00:01चुनावायोग का बहुत बहुत इस फैसले का स्वागत करता हूँ कि उन्होंने दिल्ली में SIR के जो Claims and Objections
00:13की डेट है वो एक महिना बढ़ा करके 30 October कर दी है और जो Notices की जवाब देने की
00:20डेट है वो भी एक महिना बढ़ा करके 30 November कर दी है
00:24ये फैसला उनका unanimous decision है चुनावायोग का और मुझे इस बात पर बहुत हैरानी है कि सिरफ विरोध करने
00:39की राजनिती देश की विपक्षी परमुख विपक्षी दल करके अपना मजाप उड़ा रहे हैं चाहे वो राहुल गांदी हो अखिलेश
00:49जी हो या केजरिवाल हो
00:51एक अखबार की आर्टिकल के बेस पर वो narrative बनाने की कोशिश करते हैं देश के चुनावायोग के खिलाफ कि
01:02उनकी आपस में एक जुटता नहीं है
01:05वो चुनावायोग जो विश्व का सबसे बड़ा लोगतंत्र का चुनाव भारत का विश्व के सबसे बड़े लोगतंत्रिक देश भारत का
01:18आम चुनाव एक बार में successful तरीके से कराता है
01:23और जिसकी मदद लेने के लिए अन्य देश भी आतुर रहते हैं अमेरिका जैसी संस्थाएं भी भारत के चुनावायोग की
01:33ये तारीफ करते हैं कि इतनी निश्वक्षता से चुनाव और किसी देश में नहीं होता है
01:40उसके उपर सवाल उठाते हैं और वो सवाल भी इस बात पर इस बात पर उठाते हैं कि एक अख़बार
01:48ये चाप देता है कुछ भी ख़बर जो कि वो बिना पुष्टी के चाप देता है
01:53अगर उन्होंने उस अख़बार का वो पूरा आर्टिकल पड़ा होता तो उसमें हंत में भी ये लिखा है कि अख़बार
02:02के करोस्पंडेंट ने चुनाव आयोग से इमिल पत्र और टेक्स्ट मेसेजिस से जवाब मांगा अपने विशे पर जिसका जवाब चुनाव
02:16आयोग
02:16उन्हें नहीं दिया तो आपने आपको तो कोट में जाने से बचा जाता है वो समचार पत्र पर क्योंकि यह
02:23अपने मतलब की बात उठाते हैं राहुल जी केजरिवाल जी अखलेश जी ममता जी और जानबूज के जो देश की
02:31समविधानिक संस्थाय हैं चुनाव आयोग जैस
02:45चुनाव आयोग ने दिया है कि हमारे सारे फैंसले जुनैनिमस होते हैं एकमत होते हैं और उसके आधार पर ही
02:56इस समय भी 22 राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है
03:0112 राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद successful तरीके से चुनाव होता है जब 6 राज्यों का
03:11एक बार में चुनाव होता है जिसमें 2 राज्ये non-BJP के आते हैं non-NDA के आते हैं
03:18केरल का तमिल नाडू का वहां पर ये प्रसंचे नहीं उठाते हैं क्योंकि विपक्षी धल पूरी तरह से चटपटाहट में
03:26हैं वो अपना मजाग बनने से भी बाद नहीं आ रहे हैं
03:32राहुल जी प्रेस कांफरेंस कर देते हैं केजरिवाल जी लगातार अनरगल बात करते हैं लगातार अपनी वीडियो बना करके उल्टी
03:40सीधी बाते करते हैं बिना तत्यों के उपर बात करते हैं
03:43आज चुनाव आयोग की प्रेस रिलीस से स्पष्ट होता है कि उनके सभी फैसले युनैनिमस होते हैं, एक मत होते
03:51हैं, तीनों के तीनों आयुक्त उन सब फैसलों पर एक ही राये रखते हैं, अब इनके पास क्या जवाब है?
04:00क्योंकि ये हारते जा रहे हैं लगातार और छखपटाते जा रहे हैं विपक्षी दल जिसके कारण से ये इस तरह
04:09की अनरगल बात करते हैं, मैं एक बार पुना चुनाव आयोग को बदाई भी देता हूं और उनके इस फैसले
04:16का स्वाधत भी करता हूं, कि निश्पक्षता से क
04:20कानून के दाइरे में रह करके, S.I.R. का काम लगातार देश में हो रहा है।
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