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  • 9 minutes ago
भारत में बुलेट ट्रेन को बिना किसी झटके के 320 किलोमीटर प्रति घंटा की तूफानी रफ्तार से दौड़ाने की तैयारियां जोरों पर हैं. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क में पहली बार 'मूवेबल क्रॉसिंग्स' तकनीक वाले टर्नआउट्स लगाए जा रहे हैं.पारंपरिक रेलवे लाइनों पर पटरी बदलते समय एक गैप होता है जिससे तेज गति पर झटका लग सकता है, लेकिन नई 'मूवेबल-क्रॉसिंग' तकनीक में यह गैप खुद-ब-खुद खत्म हो जाता है. इससे ट्रेन के पहियों को लगातार एक समान सतह मिलती है. इस हाई-स्पीड टर्नआउट के लिए दो अलग-अलग पॉइंट मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो ट्रेन के सुरक्षित और झटके-रहित सफर को सुनिश्चित करती हैं.

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00:58पर एक खाली गैप से होकर गुजरना पड़ता है।
01:00पर एक समान सता मिलती है।
01:02और जटका नहीं लगता।
01:04हाई स्पीड टर्न आउट के लिए दो अलग-अलग पॉइंट मशीनों का इस्तमाल किया जा रहा है।
01:09एक पॉइंट मशीन स्विच वाले सिरे पर स्विच रेल्स को चलाती है।
01:14जबकि दूसरी मशीन घूमने वाले क्रॉसिंग नोच को चलाती और लॉक करती है।
01:20ये दोनों मशीने एक साथ मिलकर काम करती है।
01:23ट्रेन को आगे बढ़ाने की सिगनल तभी मिलती है जब दोनों पॉइंट मशीनों से उनके सुरक्षित रूप से लॉक होने
01:30की पुष्टी मिल जाती है।
01:32इससे ये पक्का हो जाता है कि टर्न आउट से गुजरने वाला पूरा रेल मार्ग दोनों महत्वपूर्ण जगहों पर सही
01:38तरीके से सेट और सुरक्षित हो गया है।
01:41इस पूरी पिवस्था को इस तरह तयार किया गया है जिससे 320 किलोमेटर प्रती घंटा की रवतार पर भी सुरक्षा
01:49और ट्रेन संचालन को पूरी तरह भरोसे लायक बनाये रखा जा सके।
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