00:00असम में गाजे बाजे के साथ अडानी धर्मल पावर प्लांट का काम शुरू हो गया है
00:05मक्रमंत्री हमिंद बिश्थर्मा ने रविवार 20 सितंबर को इसकी नीव का पत्थर रखा और सबने तालियां बजाई
00:13दागा किया गया कि इसे बड़ा नीविशाएगा बहुत रोजगार पैदा होगा लेकिन ये नहीं बताया गया कि ये पावर प्लांट
00:19कितने घर गिरा कर कितने लोगों को उजाड़ कर बनाया जा रहा है
00:24और ये ही नहीं अभी पुनर्वास और परियावरान मंजूरी को लेकर भी विबाद बना हुआ है
00:31लेकिन इससे किसी को क्या शिरुवात के साथ ही अडानी पावर के शेहर में तेजी आ गई और हो गया
00:37विकास
00:3732 मेगावाट का एथर्मल पावर प्लांट असम के धुरी जिले में शुरू किया गया है
00:42लेकिन परियोजना के लिए जिस जमीन का इस्तमाल हो रहा है
00:44महाँ जुलाई 2025 में बंगाली मूल के लगभट 1400 मुसलिम परिवारों के घर गिराए गए थे
00:51जी हाँ 1400 मुसलिम परिवार और करीब 10,000 लोग विस्था पिठ हुए
00:55नियूज प्लेटफार्म स्टॉल के खबर के अनुसार प्रशाशन के मुताबिक ये परिवार सरकारी जमीन पर रह रहे थे
01:01और परियोजना के लिए करीब 1157 एकर जमीन खाली कराई गई
01:07ये जमीन पहले असंड पावर डिस्ट्रिबुशन कंपनी को दी गई और बाद में अडानी साव याने अडानी पावर को आवंटित
01:15कर दी गई
01:16प्रभावत लोगों का कहना है कि उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो तीन से चार दशक से
01:21इसी जमीन पर रह रह रहे थे
01:22बहुत से लोग ब्रहंपूत्र नदी के कटाओं में अपनी पुष्टैनी जमीन खोने के बाद यहां आकर बसे थे
01:28प्रशाशन ने पुनवर्वास के लिए तीन सो भीगा जमीन इन सब लोगों के लिए पैकी और प्रती परिवार पचास जार
01:34रुपए एक मुष्ट साहिता निरधारित की
01:36लेकिन विस्थापित लोगों ने बताया कि पुनवर्वास इस्थल जो है वो बार संभावेत यानि बार के अशंका वाला शेत्र है
01:43और वहां जाकर बसना संभाव नहीं
01:45ख़बर का नुसार एक महत्पुन विवाद ये भी है कि परियावरन मंझूरी के लिए अडानी पावर ने केंदर के परियावरन
01:50मंत्राले को बताया था
01:51परियोजना इस्थल पर कोई आबादी नहीं है और पनरवास या पनरस्थापन का कोई दावा नहीं है
01:58कैसे होता क्योंकि लोगों को जुलाई में ही पहले ही विस्थापित कर दिया गया था
02:02और शायद इसी क्लीरेंस के लिए पहले सरकार में जमीन ली और फिर अडानी पावर को ट्रंसफर कर दी
02:07जुलाई दो हजार पचीस में ही प्रभावित लोगों ने गोहाटी हाई कोड का रुक किया और माबना महां लंबे था
02:13एक स्थानिय निवासी अब्दुर रशीद ने बताया कि जबरन कब्जे में ली गई तीन हजार पांसो भीगा सरकारी जमीन के
02:19अलावा
02:19सत्रा सो भीगा ऐसी जमीन है जहां लोगों के पास जमीन के वैद दस्तावेज हैं और इन में से करीब
02:27पचास प्रतिशत लोगों को ही अभी तक मुआपजा मेला है
02:30जबकि बाकी की भी कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है
02:33अब कुल मिलाकर असम में कोई भी नाम हों कोई भी काम हों मुसलमान खासकर बांगला भाशी मुसलमान निशाने पर
02:39हो और यह सब 2016 से जिबसे भाज़पा और भिस हमिंद भिस सर्मधी सक्ता में आए हैं
02:44उधर बंगाल में भी भाज़पा गई है लेकिन वहां भी बांगला भाशी बंगाली मुसलमानों क्यों रहत नहीं है क्योंकि वहां
02:51भी उन्हें बंगला देशी की तरह ही ट्रीट किया रहा है देखा जा रहा है समझा जा रहा है
02:55तो मसल्मान सोच रहे हैं कि जाएं तो जाएं कहां
Comments