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विनीत मिनोचा हत्याकांड में कैसे साबित हुई शालू की बेगुनाही? देखें वारदात

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00:00नवास्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाद
00:03कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिलोचा मडरकेस में उनकी बहु शालू की रहाई का रास्ता साफ हो गया
00:10कानपूर पुलिस ने आज शालू की बेगुनाही के दस्तावेज कोट में सौप दिये
00:16इसके बाद उम्मीद है कि जल्दी शालू जेल से बाहर आ जाएगी
00:20कानपूर पुलिस ने कोट को जो दस्तावेज सौपे हैं उनमें वो चार वजहें बताई हैं
00:26जिनकी वज़ा से पहले शालू को गिरफतार किया गया और फिर उसे बेगुनाह करार दिया गया।
00:35ये कानपुर सेंटरल जेल हैं तस्वीर 23 सितंबर की है।
00:40कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बहु शालू पुलिस पूच्टाच के लिए जेल से बाहर लाई गई थी।
00:4824 घंटे के लिए इस दोरान शालू को पुलिस अपने साथ कई जगा ले ले।
00:54फिर एक मौका ऐसा भी आया जब 16 दिन बाद शालू और उसका पती सुब्रत इसी थाने के कमरे में
01:01आमने सामने बैठे थे।
01:0324 घंटे की पूच्टाच के बाद बेशक शालू वापस इसी जेल में पहुँच गई लेकिन ये 24 घंटे शायद शालू
01:12की जिन्दगी के सबसे एहम और तीमती 24 घंटे थे।
01:17क्योंकि इन ही 24 घंटों में खुट कानपूर पुलिस ने ये साफ कर दिया कि ससर विनीत मिनोचा की गाति
01:24शालू नहीं बलकि शालू का पती और विनीत मिनोचा का बेटा सुब्रत रहेगा।
01:29शालू अगले कुछ दिनों में इस जेल से फिर से बाहर आएगी लेकिन इस बाहर वापस जाने के लिए रहें
01:36बलकि अब उसकी जखा इस जेल में विनीत मिनोचा का असल गातिल सुब्रत रहेगा।
01:4724 सितंबर को कानपूर पुलिस ने बाकाइदा प्रेस कांफरेंस कर शालू की बेगुनाही का ऐलान किया था।
01:54इसके बाद 25 सितंबर को कानपूर पुलिस के आला अफसरों ने लीगल टीम के साथ एक मीटिंग के।
02:00मीटिंग में विनीत मिनोचा मररकेस में आए नए मोर और नए सबूतों के मद्दे नज़र शालू की बेगुनाही के काखजा
02:08तयार किये गए।
02:10कानपूर पुलिस की ये रिपोर्ट 25 सितंबर को ही अदालत को सौप दी गए।
02:14इस रिपोर्ट में शुरुआती जांच और उस जांच के बाद शालू के खलाब जापे सबूत और फिर शालू की गिरफतारी
02:21फिर इसके बाद उसकी बेगुनाही के सबूतों का जिकर किया गया है।
02:26इसी के बिना पर कानपूर पुलिस ने अदालत से शालू को जेल से रिहा कर देनी सिफारिश की है।
02:32कानपूर के पुलिस कमिश्टर रगुबी लाल ने 24 सितंबर को ही आज तक से बातचीत के दोरा इस बात की
02:39तस्दीग की थी। कि शालू की रिहाई के लिए पुलिस कोट का रुख करेगी।
02:46मैं आपको और अस्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे मन में ये था कि कोई गलत नहीं जाना चाहिए।
02:52इसलिए हमने पीशार ले करके और स्वेम मैं भी उसमें रहा हूं टीम के साथ हमने पूरा थोरो इंटेरोगेशन करा।
03:00धंग से जितने गैप्स के उन गैप्स को करने की कोशिज करें और उसको न्याए दिलाने के लिए अभी हमने
03:09तुरंत किलिंचिर तो नहीं दिये लेकिन हमारी जो विबेचना है उस डिरेक्शन में जा रही है कि जब जो है
03:16जो गॉंट्रेट्री जो स्टेटमेंट्स हैं वि
03:19शाल ने पहले महिला को पूरा का पूरा आरूप इन पर मड़ा और अब जो है वो उसने कहा कि
03:26भाया ने करवाया था तो उसकी भी हम लोग गहराई से बिवेचना कर रहे हैं और बहुत जल्द ही जो
03:33न्याएक है उसको निर्दोस है तो उनके समंद में तो कि जान बिवेचन
03:49करके उसको फसाया हो जो उस समय की परिस्तित्यां जो साक्षे हो है उसके उनरूपी ही पुलिस की दौरा करवई
03:55कर रहे ही
03:59शालू की जल्द रिहाई के सिलसले में कानपूर पुलिस ने अदालत को जो रिपोर्ट सौपी है
04:04उस रिपोर्ट में वो चार वजहें बताई गई है
04:07जनकी वजह से शुरुवात में शालू को गिरफतार करना पड़ा
04:10जब की बाद में पता चला कि वो बेगुना है
04:13कानपूर पुलिस ने शालू की रिहाई के लिए जो पहली वजह बताई
04:18वो ये कि विशाल ने शुरू में ये कहा था
04:20कि शालू नहीं विनीत मिनोचा का कतल करने के लिए उससे कहा था
04:25लेकिन जाच और पूचताच के बार ये साफ हो गया
04:28कि विशाल ने जुटा बयान दिया था
04:30विशाल को शालू का नाम लेने के लिए सुबरत ने कहा था
04:37वो दूसरी वजह जसकी वजह से शालू को गिरफ़तार किया गया
04:41वो थी सोसाईटी के गाट का वो बयान
04:44कि शालू ने ही शुभम के नाम से अपार्टमेंट में पहुँचे विशाल को अंदर भेजने के लिए कहा था
04:50जबकि जाच में ये साफ हुआ कि उस दिन जानबूद कर सुबरत ने शालू से ये काम करवाया
04:55शालू ने घर के लिए कुछ गलास और गजरा मंगवाया था
04:59वही देने विशाल शुभम बनकर वहां आया था
05:02शुभम बनकर आने का आईडिया सुबरत नहीं उसे दिया था
05:06विशाल को शुभम नाम से एंट्री दिलाने के नाम पर जब शालू ने सवाल किया
05:11तो सुबरत ने कहा कि पापा विशाल को पसंद नहीं करते वो घुस्सा हो इसलिए नाम बतर दिया
05:20हमारे पाप उस समय की लीड के आधार पे हमने देखा ये घर के अंदर प्रविस कैसे करे तो गेट
05:27पे इंट्री के बारे में हमने जानकारी करी
05:30गेट पे इंट्री के बारे में जब पता लगा है कि शालू ने फोन करके विशाल को बुलाए था
05:37और विशाल से जब हमने बातकित करी तो ये इसका नाम जो है सुवम
05:44सुब्रत ने ही इसका नाम सुब्रम बताया था
05:46सुबं बताय था तो इस महिला ने क्योंकि विशाल को इसके पिताई जी पसंद नहीं करते थे और विशाल, सुब्रत
05:55और शालू की मदद पहले से करता आ रहा था
06:02शालू को रहा करने की कानपूर पुलिस ने जो तीसरी वजह बताई वो घर की चाभी का सच है
06:09कानपूर पुलिस की जाच में ये साफ हो गया कि डुब्लिकेट चाभी शालू ने नहीं, खुद सुब्रत ने बनवाई थी
06:15हाला कि डुब्लिकेट चाभी बनवाने के बाद सुब्रत ने विशाल को घर की असली चाभी दे दी
06:21जबकि डुप्लिकेट चाभी खुद अपने पास रख इसकी वज़ा ये थी कि अगर आएन वक्त पर डुप्लिकेट चाभी से दर्वाजा
06:28न खुला तो क्या हो इसलिए सुब्रत ने उसे असली चाभी दे थी
06:34दर्ट की चाभी आपने ठर की ठिफलेट की चाभी कब पर दीटी तो उसकर अमारे इं गाड़ी में लगी रहती
06:42थी तो वही गाड़ी है जलिकाल के आपने देंदू हैकर दों Economiello
06:58ठीप लोग तेगाए अपर अपर शालू की बेगुनाही की जो चौतिय और आखरी वजह कानपुर पुलिस ने बता है
07:07वो ये कि शुरू में पुलिस को शालू और विशाल के कॉल डिटेल से ये घलत फहमी हो गए थी
07:13कि दोनों कतले की साज़िश के लिए बात चीट कर रहे जबकि जाँच में ये सामने आए
07:18कि शालू ने विशाल से चार सितंबर को बेशक चार बार बात की
07:22लेकिन ये सारी बात चीट जर्मास्टमी का सामान लाने के लिए हुई थी
07:26जबके गतल की असली साज़िश की बाची विशाल से सुबरत कर रहा था
07:34सुबरत की गिरफतारी के बाद पुलिस का पूरा फोकस अब इस बात पर है कि कैसे शालू को जल से
07:39जल जेल से बाहर निकाला जा सके
07:41जिसके चलते कानपर पुलिस ने अपनी लीगल टीम के साथ एक बैठक की और उन चार पॉइंट्स पर अपना जवाब
07:46तयार किया
07:47जिसके चलते शालू की रहाई का रस्ता साफ होने पाए
07:50पुलिस के मताबिक विशाल ने सुबरत के कहने पर शालू के खिलाफ पुलिस को जूटे बयान दिये
07:56चाहे घर की चाबी वाली कहानी हो या फिर गाड दोरा ये बयान देना कि उसने शालू के कहने पर
08:01विशाल की सोसाइटी में एंट्री करवाई
08:03या फिर विशाल के नए नंबर से शालू के साथ बाचीत के रिकॉर्ड्स हो
08:08पुलिस के मताबिक जो सभी तत्थ शालू की तरफ इशारा कर रहे थे
08:11उसे विशाल और सुबरत ने मिलकर जानमूच कर गड़ा था
08:15फिलाल पुलिस ने 24 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है
08:20ताकि जल सजल इस केस में सुनवाई होने पाए और शालू जेल से बाहर निकलने पाए
08:27यानि कुल मिलाकर यही वो चार वजह हैं जिसमें शालू फ़स गए
08:31और इसी वजह से पुलिस ने उसे विनीत मिनोचा का कातिल करार दे कर
08:36कतल के 72 घंटे बाद ही गिरफतार कर लिया था
08:39और अब यही चार वजह शालू की रिहाई का रास्ता खोलने जा रही है
08:45कानपुर पुलिस को लीगल टीम के साथ मिलकर ये रिपोर्ट इसलिए तयार करनी पुड़ी
08:50कि अब शालू की रिहाई का फैसला कानपुर पुलिस नहीं बलकि अदालत करेगी
08:55शालू के वकील ने भी शालू की रिहाई के कानूनी दावपेज की जानकारी दी
09:14अगर पुलिस को लगता है कि उसके खिलाब कोई साक्ष नहीं है तो वो मानी नियाले में प्रार्थना पत्र देंगे
09:21अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेंगे और उसके बाद ही सालू बाहर आएगी
09:25अपनी तरफ से क्या कारवाही रहेगी अगर पुलिस थोड़ा देर करती या भी नहीं करती कि आप लोग की तरफ
09:29से कोई अप्लिकेशन दायर करी जाएगी
09:31नहीं चुकि इसका कोई बिधिक आधार अभी नहीं है अभी उन्होंने प्रेस कांफरेंस से कहा
09:36जब तक ये सारा इन्वेस्टिगेशन का पार्ट नहीं बनेगा
09:40सारी चीजे इन्वेस्टिगेशन में नहीं आएंगे
09:42तो जिस तरीके से अभी तक निस्पक्ष भी बेचना हुई
09:46हमें लगता है कि बगर देरी किये
09:47उसे इन्वेस्टिगेशन में आड़ करेंगे
09:49और जल्दी से जल्दी मानी नियाले में सामिल करेंगे
09:52और सम्मिल्ट करेंगे
09:54और शालू को मानी नियाले के आदेश से जेल से रहाई हो जाएगी
10:00शालू को बेगुनाह करार देने पर अब शालू का परिवार भी खुश है
10:04शालू के भाई का कहना है कि उन्हें कानपूर पुलिस की जाच पर पूरा भरोसा था
10:09बेशक भीक में बहुत सारी चीजें हुए लेकिन अब जब सक्ष सामने आ गया है तब वो शालू को लेकर
10:15खुश है
10:15लेकिन वो अब भी हैरान है कि सुबरत ने ऐसा चुप किया
10:21कानपूर पुलिस ने अपने का के पक्ष रखा है सुबरत को गिरफ्तार किया है उसने कबूल भी किया है कि
10:26उसी नहत्या करी क्या कहेंगा
10:27विवेचना का हम लोग को हमेशा से था कि पुलिस हमेशा अच्छी विवेचना करेगी और जैसे कि पहले भी कहा
10:35था कि निश्पक जाच होगी और हम लोग संतुष्ट पुलिस की विवेचना से धन्यवाद करना चाहते हैं पुलिस प्रशासन को
10:40और हमारे वकीव साब को उन्ह
11:06प्रेट के बारे में क्या कहेंगे आपके जीजा हैं और एकी परिवार में
11:25आप लोग रहे हैं साथ समय बताया होगा
11:27इस तरीके से उनका पूरा इंवाल्मेंट सामने आना
11:30और सबसे महतुपूर बात उनका शालू का नाम लेना
11:34और शालू जब अंदर गिरफ्त में थी पुलिस के तो एक बार भी सामने ना आना
11:38कैसे देखते हैं जैसे कि पहले भी मैं बता चुक हूँ आपको
11:43कि इस चीज में उनका ना सामने आना इस पर श्ट्रूप से मैं नहीं कह सकता था
11:48बट आप लोग के माधिन जो चीज़े सामने आई हैं तो हम लोग वह बहुँ चंबे था
11:53कि इसको किस तरह किसे लें किस तरह से ना लें
11:58हाला कि कानपूर पुलिस 24 सितंबर को ही ये साफ कर चुकी है
12:01कि शालू को इस मडर केस में जान बूच कर खसाया गया था
12:05सादिश ऐसी रची गई थी कि शुरवात में खुद पुलिस उसमें उलच गई
12:09लेकिन धीरे धीरे जाच के दौरान कई ऐसी चीज़े सामने आए
12:13जिसके बाद पुलिस इस पूरे केस में यूटर लेती है
12:17दरसल जिस पहली चीज़ ने कानपूर पुलिस की जाच का रुख मोड़
12:21वो विशाल का नया सिमकार था
12:23पाँच सितंबर यानि विनीत मिनोचा के कतले के 24 खंटे बाद
12:27जब विशाल को गिरफतार किया गया
12:29तब पुलिस के पास उसका जो मुबाइल हाथ लगा
12:32उसमें उसका पुराना नमबर था
12:34बाद में विशाल के एक दूसरे सिम के बारे में पुलिस को पता चाँ
12:38ये दूसरा सिम विशाल ने तीन सितंबर को खरीदा था
12:41ये सिम उसने शुभम के नाम पर लिया
12:44इस सिम का इस्तिमाल पहली बार उसने तीन सितंबर की शाम 6 बजे किया
12:49फिर 6 बज कर 29 मिनट पर इसी नए नमबर से सुबरत को फोन किया
12:536.29 से 6.49 के दरमयां
12:56इसके बाद अगले 20 मिनट में इस नए नमबर से विशाल और सुबरत ने कुल चार बार बात की
13:01दो कॉल विशाल ने सुबरत को किये जब कि दो कॉल सुबरत ने विशाल को इस नए नमबर के चालू
13:07होते ही विशाल ने अपना पुराना नमबर पंद कर दिया था
13:10वो सुबरत ही था जिसने विशाल के यह नया νपर शालू को दिया था
13:15वो भी शुभम के नाम पर
13:18झैसे यह विशाल नया नमर यूज करता है जी्यो का
13:21और उसमें अपनी आइडिंटीटी सुभम लिखता है
13:25यह सुभम नाम की जानकारी विशाल को है और सुभत को है
13:31और सुबम का नाम शालू को बताने के लिए भी सुबरत नहीं बताया
13:36इसका नाम सुबम बताया
13:40हाला कि कतल के 24 खंटे के अंदर ही विशाल शालू का नाम ले चुका था
13:45लेकिन जब पुलिस की जांट आगे बढ़े तो पता चला
13:48कि विनीत मिनोचा के घर का सीसी टीवी कैमरा बंद पड़ा था
13:51सुबरत और विशाल दोनों ने पुलिस को शुरुआत में यहीं बताया था
13:55कि सीसी टीवी कैमरा शालू में बंद किया था
13:58लेकिन बात में जब CCTV कैमरे की पुरानी रिकॉर्डिंग को खंगाला किया तो उसमें सुब्रत कैमरा बंद करते नजर आए
14:19घर की डुपलिकेट चाभी ने भी इस केस को नया मोर देने में एक अहम भूमिका निभाई
14:24शुरू में कानपूर पुलिस को यही लगा था कि चावी शालू ने बनवाई यह बयान विशाल ने दिया था
14:31लेकिन जब पुलिस की तफ्ती शागे बढ़ी तो पता चला कि जिस दुकान से डुब्लिकेट चावी बनाने की बात सामने
14:37आई
14:37वहां शालू कभी गही नहीं था डुब्लिकेट चावी असल में सुबरत ने बनवाई थी
14:42वो भी सिर्फ सौ रुपे लेकिन डुब्लिकेट चावी बनवाने के लिए सुबरत खुद नहीं गया था
14:48बल्कि उसने ये काम विशाल से करवाय था
14:50सुबरत अपने घर की चावी कार की चावी के साथ रगता था
14:545 सितंबर की शाम उसने घर की असली चावी विशाल को देती
15:01हमें ये अंदाजा था कि चावी जो है शालू ने बनवाई है
15:05और ये विशाल से उसी ने बनवाई है
15:09जब आमना सामना हुआ तो हमें पता लग गया बाद में कि ये चाभी भी इसे ने बनवाई थी डुप्लिकेट
15:16का चाभी का इस्तिमाल ना हो करके बलकि असली चाभी का इस्तिमाल हुआ था हुज़े दुप्लिकेट चाभी इसने अपने पास
15:23से रख ले इसने बनवाई थी ग
15:38तो ये सारा का सारा जिम्मेदारी जो है शालू पर डाल दी गई थी इन सारी चीजों के अलावा पुलिस
15:45ने शुरुवाती तफ्तीश के दौरां सुबरत और शालू दोनों के बैंग डिटेल उनके पास्ट विनीत मीनोचा और उनकी पत्मी के
15:52साथ दोनों के रिष्टे और कर
15:54पुलिस को लेकर छोटी छोटी जानकारियां इखटा थी इसी दौरान पता चला कि असल में शालू से कहीं ज्यादा सुबरत
16:02का अपने पिता से रिष्टा खराब था हाला कि शालू की भी अपने सास से नहीं बनती थी लेकिन वो
16:08शालू थी जिसने अपने पिता से करीब 15 ल
16:22लगती है इनके बारे में ये भी कहना है कि जब तक वो चलता है सुब्रत पे काफी सुब्रत पे
16:35काफी जो है लोन है करीच 40-50 लाग का लोन है सुब्रत की तनखा उसके पिताजी द्वारा मात्र है
16:45चालिस जार पे दिया जाता है
16:55हाला कि तब तक कांकोर पुलिस शालू को विरफतार कर चुकी थी लेकिन तब भी सुब्रत पर उसकी लगातार नजर
17:01थी
17:01सुब्रत किस्से मिल रहा है कौन-कौन लोग उसे क्या सराह दे रहे हैं ये सारी जानकारी पुलिस को थी
17:10हम इनको लगातार मॉनिट्रिंग कर रहे थे और इनको जो सुझाओ मिलने थे उसके आधार पर हम जानना चाहते थी
17:16कि इनका क्या रियक्शन रहता है
17:17ये लगातार हमको जूट बताते रहे इनकी योजना ये भी थी कि इनके चाचा पर डाला जाए इसको पर उन्तो
17:29जो है घुम फिल करके जब सालू का नाम आ गया तो इन्होंने फिर उसी को अपना जो है करने
17:36की कोशिश करी कि ताकि उसी पर साबित हो जाए
17:39दीरे दीरे सारे सबूत अब सुबरत के खिलाब जा रहे थे लेकिन एक सवाल का जवाब अब धी पुलिस तलाश
17:45रही थी और वो ये कि एक बेटा अपने पिता का कतलिक्यों करेगा
17:50सिर्फ छोटे मोटे जगड़ों के चलते या फिर पैसों को लेकर कतल की बात पूरी तरह पुलिस के गले नहीं
17:56उतर देए थी इस दोरान पुलिस विनीत मिनोचा की जिन्दगी में भी जागने की कोशिश कर दी और फिर जवाब
18:03मिल गया जवाब ये कि सुबरत को अपने प
18:19महीला को शादी कर खर ले आए या फिर कोई गर्भवती महीला घर आ जाए तो सारी जायदाद शायर उनके
18:26हाथों में चली जाए इसलिए वो पिछले चार-पांच महीनों से अपने पिता को मारने का प्लैन बना रहा था
18:37कि अपिता जी को मरवाने कि इतना पश्टावा है कि जो गोद के उनको मार दिया गया मैं वैसे नहीं
18:42चाहता था लेकिन मैं चाहता था कि उमरे अब ही जाते हैं कि उनका मरना जायज था या आप को
18:46इस चीज़ का मारना भी बहुत पेड़िती इस से उनके संबंद से वो कहत
18:55आप कोर्ट में इस बात को कबूलेंगे कि हाँ आपकी ने मटर किसी चीज से आपकी पतनी आपको मलाल है
19:04कि आपकी पतनी का इतना जो घबरे चली और तमाम चीज आपको इस चीज का गिल्ट है इसा नहीं होना
19:09चाहिए इनके पिताजी के बारे में जैसे इन्होंने खुद ही �
19:16महिलाओं के बारे में इन्होंने बताया तो इनको ये अंडेसा था इनका ये भी कहना है कि पिताजी खुद फोटो
19:22हमको दिखाते थे और ये गोवा जाना और पार्टी में जाना तो पिताजी के आचरन के बारे में इनको थोड़ा
19:28वो था और इनको ये था कि संभावता पि
19:35क्लेम करने लग जाएगे प्रॉपर्टी पे तो ये हमारे हम कहीं के ने रहें ये भी एक रिजन था इनका
19:41उकराने के लिए और समाज में इनका ये कहना है कि लोग आपतियां करते होंगे इन पर कमेंड मारते होंगे
19:48जिसकी वुजय से इनके देश की भावना बढ़ती चलेग
19:53वनीत मिनोचा कानपूर के इस अपार्टमेंट में अपने बेटे सुबलत, भहुशालू और छे साल के पोते के साथ रहा करते
20:00थे
20:00उनकी एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है और वो अपने ससुराल में रहती है
20:05पर हैरानी के बात ये है कि वनीत मिनोचा की पत्मी कानपूर में अपने पत्मी के साथ बहुत कम रहती
20:11है
20:11वो ज्यादातर घाजय अबाद या दिल्ली में रहती है
20:14विनीत मिनोचा का दिल्ली में भी एक फ्लाइट है
20:17पांच सितम्बर यानी जस राथ विनीत मिनोचा का कत्ल हुआ तब भी उनकी पत्म दिल्ली में थी
20:24सिमर चावला कानपुर आज तक
20:30विनीत मिनोचा के कतल की असली वजह जानने के लिए कानपूर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी
20:36पुलिस को शुरू से ही अहसास था कि ये कतल सिर्फ पैसो या जगडों की वजह से नहीं हुआ
20:41बलकि गतल की असली वज़ा कुछ और है
20:44और आखिरकार पुलिस के सामने ये खुलासा हो गया
20:47कि विनीत मिनोचा से उसका बेटा सुब्लत एक खास वज़ा से काफी ज्यादा नफरत करता था
20:57कानपूर पुलिस को विनीत मिनोचा के गतल के बार पहले दिन से ही इस बात का शक्त था
21:01कि गतल के पीछे कोई अपना करीबी है
21:04इसकी वज़ा ये थी कि विनीत मिनोचा के गतल के बावजूद घर से कोई भी सामान गायब नहीं हुआ था
21:10यहां तक कि कातल भी जबरत घर में नहीं हुसे थे
21:13बिना लूट पार्ट के विनीत मिनोचा का खत्ल
21:16पुलिस के लिए किसी अपने पर शक करने के लिए काफी था
21:19पूरी तफ्तीश के बाद अब कतले वाली रात की कहानी भी सामने आगे
21:23दरसल पांच सितंबर की रात घर से पांच किलो मिटर दूर
21:27किर्टी पाटी में शामिल होने के लिए
21:29नौ बचकर 38 मिनट पर सुब्रत और शालू निकल गये थे
21:32घर से उनके निकलते ही आठ मिनट बाद
21:35नौ बचकर 46 मिनट पर विशाला और राजकिशोर घर में भुजगे
21:39फिर दूनों सुब्रत और शालू के कमरे में जाकर छुप गये थे
21:43तब तक विनीत मिनोचा घर नहीं पहुँचे थे
21:45रात करीब 11 बजे के आस पांस जब विनीत मिनोचा घर पहुँचे
21:49तो वो सीधे अपने बेटे के कमरे में चले गए
21:52कमरे की बत्ती जला थे
21:53फिर अचानक उनकी नजर विशाल और राजकिशोर पर पढ़ी
21:57विनीत में शोर मचा दिया
21:59फिर डर कर विशाल ने चाकू से उन पर हमला कर दिया
22:02उसने कुल सत्रह बार चाकू से विनेत मीनोचा को मारा, फिर दोनों घर से भाग गए, उधर किटी पार्टी से
22:09सुबरत और शालू सुबा चार बच कर तैस मिनट पर घर लोटे, तब तक सुबरत को पता नहीं था कि
22:14प्लान के तहर गतल तक्ये से मूँ दवा कर नहीं, बलकि �
22:18चाकू से हो चुका है, लेहाद वो घबरा गया, और फिर उसने चार बच कर 32 मिनट पर सोसाइटी के
22:24गाड को कॉल किया, फिर गाड पुलिस को.
22:59प्लान के उलट चाकू से विनीथ मिनुचा के गतल के बार सुबरन खबरा गया था, अब उसे लगने लगा था,
23:05कि पुलिस आएगी और जात में सारा सक्ष सामने आ जाएगी, लेकिन तब ही, जब विशाल और राजकिशोर को पुलिस
23:12ग्रफतार करती है, तब विशाल मीड
23:17तब हैरान भी हो, और उसे लगा, कि अब वो बच सकता है, क्योंकि अब शालू फंस जाएगी, हाला कि
23:24सुबरत ने विशाल को ये समझा रखा था, कि अगर पकड़े जाओ, तो चाचा का नाम ले था, उसका असर
23:32प्री प्लैन नहीं था, लेकिन उसने नाम ले लिया था, त
23:45ने कि कुल वो मेरिका नहीं थी, उसको कुछ भी नहीं बता था, इस बार हमें, हाला कि कतल के
23:5116 दिन बात तक सुबरत कानून के शिकंजे से बचता रहा, लेकिन उसे एक डर भी था, कि शायद आगे
23:57चल कर वो पकड़ा जाएगा, उसे इस बात का अफसोस भी था, कि उसकी व
24:15वही नीन की गोलियां खाकर सुबरत खुदकुशी कर चुका होता, सिमर चावला कान को आज तक

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