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  • 9 minutes ago
बदरीनाथ धाम में आयोजित 'देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल' में तेज डीजे संगीत पर जमकर लगे ठुमके, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत और ज्योतिर्मठ पीठ हुए आग बबूला

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Transcript
00:00बदिनाद धाम में जब आपराहन में बदिनाद जी के कपार्ठ सरदालों के दरशनात खोले जाते थे तो उसमें जो हैं
00:08लाउड स्पीकर से भजन बसते थे लेकिन एक संत की सिकायत पर मानिय उच्छन आई लई के आदेश के बाद
00:17यहां लाउड स्पीकर भी बंद हो गया
00:20लेकिन अब ये देखने में आ रहा है कि एक के बाद एक बदेनाथम में परमपराएं तूट रही हैं
00:30इस वर्ष बदेनाथमने के कपार्ट खुले से पहले भी भारतिया सेना के तत्वावधान में एराइबल प्लाजा में कारिकरम हुआ था
00:45......
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00:46..
00:46....
00:47..
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00:48..
00:48..
00:48अब ही हाल में ही फिर से इस तरह कि यहां पर कारिकरम हुई हैं
00:55और कारिकरम वाज़िद किया चाहिए निस्चित रूप रूप से ठीक है
01:00अधिस विदेश हैं सर्धालू भी हमारी ससक्रति से रूबरू हो
01:04इसमें कोई दिकत नहीं है लेकिन सवाल यह है
01:08that we are going to start with the paramparans.
01:13That is not the case.
01:15After that, there are certain things that are happening
01:18and that we have done the Sanskrit work,
01:22and that we have done it,
01:25we have done it.
01:28Our years have paramparans.
01:30Bhagavan Badri Vishal Ji's puja is 6 months
01:34from Shri Man Raul Ji,
01:35करते हैं और छे महेंने देवताओं की तरफ से श्रीमा नारजी करते हैं तो जो देवपूजा का
01:41समय है उस समय में बद्रिनाज धाम में कोई भी गतिविर ही नहीं होती है लेकिन इस वर्ष क्या हुआ
01:46कि कपाट
02:05foreign
02:18foreign
02:19Yes,
02:25Yes,
02:27Yes,
02:28Yes,
02:30Yes,
02:46Yes,
02:47Yes,
02:54foreign
02:58foreign
02:59foreign
03:29But if you want to do something, you need to do something like this.
03:36From the Badrinath-dhamsa, this video that you are watching,
03:42that you are looking for DJ, Shor, Sharawa, and this Khordang,
03:48Mahotsaw's name is very similar to the Kshetra.
04:03।
04:21अति सम्वेदन शील यह जो उच्छ हिमाले इक्षेत्र है इस तरीके का शोर शराबा इस तरीके का ध्वनी प्रदूशन वहां
04:29की सम्वेदन शील पारिस्तिती के पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालता है वह अन्य जीवों पर ग्लेशेरों की स्थिरता पर
04:38भोगुलिक स्थि
04:49बन देत रही है तो जहां शंक ध्वनी तरप बंदेत है वहां इस तरीके का शोर शरावा यह स्थान ार्भावा
04:55यह स्थान साधना के लिए हैं और क्यों इसको बढ़ा हआ मिला कि यह की चणक्र बढ़ाशीत्द पिछे तो जूच
05:15सालों से देखा जा रहा है
05:15सरकार को एक समवेदनशील नजरिया दर्शाना चाहिए
05:19और इस तरीके के आयोजन और किसी भी प्रकार के ध्वनी प्रदूशन पर
05:24यहां तक कि प्रेशर होरन हुए चाहे डीजे हुए
05:26इन सब पर उचहे मालेक शेत्रों में निश्चित रूप से पूर्ण रूप से प्रतिबंद होना चाहिए
05:32अन्यथा हम कोई आदर नहीं दिखाएंगे कि हम आने वाले समय में
05:37यहां की समवेदनशील पारिस्तिकी को सुरक्षित रखना चाहते हैं
05:42और यह अनादर ही है कि हम किस तरह से समवेदन हीन बने हुए हैं
05:47यहां की समवेदनशील पारिस्तिकी की तरह
05:49तो सरकार इस पर तुरंट ऐसा आगरे है
05:52और यह पेख्षा है कि सरकार इस पर तुरंट संग्यान ले
05:56or a strict guideline SOP jari kare

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