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  • 8 minutes ago
उज्जैन की वैधशाला में 23 सितंबर की खास खगोलीय घटना वैज्ञानिक उपकरणों से दिखाने की तैयारी. राहुल सिंह राठौर की रिपोर्ट.

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Transcript
00:00खगोले दे से दिन काफी महात्पून रहता है क्योंकि इस दिन सूर विश्वत रेखा पर लंबत रहता है हम सभी
00:07लोग ज्यानते हैं प्रद्धी सूर के चारूर भूमती है जिस कारण सूर हमको करक रेखा से मकर रेखा के बीच
00:13गज़ करता हुआ दिखाई देता है
00:1523 सितंबर को सूर विश्वत रेखा पर लंबत है जिसके कारण दिन और रात बरावर होंगे 12 गंटे का दिन
00:22और 12 गंटे की रात होगी अभी तक सूर उत्री गोलार्थ में था जिस कारण उत्री गोलार्थ में दिन बड़े
00:28थे अब सूर दच्छी गोलार्थ में प्रविश कर �
00:39will be the most important day and the evening will be the most important night and the evening will be
00:47the most important night.
00:55which will be the same.
00:59This will also be the same.
01:02After two years,
01:05we can see that the Sanku Yantr
01:10is the same.
01:10The Sanku Yantr was the same.
01:12The other thing we can see is that
01:18the Sanku Yantr was the same.
01:22ुपूरू 3 गोलार्द पर था
01:2323 सितंबर को उत्तरो दक्षिन
01:26किसी भाग पर धूप नहीं रहेगी
01:27और 24 सितंबर से
01:29दक्षिन वाला हिस्सा
01:31प्रकाफित होना फूरू हो जाएगा
01:33अगले 6 माह तक उप्रकाफित रहेगा
01:35तो एक दिन में गोलार्द परिवर्तन
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