वो क्या पुछ कह रहे हैं?
01:10Muslim Personal Law जो सरिया कानून है मजहबी गतिविधियों के लिए ठीक है लेकिन हर मामले में Muslim Personal Law
01:21की आड़ले जिस प्रकार से Muslim लोग नाजायस काम करते हैं उस पर एतराज बना चाहिए
01:27दिली आइपोट में सही का है कि अगर कोई Muslim व्यक्ति 18 साल से कम उमर की बच्ची के साथ
01:35ब्याह करता है तो वह भले उसकी पत्नी हो जिन वह एक पौक्सों कानून के तरद अपराजमा आजाएगा
01:44यहां पर यह नहीं हो सकता है बच्चे बच्चे होते हैं 18 साल के कम की हुमर की बच्चे में
01:51बत्यानी बनाये ऊसके मधश के अंदर उसको सजा होने चाहिए और
02:32ुपक्षी दल भी दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले से सहमत दिखे
02:36उनके मताबिक कानून कम उम्र के बच्चों और युवाओं के लिए समविधान के मताबिक ही फालो होने चाहिए
02:43सुनिये
02:44ये मुस्लिम परसनल लाबोड की कानूनी कोई हैसियत नहीं है
02:50चानून के मताबिक लड़के और लड़की की जो उमर तै कर दी गई है
02:56शादी उसी हिसाब से होनी चाहिए
02:59अगर उस हिसाब से शादी नहीं होती है
03:02तो भारत के अंदर उसे निश्चित तोर से गएर कानूनी माना जाएगा
03:06और हाई कोट का जो ये फैसला है
03:09कि एज के मताबिक शादी होनी चाहिए
03:12कानूनी पाबंदिया जो है एज को लेकर उसके मताबिक शादी हो
03:18तो ये सही फैसला है
03:20जो हमारा मझहभी अजादी है
03:23मझहभी कानूने यकिन मैं ये नहीं कह रहा है कि
03:25all those of us in our hearts are going to be free
03:29We have to do this in our own way
03:32The point of life is to do this
03:34We can still do this in our own way
03:37But the fact that each dispute is very different
03:40which comes from a law
03:42and the other one
03:43So the point of this we have to do this
03:49We must do this into our own
03:51but this is another view
03:54मैं घुंबी बहस की जरूरत है और अमें यही कहनगा कि हाईी कऊूट
03:59का जो आदेश है उसकी खिलाफ मैं अभी ऐसे कोई टिपड़ई
04:03नहीं करना चाहता है जब तक कि मैं उसकी पूरी जानकरी
04:05नहीं करलों."
04:06This is the same as Muslim Muslim Guru also has a high court to make a decision.
04:11And the law of the law of the government has been given to us.
04:15This is the same thing that we have been told by Muslim people who have been told by the country.
04:21We have been told by the whole world that our country, our Hindus, our Muslims are concerned.
04:27We have seen the same Muslims in the personal life as well.
04:31We have seen the same people who have not given us.
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04:40।
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04:43foreign
04:53foreign
04:55foreign
04:57foreign
04:57व्यक्ति को बच्चा माना गया है नाबालिक के सहमती होने का दावा भी आरोपी को अपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बचाता
05:05बी एनिस में भी 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंद को वैवाही कपवाद का संरक्षन
05:12नहीं दिया गया है दरसल मामला ऐसे दमपती क
05:15ता जिनकी शादी के समय लड़की की उम्र 16 साल 3 महीने और यूवक की उम्र 28 साल थी शादी
05:23के बाद दोनों साथ रहने लगे और महिला गर्ववती हो गई गर्वा वस्था के दोरान सरकारी अस्पताल में जाच के
05:30समय उसकी उम्र सामने आई जिसके बाद पुलिस ने मामला
05:33didge kiya tha

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