00:04नमस्कार मैं हूं शम्स ताहर खाना और आप देख रहे हैं वारदात
00:0718 साल और 11 महीने तक देश की 3-3 अदालतों में ये मुकदमा चला
00:13कि निठारी के 13 बच्चों के गतल के इल्जाम में सुरेंदर कोली को फांसी दी जाए ये नहीं
00:20पिर 13 के 13 मामलों में अदालत ने सुरेंदर कोली को फांसी की सजा सुना दी
00:25पर 10 महीने पहले देश की सबसे बड़ी अदालत यानि सुप्रीम फोर्ट ने सभी फांसी की सजा को रद्दे करते
00:33हुए सुरेंदर कोली को बरी कर दिया
00:35पर किस्मत का खेल देखी जिस सुरेंदर कोली को कानून फांसी नहीं दे पाया उसी सुरेंदर कोली ने खुद फांसी
00:45लगाकर अपनी जान दे दी
00:52लोर कोट, हाई कोट, सुप्रीम कोट यानि देश की तीनों ही अदालतों उसे फांसी की सजा सुनाई थी
01:01ग्यारा साल पहले एक रात ऐसी भी आई थी जब फांसी का फंदा उससे बस कुछ ही दूरी बन था
01:08फांसी का तखता, जला, ड्रसी, सब्त यार, पर ऐन फांसी से पहले रात के अंधेरे में
01:15सुप्रीम कोट की बत्ती जली और फांसी से आन पहले में उसकी फांसी रोग दे गई
01:21फिर एक वक्त ऐसा भी आया जब उसे तेरह मामलों में देश की तीनों अदालतों फांसी की सजा सुनाई
01:28फिर एक वक्त ऐसा भी आया जब तेरह के तेरह मामलों में हाई कोर्ट और सूपरिम कोर्ट ने उसे परी
01:35कर दिया
01:35पिछले दस महीनों से वो आजाद था उसे हर जर्म से परी कर दिया गया था
01:42तेरा की तेरा फांसी की सजा वापस दे ली गए थी
01:45अब वो गानून का गुनहगार भी नहीं था
01:48लेकिन खिसमत का खेल देखी
01:50अठारा साल एक यारा महीने तक जिसे जेल में रखा गया
01:54जब वो जेल से बाहर आया तब उसकी मौत उसी फांसी से हो
01:59जो फांसी उसे कभी कानून दे नहीं सका
02:06देश को जगछोर देने वाले निठारी कान का कभी मुख आरोपी रहा
02:11ये सुरेंदर कोली है और ये उसके गले मुख थांसी का फंदा
02:16जो फंदा उसे कभी कानून नहीं पहना सका
02:19आखिरकार जेल से रहाई के ठीक तस महीने और पांच दिन बाद
02:24सुरेंदर कोली ने वही फंदा अपने हाथों से पहन लिया
02:3318 सितंबर शुकरवार की सुबह करीब 11 बजे हरी दोआर में मशूर हर की पोड़ी से
02:40सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर चाय की इसी दुकान के अंदर सुरेंदर कोली ने फंदा कर अपनी जान देती
02:48हाला कि जब उसने अपनी जान दी तब तक किसी को भी जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मरने
02:55वाला है कौँ
02:55लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुँची तो लाश के साथ जो सामान पड़े थे उनी में से एक आईडी मुली
03:02इस आईडी पर पहली बार जब पुलिस की नज़र पड़ी तब खुद पुलिस हैरान थी
03:07क्योंकि ये वो नाम था जिसे शायद हिंदुस्तान का बच्चा बच्चा जानता है
03:17एक बच्ची यहां तीन दिन पहले ही चाई की दुकान चला रहा था तो आज जब सुवेरे जिसने उसको चाई
03:26की दुकान किराये पे दिलाई थी वो सदाराम नाम से अपने को बताया उसने
03:32तो जब यह वो आया होगा तो यह देखा कि फांसी लगाया हुए है पुलिस को सुछने थी मौके पुलिस
03:39आई है जानकारी हुई है जब वो उसकी जेव से जो है वो रिंदर कोली नाम की रिक्तिका अधारकार्ट प्राप
03:49हो है जो यह पता चला है कि जो निठारी कान हुआ
03:54था उसमें यह अव्युक्त था ता पर टैम ते यह पहले बता रहे हैं सिट्पूल में भी कोई के सिट्री
03:59कमपनी में काम कर रहा था उसके बाद यह तो आज यह सुरेंद्र कोली ने तीन दिन पहले ही यहाँ
04:19चाय की दुकान किराय पर ली थी यह वही शक्त है
04:23इसका राम धरमेंद्र कोशिक है असल में पिछले दो तीन महीनों से सुरेंद्र कोली सिट्कुल में एक सिक्यूरिटी एजनसी के
04:31लिए काम कर रहा था वही से उसके किसी पहचान वाले ने धरमेंद्र से उसकी सिफारिश की चार दिन पहले
04:38ही सुरेंद्र कोली हरी दुआर �
04:40और धर्मेंद्र कौशिक की सिफारिश से उसे चाय की एक दुकान किराय पर मिल गई। यह वही चाय की दुकान
04:48है जो सुरेंद्र कोली ने तीन दिन पहले ही किराय पर लिए थी।
04:52यह सदाराम जी पहले दोसनाबाद में जाते थे तो हमारे मित रहे हैं तो इनके दुवारे में जाना था तो
05:01एक रोगन लगे कि भाई मुझे काम दिवा तो कोई अपना काम कर लो मैं और मैं सुकर पैसेंट को
05:07यह हूं तो मैंने यह दुगान खुद मैं नहीं दिवाई तीन �
05:11हुए अब सुबह आए यहां पर तो दिवान जी बैठ थे यहां पर मैंने जान तो चाए के लिए कहन
05:17लगे कि चाचना दुगान नहीं हो लिए चाए तो मिन आवाज मारी दो त्री बाद मैं तो कुछ सटर कर
05:22फोड़ा था तो सटर अपना उड़िया तो देखा थो हाँ सब
05:49सब्सक्राइब को लेकर जिसे तेरह मामलों में फासी की सजा सुनाई गई जिसे बच्चों का आदम खोर तक कहा गया
05:57हूँ
05:58उस सुरेंद्र कोली को उसके असली नाम और पहचान के साथ शायद कोई भी समाज अपनाता नहीं पस इसलिए उसने
06:06अपना नाम बदल कर सगाराम रख लिया था
06:09हाला कि वो अपने पास अपना असली आधार कार्ट रखे हुए था जिस पर न सिर्फ उसका असली नाम सुरेंद्र
06:16कोली लिखा था बलकि उस आधार कार्ट पर उसका पता भी उसी डी फाइब कोठी निठारी का था जिस कोठी
06:24ने 20 साल पहले बच्चों के कंका लुग ले थ
06:38इसलिए हरिद्वार पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। डॉक्टरों के पैनल के जरिये पोस्ट मॉटम करवाने का फैसला इसी दिये
06:46लिया गया है ताकि शक्त कोई गुझाईश न रहे। बैसे भी निठारी के वो माबाब जिनके बच्चों को मारा गया
06:54उनका गु
06:56वजूद सुरेंद्र कोली से कभी कम नहीं हुआ।
07:36पूरे 18 साल और 11 महीने तक जेल में रहने के बाद वही सुरेंद्र कोली बुद्वार की देश शां 12
07:44नवंबर 2025 को नोईडा के इसी लकसर जेल से आजाद हो गया।
07:57हर जुर्म से आजाद हर सजा से आजाद हर इल्जाम से आजाद देश में इस से पहले शायद ही कभी
08:05किसी के हिस्से में ऐसी आजादी आई हो।
08:10जिसे एक दो नहीं बलकि तेरह बार तेरह मामरों में फांसी की सजा सुनाई देगा।
08:18दो हजार पांच छे के दरमयान जब निठारी में मौजूद इसी डी फाई कोटी ने अपने बाहर के नालों से
08:25इंसानी कंकाल उगलना शुरू किया तब कुल 19 कंकाल या कंकाल के अफशेश मिले थे।
08:33लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद केस 16 बच्चों के कतल के तर्च हुए।
08:40बाद में नोड़ा पुलिस से मामले की जहां सी बी आई को सौनती रही।
08:45खाज़ेवाद की सीबियाई के इस्पेशल कोर्ट में जुलाई 2017 में इन 16 मामलों से तीन मामलों सौरेंडर कोली को परीकर
08:53दिया।
08:53जबकि बाधी के 13 मामलों में उसे सीधे थासी की सजा सुना।
08:58बाद में सुरेंदर कोली ने इलहाबाद हाई कोट में इस फैसले को चुनोती थी
09:03छे साल बाद अक्टूबर 2023 में इलहाबाद हाई कोट में निचली अदालत यानी सीबियाई की स्पेशल कोट के फैसले को
09:12पूरी तरह पलग दिया
09:13जिन 13 मामलों में निचली अदालत ने सुरेंदर कोली को फांसी की सजा दी थी
09:18उन में से एक केस को छोड़कर बाकी 12 मामलों इलहाबाद हाई कोट ने उसे परी कर दिया
09:25यहां तक के D5 कोटी के मालिक मुनिंदर सिंग पंधेर को निचली अदालत जिन दो मामलों में सजा मौद दी
09:32थी
09:32उसे भी इलहाबाद हाई कोट में पलटते हुए पंधेर को रिहा कर दिया
09:38यानि अब काइदे से निठारी के 16 बच्चों के कतले के मामले में सिर्फ एक केस बचा था
09:44जिसमें अकेला सुरेंदर कोली गुर्हेंगार था
09:47और जिसके लिए इलहाबाद हाई कोट में उस फांसी की सजा को पर करार रखा था
09:52जो सीवियाई की स्पेशल कोट ने दिया था
09:54यह तेरवाँ और एक आखरी केस 15 साल की एक बच्ची रिमपा हल्दर के अत्रिका था
10:00इसी तेरवे केस को इलहाबाद हाई कोट के फैसले के बाद
10:04सुरेंदर कोली ने सुप्रिम कोट में चुनोती था
10:07लेकिन सुप्रिम कोट में उसकी अर्जी खारिच कर दिया
10:10और मौत की सजा पर करार लगजी
10:13सुरेंदर कोली ने इस तेरवे केस को लेकर फिर से सुप्रिम कोट में
10:17पुनर विचार याची का दायर दिया
10:19इसे भी सुप्रिम कोट में खारिच कर दिया
10:22यानि निठारी कान के तेरवे केस में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोट तक सुरेंदर कोली की मौत की सजा
10:29पर मुहब लगा चुकी थी
10:31इसी वीग सुरेंदर कोली ने सुप्रीम कोट में इसी तेरवे केस जिसमें उसे फांसी की सजा हुई थी
10:37को लेकर तीसरी बार क्यूरेटिव प्रेटिशन की शक्ल में एक और अरजी दाखिल करदी
10:44पर इस से पहले कि सुप्रेम कोड सुरेंदर कोली की इस क्यूरेटिव प्रेटिशन पर फैसला सुना थी
10:49एक चौकाने वाला फैसला आता है
10:53अक्तूबर 2023 में इलहाबाद हाई कोड इस एक 13 केस को छोड़कर बाकी के उन 12 मामलों में जिन में
11:01निचली अदालत के सुरेंदर कोली को भांसी की सदा दी थी उन सभी मामलों में कोली को बरी कर दिया
11:07यानि अब सिर्फ एक 13 केस बचा था वो एकलौता केस जिसमदेश की तीनों अदालते उसे सदा मौद दे चुकी
11:16थी
11:16भले ही सुरेंदर कोली बाकी के सभी मामलों में बरी हो चुका था लेकिन इस एक एकलौते केस की वज़ा
11:22से भी उसे फांसी हो सकती थी
11:25इस तेरवे मामले को लेकर भी सुरेंदर कोली इलहाबाद हाई कोट पहुंच गया
11:30इलहाबाद हाई कोट ने फांसी पर अबल में देरी का हवाला देते हो इस तेरवे केस में भी उसकी फांसी
11:36की सजा को अम्र कैद में तबदील कर दिया
11:39सुरेंदर कौली ने इस फैसले को भी फिर से सुप्रिम कोट में चुनोती दी
11:45इसी तेरवे केस की सुनवाई के बाद सुप्रिम कोट ने 11 नवंबर 2025 को निठारी कान के इस आखरी केस
11:53से भी सुरेंदर को बरी कर दिया
11:55यानि अब सुरेंद्र कोली के खलाफ एक भी केस पेंडिंग नहीं था
12:00निठारी के हर केस से अब वो परी हो चुका था
12:05अंकित शर्मा के साथ मुदित कुमार अगरवाल हरिद्वार आज तक
12:15निठारी के कुल 13 बच्चों के कतल के मामले में कुल दो आरोपी थे
12:20सुरेंद्र कोली और डी फाइब कोठी का मालिक मौनिंदर सिंग पंधेर
12:24हाला कि इन दोनों को ही कोठ ने बरी कर दिया
12:28बरी होने के बाद दस महीने पहले हमने मौनिंदर सिंग पंधेर से
12:33सुरेंद्र कोली के बारे में बातचीत की थी
12:35तब सुरेंदर कोली को लेकर पंधेर ने क्या कुछ कहा था? आईए सुनते हैं।
13:05पर उसके बरताओ के बारे में कुछ अजीब चीज देखी कभी? बिलकुल नहीं। बिलकुल नहीं। कोली फस्ट रोड पर रहा
13:11करता था? पहले वो रहता था गराज में। अच्छा। ठीक है? गराज के बाद मैंने एक सेवन्ट कौर्टर बनाया उसके
13:19उपर। ठीक है? सेव
13:35कभी मतफस ट्रोर पर जहां कोली रहता था? उस वक्त कभी मौका मिला, इत्फाक हुआ कि जाकर देखू यहां। नहीं।
13:42नहीं। मैं तो सिर्फ क्रिस्ट्रक्शन के टाइम गया था उपर, उसके बाद तो मतलब ही नहीं है। मैं तो कभी
13:47किचन में भी नहीं जाता था, सही
14:01में जतने बच्चे मारे गए, आपने यह कहा है कि यह कोली ने किया है? कहा किया है? आपने कुछब
14:07अभी हाल में भी कहीं कहा था। कि कुली रात को एक दो बार शैथ निकला भी है, या कुली
14:14इस तरीके का कर सकता है, मेरा इनवर्ट, क्योंकि उसकी आपने एक दलील б mess भी �
14:29यह तो मैं भी कहता हूँ, वो तो CBI कह रही है, हाँ, इसलिए मैं जो फैक्ट से उसी भी
14:34बात करा हूँ, अगर उसको आप जोड रहे हो, ने उसको मैं नहीं जोड़ा हूँ, लेकि आपने कभी माना कि
14:38हाँ, यह जो कुछ हुआ है, इसके लिए कोली जमेदाना है, मैंने कभी �
14:54द्यूरिंग अपना, जैसे आप मेरे से क्वेस्टिनिंग कर रहे हो, या कुछ पूछ वो रीजनिंग पूछ भी हो, तो उसमें
15:01कोई स्लिपेज हो सकती हो, मैंने अपनी तरफ से कभी यह निका भी कोली ने किया है, तो फिर पंडेट
15:09साब वही बात आ जाती है, कि असल में �
15:12सेंटर में, और कोठी के वो नराप हैं और कोठी का नौगर कोली, और उननिस साल हो गए है, कोठी
15:19के पीछे से ही सारी चीज़े बरामद होती है, यहां तक की इलजाम यह भी आता है, कि इसके पीछे
15:24हीूमन ओर्गन का भी एक रैकट था, यह तो उस तेम भी आ गया था, यह
15:41उसके बाद प्रोस्टिटूशन का चला था, उसके बाद फिर यह मेरा खेर चला था, यह और गन ट्रेड का चला
15:48था, यह तो उसी टाइम शोर मच रहे था, यह मीडिया में ही आ रहा था, तो इसकी साथ की
15:52साथ इन्वेस्टिगेशन हो रही थी, नहीं हो रही, मैं तो कुछ
15:55पतानी से, आपके पडोस में जो एक कोठी है, डी-सिक्स, उसमें एक डॉक्टर रहते हैं, और तब उंगली उठी
16:00थी कि शायद यह human organ, जो भी है, यह सारी, उस ताइम तो मेरी knowledge में नहीं थी बिल्कुल
16:04भी यह बात, मुझे तो बाद में पता लगा, यह कितना सच है कि एक
16:28पतानी से, तो आप रात को बाहर जाता था तो आपने कभी पूछा नहीं क्यों रात को बाहर जा रहा
16:32है, यह मैं नहीं पूछ था, मैं जो मतलब भी नहीं किया, किस पीजिस को पूछू, घर में आपके कभी
16:36polythine या इस तरह की चीज़ें आपने access पाया, नहीं, मेरे तो जो
16:40कनक रिया राइस पर बैंक बगर आते होते थे पॉल्ठीन के वो आते थे आप जब डी फाइब में रहा
16:46करते थे तो अक्सर आप अकेले होते थे फैमिली आपकी चंडी गड़ में थी येस कुछ समय के बाद मेरी
16:51फैमिली चंडी गड़ चली गए थी यहाँ पर फिर रात में �
16:54कोली रहा करता था, बिल्कुर, बिल्कुर, एक मुनेदर साहब जो पूरे केस स्टेडी से लेकर सारी बाते हैं, आपने खुद
17:00एक्सेप्ट किया है, कि अक्सर जब आप रात को कभी आया करते थे, तो आप अपने इसकोटी में पाटी किया
17:07करते थे, और आप इसकोट बलाया क
17:19रगता था और वो देखता था, तो एक चीज ये कही गई कि जब उसने ये देखना शुरू किया, तब
17:25पहली बार सुरेंदर कोली के अंदर भी कुछ अर्मान जागे या एक शैतानियत जागी, और उसका बहुत असर पड़ा, आपके
17:32इस एक्ट से, ये कितना सच है, ये बा
17:49कोई पूचता हो रही है, यार कोई गलत इशारा मेरे उपर आ रहा है, गलत अंगली मेरे उपर उठ रही
17:56है, तो वाज़ भायवा कुछ ना कुछ ऐसा कही देगा, और कह सकता भी है, और उस ने कभी ये
18:04चीज मेरे से जाहर नहीं की, इन सारी चीजों के होने के बावजी और
18:08आपने कभी ये महसूस किया कि सुरेंद्र कोली मतलब किस तरह का इंसान है, चुकिए आप ने उसको रखा था
18:14काम बर, मुझे तो बहुत बढ़िया इंसान लगा, तो अगर तो अखिरा अच्छा ना होता तो मैं रखता ही ना,
18:22सीधी सी बात है, जब दिसंबर लास्ट वीक
18:252006 में, पहली बार आपकी और आपके परोसियों के कोठी के पीछे नाले से कंकाल बरामद होना शुरू हुआ, तब
18:33आपको अंदाजा था कि इसकी आच आप और कोली दोनों तक जाएगा, जब मैं जब पता लगा, उस तेम तो
18:40सारी बात खुल चुकी थी, उस तेम तो केस सार
18:53सुरेंदर कोली के बारे में, वो तो पहले तो लिंक उसका जो बनाया गया था, वो तो पाइल के साथ
18:59बनाया गया था, बच्चों वाली तो कोई कहानी थी नहीं, बच्चों वाली कहानी जो मेरी अपना जहन में आ, वो
19:07तो सुबह अपना 29 तारीक हो आया, पाइल का जब फो
19:22था कि सुरेंदर कोली ऐसा कर सकता है
19:24कि उसने कर दिया
19:25मैं ही हूँ जो सुरेंदर कोली को
19:27उसको अपना गाउं से लेके आया था
19:30जब ये इन्वेस्टिगेशन हुई है
19:32और जब मैंने इन्वेस्टिगेशन वालों को
19:34खुद बोला भी ये लड़की
19:36हर हालत रिकावर होनी चाहिए
19:38कोली को लाने वाला मैं था उसके गाउं से
19:41मैंने टेक्सी बेजी
19:43मैंने अपना ट्रैवर बेजा
19:44ठीक है
19:45अगर आप के तो भी इसमें कोली को
19:48बचाने में मेरा हाथ है
19:49तो उसमें आप थोड़ा सा
19:52मेरे को ग्यान देने की
19:53कश् devam करना
19:54कोली की गिरफतारी के बाद
19:57आपकी गिरफतारी होती है
19:58बिल्कुल
20:00तो क्या
20:02आपकी जब गिरफतारी हुई
20:03तो कोली ने ये statement दिया था
20:05कि मैंने जो कुछ भी किया है
20:07वो सब मुलेंदर सिंग पंधेर जी के कहने पर kıा
20:10यह आप उस से पूछ
20:11कभी आपका आमना सामना, यह उसका स्टेटमेंट है, मैं इसले लिए रहा हूं, मुझे कैसे मालूम होगा उसका स्टेटमेंट, मेरे
20:16सामने तो अप सुरंदर कोली जब investigation हुई है, जिस दिन arrest हुई है, उसके बाद मैं और सुरंदर कोली
20:22यह कठे रहे हैं नहीं है, कभी आपका
20:37रिमान जो लिया था कि सुरेंदर कोली ने ये स्टेटमेंट दिया है
20:40तो कि मैंने जो कुछ किया है इनके कहने पर किया है
20:43और ये भी शामिल है तब आपको रिमान पर लिया गया था
20:47तो आपको जानते हैं नहीं पुलिस रिमान कैसे लेती है
20:50अगर यह ब्यान ना होता मेरे को औरमान पर ले आते हैं
20:53फिर तो मेरी एरेस्ट में नहीं बंगती थी
20:55मैं उसी पर आ रहा हूँ कॉली साब कि जब लोईडा पुलिस बाद में
20:58सीबी आई को चुकर ये केस दिया गया
20:59तो जो मामला कोट में गया उसमें ये था कि
21:01सोला बच्चे गायब थे और सोला बच्चों के कंकाल के अफशेश मिले
21:06इसलिए सोला मडर के केसे दरज हुए कि अब सोला बच्चे
21:11डी फाइब डी सिक्स जो भी मैं कहा है उसके पीछे के नाले से
21:14मिलता है और इतना लंबा वकफा करीब साल डेड़ साल
21:18से बच्चे खायब हो रहे थे तो झजब ये सारी चीजा सामने आई
21:21कभी आपने और फिर उसमें ये भी आई ये ये इनिंव्स्टिकेशन पे कि न बच्चों
21:24को इसी डी फाइब कोठी में मारा गिया कुछ बच्चों को काटा गया पर बाकी
21:28भी बहुत सारी चीज़े आएंगे कुछ आदम खोर वारा इंगल भी पर आप चुके उस D5 कोठी के ओनर मालिक
21:35आपने कभी इतने सालों में या अतने महीनों में यह नहीं देखा कि आपकी कोठी में कुछ अजीब औ गरीब
21:40चीज़े हो रही हैं बच्चे लाए जा रहे हैं मा
21:56चालचलंग क्या बिल्कुल ठीक बच्चों के साथ जादा घुलना मिलना तो क्यों बिल्कुल भी नहीं था नहीं था कभी आपने
22:03नहीं देखा घर पर इनी था मैं कैसे देख लूगा तो वार्दात में फिलाल इतना ही मगर देश दुनिया की
22:09बागी खबरों के लिए आप �
22:10देखते रही आज तक
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