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  • 19 minutes ago
ग्रामीणों ने कहा यह प्रोजेक्ट 1940 से चला आ रहा है. तब से लेकर आज तक ग्रामीणों के साथ कोई भी बैठक नहीं की गई.

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00:28।
00:58जो इस किशाओ डैम की जद में आ रही है।
01:21जमीन और संबर्ग के दोनों तरफ जितनी जगह उन्होंने टनर्ट बनाने को इसलिए रहे हैं।
01:29पूशिश करी थी। उसके अंदर वैसे ही मशिन्रिया दसी पड़ी है।
01:34और आज भी देखने को लिए।
01:36अब इसे रोज शुरू गया तो इसे क्या डर है।
01:38हमें ये डर है कि इन्होंने जो सरकारी मशिन्रिया थी, इन्होंने सरकार को गुमरा किया है।
01:5920 गाओं के लामबंदी के बाद प्रसाशन की टीम भी मौके पर पहुँची।
02:03उन्होंने ग्रामीनों की पीड़ा को सुना, जिसके बाद क्या कुछ कहा आप भी सुनिये।
02:08इन लोगों की क्योंकि क्वानों का जो छेत्र है वो आप जो जानते होंगे।
02:13बहुती उपजावों छेत्र है और बिरासत है इन लोगों की पुराने बसेवे गाओं है।
02:19इन लोगों का यह है कि में डिमांडिन की है कि इस गाओं की जमीन को मकानों को इस बान
02:28से बेरत रखा जाए और इस बान से उपर हटाल की तरफ,
02:33साथ-अट किलोमेटर उपर हटाल की तरफ जो है सर्वे करके इसको सिट के आपाई।
02:49बहराल अभी हिमाचल और उत्राखन के 20 गाओं के ग्रामिनों ने सरकार को चेताने के लिए केवल सांकेतिक धना दिया
02:56है।
02:57इनका कहना है कि अगर इनकी मांगें नहीं मानी गई तो भविश्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा जिससे कई राज्यों
03:04की परिशानी बढ़ सकती है।
03:06EGV भारत के लिए विकास नगर से टीकम वर्मा।

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