00:00दिखें यह सरकार है डरपोक और सरकार को जो लीड कर रहे हैं ना दोनों हमारे प्रधानमंद्री मोदी और अमिट्शा
00:09उनके अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि आम जनता की आवाज सुन सके वो तो पहले यह होता था कि
00:17यह सारी जो जगाएं हैं पहले तो आपको भी याद है हम
00:23करते थी बॉट क्लब पे प्रोटेस्ट होती थी जहां चाहते थे वहाँ प्रोटेस्ट करते थे उससे कम-कम-कम करते
00:30अब यहां पर इन्होंने इत्ना कर दिया जंतर बंतर उसके अंदर भी वेरिकेड लग अब यह पहली बार जिंदी में
00:36देख रहे हूं मुझे 30-35 साल हो क
00:38कि जंतर मंतर की जो प्रोटेस्ट साइट है वहीं अंदर नहीं जाने दे रहे हैं तो देखिए उपर तो तै
00:56करेगी जंता लेकिन जंता तो लगातार अपना असमर्थन दे रही है लेकिन ग्यानेश कुमार तो उसके मोरे कहें आप जो
01:05भी कहें इस्ट्रूमेंट है ना
01:06एलेक्शन तो वहीं से होता है अब एलेक्शन कमिशन के अंदर ही इतनी जब गड़-बड़ है तो आप डालते
01:12रहें वोट आप अपना वोट रोजड डालते रहे हैं हर पांश साल में डालते रहे हैं कि हम औब मोदी
01:17नहीं चाहिए लेकिन मोदी हीänge लोट के आगा क्योंक्य
01:36में लगाए हैं 2012 में जब गुजरात का एलेक्शन हुआ था मोधी उसी एलेक्शन में हार रहा था लेकिन उस
01:43वक्त भी EVM को मैनुपलेट करके क्या क्या करके एक दिन आप तीन दिन पहले उसकी बॉड़ी लाइंगुईज देखते मोधी
01:50हमें इचा की और दो दिन बात देखत
01:52हैं तो जैसे आज डिकलियर करते हैं हमारी तो इतनी सीट आएगी और उतनी आती है क्योंकि EVM को वो
01:58पहले से प्रोग्राम करके रखते हैं तो उतनी आती है लेकिन अब सिरफ EVM नहीं है EVM के घुटाले अलग
02:04इनके घुटाले अलग SIR के अलग वोटर्स को बाहर निकाल के �
02:09उसके अलग लेकिन एक चीज मैं जरूर काऊंगी जिस चीज से मुझे खुशी हुई कि इतनी घटिया हालात में एक
02:17Semi-Fascist सरकार के अंदर Election Commission के अदर दो Election Commissioner बैठे हैं जिन्होंने 14 बार प्रतिरोध किया प्रतिरोध
02:27उनका सुना नहीं किया वो बात अलग है लेकिन प्रति
02:35लिबरेट करना चाहिए इस बार आप देख रहे हैं कि देश एक बड़े आंदूर में कि पर पढ़ड़ा है या
02:40यह भी दो चार दिन ही चलेगा बसार नहीं बढ़ेगा दो चार दिन नहीं चलेगा यहां पर जो कुछ हुआ
02:45जो हमारे देश के नौजवानों ने आके जितन
02:57के बैठने वाले नहीं है