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यूपी चुनाव में जातीय समीकरण साधने अपने-अपने दांव, कौन होगा कामयाब?

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00:04नमस्कार में हूँ श्वीता सिंग आप देख रहे हैं आज तक उत्तर प्रिदेश में 2027 की जो चुनावी लड़ाई है
00:10उससे पहले की पूरी तैयारियां किस तरह की चल रही हैं कैसे सत्ता पक्ष अपने कामकाज शासन के रिकॉर्ड को
00:19लेकर मैदान में है तो विपक्ष साम
00:22आजिक समीकरणों और अपने राजनीतिक गटजोड के साथ सरकार को घेरने की रणनीतियों के साथ मैदान में है दलिट वोट
00:29से लेकर सवर्ण, पिचड़ा, मुस्लिम समीकरण तक हर पार्टी की हर वर्ग और उसके वोटों की ताकत पर नज़र है
00:35चुनाव भले ही अभी क
00:49अकारात्मा क्वातावन बनाने का प्रियास करता हूं, सफन नहीं हो सकता है
01:01जन्ता तयार है इन्हें इन्हें पॉर्मनेट की छुट्टी करने के लिए
01:12जब भी चुनाव आता है बीजेपी हिंदू-मुसल्मान करने लगती है बीजेपी की सरकार हर वाइदे पो फेज़े
01:17आप लोग हम भी नहीं चाहते हैं हमारी पार्टी मायम पार्टी तो आईए अलाइंस करते हैं
01:33पॉजन समाज पार्टी पूरी तरीके से प्राइविट लिम्टेड पार्टी हो गई है
01:37उनको बोलना ही है जो करना ही पाहे है वो हमेशा बोलेंगे
01:45आटी जन्ता पार्टी की नियत कभी भी आरक्षड के पक्ष में नहीं रही
01:56ताइस में फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी डबल इंजन की सरकार बनेगी बहुत धमा के तार तरीके से बनेगी
02:02चुनावी संग्राम का आगाज अगर ये है तो अंजाम भला क्या होगा इसका अंदाजा लगा पाना आसान नहीं
02:09बीजेपी जीत की हैट्रिक जमाने के लिए कमर कसकर खड़ी है
02:16समाजवादी पार्टी सत्ता में आने की सारी जुगत भिड़ा रही है
02:26कॉंग्रेस की खोया जनाधार वापस लाने की कोशिशों में है
02:29और इसी के साथ हैं छोटे छोटे दल जिनकी भूमिकाएं बड़ी है
02:34तलित बोटों की खातिर नए समीकरण बनाय जा रहे है
02:43सपाई खतम हो जाएगी आने बाले समय में
02:48सवर्ण बोटों की खातिर जंग के नए मोर्चे खुले है
02:52पीजेपी का सबसे बड़ा निशाना किस पर है किस समुधाय पर है
02:56मुसल्मान है उसके बाद बरहमन है
02:58पीडिये में पीडी पंडिल दाही सुड़ फॉर्म है
03:02प्रुवी करण का मसाला भी चाहिए तो यू सी सी के मुद्ध पर भी त्योरियां चड़ी है
03:13भारत के लोग कहे चुके हैं कि यू सी सी बारत मायगा देश के रस्री ग्रहमन्ति जी ने कहा है
03:18कि यू सी सी हम लागू करेंगे तो करेंगे
03:23चुनावी मैदाने चंग में गटबंधनों की गाठें भी पर्खी जा रही है
03:31उसके तो सोचना ही पड़ेगा न हम लोग का घर बंद करती है कि हम गटबंदन नहीं रखेंगे
03:35हम लोग के साथ लड़ियेगा तब आपका समाज विस्वास करेगा जनता विस्वास करेगा
03:41बीजेपी हमसे आगे ना निकल जाए बीजेपी को हराना इतना आसान नहीं है
04:06सियासत की विसाथ पर रिष्टे बिछे हैं और विश्वास अविश्वास की चाले चली जा रहे हैं
04:11हर बाजी सोच कर चली जा रही है हर चाल पर सौ सौ किंतु परंतु है
04:15सक्ता में बीजेपी है तो उसको पता है विपक्ष में समाजवादी पार्टी है तो उसको भी पता है
04:20कॉंग्रेस, बीएसपी सब को भली भाती जानकारी है कि 2027 का विधान सहाचुनाव राजनितिक रूप से क्या माइने रखता है
04:29इस बार की हार या जीत क्या माइने रखती है
04:34यूपी की सियासत में दलित वोटों को लेकर नई जंग दिखाई दे रही है
04:39समाजवादी पार्टी अपने पीडिये फॉर्मिले के जरिये दलितों तक पहुँच बनाने की कोशिश में है
04:44लाल टोपी के साथ नीले रंग को जोड़ना और आमबेड कर समविधान और सामाजिक न्याय की बात इसी रणमीती का
04:51हिस्सा बताय जा रहे है
05:19यूपी के चुनाव में कई तौर तरीके और ढंग देखेंगे पिलहाल तो बोटों को लुभाने की कोशिश के रंग देखेंगे
05:40एक रंग पुराना है एक रंग नया है एक रंग समाजवाद की पहचान है तो दूसरा रंग बहुजन राजनीती से
05:47जुड़ी पहचान है
05:52लेकिन यूपी की सियासत में जब ये दोनों रंग एक साथ दिखाई दे तो इससे सिर्फ घ्रेस कोड की कहानी
05:58कहकर आगे नहीं बढ़ा जा सकता
06:00क्योंकि चुनावी राजनीती में रंग भी संदेश देते हैं और संदेश के पीछे बोट का गणित्री होता है
06:11मीला रंग विचाद के साथ तो है ही है बहुजन समाज के साथ तो रहा ही रहा है बाबा साइट
06:18के साथ तो रहा ही रहा प्लू कलर लेकिन इधर हम और आप लोग देखते हैं खेल के मैदान जो
06:25होते थे ग्रीन उसब ब्लू टॉफ हो गये
06:38समाजवादी पार्टी की लाल टोपी के साथ अब नीली टीशर्ट जुड़ गई है अखिलेश यादब के छात्र सभा के युवा
06:45अब नीले लिबास में नज़र आ रहे हैं और अखिलेश इसे सामाजिक नयाय का रंग बता रहे हैं
06:51कई हजारों साल से हम लोग पढ़ते आए हैं और बहुत कुछ पढ़ाएं देखाएं सुनाएं मंचों पर भी देखाएं
07:02कोई भेज बदल करके और रंग बदल कहरे आया था और जो लोग कह रहे हैं जो लोग इस तरह
07:10के विचार ला रहे हैं इसलिए मैंने कहा कि
07:13पीडिये प्रोग्रेसिव है, पॉजिटिव है, देमोक्रेटिक है, लोगों को जोडने वाला है, लोगों के बीच में भाइचारा कैसे बढ़े हैं,
07:24हमारा देश में समाज में स्वहार्थ कैसे बढ़े हैं, देमोक्रेटिक वेल्यूस कैसे बढ़े हैं, हम कॉंस्ट्यूशन �
07:38यानि लाल टोपी वही है, साइकल वही है, लेकिन सियासी संदेश में एक नया रंग जुड़ गया है और यहीं
07:44से खुलती है यूपी की राजनीती की वो कहानी जिसके एक सिरे पर है पीडिये और दूसरे सिरे पर है
07:49दलित गोर्ट
07:542022 के विधान सिफा चुनाव में दलित गोर्ट किसी एक पार्टे के साथ पूरी तरह ख़ड़ा नज़र नहीं आया
07:59एक सर्वे के अनुसार जाटव वोटरों में तरीब 65 प्रतिशत ने बीएसपी का साथ दिया
08:05बीजेपी को करीब 21 और समाजवादी पार्टी गटपंधन को करीब 11 से 12 प्रतिशत जाटव वोट में लेकिन तस्वीर गयर
08:13जाटव दलितों में बदल जाती है
08:15गयर जाटव दलितों में बीजेपी को करीब 41 प्रतिशत वोट मिला
08:19BSP को करीब 27 जबकि समाजवादी पार्टी गटपंधन को करीब 20 प्रतिशत के आसपास समर्थन मिला
08:25और अगर पूरे दलित वोट की तस्वीर देखें
08:28तो करीब 28 प्रतिशत दलित वोट पीजेपी
08:31करीब 14 प्रतिशत समाजवादी पार्टी गटपंधन
08:34और करीब 50 प्रतिशत BSP के खाते में गया
08:41यही वो आग़ा है जो 2027 से पहले UP की सियासत को समझने के लिए बेहत एहन
08:46क्योंकि समाजवादी पार्टी के सामने चुनौती सिर्फ PDA में
08:50D को प्रतिकात्मत रूप से जोड़ने की नहीं
08:52बलकि उस D के वोट बैंक को जोड़ कर रखने की है
08:55और इसी राजनितिक कोशिश में लाल तुपी के साथ अप नीला रंग भी दिखाई दे रहा है
09:41सियासत में रंग सिर्फ रंग नहीं होते हर रंग की पीछे एक समाजिक और राजनितिक संदेश होता है
09:45यूपी में नीला रंग लंबे वक्त से दलित और अंबेटकर वादी राजनिति से जुड़ा रहा है
09:51बियसपी की राजनिति में नीला रंग उसकी पहचान है
09:54ऐसे में समाजवादी पार्टी का नीले रंग तो अपना ना महस ड्रेस कोड नहीं
09:58बलकि दलित वोटरों तक पहुच बढ़ाने की कोशिश है
10:00क्योंकि पिछले दो चुनाव में बियसपी का अग्राव खटता ही जा रहा है
10:04अब समाजवादी पार्टी की इस कोशिश पर बीजेपी ने तन्सकसा है
10:08कि समाजवादी पार्टी के पास कोई पार्टी के नाम का कारकरता नहीं है
10:18पार्टी के नाम पे कारकरता बताया जरूर जाएगा लेकिन वह सब छटे छटाए उत्तर प्रदेश के गुंडे अपराधी मापिया दंगाई
10:28रह्ष्टाचारी है
10:45बीजेपी का हमला सीधे समाजवादी पार्टी के संगठन उसकी राजबिती और उसके दलित आउटरीच पर है
10:51लेकिन अकलेश का जवाब हिसाफ है रंग बदला है मकसद नहीं
11:00ये भाती जंता पार्टी के लोग हैं ये रंगों से अक्सर टरा करते हैं
11:07लेकिन भागवाद से नहीं डरते हैं चड़ावा चोरी कर लेते हैं
11:12चंदा चोरी कर लेते हैं इन्हें भागवाद से डरना सी ये रंगों से नहीं डरना सी ये
11:22समाजवादी पार्टी का कहना है कि कोशिश पुरानी पहचान को खतम करने की नहीं
11:26भल्कि उसमें एक मैया समाजिक संदेश चोड़ने की
11:28और यही वज़े है कि नीले रंग के साथ अंबेटकर और सम्विधान का जिक्र बार-बार सामने आ रहा है
11:34लेकिन सवाल फिर वही है क्या सिर्फ रंग बदलने से दलित राजनिती का समीकरण बदलेगा
11:39क्या नीला रंग दलित वोटर को एसपी के और खरीब ला पाएगा
11:42क्या PDA कड़ी जानी दलित समाजवादी पार्टी के लिए निर्नायक राजमितिक ताकत बन पाएगा?
11:48समाजवादी पार्टी सभी रंगों को अपनाने का काम करती,
11:52इसलिए समाजवादी पार्टी के यूद का एक संगतन,
11:54उसकी ड्रेश को भी नीला करने का काम समाजवादी पार्टी ने किया है,
11:58इसलिए समाजवादी पार्टी लगातार सब को साथ लेके चलने का प्रयास कर रही है,
12:04समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, हम सब के लिए काम करेंगे, सब को साथ लेके चलेंगे.
12:08रंग बदलने से दामन पर लगे दाग छुप नहीं जाएंगे। समाजवादी पार्टी के सासनकाल में दलितों पर कितना अत्याचार हुआ
12:16है, NCRB के आकड़े इसकी अभी भी गवाही देते हैं।
12:20चुनाओ देख करके धलितों को पाले में लाने के लिए ये जो रंगे सियार बनने की कुशिस कर रहे है
12:24न, इससे समाजवादी पार्टी को कोई लाप नहीं होने वाला समाजवादी पार्टी की असलियत जनता चानती है।
12:50बराबरदारी की बात कर रहे हैं। ये महौल अकलेश यादों को लग रहा है कि यादों हमारे साथ हैं, मुसल्मान
12:57हमारे साथ हैं, कुछ पिछड़ी जाती हैं हमारे साथ आही जाएंगी। अब दलितों का और युवाओं का अगर हमें समर्थन
13:05मिल गया तो हम भाजपा को �
13:08बड़ी कड़ी चुनाती दे सकते हैं। ये सित्या मुझे लगता है कि अकलेश यादों के लिए फाइदे मन साबित हो
13:14सकते हैं और उसी दिशा में वो काम कर रहे हैं।
13:38कुमहार, कहार और कोईरी यानि मौर्य, शाक्य, कुश्वाहा उत्तरप्रदेश की आबादी का ये 15-18 प्रतिशत हैं। इनका संख्या बल
13:47120-150 सीटों पर असरकारी होता है। संग और संगठन के जरिए बीजेपी लगतार इन जातियों को साद्वी की कोशिश
13:55कर रही है।
14:08प्रसाद मौरे जैसे नेताओं को यूपी में शीर्ष राजनितिक पत देकर भी ये संकेत दिया है कि बीजेपी में ही
14:14प्रतिनिधित्फर मिल सकता है। दूसरी तरफ कायस्त वोटर्स के लिए भी बीजेपी का अलग प्लान है।
14:19कायस्त वोटर्स वीजेपी का कोर और वैचार इक कैडर रहा है। वीजेपी के राश्ट्री अध्यक्ष नेतिन नभीन इसमें बड़ा फैक्टर
14:26साबित हो सकते हैं।
14:27तीसरी तरफ कुमहार यानि प्रजापती और कहार यानि कश्यप निशाद जातियों को माटी कला बोर्ट जैसे कल्यान कारी योजनाओं के
14:35माध्यम से सीम योगी पहले ही साध रही है।
14:38विकास की बात घूम कर जातियों के गणित तक आही जाती हैं। हर बेल अपनी अपनी राजनीती के हिसाब से
14:43चुनावी नीती बनाने में जुटा है।
15:36लेकर आगे कोई फैसला है।
15:42योजनाओं करें हैं कि योजनाओं के बात करें महिंगाई की बात करें विकास की बात करें रूसकार।
16:01समान नागरिक सहिता यानि योजनाओं करें गहमासान चिड़ा है। ये एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिस पर सियासत का
16:07पारहाई है।
16:08ग्रेमंत्री अमिद्शा ने ऐलान किया है कि दोजनाओं के लोग सभाचुनाओं से पहले एंडिये शासित सभी 21 राजों में योजनाओं
16:30लागू किया जाएगा।
16:32क्या UCC का मुद्दा बोटर्स को प्रभावित करेगा।
17:02क्योंकि उसमें फिरों इनको हिंदू मुस्लिम करने का मौका मिल जाएगा।
17:08और बाकि उनके पास भगवान नाम हैं। भगवान कृष्ण कभी मत्रा में उनका सहरा बन सकते हैं।
17:16लेकिन जो परिस्थियां बड़ी वी तो मुझे लगता 22 की तरह बहुत धार्मिक धुविकरण आसान नहीं होगा।
17:27एक तरफ BJP, UCC को समान कानून और समान अधिकार से जोड़ रही है। तो दूसरी तरफ विपक्ष से राजनितिक
17:35एजंडे के तौर पर देख रहा है।
17:36भारती जनता पर्टी की पूरी राजनिति इन मुद्दों की इर्दगिर्द ही गूमती है।
17:42पेपल लीग पे कोई जवाब नहीं, मंत्री सिफा दे देते हैं लेकिन उसके वावजूद भी अभी जो सुधार होने चाहिए
17:48और सुधार नजर नहीं आते हैं।
17:50किसानों की समच्या हैं, किसानों की आए दोगुनी हो जाएगी 2022 तक सब के सामने हैं।
17:55कहीं पे भी जमीन पे कुछ भी बदलाओ नजर नहीं आता।
17:58आज बेरुदगारी हैं, महेंगाई हैं।
18:00और जिस तरह से कानून वरुजता है वो सब देखने हैं।
18:03इसलिए समाज वधी पार्टी समझती ही, भारती जनता पार्टी के वल जनता का ध्यान मुकमुद्दों से बाटना चाहती है।
18:09अखले श्यादव बीजेपी के मन्शा पर सवाल उगार हैं।
18:12और मुस्लिम समाज में भी इसको लेकर बेचानी है।
18:15मुल्क के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड की कती जरूरत नहीं।
18:19ये मुक्तलिफ तहजीबों के कल्चर के और ट्रिडिशन के मानने वालों का मुल्क है।
18:24यहां सबके अपने अपने पर्सनल लॉज हैं।
18:26और सब अपने पर्सिनल लौस पर इस मुल्क के कानून के दाइरे में проект हुए अमल करते हैं।
18:32इसलिए मेरी यही कुजारिश है कि जो इस मुल्क के बن्यादी मसाइल ہیں,
18:36रोज़गार के मसाइल हैं, कानून और सुरुक्षा के मसाइल है,
18:40मुसल्मानों और दूसरी आबादियों के मजहभी तहफुज के यकीनी बनाने के जो मसाइल है
18:46हुकुमत को उन पर गोर करने के जरूरत है ना कि कोई ऐसी बात करने की जो बाईज़द कियास हो
18:53यूसीसी की बहस अब सीधे सम्विधान, धार्मिक अधिकार और परसनल लौ तक पहुँच गई है
18:59लेकिन सियासी तस्वीर का एक और किरदार है असद उद्दीन ओवैसी जो इस बार यूपी की राजनीती में काफी पहले
19:05से सक्रिय है
19:22यूपी उन्होंने मदरसों को बंग कर दिया, वो नहीं चाते थे के मदरसों से कोई हाफ़ खुरान निकले
19:30अरे सोवेट यूनियन इसलाम को फ़तम नहीं कर सका, ये RSSS कौन चीखेट की मौली है, जो हक की समा
19:38को पुझा सके
19:402011 की जन्गर्णा के मताबिक, यूपी में मुस्लिम आबादी करीब 19.3 प्रतिशत है
19:47यहीं करीब हर पांचवाव्यक्ती मुस्लिम समुदाए से आता है
19:51और यहीं वज़े हैं कि यूपी की चुनावी राजनिती में मुस्लिम वोड को लंबे समय से महत्वपूर माना जाता रहा
19:57है
19:57यूपी की 403 विधान सभा सीटों में करीब 143 सीटें ऐसी मानी जाती है
20:02जहां मुस्लिम मद्दाता चुनावी नतीजों पर असर डाल सकते हैं
20:07इनमें 73 सीटों पर मुस्लिम आबादी 30 फीसदी से ज्यादा बताई गई है
20:14और यही से शुरू होती है धुरूवी करण की बहस
20:17बीजेपी, यूसीसी को समान नागरिक कानून और समान अधिकार से जोड़ती है
20:22तो वही विपक्ष्री दलों और मुस्लिम समगठनों की तरफ से
20:25इसे धार्मिक स्वतंतरता और परसनल लौ से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं
21:01अब एक तरफ समान खानून का नेरेटिव हैं, दूसरी तरफ धार्मिक अधिकारों का सवाल और इनके बीच खड़ा है यूपी
21:08का चुनावी गनित
21:11जाती के राजनीती में सवन्ड वोटर्स भी पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार कहीं अधिक फोकस में
21:17खासकर ब्रह्मण राजपूत वोट को लेकर बैटकूं से लेकर उमीदवारों के चैन तक सियासी गतविधियां बढ़ी
21:23यूजिसी को लेकर पहली ही माहौल गर्म है क्योंकि राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजूं के बाद ये सवाल बढ़ा होने
21:30लगा है कि क्या यूपी की राजनीती में भी इसका असर पड़ सकता है
21:52यूपी के चुनाव में अगर सभी दल जातियों के समीकरण साथने में जुटे हैं तो यूजिसी के मुद्धे पर सवन
21:58वोटर के मन में क्या है ये सवाल भी उखता है
22:10क्या यूजिसी का मुद्धा यूपी चुनावों में असर डालेगा
22:13क्या सवर्णों की नाराजगी चुनाव परिनामों को प्रभावित करेगी
22:17क्या राजस्थान के निकाय चुनाव परिनामों का असर यूपी चुनावों पर भी पड़ेगा
22:22मुझे लगता है कि आपकी 27 के इस चुनाव में ये सवर्णों का जो एक बिखराव है या सवर्णों की
22:32जो भारती जनता पार्टी से कहीं न कहीं दूरी जो थोड़ी बहुत कर सकती नजर आ रही है वो इस
22:39पर निर्भर करेगे कि प्रणा चुनाव प्रणाम क्या होंगे भाज
22:52तो फिर भारती जनता पार्टी के लिए दिक्कत का सवंग बंग सकती है यूजी सी के मुद्धे पर सवन्ड वोटर्स
23:02की दिख्ती नाराजगी के बीच यूपी की कुछ तस्वीरें दिखाते हैं ये तस्वीरें आगरा की हैं यूजी सी के विरोध
23:11में हजारों की संख्या म
23:13में युवक सौ से अधिक ट्रैक्टर लेकर सडकों पर उतर आये पुलिस ने तगड़ी नाके बंदी की थी
23:22जिससे पुलिस और प्रदर्शन कारियों के वीच तीखी मौग जोग और धक्का मुक्की हुए
23:29इसका जवाब दोया सत्ता इसमें यूपी नहीं उत्रा खंड है जहां भी जिले हैं और इसका थोड़ा सा उधार आप
23:37राजिस्थान भी देख सकते हो इसका असरा कितना पड़ा है जो ये जूजी सी काला कानून लाया गया है गवर्मेंट
23:45एक बार ये भी तो सोचे के स्व
24:05प्रदर्शंक्तारियों की नाराजगी यूजी सी को लेकर है और वो इसकी वापसी तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे
24:11हैं
24:14कि ये आंदोलन क्यों खड़ा हुआ है सरकार के गलत नीतियों और गलत योजनाओं के खिलाब गलत खानूनों के खिलाब
24:22अब गलत तुम बनाओगे और वो भी खूटा ठोक कर हमारे उपर थोपने का प्रयाश करोगे तो हम भी ये
24:29बड़ी जिन्मजारिश कह रहे हैं ये स�
24:32इस तो हम बिज्यान और अध्याईत में जोनों को जानते और मानते हैं हम 30 और कित कि जवियोगे अगर
24:45फूमिहार महासभा
24:57के राश्ची अध्यक्ष अक्षय त्यागी अपने कारिकरताओं के साथ हरिद्वार से गंगा जल लेकर दिल्ली पध्यात्रा के लिए निगले हैं
25:05ताकि दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार को शुद्ध कर सके
25:15इनकी नाराज़गी यूजीसी को लेकर हैं लेकिन इससे पहले ही भारी कुल स्कोर्स के साथ मुदफर नगर चनपर में ही
25:22इन्हें रोखिया
25:29हाली में राजस्थान में निकाय चुनाव हुए और यूजीसी से नाराज करनी सेना ने निर्दलिय प्रत्याश्यों का समर्थन किया
25:35जिसके कारण बीजेपी को कई जगों पर भारी नुकसान हुआ
25:39जीट जरूर गई लेकिन निर्दलियों ने भी बड़ी संक्या में जीट हासिल कि
25:44मुख्यमंतरी भजनलाल शर्मा के ग्रिह जिले में बीजेपी निर्दलियों से पिछड़ गई
25:49केंदरी मंतरी गजेंदर सिंग शेखावत के ख्षेतर में बीजेपी की स्थिती खराब रही
25:54कई अन्य केंदरी मंतरियों और विधान सभाद ध्यक्ष के ख्षेतर में भी बीजेपी की हालत खस्ता हो गए
25:59राजपूत बाहुली इलागों में भी बीजेपी को जोरदार छटका रगा
26:12यूपी में भी जगे जगे यूजीसी का मुद्दा गरम है
26:15और सवन्ड वोटर्स में नाराजगी मानी जा रही है
26:18तो क्या राजस्थान निकाय चुनाओ की तरह
26:21यूपी में सवन्ड वोटर्स की नाराजगी बीजेपी को भाड़ी पड़ेगी
26:31पिछडा वर्ग मैं कहा करता हूँ भारती जन्ता पाटि अगडा वर्ग हो पिछडा वर्ग की त्रिवेडी है
26:38और यह त्रिवेडी भाजपा के साथ है और भाजपा उनके लिए इमानदारी से काम कर रही है
26:44इस त्रिवेडी के सहीयोग से हम 2027 में 2017 से बड़ी विजय प्राप्त करेंगे यह हमारा विश्वास है
26:53सवन्ड कभी कॉंग्रेस के कोर वोटर थे वहाँ से छिटके तो बीजेपी के साथ हो लिए और उन्हें बीजेपी का
26:59पारंपरिक वोटर माना जाता है
27:00सवन्ड वोटर करीब 20 प्रतिशत हैं जिनमें ब्राह्मन करीब 9 से 10 प्रतिशत, छत्रिय साथ से 8 प्रतिशत, अन्य में
27:09वैश, कायस्त और भूमिहार है
27:12समाजवादी पार्टी इन्ही वोटर्स को अपने साथ लाने के लिए पीडिये की परिभाषा तक में बदलाप कर रही है
27:28लेकिन वो लोग भूल गए हैं
27:31पीडिये में पीडी पंडिता ही सुड़ फॉर्म है
27:38बीजेपी के सहयोगी दल भी सवर्ण वोटर्स के साथ अपनी चिंता जता रहे हैं
27:43चार वर्ग है चारों वर्गों को आरक्षण मिलता है
27:47और आरक्षण का लाव वही लोग ले रहे हैं जो मजबूत है
27:51बावा साथ डाक्टर मबेटकर जी ने आरक्षण दिया है
27:55तो कमजोरों को उपर उठाने के लिए
27:58विकास के मुक्षधारा में लाने के लिए
28:00लेकिन आज के तारिक में जो DM, ESP, DIG, IG, DGP, राजपाल, मुक्षण मंतरी, राश्कपती
28:08आज उनके बेटे और ये आरक्षण का लाव उठा रहे हैं
28:12पहले तो इस पर उनको फोकस करना चाहिए
28:14कि जो अब आरक्षण का लाव लेकर के विकास के मुक्षधारा में आगे तो उनको अलग करें
28:37माया वती भी सवन वोटर्स को अपने पाले में देखना चाहती
28:46UGC के मुद्द पर ही नाराज होकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अगनी होतरी ने
28:51पद से स्तीफ़ा दे कर राश्टी अधिकार मोर्चा नाम से राजनितिक पार्टी बनाई
28:55और अब उनकी तैयारी भी चुनावों में हर स्रीट पर उम्मीदवार उतारने की है
29:03सवाल ये है कि अगर सवन वोटर्स बीजेपी से नाराज हुए तो किधर जाएंगे
29:06और क्या उनकी नाराज भी इस बार राकाई UP में सत्ता के समीकरण बदल देगी
29:12चुनावों में अभी थोड़ा वक्त बागी है तस्वीर थोड़े दिन में और साथ होगी
29:192017 में मुलाइम सिंग यादव ने शिफाल यादव को लोहिया ट्रस्ट की जम्मेदारी स्वापी थी
29:24अब अखिलेश यादव ने ट्रस्ट की कमान अपने हाथ में ले ली
29:29और सवाल उटने लगे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी में चाचा भतीजे के बीच फिर दूरी बढ़ रही है
29:36क्या पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं
29:49चुनावी मौसम में काफे कुछ तूटता है और काफे कुछ नया बनता है
29:54अब अगर ऐसे में चाचा भतीजे के बीच तूटने जैसा कुछ नजर आए तो चर्चा तो लाजमी है
30:01मुद्दा ये है कि जिस लोहिया ट्रस्ट का दाईत्व खुद मुलायम सिम्यादव अपने भाई को सौंप कर गए थे
30:07उसे भतीजे अखिलेश ने चुनावी मौसम में क्यों वापस ले लिया
30:11समाजवादी पार्टी की दलील है कि ये सिर्फ एक संगटनात्मक पैसला है
30:15लेकिन सियासत में कोई पैसला सिर्फ पैसला नहीं होता
30:18कब लिया गया क्यों लिया गया और इसका संदेश क्या है इन सवालों पर भी नजर रहती है
30:25और यही वज़े है कि लोहिया ट्रस्ट की बदली हुई कमान ने
30:28चाचा भतीजे के रिष्टे की पुरानी खट्टी मीटी कहारियों को फिर सुर्कियों मिला दिया है
30:58चाचा को भी अपने स्वाविमान को बनाए रखना चाहिए
31:03परिवार में कलेह नई नहीं है लेकिन 2027 के चुनाव से कुछ महीने पहले
31:08लोहिया ट्रस्ट में फिर बदल फिर पुरानी यादों को हरा कर रहा है
31:13सवाल उठ रहा है कि क्या चाचा भतीजे के बीच सब कुछ वाकई ठीक है
31:19मुलाइम सिंग जी ने जब ये था तब फिर शोपाल जी को बना दिया था
31:25और इसके बाद जो हुआ है वो विमर्श के हुआ है अभी तक एक भी घटना कोई ऐसी नहीं आई
31:31है
31:31कि जिसमें कहीं किसी के भी बियानों में ये कहीं दिखाई देता हो
31:35कि आपस में कोई किसी प्रकार का टक्राओ है हाँ
31:39ये बात जरूर सोची जा सकती है या इस पर जरूर राजनेतिक गल्यारे में चर्चा है
31:44कि अब प्रोफिसर राम गोपाल का जो कद था समाजवादी पार्टी में
31:50वो कहीं न कहीं वो कम होता नजर आ रहा है
31:54लेकिन अखलेश और शिवपाल जी के बीच में मुझे नहीं लगता कि किसी प्रकार का कोई टक्राओ
32:05समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखलेश यादव ने लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी समहल रहे
32:10शिवपाल सिंग यादव से कारिभार वापस ले लिया है
32:13ट्रस्ट की बैठक में सभी आठ सदस्यों ने अखिलेश यादव को ट्रस्ट का कारेभार सौंपने का फैसला किया
32:22खरीब नौ साल से ट्रस्ट की जिम्मेदारी सम्हाल रहे थे शिफपाल यादव और अचानक से बाहर
32:28विपक्ष इसे समाजवादी पार्टी के भीतर शक्ती संतुरन बढ़ा रहा है
32:33अखिलेश जी स्युपाल जी पर भरोसा नहीं करते
32:38चुकि स्युपाल जी भरतियंता पार्टी के संपर्क में तीन साल थे
32:43सदन के अंदर अखिलेश जी ने बयान दिया
32:47अखिलेश जी पर शक्ती से अलग हो करके उन्होंने प्रगर्शिल समाजवादी पार्टी बनाया
32:51और समाजवादी पार्टी की सच्चाई को उजागर किया
32:54तो भरोसा कैसे करेंगे तो उनको तो खुदे किनारे लगाने में लगे हैं
32:59तो इसनाते लोगिया ट्रेस्टे उनको हटा दिया है
33:03समाजवादी पार्टी में अंतर कले हैं
33:06और समाजवादी पार्टी में आपस में बहुत बड़े इस तरह पर आंतरिक मदभेद हैं
33:12परिवार में टकराव और तनाव है
33:14और ये निश्चित रूप से आप देखेंगे चुनाप से पहले ये सब चीजा सड़कों पर आएंगी
33:18और अखलेस यादव जी ने कभी भी सिपाल जी का सम्मान नहीं किया
33:24उन्होंने हमेशा सिपाल यादव जी को अफमानित किया
33:31समाजवादी पार्टी इस मुद्ध पर टकराव की बातों को सिरे से नकार रही है
33:35ऐसा कहीं कुछ नहीं है
33:41चाचा का भतीज़े पर और भतीज़े का चाचा पर पूरी तरह से बिश्वास है
33:48और मेल जोड है और ये इतरा की बात हैं इतरा का बात करना बेवुन्यादी बात है
34:02दरसल इस कहानी की जड़े भी 2017 के उसी दौर में जाती है
34:06जब समाजवादी परिवार के भीतर नेतरित्म को लेकर बड़ा संघर्ष हुआ था
34:102017 में मुलायम सिंह यादव ने राम गोपाल यादव को हटा कर शिफपाल यादव को लोहिया ट्रस्ट के जिमेदारी सौपी
34:18थी
34:18अब अखिलेश यादव ने पार्टी के साथ साथ जनेश्वर ट्रस्ट के बाद लोहिया ट्रस्ट की कमान भी अपने हाथों में
34:25ले ली है
34:40पार्टी के गठन से पहले। लंबे समय तक ये ट्रस्ट, समाजवादी विचारधारा, लोहियावादी नेताओं और पार्टी से जुड़े कार्यक्रमों का
34:50महत्रपूर मंच रहा है। लेकिन ऐसा पहली बार है जब ट्रस्ट में कुर्सी को लेकर परिवार में रार है।
35:10एक आदर्श की अस्थापना का एक संकल्प है। उसी संकल्प पे समाजवादी पक्ष के लोग बढ़ रहे हैं। यहाँ चुनाव
35:18कहां आ गया। चुनाव लड़ने के लिए हमारे पास बहुत मुद्दे हैं।
35:40पार्टी के बीच नेतृत को लेकर सबसे बड़ा संघर्श हुआ था।
35:45हलकि शिफपाल यादव इस सारे मसले पर जो कह रहे हैं। वो उनकी सियासी मजबूरी है या मन की बात
35:51ये तो वही जाने।
35:52अखलेश जादव के द्वारा उस लोहिया ट्रश्ट का बिकास हो सकता है।
36:25सियासत में रिष्टों की असली परीक्षा सिर्फ हाथ खड़े दिखने से नहीं होती।
36:29फैसनों की टाइमिंग और उसके पीछे का सियासी संदेश भी बहुत कुछ कहता है।
36:34लोहिया ट्रश्ट के बदली हुई तस्वीर भी कुछ तो कहती ही है।
36:40उत्तर प्रदेश में जब जातियों के बाद होती है तो जाती आधारिच जो पार्टियां हैं उनकी बात भी होना तै
36:48है।
36:49ऐसे में जब हम निशाद पार्टी के संजर निशाद की तरफ से आ रहे बयानों को पर्खें या फिर समाजवादी
36:56पार्टी अपने गटबंधन में क्या निशाद पार्टी को शामिल कर सकती है इन चर्चाओं को देखें दोनों तरफ के गटबंधनों
37:07में अभी बहुत कु
37:09कुना बाकी!
37:48कुनावी बयार बहने लगी है तो सियासत के दरत्स से पंचियों ने अपने परों की ताकत को तोलना शुरू कर
37:54दिया है।
37:55कयास लगाये जाने लगे हैं कि कौन किस डाली पर बैठेगा, कौन किस ओर उडान भर सकता है।
38:04कोशिशे हैं कि ऐसा गठबंधन बन जाये जो यूपी में सक्ता की सियासत बदल दे।
38:10उत्तर परदेश में हमने पब्लीकली कहा है कि तीसरी मरतबा बीजेपी की सरकार अगर नहीं बनना चाहते हैं आप लोग,
38:20हम भी नहीं चाहते हैं हमारी पार्टी, मायम पार्टी, तो आईए अलाइंस करते हैं।
38:24चंद शेखर और रोहिणी की टक्कर में पीडिये की दिवारें दरख सकती हैं।
38:30कभी के दोस्त अब मयान से तलवारें निकालकर एक दूसरे को ललकार रहे हैं।
38:38कटबंधन में सीटों की गाठें तो यूपी के दो लड़के भी मिलकर नहीं सुलझा पा रहें।
38:45फिक्र सत्ता रूर्द दल को भी है कि सहयोगी साथ रहे।
38:50बीजेपी की सरकार बनेगी, डबल इंजन की सरकार बनेगी, बहुत धमागेतार तरीके से बनेगी।
39:08माता प्रसाद पांडे से मुलाकात कराए।
39:12चुनावी मौसम में जब मुलाकात हुई तो बात तो हो नहीं थी, बात हुई भी और छिड़ गया फिर सियासी
39:18राग।
39:19बीजेपी अगर दर्वाजा बंद करती है तो आप समाज़ादी पालेटी में जाएंगे।
39:35अगर मान लें यह दर्वाजा है बीजेपी का यह बंद हो गया तो संजे निशाद के पास क्या उप्शन है।
39:39अपसंद रहेगा कि जो निशाद के मुद्दे के हल करने के लिए बात करेगा और जो लगेगा कि के सरकार
39:45से संबंदित हमारे मामले हैं केंद्र में।
39:48संजे निशाद इस धंकी चुनाओ के समय इस धंक के बयानबादी इसलिए करते हैं कि खुद उनके समार में उनकी
39:56थोड़ा वहवाई हो जाए लोग जान जाए कि हाँ चुनाओ में क्या करना निशाद पार्टी क्या कर रही है।
40:15संजे निशाद पिछले कुछ समय से अपनी सरकार को अकसर आड़े हाथों लेते रहें।
40:20ऐसे में उन्होंने जब दर्वाजा बंद कर लेने और नया दर्वाजा खुलने की बात कही तो बात बड़ी हो गए।
40:26और सफाईयों का दौर शुरू हो गया।
40:39संजे निशाद जी एंड़िये के पिर्मों घटक दल हैं और हमारी उत्तरप्रदेश सरकार में सामिल है।
40:49और समाजवादी पार्टी के वरिष्ट निता अधर्णिय माता प्रसाद पांडे जी का स्वास्त खराब है।
40:55विपक्स के नेता भी हैं विधान सभा में।
40:58तो संजे निशाद जी केवल उनका स्वास्त का हाल चाल जानने के लिए, कुसल शेम पूछने के लिए, मिलने के
41:05लिए गए हैं वो।
41:07और मुझे ऐसा लगता नहीं कि इन सब्यक्तिकत विष्व में राजनीतिक से हटके भी हम लोग एक दूसरे के प्रती
41:14आदर सम्मान परकट करने के लिए और एक दूसरे के इन सब विष्व में भी हम लोग आदर सम्मान के
41:20साथ जाते आते रहें, इनमें राजनीतिक करने का क
41:24नहीं कुछ नहीं इसमें कोई राजनित नहीं खोजनी चाहिए और इतना डेमोक्रेसी में लोग तंत्र में इतना बेवारिक जगा तो
41:33छोड़ कर रखनी चाहिए कोई किसी से मिले बात बेवार करें हाल चाल पूछे
41:37अब इसे प्रेशर पॉलिटिक्स समझा जाय या कोई और रण नी थी वो तो संजय निशाद जाने लेकिन समाजवादी पार्टी
41:44से लेकर कॉंगरेस तक ने उनके लिए दर्वाजे खोल दिये हैं और ओफर्स की लाइन लगा दिये
41:48मैं इतना ही कहना चाहूँगा संजय निशाद जी से की ततकाल अपने मंत्री मंडल से सिफा दीजे और भारती जनता
41:56पार्टी से निशाद समाज का समर्थन वापस लीजे और अपने समाज के लिए सड़क उतर के लड़िये हम लोगे कॉंगरेस
42:03के साथ लड़ियेगा तब �
42:05आपका समाज विस्वास करेगा और जनता विस्वास करेगा
42:09खैर सीट बटवारे के वक्त ये देखा जाएगा कि किसकी मनशक क्या थी
42:13फिलहाल गट बंधनों की संभावना असद उद्दीन और वैसी भी तलाश रहे हैं
42:18उनकी शर्त यही है कि बीजेपी नहीं जीतना चाहिए ऐसा गट पंधन बने
42:22उत्दर परदेश में हमने पब्लिकली कहा है कि तीसरी मरतबा बीजेपी की सरकार अगर नहीं बनना चाहते हैं आप लोग
42:32हम भी नहीं चाहते हैं हमारी पार्टी मायम पार्टी तो आईए अलाइंस करते हैं हमने ये बात बिहार में भी
42:38कही थी हमने लिख कर दिया था हमको छे सीट दो आप सरिफ आप लोग नहीं माने बावजूद इसके के
42:47बिहार में हमारे चार विधाय को आपने तोड़ लिया �
42:58गडबंधनों के बीच एक 54 वाले अखिलेश के बयान ने जो पुरानी दोस्ती में नई दरार पैदा कर दी थी
43:04वो अब और चौड़ी होती जा रही है पश्ट्रमी उत्तर प्रदेश में वोट बैंक का सवाल भी यही से बड़ा
43:10होता जा रहा है
43:18जब हमारा उनके साजार था सारी बाते नहीं बताई जाती यह मेरी घंपड़ता है जो मैं वो बाते नहीं कह
43:26रहा है अगर वो बाते मैं खोल दूंगाना तो उनको यहां खड़े होने के जगानी में जगी उत्त पर देशा
43:48जयन चौधरी एंडिये गटपंधन का एहम इस्सा है और मजबूत जाट नेता माने जाते है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी
43:56अच्छी पकल समझी जाती है
43:57लहाजा जयन चौधरी के सम्मान में एंडिये भी है मैदान में
44:25दरसल चवन्नी वाला बयान देकर अखिलेश बुरे फसे
44:28क्योंकि माना यही जाता है कि यूपी में सत्ता का रास्ता पश्चमी उत्तर प्रदेश से होकर ही जाता है
44:34लेकिन एक मोर्चा ऐसा भी खुल चुका है जिसमें एक भी नेता इधर से उधर हो जाए
44:38तो गटबंधनों को कठिन परीक्षा में फसना पड़ जाए
44:41स्विट्जरलैंड से लोटते ही रोहिनी घावरी ने अपनी मौजूदगी से तहल का मचा दिया
44:45रोहिनी वाल्मी की समाज की अधिकारों का मुद्दा उठा रही है और चंद शेकर को घेर रही है
44:50दूसरी गटबंधन की विसाथ पर अखिलेश से भी सवाल कर रही है
44:55दिखे अखिलेश जी अभी जिस तरीके से पीडिये का नारा लेकर चल रहे हैं
44:59और सभी समाजों को सर्व समाज को एक करने का प्रयास कर रहे हैं
45:03अगर वो सभी को उचित इससेदारी देते हैं
45:06फिर वो सभी समाज हो शत्रे समाज हो वालमिकी समाज हो और अन्य दलिज समाज की जातिया हो
45:12उन सभी को अगर उचित नित्रत्व देते हैं तो मुझे लगता है खिलेश जी को मौका दिया जाएगा इस बार
45:17पिछली बार उन्होंने एक भी वालमिकी को टिकेट नहीं दिया था
45:20इस बार हमारे मांगे कम से कम दस विदान सबाओं पर वो टिकेट दे
45:24यूपी के दो लड़कों की पार्टियों के बीज भी सीट बटवारे को लेकर बेचयानी बढ़ रही है
45:35लड़ाई ऐसी होनी चाहिए कि जिसका नतीज आए और इसलिए मैं बार बार कहता हूं कि जो भी होना है
45:40उसे तुरंत करकर के जल्दी से हमें मैदान में निकलना चाहिए बीजेपी हमसे आगे ना निकल जाए बीजेपी को हराना
45:51इतना आसान नहीं है
45:52समाजवादी पार्टी हमेशा से अपनी सही दल का सम्मान करते हैं हम लोग दोस्तों को हमेशा साथ लेके चलते हैं
45:59और समाजवादी पार्टी आने वाले वक्त में समाजवादी पार्टी का जो राष्टी नित्योत है जो कॉंग्रेस का राष्टी नित्योत है
46:05वो मिलके इस
46:22अभी जो साथ हैं, कल वो अपने हितों को देखते हुए कहीं और भी हो सकते हैं, यही तो राजनीती
46:27है.
46:33अभी के लिए हमारी इस पेशकश में इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए
46:38आज तक.
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