Skip to playerSkip to main content
  • 11 minutes ago
क्या ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से ही 'सियासी क्लेश' मिटेगा? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

Category

🗞
News
Transcript
00:01नवस्कार मैं हूँ अंजराओं कश्यप ब्लाकन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:05लोकतंत्र की सबसे मजबूत नीव है चुनाव आयोग
00:08और जब उसी आयोग के मुख्या पर पक्षपात का सबसे बड़ा हमला हो तो सवाल उतना लाजमी है
00:15मुख्य चुनाव आयोगत ग्यानेश कुमार के खलाब विपक्ष सडकों पर उतराया है
00:19दिल्ली से लेकर पटना शिमला से लेकर लखनव तक पुतले पूकने वाटर कैनन चलने चुनाव आयोग के बोर्ड पर कालिक
00:26पोतने की तस्वीरे सामने आ रही है
00:28आरोब भारी है वोटर लिस से 13 करोर नाम काटने का आरोब और महाव योग की मांग
00:33लेकिन असनी सवाल यही है कि क्या ग्यानेश कुमार के स्टीफे से ही सियासी कलेश मिटेगा
00:51और ये तो विपक्ष भी नहीं
00:53खुद अंडिये का हिस्सा चिराख पासवान लजे पियार जिसकी तरफ से ये बात सामने आ रही है
00:58वेराल उसके बाद आपको सयुक्त राश्चों महासभा की वो तस्वीरे दिखाएंगे जिन्नोंने पूरी दुनिया का ध्यान कीच लिया है
01:05जब इरान के राश्चपती मसूद पर जशक्यान बोल रहे थे तो पूरा हौल खचा-कच भरा था
01:10लेकिन जब इस्राइल के प्रधानवंटी ने तन्याहू वंच पर आए तो 75 से जादा देशों के राजनाइक बाहर निकल गए
01:16एक दौर था जब इरान का बहिशकार होता था लेकिन आज तस्वीर बिलकुल उलट चुकी है
01:22तो क्या इस्राइल दुनिया में अलक थलक पड़ गया है या इस्राइल ये साबित कर रहा है कि वो अकेला
01:28ही काफी है
01:29रेड कापिट की चकाचौन, बॉल डीगल का तोफा और पैंडा डिप्लॉमसी
01:35जहां हम बात कर रहे हैं शी जिन पिंग और टरंप की
01:38शी जिन पिंग की खातिरदारी में डॉनल टरंप ने कोई कसर अपनी तरफ से तो नहीं छोड़ी
01:43लेकिन क्या इस भविता के पीछे चाइना को वो मिला जो वो चाहता था
01:48या फिर टरंप ने टारिक वार का सीज फायर बढ़ा कर और पैंडा लेकर बाजी अपने नाम करनी
01:53और शी जिन पिंग के हिस्से सिर्फ रेड कापट ही रह गया
01:58हूती के हमलों के बाद अगली खबर सौधी अरब के ग्रान मुफ्ती ने अपने सेनिकों को आरपार की जंग का
02:04फर्मान सुना दिया है
02:06उन्होंने साफ कहा है कि जब तक एरान समर्तित हूती विद्रोहियों को सब्ता से उखार नहीं फेका जाता
02:11तब तक सिपाही अपनी आखरी सांस और खून के आखरी कतरे तक डटे रहे
02:15मुफ्ती के इस आक्रमक संदेश ने साफ कर दिया है कि ये जंग अब और भी भीशन होने वाली है
02:24और अगली खबर पाकिस्तान से जहां 27 सतंबर को होने वाले PTI के मेगा मार्ट से
02:31पहले ही शावास सरकार की सांसे फूल कई है जेल में बंद इमरान खान को छुडाने आ रहे है
02:36लाखों समर्थकों को रोकने के लिए इसलामबाद और जो अटक बॉर्डर है उसको नुकीली कीलों
02:45वेल्डेड जो होता है ना कंटेनर्स वेल्ड किये गए कंटेनर्स से सील कर दिया गया है
02:51अस्पतालों को मास कैश्वल्टी के लिए तयार रहने के आदेश दे गया है
02:54क्या दो दिन बाद पाकिस्तान में बड़ा बवाल होने वाला है
02:59इस समय पूरा पाकिस्तान गुरिला के पीछे पागल नजर आ रहा है
03:02शादियों और पार्टीज में डीजे का शोर तो आपने बहुत सुना होगा
03:06लेकिन पडोसी देश पाकिस्तान से जो नया ट्रेंड सामने आया है वो खूब चर्चा में है
03:11पाकिस्तान की महफिलों में अब डीजे नहीं बलकि विशाल काय नाचते हुए गुरिला चा गए है
03:16पाटी में एंट्री मारते ही ये गुरिला ऐसा जबरदस डांस करते हैं कि महमान जूमने पर मजबूर हो जाते है
03:23जम्मू कश्मीर विधान सवा में आज उस वक्त जबरदस बवाल मच गया जब मुख्य मंति उमर अबदुल्ला ने पूर्ण राज्य
03:29के दरजे का प्रस्ताव पेश कर दिया
03:31प्रस्ताव में जैसे ही साल 2000 के अटॉनमी वाले फैसले का जिक्र किया गया बीजेपी विधायक भड़ा कुठे नौबत हाता
03:38पाई तक आप पहुंची वेल में जमकर धक्का मुक्की हुई और कागस तक फार दिये गए बीजेपी ने जहां इन
03:44नियमों का उलंगन इसे बत
03:58प्रस्ताव में जहां रिंबी गाउं में अचानक लांसलाइड आया सेलाब ने सब कुछ तहस दहस कर दिया मलबे के तेज
04:06बहाव में 32 से जादा मकान जमन दोज हो गए मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश की चेतावनी चारी की
04:12है और खुद मुख्यमंत्री प्रेम सें�
04:25दंग रह जाएंगे यहां चलती बाइक पर छात्रों ने जोखिम की सारी हदे पार कर दी एक ही बाइक पर
04:31कई छात्र सवार थे हद तो तब हो गई जब एक छात्र दूसरे के कंदों पर बैठा नजारा है और
04:39दूसी गाड़ी से कोई वीडियो भी बना रहा था मुड़ मु
04:55हिस्सा इस पूरे मामले का और दूसरा बिना हेलमेट इतने बच्चे एक साथ एक स्कूटर पर और आज पंडित दीन
05:04देयालो पाध्याई के 110 जैनती के मौके पर दिल्ली के दीन देयालो पाध्याई पार्क में एक विशेश भजन क्लबिंग कारेक्टरम
05:10कायो जिन किया गय
05:11जिसने प्रगानों ती नरेंडर मोदी बी, शामी, बेके.
06:07चाई बार्च कारेक्टरम कायोो
06:38झाल झाल
06:46जिस तरह पहले भारत में जागरण या भक्ती से जुड़े कार्टरम होते थे ठीक उसी तरह अब अगर आप देखिए
06:51तो यह जो नई युवा पीड़ी है भजन क्लबिंग करते हैं और यहां भजन क्लबिंग का मतलब है पारंपरिक भक्ती
06:57को आज की पीड़ी के अनुकूल �
07:00बनाना इसे भजन क्लबिंग कहते हैं जैसे भजन क्लबिंग में पारंपरिक जो भजन है जो बहुत ही मतलब ऐसे भजन
07:06है जो लोगों की जुबान पर होते हैं उन्हीं को टेक म्यूजिक के साथ और बहुत ही फास्ट म्यूजिक के
07:12साथ नाइट क्लब या रॉक कॉंसर्ट �
07:14से आधुन एक लाइट शो के साथ पेश किया जाता है और नई पीड़ी के युवा ये भी मानते हैं
07:19कि ये भजन क्लबिंग उन्हें उनकी संस्कृति या भक्ति से जोड़ने का सबसे मजबूत तरीका है
07:25म oportun के लिए अब तक नाइट क्लब का मतलब होता था तेज ऑर लाइव मुजिक में पाटी करना शराब
07:30पीना डान्स करना लेकिन भजन प्रफशन थोड़ा लग है इसमें लाइटिंग और महॉल तो नाये
07:35क्लब जैसा होता है लेकिन लाइब म्यूजिक में गाने भक्ति के होते हैं और साथ में चाय लसी ये सब
07:41चलती रहती है नई पीडी के युवा इन भक्ति गीतों को अध्यात्म से जुड़ने और एक
07:45मौडर्न और आधुनिक तरीका मानते हैं दूसा जहां पहले ऐसा माना जाता था कि मौडर्न दिखने के लिए युवाओं को
07:51पश्मी नाइट क्लाफ जो नाइट लाइफ है उसको अपनाना होगा वहीं अब जैंजी युवाओं ने ये साबित किया है कि
07:57वो पारंपरिक रहकर
07:58से भी कूल और मौडर्न देख सकते हैं बहुत सारे युवाओं इसे मानसिक तनाव से मुक्ति का जरिया भी मानते
08:03हैं और इसे एक spiritual escape कहते हैं मतलब होता है अध्यात्म और भक्ति के जरिये मन की शांती ढूड़ना
08:10और ये मौजूता पीड़ी के लिए इसलिए जरूरी है क्
08:13आज की पीड़ी स्क्रीन टाइम बहुत कई बार उनका बढ़ जाता है और कई तरह की डिप्रेशन एंग्जाइटी से वो
08:21जूच रहे हैं और ऐसे में भजन क्लबिंग उनके लिए एक कथार से स्यानी मन का घुबार निकालने और बिना
08:27किसी side effect के मानसिक शांती पाने का एक
08:29सामोहिक माद्यम बन गया है यहाँ आप देखी रहे हैं प्रधानवंत्री भी जन्जी से जुड़ने की कोशिश में इस भजन
08:37क्लबिंग का हिस्सा बने
08:42खेट अब आगे बढ़ते हैं अगली खबर का रुक करते हैं आपको यह बताते हैं कि इस वक्त पूरे विपक्ष
08:46के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है चुनाव आयोग
08:48और हमारे देश में चुनाव आयोग सिर्फ चुनाव कराने वाली एक एजन्सी नहीं है भारत के लोकतंतर में करोडों लोगों
08:56का जो भरोसा जो विश्वास है चुनाव आयोग को उस विश्वास का सबसे बड़ा कस्टोडिय यानि संरक्षक माना जाता है
09:04और इसलिए आज
09:05जब पूरा विपक्ष चुनाव आयोग की निश्पक्षता पर सवाल उठा रहा है मुख्य चुनाव आयोग तो ग्यानेश कुमार की गिरफतारी
09:12की मांग कर रहा है इस तीफा तो दूर अब गिरफतारी की मांग कर रहा है तब हम आपको इस
09:16पूरे विवाद की चड़ तक �
09:17जाना चाहते हैं और ये बताना चाहते हैं कि विपक्ष के नेता क्या रोप लगा रहे हैं और जो चुनावायोग
09:23दलील दे रहा है सरकार का इस पूरे मुद्दे पर क्या रोप है उससे पहले आप कॉंग्रस के देश्व्यापी प्रदर्शन
09:30की ये तस्वीरें पहले देखि�
09:31जिसमें मुख्य चुनावायोग ग्यानेश कुमार के स्तीफे की और गिरफतारी की मांग की गई है इनमें भी दिल्ली में चुनावायोग
09:37के मुख्याले के बाहर भारी प्रदर्शन हुआ जिसमें प्रदर्शन कारियों ने ग्यानेश कुमार का मास्क पहन कर उन्हें देश
09:59कार्शन कारियों ने चिनाब आयोक के ओफिस बोर्ट पर कालिक पोड दी है जबकि लखनाओं में सडकों पर उत्रे कॉंग्रस
10:06के कारकरताओं को हिरासत में ले लिया गया और पटना में भी कॉंग्रसी कारकरताओं पर वाटर क्यानन का इस्तमाल हुआ
10:13बड़ी बात यह है कि �
10:14इन सभी विरोध प्रदर्श्टों में ग्यानेश कुमार कॉंग्रस के निशाने पर रहे हैं कुछ शहरों में उनके पुतले जलाये गए
10:20जबकि कुछ शहरों में 48 घंटे के अंदर इस्तीफा देने का अल्टिमेटम दिया गया है देखिए
10:30जब तक यानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक हमारा संगर्श जो ही सड़कों पर जारी रहेगा
10:54किसी कंपाँ जो जोजो जोमार को का ताथ जोजो हीए 10 p
11:29इन विरोध प्रदेशनों के बीच ऐसी खबरे भी आई
11:32कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में अपने दो कारक्रम स्थगित कर दिये हैं
11:36जिन में मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार शामिल होने वाले थे
11:39इन में पहला कारक्रम मेरट में आज यानी 25 सितंबर को
11:44और दूसा कारक्रम वारणसी में 28 सितंबर को होना था
11:48और कॉंग्रिस नेताओं का ऐसा दावा है कि विरोध की डर से ग्यानेश कुमार ने खुद इन कारक्रमों को अब
11:53स्थगित कर दिया है
11:54जबकि चुनाव आयोग ने कहा है कि ये दोनों कारक्रम 21 सितंबर को ही स्थगित किये गए थे
11:59और इसका मौझूदा विवाद से कोई संबन नहीं है
12:02अब यहाँ विवाद क्या है वो भी समझे है ये बात सब जानते हैं कि विपक्ष पिछले कई महीनों से
12:06चुनाव आयोग की निश्पक्षता पर सवाल उठा रहा है
12:09इनमें भी सबसे बड़ा मुद्दा उसने वोटर लिस्ट के रिविजिन को बनाया
12:13जिसे स्पेशल इंटेंसिव रिविजिन कहते हैं यानि ऐसा आयार आपने भी सुना होगा
12:17ये वही रिविजिन है जिसके तहट अब तक 30 राजियों और केंदर शासित प्रदेशों में
12:2313 करोड नाम वोटर लिस्ट से काटे जा चुके हैं
12:26और विपक्षी दलों ने इस पर बार बार सवाल उठाए
12:29इसी साल 12 मार्च को कुछ विपक्षी पार्टियां
12:33मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए
12:36महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहती थी
12:39और उनका आरोब था कि ग्यानेश कुमार S.I.R. के जर्ये वोटर्स का नाम काट कर
12:44चुनावों में बीजे पी का फाइदा पहुचा रहे है
12:47लेकिन उस वक्त 6 अप्रिल को लोगसभा में ये प्रस्ताव स्पीकर द्वारा खारिच कर दिया गया था
12:53और विपक्ष इस मुद्धे पर लगातार हमला वरा है
12:57आप ये भी कह सकते हैं कि विपक्ष ने S.I.R. के इस मुद्धे को बिहार विधानसभा चुनाओ के
13:02बाद कभी नहीं छोड़ा
13:03और इस पर उसकी तरफ से लगातार चर्चाएं चलती रही और अब जब इस पर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट
13:10में
13:10ग्यानिश कुमार की कारेशली पर सवाल उठाए गए तो विपक्ष को ये साबित करने का मौका मिला
13:15कि वो जो सवाल उठा रहा था वो सवाल गलत नहीं थे
13:19अब देंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट में ऐसा क्या है सरल तासे आपको बताते है
13:24ये रिपोर्ट कहती है कि चिनाव आयोग में लगबख सभी बड़े फैसले मुख्य चिनाव आयोग तो ग्यानिश कुमार खुद ले
13:30रहे दे
13:30जबकि ये नियमों के खिलाफ है
13:33कानून कहता है कि चिनाव में जो शिर्ष तीन सदस्य होंगे
13:36उन्हें सभी फैसले सर्वसमती यानि युनानिमिटी से लेने होंगे
13:40या तो तीनों एक तरफ हो या फिर कम से कम दो लोग फैसले के समर्थन में हो
13:46अगर फिर भी सदस्यों में मदबेध है तो जैसा हमने आपको बताया
13:49तो निर्णा बहुमत के आधार पर होगा
13:53लेकिन कोई सदसे या मुख्य चुनाव आयूग खुद अपनी मर्जी से सिर्फ एक तरफा फैसले नहीं ले सकते
14:00जबकि ये रिपोर्ट कहती है कि ये जो मीडिया रिपोर्ट है कि पिछले दस महीनों में
14:04चुनाव आयूग के कम से कम 14 बड़े और महतफून फैसलों में ग्यानेश कुमार ने बाकी दो आयूगतों की और
14:10सहमती को शामिल ही नहीं किया
14:11ये दो आयूगतें सुबीर सिंग संधू और विवेज जोशी जिनकी तस्वीर आप उनके साथ देख रहे
14:19दावा है कि इन दोनों चुनाव आयूगतों ने SIR की प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर 14 आपतियां लिख कर
14:26दी
14:26लेकिन ग्यानेश कुमार ने अपने अंतिम फैसले में उन्हें शामिल ही नहीं किया
14:31बात इतनी बढ़ गई कि दोनों आयूगतों को क्याबिनेट सचिफ तक को पत्र लिखना पड़ा लेकिन तब भी स्थिती में
14:37कोई बड़ा बदलाव नहीं आया
14:40हला कि बीजेपी का इस पर दावा है कि क्याबिनेट सेक्रेट्री को लिखी गई चिफियां या फिर जो भी इन्होंने
14:47आपतियां जताई थी उसका कोई भी डॉक्यूमेंट अभी तक सामने नहीं आया
14:53यानि यहां से अगर आप देखिए तो विपक्ष जो आरोप लगातार लगा रहा है विपक्षी नेताओं का तो यह कहने
14:58का मौका उनको मिली गया कि चुनाव आयोग के अपने ही आयोग
15:22संयुक तो बैठक नहीं हुई थी यानि ये तीनों एक साथ जो फुल कमिशन की बैठक होती है वो चार
15:29महीने से नहीं हुई थी और इस पर भी विपक्षी सवाल पूछ राए कि क्या ग्यानेश कुमान ने खुद को
15:34चुनाव आयोग का अल्टिमेट बॉस समझ लिया था
15:37अब ये देखिए कि वो कौन से मुद्दे थे जिन पर चुनाव आयोग सुबीर सिंग संदू और विवेक जोशी ने
15:42आपतियां जिता ही और ग्यानेश कुमान ने अपने फैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया
15:46इन में पहला मुद्दा है फॉर्म 6 में बदलाओ का जब कोई नया वोटर मदाता सूची में पहली बार अपना
15:52नाम जुड़वाता है तब उसे ये फॉर्म भरना होता है
15:55पहले इस फॉर्म में नई वोटर से ये नहीं पूचा जाता था कि उसके माता-पिता या दादा-दादी का
16:00नाम पुरानी वोटर लिस्ट या SIR की सुची में थाया नहीं
16:03लेकिन पिछले साल इस सवाल को भी फॉर्म में एक एनेक्शर के जरिए एक अडिशनल पेपर के जरिए ये बात
16:10भी अब पूची जा रही है
16:11जब ये फैसला हुआ तब दावा है कि चिनाव आयुक्त विवेक जोशी ने इस पर लिखी तापती जता है
16:17उन्होंने कहा था कि फॉर्म 6 को इस तरह बदला नहीं जा सकता उसमें कोई भी नया पेपर नहीं जोड़ा
16:22जा सकता
16:22इसके लिए पहले सरकार को नियम बदलना पड़ेगा सरकार कानून में बदलाव करे फिर ये हो सकता है
16:29उनके साथ दूसरे चुनाव आयुक सुपीर संदू ने भी विरोध चिता है
16:33लेकिन उनके विरोध के बावजूद ये सवार फॉर्म में एक एनेक्शनर के जरिये डाला गया और 21 सितंबर तक इसे
16:41हटाया नहीं गया था
16:45दूसरा बड़ा विवाद इस बात को लेकर था कि वोटरलिस का कंट्रोल स्थानी अधिकारियों के पास रहे या सीदे दिल्ली
16:51में चुनाव आयोग के पास रहे
16:52जिसे पहले स्थानी अधिकारी जो सरकारी अधिकारी हैं जिसे Electoral Registration Officer कहते हैं ERO
16:59वो किसी भी वोटर की जाच कर सकता था
17:02मतलब वोटर का नाम अड़ करना है या निकालना है यह उसका काम था
17:07अगर उसे लगता था कि उस वोटर का पता सही है उसने जो जानकारी बताई है उसमें कोई त्रूटी नहीं
17:12है
17:12तो अपने इस तर पर कंप्यूटर में उस वोटर का नाम मत दाता सूची में जोड सकता था घटा सकता
17:17था
17:17और इस व्यवस्ता में दिल्ली में बैटे बड़े अफसरों का सीधा दखल होता ही नहीं था
17:22लेकिन पिछले एक साल में आरोपों के मताबे ये व्यवस्ता बदली
17:27मुखे चुनाव आयोग तो ग्यानेश कुमार के निर्देश पर
17:31इस रिपोर्ट के हवाले से ये कहा गया है कि चुनाव आयोग ने जो
17:35आईटी विभाग में नया सॉफ्टवेर ECI NET बनाए जिसको डिजिटल बैकबोन
17:38चुनाव आयोग का बना देया गया कई पोर्टल्स चालिस के आसपास पोर्टल्स को
17:42खत्म करके और अब स्थानी अधिकारी सिर्फ नाम का सुझाओ दे सकता था
17:48ये इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ECI NET में अब जो
17:53स्टेट में जो लोग काम कर रहे थे धीरे धीरे बताया जा रहा है
17:58आरोप है कि वो जो पहले फैसले ले रहे थे अब नहीं ले सकते थे
18:02लेकिन अंतिम बटन या अप्रूवल दिल्ली से होता था और इस बदलाव का भी दोनों चुनावायुक्त ने
18:06लिखे त्विरोद किया था लेकिन आरोप है कि ग्यानेश कुमार ने इना पत्तियों को नजर अंदास कर दिया
18:13अब इससे हुआ ये कि गोवा में जिनमत दाताओं को स्थाने चुनाव अधिकारियों ने सही पाया
18:19उनके नाम भी दिल्ली में बैठे अफसरों ने वोटरलिस में शामिल नहीं किये
18:23जिससे ये विवाद और बढ़ गया
18:24और आरोप यही है कि गोवा से बार बार उन 97 वोटर्स के लिए चिट्थियां लिखी जा रही थी
18:30लेकिन बावजूद इसके उनको नहीं चोड़ा गया
18:33तीसरा आरोप पश्चम बंगाल के उन मद्दाताओं को लेकर था जिनका नाम वोटरलिस से हटाए गया
18:39और यहां भी दावा है कि दोनों चुनाव आयोक तो मुख्यों चुनाव आयोक ग्यानेश कुमार के फैसलों से सहमत नहीं
18:44थे
18:44लेकिन फिर भी इन फैसलों को लागू किया गया
18:48और आखिर बड़ा विवाद तब हुआ जब जुलाई के अंत में चुनाव आयोक के अंदर प्रशासने काम के बटवारे को
18:55लेकर आदेश जारी किया गया
18:57और उसे दुने आयोक तो ने खारिच कर दिया और ये कहा कि इसके ज़रिये चुनाव आयोक को सिर्फ एक
19:01व्यक्ती द्वारा नियंतरत करने की कोशश हो रही है
19:04और क्योंकि विपक्षी दल पहले से ग्यानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे थे
19:09इसलिए इस रिपोर्ट के आते ही नया सियासी बखेडा शुरू हुआ
19:12विपक्षी दल यही कह रहे है कि ग्यानेश कुमार का सितीफा और गिरफतारी दोनों चाहिए
19:22इसी के साथ साथ देश भर में विरोध की बात कौक्षो जनता पार्टी भी कर रही है
19:26और उनका कहना है कि ग्यानेश कुमार ने सितीफा नहीं दिया तो दो अक्टूबर से देश व्यापी आंदोलन करें
19:32विपक्षी दल ही नहीं बलकि एंडिये के तीन सहयोगी दलों ने भी चिनाव आयोग से स्पष्टी करण मांगा है
19:37इनमें पहले है केंद्र मंत्री चिराग पास्वान जिनोंने ये कहा है कि चिनावी प्रक्रिया पर संदेह बढ़ना ठीक नहीं चिनाव
19:44आयोग को अपना पक्ष रखना चाहिए
19:45इनडिये में शामिल उपेंद्र कुश्वाहा ने भी कहा है कि SIR और EVM से जुड़े विवाद को लेकर जनता में
19:51भरम है
19:52इसलिए चिनाव आयोग को तुरंट सही स्थती स्पष्ट करनी चाहिए
19:56आंदरप्रदेश में चंदरबावु नायोग की पार्टी टीडीपी ने भी चुनाव आयोग से सवालों और का जबाब देने और स्थती स्पष्ट
20:02करने की मांग की ताकि उस पर जनता का भरोसा मस्पूर्ट रहे सुनिए
20:07मैं मानता हूं कि स्वतंत्र एजंसे संस्थाएं हैं निस्पक्ष्टा से कारे करती होंगी पर अकर देश के एक भी नागरिक
20:14के मन में इस तरीके का भ्रहम आता है तो इसको दूर करने की जिम्मेदारी भी चुनाव आयोग के ऊपर
20:20ही है
20:38चुनाव आयोग ने इस देश में बहुत बड़ा घोटाला बहुत बड़ा कांड और भष्टाचार किया है
20:45चुनाव को हज्याक किया है वोट चूरी की है सब कुछ क्या है एसायर का जो बुद्दा सामने आया है
20:52वो क्या है
20:53हर्याना में महराष्ट में बिहार में बंगाल में एक के बाद एक वोट चुरा चुरा के सरकारें चुरा चुरा के
21:03इनकी जोली में डाल दी
21:04आज उनको इस्तीफा दिना चाहिए उन पर कानोनी कारवाई होनी चाहिए
21:11इस पूरे विवा के बाद विपक्षी दल सुर्थ ग्यानेश कुमार का इस्तीफा नहीं मांग रहे
21:16कि वो बिहार, दिल्ली, माहराज, पर्शिम बंगाल, तमिलनाड, बिहार के विदानसवा चिनाव दुबारा से कराने की मांग भी कर रहे
21:22है
21:24जबकि दिल्ली में विदानसवा के चिनाव हुए थे तब वोटरलेस का रिविशन नहीं हुआ था
21:28और नहीं ग्यानेश कुमार भारत के मुख्य चिनाव आयुक्त बने थे
21:31आगरा के रहने वाले ग्यानेश कुमार 1988 बैच के केरल काड़ के आये सदिकारी हैं
21:37जो मई 2022 से 31 जनवरी 2024 तक सहकारता मंत्राले में सचित थे
21:4215 मार्च 2024 को ग्यानेश कुमार और सुपीर सिंग संधू को चिनाव आयुक्त बनाया गया
21:4819 फरवरी 2025 को राजीव कुमार के रिटारिमेंट के बाद ग्यानेश कुमार नए मुख्य चिनाव आयुक्त बने
21:5517 अगस 2025 को राहुल गांदी के वोट चोरी आरोग पर ग्यानेश कुमार ने कहा था
22:00कि राहुल गांदी हलफ नामा दे या देश से माफी मांगे और उनके सामने कोई तीसा विकल्प नहीं है
22:05और ऐसा भी नहीं है कि ग्यानेश कुमार ने सिर्फ मौजूदा सरकार में काम किया है
22:092007 से लेकर 2012 तक यूपीय सरकार के दोनार ग्यानेश कुमार रक्षा मंत्राले में संयुक्त सचिफ्त है
22:17लेकिन अब कॉंग्रेस उन पर सवाल उठा रही है जबकि सरकार और चुनाव आयोग की दलील कुछ और है
22:23चुनाव आयोग का कहना है कि जब किसी निकाए में एक से ज़्यादा सदसे होते हैं
22:27तो उनके बीच सहमती और सहमती स्वाभाविक है जिसे विवाद नहीं बलकि स्वस्त चर्चा का हिस्सा मानना चाहिए
22:35जबकि बीजेपी कह रही है कि विपक्ष संस्थाओं को कमजोर करना चाहता है और अपनी हार के लिए चुनाव आयोग
22:42को सौफ्ट टागेट बना रहा है
22:45अरे राहूल गांदी का कुई बात कॉंग्रेस सी नहीं मानता
22:50कॉंग्रेस पार्टी राहूल गांदी को सिरियसली नहीं लेता है और आप क्या राहूल गांदी के बाते करते है
22:56गैनेश कुमार को तो कम से कम पद्दोभूशन देना चाहिए
22:59सारे पस्चिब मंगाल की जनता खूस है जी इतना दिन बाद
23:04इंटिमिडेशन का बाहर ला करके कोई भी हत्ता की घटना नहीं
23:14लोगों को वोट डालने दिया गया
23:18खेर आपने सुना उन्होंने पद्मभूशन की मांग कर दी है जो
23:24बंगाल के प्रदेश अध्यक्षें बीजेपी के खेर इस पूरी राजनीती के बीच वे पक्षी दलब ये सवाल भी उठा रहे
23:30है
23:30कि क्या चुनाव आयो जैंजी युवाओं को वोटर बनने से रोक रहा है
23:35कॉंग्रेस कारोपे की जंतरमंतर पर हुए जैंजी आंदोलन से सरकार डर चुकी है
23:39उसे मद्दाता सूची में 18 साल से उपर के नए युवाओं वोटर्स को शामिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा
23:44दी है
23:44इस प्रक्रिया को जानते हैं कि ये क्या कहा जाता है
23:48इसे स्पेशल समरी रिविजन कहते हैं
23:52जिसके तहट हर साल नियमित रूप से नए 18 साल के जो युवाँ हैं उनको मद्दाता सूची में जोड़ा जाता
23:58है
23:58मृत्या पता बदल चुके मद्दाताओं की जानकारी अपडेट भी होती है इसे स्पेशल समरी रिविजन में
24:41आरोप एकी साल दोजार चौबस से हमारे देश में एससार नहीं कहराया गया है
24:48स्पेस्टिक कोई जवाब एससार पर नहीं आया है जैसे ही आता है मैं आपको दिखाएंगे
24:53खर आगे बरते हैं आपको ये बताते हैं कि इसराइल पूरी दुनिया में अकेला पड़ता जा रहा है
25:13प्रतिनिदी जो थे वो मौजूद थे बैठे थे अगर आप इन तस्वीरों को देखेंगे तो इनमें आपको महासभा का मुख्य
25:19हिस्सा भरा हुआ नजर आएगा और इनमें वैश्मिक नेताओं और राजनाइकों की भारी मौजूद्गी स्पष्ट रूप से दिखाई दे�
25:27इस एंगल से भी अगर आप देखिए तो काफी लोग देखाई देते हैं राश्रपती मसूद प्रजश के आने सिब दो
25:33दिन पहले 23 सितंबर को ये भाशन दिया था लेकिन इसे ठीक विपरी जब इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजिमिन नतन्याहु का
25:40आज भाशन हुआ �
25:40तो लगभग पूरा हॉल ही खाली हो गया इसराइल की मीजिया का दावा है कि 75 से ज़्यादा देशों के
25:47प्रतिनिधियों और राजनाइकों ने प्रधानमंत्री नतन्याहु के भाशन का बहिशकार कर दिया ये आपको दिख रही है पूरी तस्वीरे वहां
25:57के जैसे ही भाश
26:10बहिशकार को इसराइल के लिए इंटिनाशन आइसोलेशन बताने लगे ये कहा गया कि जब मुस्लिन देशों के अलावा एशिया आफरिका
26:20लाटन अमेरिका के देशों में भी इसराइल की युद्नीतियों के खिलाफ भारी गुस्सा है जैसे जिन देशों के राजनाइक ह�
26:26चोड़ कर चले गए उनमें इरान, पाकिस्तान, कतर, सौधियर, बांगलादेश, तुर्किय, ओमान, ब्रजील, सुडान, ट्रिनीश्य, रुस्बेकिस्तान, श्रिलंका, इलजेरिया, मलेश्य, किर्गिस्तान
26:37का नाम शामल था और यहां बात सिर्फ भाहिशकार की नहीं है
26:41जैसे ही प्रधानोंती नतनियाहू भाशन देने के लिए मंच पर आए, तभी हॉल में जोरदार हुटिंग नारे बाजी हुई
26:47और देखते ही देखते हैं, गैलरी के कई हिस्से पूरी तरह खाली होगा है, यहां तक इतना तो समझ आ
26:52रहा था, एरान कई देशों को इस्राइल के खिलाफ लामबंद करने में कामयाब गुआ है, देखिए
26:58होस्तुर करते हैं, आए, बढ़ ज 네 के गुआ हैं, अरॉस्तुर के एल्य की में एक व्टॉवाएब तक बाक्षाना लावा
27:04प्रश्शा इस्सापिलीट हैं अर्याइब फुआ हैं ट्री आ इस्राइब एस्साशिट ट्या प्रोंगर्समाया फ्साइने लग्र समीया इस्तु
27:27बुटली इंडर्ट इंडर्ड फालजंग इन दिप्लेट वहीं आपने देखा कुछ समर्तक भी थे जो तालिया बजा रहे थे उनके लिए
27:49वहीं बीबी उनको कहा जाता है नतन्याहू को तो उनके खिलाफ भी कही लोग निकलते हुए नजरा है
27:54कुछ साल पहले तक यही चीज इरान के साथ होती थी उस वक्त संयुक्तराश्र में इरान के पूर राश्रपतियों के
28:00भार्शनों के दौरान भारी वॉक आउट होते थे इरान पूरी दुनिया में अलग थलक दिखाई देता था लेकिन इस बार
28:05के सत्र ने इस तस्वीर को प�
28:20हाली हो रहा है देखिए इस वॉक आउट के बाद अब इसराइल ने इक और नई राह पकड़ी है और
28:42वो दुनिया को यह कह रहा है कि वो अकेला नहीं है बलके अकेला काफी है
28:46आज जब प्रदानुती नेतन्याहू के भाशन का बहिशकार हुआ तब हॉल छोड़ कर जाने वाले राजनेकों को उन्होंने नैतिक रूप
28:53से कायर बता दिया
28:54उन्होंने शब्दशा कहा कि जो देश वाक आउट करके हॉल से बाहर जा रहे हैं उनमें कई देश ऐसे भी
29:01है जिनकी इसराइल ने मदद की है
29:02या जिनोंने इरान के परमाणों ठिकानों पर हमलों के लिए इसराइल को धन्यवाद दिया है
29:08ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमत्री नितन्याहू का इशारा सौधी अरब की तरफ था जिसके बारे में पश्चिमी मीडिया
29:13ये दावा करता रहा है
29:14कि सौधी अरब ने भी इरान पर air strikes करने के लिए अमेरिका और इस्राइल से बात की दिया
29:20सबसे हैरानी की बात यह है कि UAE ने पिछले साल की तरह इस बार भी बहिशकार करने वाले देशों
29:26में हिस्सा नहें लिया
29:27UAE के अलावा बहरेन, भारत, दक्षन, कोरिया, अमेरिका, न्यूजिलन, नेपाल, पोलंड, बहरेन, इटली, फिनलन, डेन्मार्क के राजनाईग भी प्रधानुती नितनियाहू
29:37का भाशन सुनते रहे
29:38और जब 40 मिनिट का ये भाशन पूरा हुआ, तो एक नया बखेडा खड़ा हो गया
29:43इरान ने सयुक्त राश्रपा सवाल उठाते हुए, पूछा कि उसने अपने मंच को इसराइल के प्रधानमंत्री का चुनावी मंच क्यों
29:49बनने दिया
29:51यानि एरान ये कह रहा है कि जब प्रधानमंची नितन्याहू पर युद्ध अपरादी होने के आरोप लग रहे हैं
29:57तो उन्हें भाशन देने के लिए इस मंच पर क्यों बुलाया गया
30:00और उनकी जगह यूएन के पोडियम पर होनी चाहिए या अदालत के कट घरे में
30:42प्रधानमंटरी नितन्याहू पर स्युक्तर राष्ट्र के मंच को अपने चुनावी राली का मंच बनाने कारों क्यों लगा रहा है
30:48इसके पीछे बड़ा कारण है इसराइल में अगले महीने 27 अक्टूबर को होने वाले संसदिय चुनाव
30:54आरोपे की इनी चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंटरी नितन्याहू ने वही मुद्दे संयुक्तर राष्ट के मंच से उठाए
30:59जिने वो इसराइल के मतदाताओं तक पहुँचाना चाहते थे
31:02सबसे पहले उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के उस हमास हमले को याद किया
31:06जिसे इसराइल के बहुत सारे लोग आज भी भूले नहीं है
31:10प्रदानोंची नितन्याहू ने कहा कि आबादी के अनुपात में ये हमला
31:139 by 11 के हमले से सोलह गुना बड़ा था लेकिर फिर भी दुनिया इसकी बात नहीं करते
31:19सुने
31:22Altogether
31:35प्रदानोंची नितन्याहू अज अपने साथ स्टालिंग का एक डिवाइस भी लेकर आय थे
31:51और उनका निशाना इरान पर था
31:53उन्होंने इस डिवाइस को दिखाते हुए ये कहा कि वो इसे इरान के प्रतिनिदी मंडल के लिए छोड़ रहे हैं
32:00ताकि इरान की जंता अपनी तारा शाही सरकार के खिलाफ आवाज उठा सके
32:04और उन्होंने ये भी दावा किया कि इरान का क्रूर शासन जल्द गिर जाएगा
32:08हलाकि यहाँ इरान भी जानता था कि प्रतानुतिन नितनियाहू उस पर हमलावर रहेंगे
32:13इसलिए वाक आउट के बाद इरान के राजरेकों ने अपनी खाली सीट पर
32:17कुछ स्पोर्स के पूर्फ कमांडर कासिम सुलिवानी की तस्वीर रखती थी
32:21जो पूरे भाशन के दौरान नितनियाहू के सामने देखती रही
32:24और यह वही कासिम सुलिवानी है जिने अमेरिका ने इस्राइल के साथ मिलकर साल 2020 में मार दिया तो
32:30देखिए
32:32और लुर ऑष्टॉ
32:34और बटार नित आख 9
32:38वन्भ देखिए घखिउत।
32:39उन्भ फोई।
32:40यह श्यचिवाँ अ zal interface
32:46आ दोप चुप स्वह सकता क्या बटस्वन है
32:51एक चूउस.
32:53एक चूउसाब सम्षब आनिजिवाऊ souvenir
33:00लिजसके तट्रेट ब Python कि ऊच्ति MR खाला है
33:03चित अनलिएधस दास century系 लिडे एलाडान से एलाडाओने लिखिर मेक्दूए देव डिवाते लिएधने लिज़ान को सबस्सके अच्छी में वएल कि
33:19अरड खो देसेटा enzymes
33:19हम Какने देस्कूए चुकुक मैं और रपशiveness झाません
33:24सोशल मेडिया
33:55यही नहीं इसी भाशन में प्रधानुति नेतन्याहू ने ये भी बताया कि इस्राइल अपने दुश्मनों को कितनी गहराई तक जाकर
34:02नुकसान पहुचा सकता है इसके लिए वो अपने साथ एक पेजर जवाइस या बीपर लेकर आए थे और यह वही
34:09पेजर है जिने लेबना
34:11में हजबुल्ला के लड़ा के स्तमाल करते थे लेकिन मुसाद ने इन्हें है करके इनमें ब्लास्ट कर दिया था लेकिए
34:19Israel hammered Hamas, we pummeled Hezbollah. You remember the beepers? Remember these sense? Remember them?
34:33Well, I can tell you this, Hezbollah certainly remembers them.
34:37Guess what happened to the bulk of the Hezbollah's vast arsenal of 150,000 ballistic missiles and rockets all aimed
34:50at our civilians? They're gone. Hezbollah's leaders dead.
34:59खरागे बढ़ते हैं और आपको ये बताते हैं कि अगर बेज़ती कराने का कोई World Cup होता तो पाकिस्तान आसानी
35:05से जीट जाता है.
35:07मिशेसाल पाकिस्तान के प्रिदानोंती शाबाज शरीफ ने स्वयुक्तराश्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं
35:14रोकता तो ये आतंकवादी आज न्यू यॉक और लंडन की सड़कों पर घूम रहे होते हैं.
35:19ये पुराना विडियो है आजकल खूब वाइरल है आपने भी देखा होगा और उस वक्षावाद शरीफ को यही लगा कि
35:25उन्होंने स्वयुक्तराश्र में ये बात बोलकर बड़ा तीर मार लिया लेकिन दुनिया नहीं से पाकिस्तान का कबूल नामा माना और
35:31ये कहा कि जै
35:45आने में आतंकवाद को शरण देने की बात तुमान ली थी पिछले साल लेकिन आज जब इसी आतंकवाद पर अमेरिका
35:51में उनसे सवाल पूछे गए तो बास शाहवाद शरीफ ऐसे निकले ऐसे निकले से अचानक सुनने की जो ताकत है
35:59वो चली गई हो
36:00कुछ सुनाई ही नहीं दिया उनको देखिए मतलब हाथ उठाया आज नेपाल के प्रधानुंति बालेंशाह ने भी संयुक्त राश्र महासभा
36:11को संबोधत किया उनके भाशन में दो बातें ऐसी रही उनके बारे में पूरी दुनिया सोचने की जरूरत होनी चाहिए
36:17उन्हो
36:29उसे का सहयोग करना चाहिए और यह बिल्कुल सही बात है इनसानों ने जमीन के टुकडों को तो बांट दिया
36:39लेकिन यह जो प्रकृती है इसे कोई नहीं बांट सकता और अगर इस प्रकृती पर संकट है तो इससे निपटने
36:46के लिए सब को साथ आकर काम करना चाहिए दू
36:58लेकिन गरीबों तक खाना पहुचाने का लोजिस्टिक सिस्टम पूरी तरह टूटा हुए
37:07हम हतियार तो बना लेते हैं हतियारों को अंतरिक्ष में भी भेज रहे हैं लेकिन अगर कहीं मानविया संकट है
37:12भूपमरी है तरासदी है यही देश जरूरत मंद लोगों तक खाना नहीं पहुचा पाते
37:17आज प्रदानमंती बाले इंशाह ने बाड में तुरंत मदद पहुचाने के लिए भारत और चाइना को भी संयुक्तराश्ट के मंज
37:22से धन्यवाद दिया और अपने भाशन के अंत में पूरी दुनिया को कल्यान और शांती की कामना करते हुए भगवान
37:30पशुपती नात का
37:31दाहवान किया जिसका विडियो सोशल मीडिया पर काफी गाहिरल है देखे लिए बाड में पशुपती नात ले बिश्व को कल्यान
37:51गरून यो बिश्व बिश्व बुद्ध ले देखाए को बातों में इना सको एड़े देरे दन्यवाद नबस्ते
38:04ग्यारे साल बात जब चाइना के राश्वपती श्री जिन पिंग अमेरिका की सरजमीर पर स्टेट विजट पर पहुँचे तो अमेरिकी
38:10राश्वपती डॉनल्ड ट्रम्प ने उनका स्वागत ऐसा किया जैसा शायद ही किसी ग्लोबल लीडर का हुआ
38:15लेकिन सवाल ये है कि रेड कापिट की इस भविता के पीछे हासल क्या हुआ? क्या व्यापार, ताइवान, सेमी कंडक्टर
38:23और AI जैसे मोर्चों पर लगी आँच धीमी हुई? या फिर ये पूरी मुलाकात महद एक आप्टिक्स यानी तस्वीरों का
38:29खेल बनकर रह गई?
38:31डॉनल्ड ट्रॉम्प ने शी जिन पिंग की आग आओ भगत में कोई कसर तो नहीं छोड़ी? अमेरिका के नाशनल सिंबल
38:38बॉल्डीगल की एक शांदार कास से मूर्ती शी जिन पिंग को सौपी गई जिसकी डिजाइन खुद फर्स लेडी मेलानिया ट्रॉम्प
38:45के सहयोग स
38:46तायार की गई थी ट्रॉम्प ने से अमेरिका की फ्री एंड सोरिंग स्पिरिट का प्रतीक बताया लेकिन कूट नहीं थी
38:52के चश्मे से देखे तो आखर शी जिन पिंग की इस खातिरदारी से डॉनल्ड ट्रॉम्प को क्या मिला? ट्रॉम्प ने
39:02दोनों देशों के बीच च
39:13चाहत जरूर मिल गई चैना ने आधिकारिक तोर पर पिंग पिंग और फूश्वांग नाम के दो विशाल पैंडा अटलांटा भेजने
39:22का एलान किया जिसे ट्रॉम्प ने अपने समर्थकों के सामने एक सफ्ट डिप्लॉमसी की जीत के रूप में पेश किया
39:27ट्रॉम्प न
39:42जाना उमीद ये कर रहा था कि ये ट्रेड पॉज कम से कम एक साल के लिए बढ़े ताकि शी
39:48जिन पिंग ट्रॉम्प के बचे हुए कारकाल तक सुकून की सांस ले सकते लेकिन ऐसा नहीं हुआ
39:53इसके अलावा रेर अर्थ मिनरल्स, अमेरिकी कृशीव पादों की खरीद और अड्वांस चिप्स पर गतिरोद बरकरार रहा
40:01ट्रॉम्प ने शी जिन पिंग का जोड़दार स्वागत तो किया लेकिन सवाल ये भी है कि क्या रेड कापिट के
40:06इस भब्वे स्वागत के पीछे की हकीकत भी उतनी ही चमकदार है
40:10ये सवाल इसलिए क्योंकि ट्रम्प शी जिन पिंग को सम्मान दे तो रहे हैं लेकिन चाइना का सामान नहीं खरीद
40:18रहे
40:18आंकडों की जुबानी समझे है साल 2018 में अमेरिका दुनिया से जितना सामान आयात करता था उसमें अकेले चाइना की
40:25हिस्सेदारी थी 21.2 प्रतिशन
40:40जो इतिहास का सबसे निचलास्तर है ये तहीं नहीं इस साल जन्वरी से जुलाई के बीच अमेरिका ने चाइना से
40:46सिर्फ 156.4 बिलियन डॉलर का सामान खरीदा जो 2018 के मुकाबले 296.5 बिलियन डॉलर जो उस वक्त का
40:57था उसके मुकाबले करीब-करीब आधा रहे गया है
41:01दूसी ओर अमेरिका से चाइना को होने वाला निर्याद भी घट गया है और अब महस 4.4% पर
41:09आ गया है जो व्यापार घाटा 2018 में 418.2 बिलियन डॉलर का था वो अब जानते हैं कितना 165
41:18.1 बिलियन डॉलर
41:19तो अमेरिका ने इस पर काम किया चाइना से सामान कम खरीद रहे हैं दोजार पच्चिस के आंकडों के मताबिक
41:25चाइना ने अमेरिका आने वाले फोन्स और होम अप्लाइंसे में लगभग 49.1 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है जबकि
41:33खिलोनों और स्पोर्स गुद्स क
41:47बढ़कर 15.9 बिलियन डॉलर पर पहुच गया और सेमी कंडाक्टर्स यानि चिप्स का निर्यात वो भी लगभग 10 प्रतिशत
41:5610.2 परसेंट बढ़ा वहीं दुनिया भर में चाइना का जो कुल ट्रेट सर्पलस है भले ही तीन गुना बढ़
42:03गया हो लेकिन अमेरिका के साथ �
42:05उसका ट्रेट सर्पलस आधे से भी कम रह गया है अलाकि मई 2025 में अमेरिका ने चाइना पर टैरिफ 125
42:12प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत कर दिया था और ट्रेट वार पर ब्रेक लगाया फिर भी बीटे 14 में
42:18से 11 महीनों में अमेरिका की चाइना से खरीदारी लगातार घटी ह
42:22साफ है कि सिर्फ टैरिफ घटा देने से व्यापारिक रिष्टे पुराने दिन नहीं लोटा पा रहे हैं यारी रनवे पर
42:30गर्म जोशी से हाथ मिलाना रेड कापिट बिचाना लोट लोट कर कापिट को साफ करना अपनी जगा कूटनीती का हिस्सा
42:39हो सकता है लेकिन अमेरिक
42:51दिखने वाले चाना के राश्तो पती शीजिन पिंग के ठाहके ज़रा दिखाते हैं आमतर पर पोक Warface यानी बहुत घंबीर
42:57माने जाते हैं सopicने वाले चीनी राश् aja कटी शीजिन पिंगot अचाना seeking अचानग ठाहके लगा कर हस पड़े उन्हें
43:03हसाने वाले कोई है और नहीं
43:22पस्फिर क्या था शी जिन पिंग खुद को रोक नहीं पाए और जोर जोर से हसने लगे
43:35वक्त का पहिया भले ही इनसान को बच्पन से बुढ़ापे की और धकेल दे अगली खबर का रुक कर रहे
43:39हैं
43:39लेकिन कुछ यादें कुछ दोस्त ऐसे होते हैं जिने देखते ही उम्र का हर दायरा ढह जाता है
43:45जरा सोचिए चेहरे पर जुरियां हों सिर के बाल पक चुके हों
43:4965 से 68 साल की उम्र हो चुकी हो और अचानक वही कदम 50 साल बाद
43:55अपने पुराने स्कूल के गलियारे में लोटा है
43:58सोचिल मीडिया पर 176 बाच के इन मासूम बुजर्गों के री यूनियन का ही कैसा वीडियो वाइरल हुआ है
44:04जिससे हर देखने वाले को उसके बचपन का याद देला दिया
44:07सबसे मज़ेदार तो है गले से लटका यह वाटर बॉटल
44:10मुझे लगता है कि बाग और वाटर बॉटल अपने बचपन का एक ऐसा हिस्सा होता है
44:14एक ऐसी कहानी है अपने आपने जो हर किसी के दिल को पसीजने पर मजबूर कर देती है जैसे ही
44:22स्कूल का वो पुराना लोहे का गेट खुला मारूबक्त की टाइम मशीन पचास साल पीछे लोट गई सफेद कमीज कंधे
44:28पर टंगा बस ताग गले में लटकती रंग बिरंगी �
44:31वाटर बॉटल्स ये कोई छोटे बच्चों की टोली नहीं बलकि 1976 बाच के वो चात्र हैं जो आज जिन्दगी के
44:36छे दशक पार कर चुके हैं तमाम जिम्मेदारियां दफ्तर की फाइल्स बायल बच्चों के जंजट सबको बाहर चोड़ दिया जब
44:47उन्होंने स्कूल के प
45:00पिठ्थू के पत्तर गिरें तो 68 साल के ये बच्चे ऐसे भागे मानों कल ही इनका पीटी का पीरिड था
45:07ना किसी को घुटनों के दर्द की परवाती ना ब्लड प्रेशर का डर था
45:11असरी जादू तो तब देखने को मिला जब ये टोली अपने पुराने क्लासरूम में दाखिल हो लकड़ी के बेंचिस पर
45:17बैठना और मास्टर जी के आते ही एक सुर में खीच कर बोलना गूर्ड मॉर्निंग सर अटेंडेंस की पुकार हुई
45:24रोल नंबर्स बोले गए फिर
45:26शुरूआ वही शरारतों का दौर कभी बेंचेस पर हाथ थप थपा कर तालिया बजाना कभी एक दूसरे की कमीज पकड़
45:32कर क्लासरूम के अंदर ही चुक चुक रेल गाड़ी बना कर नाचना
45:35हद तो तब हो गई चब किसी शरारती दोस ने क्लास में परटाकी की आवाज निकाली
45:38मास्टर जी हाथ में छड़ी लेकर उनके पीछे दौर पड़े
45:41कोई बेंच के नीचे छिपा, कोई पुरानी अलमारी के पीछे दुपग गया
45:45इंस्टेग्राम पर शेयर किया गया ये विडियो सिर्फ एक रील नहीं
45:48बलकि हम सब के बीतर सोय हुए एक बच्चे की पुकार बन गया है
45:51इस रियूनियन ने एक खुबसूरत संदेश दिया
45:54कि वक्त इंसान की उम्र तो बढ़ा सकता है
45:56लेकिन बच्चपन की दोस्ती को बुड़ा नहीं कर सकता
45:59चेहरे बदल जाते हैं बाल सफेद हो जाते हैं
46:01लेकिन जब पुराने यार मिलते हैं तो पचास साल की दूरी भी
46:05सेकंड्स में मिट जाती है
46:07तो आज के लिए ब्लाक और वाइट में इतना ही है
46:22कर दो आज कर दो आज कर सकता है

Recommended