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UP Elections 2027 से पहले BSP में परिवार और नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Mayawati ने Akash Anand को पार्टी की जिम्मेदारियों से बाहर कर दिया है और अब उनके छोटे भतीजे Ishan Anand को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। 23 सितंबर को Ishan Anand को BSP का National Coordinator बनाया गया। इससे पहले Mayawati ने Akash Anand और Deepika Anand को पार्टी में कोई जिम्मेदारी न देने की बात कही थी। अब BSP की राजनीति में Ishan Anand के बढ़ते कद और Akash Anand के भविष्य को लेकर चर्चा तेज है। इस वीडियो में समझिए Mayawati के फैसले, BSP की अंदरूनी राजनीति और 2027 UP Elections से इसका कनेक्शन।

UP Elections 2027: A major leadership change is taking shape within the Bahujan Samaj Party as Mayawati reshapes the role of her family in the organisation. Akash Anand has been removed from party responsibilities, while his younger brother Ishan Anand has now been appointed as BSP National Coordinator. The move comes after a series of decisions and reversals by Mayawati over the political roles of her nephews. With Ishan Anand now getting a key organisational position, attention has turned to the future of Akash Anand and the BSP’s leadership structure ahead of the 2027 Uttar Pradesh Assembly Elections. Watch this video for the latest BSP developments and Mayawati’s political decisions.


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Transcript
00:00पिछले तीन सालों से जारी बस्पा में उथल पुथल अब रुकने का नाम नहीं ले रही।
00:04पहले आकाश आनंद की बस्पा में वापसी होती थी, फिर उन्हें बाहर किया जाता था।
00:08माय ओती जी जो पार्टी की राश्टे अध्यक्ष हैं, वो उन्हें कभी नेशनल कोडिनेटर बनाती थी, कभी हटा कर मामली
00:14कारकरता बना देती थी और अब तो उन्हें सीधे पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
00:38का इशान को नेशनल कोडिनेटर बना दिया एलान किया कि ये पार्टी के बढ़ने इंताओं से सीखेंगे और पार्टी को
00:45आगे बढ़ाने का काम करेंगे अब सवाल उठ रहा है कि आकास तो अंदर बाहर होती रहे हैं इशान को
00:50ये कुरसी ये गद्धी कब तक किलिए मिली है
00:53क्या वो मायवती जी के कहेंसार चल पाएंगे या फिर उनका भी वही हश रोने वाला है जो आकास आनंद
01:00का हुआ था इस पर ही आजम बात करेंगे मैं सब केशो जी है केशो जी बसपा में जो कुछ
01:05चल रहा है और इशान आनंद को जो पद मिला है उसको मैं दो तरह से दे�
01:23नहीं है अगर इसको इस तरह से देखा जाए तो बस इसको एक पडिवारवाद का एक नेक्स्ट स्टेप के तौर
01:30पर मैं देखता हूं नंबर वन नंबर टू जो आपने अभी अपने इंट्रोडक्शन इंट्रो में कहा कि पहले दिपका अनंद
01:39को बनाने की बाद चली फिर
01:40इशान आनंद आ गए तो सवाल यह है कि वारिष जो है ओतो पुत्र ही होगा ही माया भटी की
01:48बतिजी है वह पीछे रहे लाग applicvania आ गया एक बतिजा आया था फिर गया फिर आया फिर गया अब
01:54दूसरे बतिजे को मौका दे रही हैं सवाल इसे यही सामने आता है कि क्या ये �
02:00यो रिजनल पार्टी है वो एक परिवार से उपर कव उठेंगे और यह सिर्फ समाज बहुजा समाज पार्टी की बात
02:07नहीं है सिर्फ बहुजा समाज पार्टी की बात नहीं है आप किसी भी रिजनल पार्टी को ले लीजिए चाहिए समाजबादी
02:12पार्टी हो चाहिए बिहा
02:29जब पार्टी का अगला चेहरा कौन होगा, तो फिर वहाँ भी निशान्त कुमार ही आते हैं, यह एक गंभीर प्रशन
02:37है, भारती ये राजनीती में, खासकर जो भारत की उक्षेत्रिय राजनीती है, उसमें ये बहुत गंभीर प्रशन बन चुका है,
02:45परिवार से आगे की ये
02:58फिर बदल वो भी लगातार करना, हर पंदा दिन में कोई बड़ा फैस्ता ले लेना, संगठनात्मक तोर पर, ये क्या
03:04बसपा के लिए नुकसान दायक नहीं है, क्या मायवती जी को ये समझ में नहीं आ रहा है, देखिए, बसपा
03:09के लिए इससे ज्यादा नुकसान दायक क्
03:13रही है, उसमें उनके कोई भी मेंबर ही नहीं है, एक विधायक थे उनके, अब वो भी नहीं रहे, सवाल
03:20ये नहीं है कि बसपा के लिए आगे क्या है, बसपा ने पीछे भी जो कुछ पाया था, वो सब
03:27खुच चुकी है, भारतिये राजनितिक इतिहास में देखें, तो बह
03:42राइट आफ नहीं कर सकते हैं, इस बयान मेरे इस स्टेटमेंट को उस अर्थ में नहीं लेना चाहिए, लेकिन असल
03:48मामला इहां पर मायावती जी के राजनितिक दिशा पर है, इस समय भारत की राजनिति कमोवेस दो धुरूबों में चल
04:00रही है, या तो आप इस पोल पे है
04:02या तो आप उस पोल पे हैं, या तो भारती जनता पाटी के नित्रितु वाली दक्षिन पंथी राजनितिक विचारधारा के
04:08आप समर्थक हैं, या फिर जो एक अपोजीशन की विचारधारा है, चाहिए आप उसको इंडिया गटवंधन कहले या जो भी
04:14कहले, अगर आप इ
04:29जैसे सबसे बड़े सूवे में आप ये तटरस्त भाव बना करके राजनितिक दूरी तैन नहीं कर पाएंगे, यह गिवन फैक्ट
04:38है एक, आप देख लें, चाहिए कोई भी बड़ी पार्टी है, या कोई भी इस संदर्व में जो एहम पार्टियां
04:45है, चाहिए वो समाजव
04:46पार्टी हो चाहिए, यहां तक कि त्रिंड मूल कांग्रेस, त्रिंड मूल कांग्रेस यह दपी बेंगडावल में अलग चुनाव लड़ रही
04:52थी, लेकिन जब ऑपोजिशन की पॉलिटिक्स होती है, तब वो इंडी गट बंधन के साथ रहती है, टील सी, वो
05:00लोक सभा में
05:01या फिर जनता के बीच भी प्रधान मंत्री से कड़े सवाल पूछती है, वो जो तमाम हिपक्स के मुद्दे होते
05:08हैं, उनके साथ वो खड़ी होती है, चाहिए दक्षिन में आप स्टालीन का उदारन ले ले, वो भी सरकार में
05:14भी नहीं है, और उसी साब से देखे तो इंड
05:28या उन ग्राउंड, जैसे कल CEC का ही मामला देख लीजिए, ग्यानेश कुमार को लेकर कल से बावाल मचा हुआ
05:34है, उसमें जो कांग्रेस की मांग है, उसमें स्टालीन अपने सुर मिलाए है, इस बीच मायावती की आवाज गहीं खोशी
05:40गई है, न वो इधर दिखती है, उन
05:58की जो इस्थिपी है, उससे निकलना परेगा, उन्हें अपनी राजनितिक दिशा तैग करनी परेगी, आगे के चुनाओ के लिए भी
06:05यह जरूरी है, बिल्कुल, एक स्वाला और उठ रहा है केशो जी, कि जैसे आका शानन को जब फिर से
06:10अभी पद दिया गया था, तो उन्
06:14हाथ रस और एक दो जगहों पर रैली भी की थी, लेकिन फिर उनको मायोती जी ने हटा दिया, इशान
06:20को लेकर आई हैं, राजनितिक तोर पर इशान अभी बहुत ज़्यादा सक्रिय नहीं रहे हैं, रैलियों में भाशर देने के
06:24उनका कोई साजविनिक इतिहास भी मौजू
06:40है कि आखिर इशान भी टिक पाएंगे या अपने बड़े भाई की तरह इन पर भी कोई गाज गिर सकती
06:46भविष्ट में, क्योंकि मायोती जी का ये कहना है कि सब कुछ मेरे मुताबिक होगा, जितना मैं कहूंगी अप शर्षा
06:51वही पालन करना पड़ेगा, अगर आप ऐसा �
06:53करेंगे, तो जैसे आकाश्ट को हटा दिया गया, तो इशान को भी हटा दिया जाएगा, अब ये तो तय है
06:58कि बहुजन समाज पाटी में बहन माया वती जो कहेंगी, वही होगा, इशान अगर अबनी बुवा जी की मर्जी से
07:06चलते हैं, उनके नक्षे कदम पर चलते हैं, उ
07:12तको हैं नहीं, तो नहीं है, ये बात तो तय है, और ये सभी पार्टियों में अक्रेश ने एक समय
07:17पर शिवपालियादव को रास्ता दिखा दिया था, तो वो, that is given, अब सवाल ये है कि इनकी परिपकोता कितनी
07:24है, जो आपके सवाल का पहला हिस्सा था, कि इशान आनंद अ
07:38किसी अन्य अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए, मैं ग्रीह मंत्री अमित्शाह का उदारन देना चाहता हूं यहां पर, 2014
07:45के चुनाओं में, लोकसभा चुनाओं में, वो उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे भारतिय जनता पार्टी के, और उन्होंने पूरी केंपेंड
08:05डि
08:08समादरित हैं, इसमें सवाल दो तरह से आपको समझने की जरूरत है, एक औरेटरी, भार्षन कला एक अलग विशे है,
08:17और संगठनिक शमता जो है, संगठन शमता जो है, वह एक अलग चीज़ है, हो सकता है कि उशान आनंद
08:25के पास पब्लिक गैधरिंग को अड्रेस करने का �
08:27अनभव नहीं हो, राजमीत में बहुत जादा उन्होंने अनभव नहीं पाया है, लेकिन उनमें एक अच्छे संगठन करता कि काभीलियत
08:36हो, हो सकता है कि बसपा का एक राजव्यापी संगठन है, पाउंडेशन अल्रेडी मौजूद है उनके पास, बीच में कुछ
08:43विखरा
08:44हुआ था, अपनी काभीलियत और अपनी बुआ जी के दिशा निर्देश में वो सब को संगठित कर लें, ये कर
08:52पाते हैं या नहीं कर पाते हैं, ये तो आने वाले चुनाओं में ही पता चल पाएगा, लेकिन आपके प्रस्में
08:58जो एक और बात था कि बसपा के लिए काउं�
09:18पाते हैं, ये जो कर रहें ये पोजिटिव रिस्क बोलते हैं इसको, ये आगे बढ़ेंगे, यहां से पीछे नहीं आएंगे,
09:25तो उनके लिए फाइदे मन्द ही हैं, और एक महत्रपुर्ण बात और मैं बोलना चाहता हूं, इसको मैं तुरा सा
09:30पढ़ दे के आड़ में ही �
09:32बोलना चाहूंगा, जो सियासी पार्टी है, खास करके जो ये रिजनल पॉलिटिकल पार्टी है न, चुनाव लड़ना, उनके लिए एक
09:41मजबूरी भी होती है, उनके अस्तित्तों के लिए एक मजबूरी होती है, और मैं केबल पॉलिटिकल अस्तित्तों की ही बात
09:46नहीं कह
09:47आप समझ ये कि ये जो सियासी पार्टियां हैं सारी सीटों पर यह जानते हुए भी कि वह नहीं जीतेंगे
09:54क्यों उमिदवार उतारती हैं और वह उमिदवार कहां से आते हैं इसको समझने कोशिश कीजिए और बहुजन समाज पार्टी इस
10:02प्रियोग के लिए वर्षों से जा
10:16बिल्कुल बस्पा के कुछ चुनावी आकड़े भी बता देते हैं पिछले पांचे चुनाओं के 2007 से 2012 तक बस्पा ने
10:23यूपी में अपने दंपर सरकार चलाई थी मायोटी जी मुक्षमेंटरी थी 2012 विधानसभा चुना हुआ था बस्पा को 80 सीटे
10:29मेरी थी फिर 2014 का जो लो
10:43बिधानसभा चुनाओं में बस्पा का सिर्फ एक विधायक चुना गया रसरा से जिसका अभी निधन हो चुका है और अब
10:48आ रहा है 2027 का चुनाओ, 2024 में लोगसभा चुनाओ भी हुआ था जिसमें भी बस्पा का खाता नहीं खुला
10:53था, तो जैसा कि केशो जी ने बताया कि
10:54खोने के लिए बस्पा के पास, मैयोती जी के पास कुछ नहीं है, ना एक लोगसभा का सांसद है, ना
10:59एक विधायक है, ना राजसभा कभी कोई सांसद नहीं है, एक सांसद ही उनका कारेकाला पूरा हो चुका है, तो
11:05एक आखरी सवाल केशो जी इसी से जुरा हुआ हुआ है
11:07बसपा को लेकर क्या जनाधार बचा हुआ है जो हम देखते थे कि दलितों का एक बड़ा हिस्सा मयोती जी
11:13के साथ जुड़ा रहता था
11:15ब्राम्हर भी 2007 में उन्हें अच्छी खाशी सख्ख्या में वोट दिये थे कहा गया था कि
11:18सतिश्चन मिश्रा का फॉर्मूला काम्याब हो गया अभी कितने वोट परसंट बचे होंगे साथ आट लोग कहते हैं कुस कहते
11:24हैं दस भी हो सकता है
11:25नहीं देखिए अगर बसपा के वोट के ग्राफ को देखेंगे न वो बचा हुआ जरूर है वो सीट में कनवर्ट
11:32नहीं हो पा रहा है इससे पहले का चुनाव देखिए उन्होंने किसके साथ लाड़ा था हमेशा ये कहा जाता है
11:36कि मायावती जब भी समाजवादी पार्टी
11:40के साथ गठवंधन में चुनाव लड़ी तो मायावती का वोट उधर ट्रांसफर होता है लेकिन उधर का वोट इनको ट्रांसफर
11:46नहीं होता ये बात मायावती जी ने भी openly बोल दिया था कि उनको गठवंधन का समर्थन नहीं मिला इसलिए
11:53उनके उमिदवार हार है जबकि �
11:54इनका जो वोट था उनको ट्रांसफर हुआ है चुनाव का नतीज़ा एक बात है और चुनाव में मत परतिशत एक
12:01अलग बात है आला कि मत परतिशत की कोई गिंती नहीं रह जाती है सक्रिये यूनो संसदीये राजनीत में मायावती
12:09का हर चुनाव मैं खासकर कि उत्तर प्र�
12:16लगातावर्ग लगातार बना हुआ है छे साथ प्रतिसत के आसपास जोन का वोट बैंक है उसमें शरन नहीं हो रहा
12:23है हाँ यह जरूर है कि पिछले कुछ दिनों से मायावती के विकल्ब के तौर पर चंदरशेखर आजाद देखे जाने
12:32लगे हैं उस्तरप्रदेश में भी म�
12:37एक चुनौती तो है अब मायावती और चंदरशेखर आजाद दोनों के सामने यह एक चुनौती है कि कैसे यह जो
12:46एक वोट बैंक है जिसे आप दलित वोट बैंक कह लें सीएस्टी वोट बैंक कह लें उसको कैसे कंसॉलिडेट रख
12:53सकते हैं अगर उसमें विखराव होता है
12:55तो निश्चित रूप से चंदरशेखर आजाद की शक्ती भी कम होगी मायावती जी की भी शक्ती कम होगी उधर एक
13:03राजवर एक और का स्टोडियन तयार हो रहे हैं तयार हो रहे हैं वो दावा करते हैं हलांकि किसी चुनाओं
13:09में किसी भी चुनाओं में अभी तक मुझे �
13:11वक्तिगत रूप से राजवर का प्रदर्शन ऐसा नहीं महसुस हुआ उनकी जो पार्टिय उसका उनका प्रदर्शन ऐसा नहीं महसुस हुआ
13:18जिससे हम ये कहें कि डलित वोट वेंक के कुछ हिस्से पर बीन का कवजा है वो अलग अलग गटबंधन
13:23के साथ आते रहें एक आ
13:38पर्फर्मेंस नहीं आया है उनकी पार्टी का इसलिए लेकिन एक हिस्से को वो भी अड्रेस करना चाहते हैं वो भी
13:45लगातार सक्रिय हैं तो एक महतोपुर्ण मोड पे है देश के सबसे बड़े सुगे की सियासत खासकर जो डलित वोट
13:55वेंक की राजनीत होती है वो इस समय
13:57एक बहुत ही महतोपुर्ण बहुत ही एहम पड़ाओ पे है यहाँ पर मायावती और चंशेखर आजाद की केमिस्टरी कैसी रहती
14:07है इन दोन के पार्टी किस हज़ता से एक दूसरे का स्थामना करते हैं या साथ चलते हैं यह देखना
14:15बड़ा ही रोमान चप होगा
14:16बिल्कुल जैसा कि आपने कहा कि दलित राजनिती इस वक्त एहम मोड पर है देश की मयावती जी की पार्टी
14:22बिखरी हुई है पार्टी के अंदर इक हिस्तान चल लही इसका फायदा लेने की भी कोशिश हो रही है अकलिश
14:27यादो जी ने अपनी जो युवाई काई है पार्
14:43या कि कॉंग्रेस भी दलित वोटो के पीछे उसकी भी कोई राजनिती चिपी हुई है तो देखते हैं उत्तर परदेश
14:48की दलित राजनिती में कौन कितनी हिस्सेदारी ले पाता है अपनी और मयावती जी जो चार बार की मुख्यमंतरी है
14:54यूपी की वो आगे कैसा फैसला �
14:56लेती है शानानंद पाइटी को कैसे आगे लेकर बढ़ते हैं

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