Skip to playerSkip to main content
  • 20 minutes ago
'हमें सू-सू करना नहीं स‍िखाया जाता', आजतक पर बोले एक्टर संजय म‍िश्रा

Category

🗞
News
Transcript
00:00बहुत तरीके से पहचान बिहार की हो सकती है, अलग-अलग शेतर से हो सकती है, लेकिन कई लोगों की
00:05कहानी जो होती है ना उसमें लोग बिहार की कहानी ढूंड लेते हैं
00:09तो संजे जी उन लोगों में से हैं कि उनकी कहानी में, उनके अभिनय में, उनके किरदार में हम सब
00:15बिहार के वो पुट तलाशते हैं, एक आम आदमी कैसे जीता है, किस हद तक क्रोधित हो सकता है, कैसे
00:22लड़ सकता है पूरी वेवस्था से, जब वो मजाक करता है तो किस भा�
00:37आप से बातचीत करते हैं संजे जी, अब सबसे पहले तो हम आप से यह पूछना चाहते हैं कि आप
00:46बिहार से निकले, बनारस गये, बनारस से बंबई गये, लेकिन बिहार कितना जिन्दा रहा आप में?
00:52सबसे पहले आवाजा आदे मेरी, नमन बिहार, बंदन बिहार, कैसे भूल सकता हूँ बिहार को भाई, कैसे हटा सकता हूँ
01:04बिहार को?
01:06बहुत सारे पेड़ ठंडे में जनमते हैं, कुछ अलग जनमते हैं हम बिहार में जनमें, तो यहां की मिट्टी, हवा,
01:17पानी, और मेरी एक आदत है, जो पैदा हूए हो, वैसे ही मरना, ग्रो करना, यह नहीं की, वाय वाय
01:27करते हो गये, ग्रो करना, लेकिन जो हो, जस मिट्�
01:33जहां के ओ, जो तुम में है, वही पहचान बनेगी तुम्हारी, तो बिहार मुझे में है, तो पहचान बनेगी, बड़ा
01:41अजब किसम का उलाद हुम है, यह शोदा जी मिट्ला बनारस ने बहुत पाला जनम यहां दिया, तो लेकिन है
01:47पुरवांचल ही सब, तो वो हवा है म�
01:55जब आपके पीछे भी जो हम तस्वीरें लगाए हुए हैं, अब अच्छा है, है ना, आपके पीछे जो तस्वीरें लगाए
02:04हैं, उसमें सब में भाव अलग है, किसी में जब संजे जी हसाते हैं तो वो उस डायलोग पे, आज
02:13की पीढ़ी से लेके पुरानी पीढ़ी तक �
02:14पीढ़ी मीम बनाती है, पुरानी पीढ़ी उस डायलोग को बोल कर याद करती है, तो फिर हम वद का किरदार
02:20भी आपका देख लेते हैं, जो एकदम पूरे-पूरा स्पेक्टरम में पूरा दूसरा ओपजिट, दूसरा छोर उसका, लेकिन संजे जी
02:29मैं यहाँ पर उस बात
02:43को अगर शिक्षा के लिए, देखिए जब एक बहतर जीवन के लिए आप जाते हैं, तो वो अलग होता है,
02:48जब विकल्पों के अभाव में जाते हैं, वो अलग होता है, उसमें खाना भी अच्छा बनता है, खाना भी उसमें
02:54अच्छा बनता है, डालो डालो देखो, कोशिश
02:57करते हैं आदमी, और बन भी जाता है, हाँ, हाँ, हाँ,
03:01सिक्षा, बड़ी अजीप चीज है, कोई एक आदमी बना देता है,
03:05कि आप ये पढ़ेंगे, ये नहीं पढ़ेंगे, लेकिन हमें
03:09शूशू करना नहीं सिखाए जाता है, ये बहुत बड़ी
03:26में या इस्टेशन पर या ऐसी जगहों पे जहां पुरुष खड़े हो के पिशाब कर देते हैं कमोड में
03:34समझ नहीं है शिक्षा वो देनी चाहिए इससे बेसिक शुरुआत करो तुम्हारा
03:40कंप्टीशन यह नहीं है एफ और एपल बीफा बेबी सी फार कैट
03:48यहां से सिक्षित करो मेरी बेटी को छोटी थी घर में हम लोग आएं पाएं करते ही रहते हैं
03:57स्कूल से आया कि भाई आपकी बेटी बोलती है मैडम पानी पीना है
04:04तो हम बोले यहीं बोलेगी मैडम दिवार चाटना तो बोलेगी नहीं मैडम दिवार चाटना
04:08पानी पीना बोले, no, she would say in English ना, हम गया पहले अपने भासा पर तो पकड़ हो जाए
04:17उसकी, आप उसको सिर्फ सिख्छा के नाम पर English चीको, आज मेरी, और वो कब पल मेरी बच्ची जो है,
04:26English बोलने लग गई, अभी वो नहनीताल में है,
04:29शेर्वोड में, वहाँ के प्रिंस्पल ने मुझसे कहा कि पल की English सबसे बहतर है पूरे स्कूल में, और मैडम
04:37की क्या शिखायत थी, शिख्छा बहुत अलग चीज होती है, और हम खासकर बिहार में ऐसी सिख्छा की ज़रूत है,
04:57मैं एक्टर हूँ, मैं अपने लोगों को देखता रहता हूँ, कितना दबा हुआ, क्यों, वज़य क्या है,
05:07शिख्छा मैं भी तीन दिन पहले आ रहा था, बनारस से आ रहा था, वह वहां की भूमी अलग है,
05:15वहां बहुत भीर होती है, बहुत भीर होनी भी चाहिए,
05:20पिहार में इंटर किये, साड़े साथ बज़े सनाटा, होटल खोले हैं, खाने वाला कोई नहीं,
05:30पेट्रॉल पंप मैंने कभी एक फिल्म थी, यू टर्न, उसमें पेट्रॉल पंप खाली दिखता था, बड़ा, वैसे ही सारे पेट्रॉल
05:40पंप दिख रहे थे,
05:42फिर सोचेने लगा वज़े क्या है, कुछ डराओना है क्या है, हम भी डर गए थे कि बाई इतना सही
05:49में कोई नहीं दिख रहे थे, वो देखो स्कूटर वाला दिखा एक, ऐसा हो गया था, वज़े क्या है, वज़े
05:55कहां गए वो लोग, और क्यों गए वो लोग,
06:03शिक्षा, कमाने वाले को हमेशा MBBS, MA, MB नहीं चाहिए, उस तरह कुछ भी करके तर तर तर तर तर
06:10तर कर खड़ा, बदपन में हम लोग को को लोग, दोस्ट लोग बोलता था, कभी किसी सरदार को भीक मांगते
06:16देखे हो,
06:18सही में नहीं देखे है, यार, कड़, कड़, कड़, कड़, ठाक, वो शिक्षा चाहिए हमें, आज आपको पदा नहीं आता
06:29होगा काम, किसको आता होगा, अलफा, बीटा, थीटा, हमको दो आख तक कामी नहीं आया हो,
06:38चालिस, चालिस, असी होता है मालू में बाई, उसमें अलफा, धीटा, धीटा हमारा वक्त क्यों बरबात किया थे, उस समय
06:45कुछ और सिखाते है, कुछ अच्छी चीज सिखाते हैं कि बेटा, हमारे हैं सब चिरकुट ड्राइवर हैं, बुरा मानो, भला
06:52मारो,
06:54रोड कि, रोड सिंस नहीं सिखाया, ऐसे रोड टर्न हो रहा है, यहीं पर सब पसेंजर को, और हम इंसानों
07:01की भी आदत है, फला मोड पर मिलना, और मोडे पर सब ख़ड़ा है, पीछे गाड़ियां लगी भी हैं, भाई
07:07हम तो खड़ा हैं, मामा का लड़का आ रहा है, हमार
07:22इफ़ोर एपल, इफ़ोर बैट कहोगे, इफ़ोर बंबोले ना, जो भी बोलना है, बोलो, लेकिन जो बेसिक सिक्षा नहीं दी दोस्त,
07:30तो मैं चाहूँगा कि, और देखो हाँ, एक और ख्याला आया था, अब तो खाली हो गया भीहार,
07:38सारे लोग चले गए, जो बचे हैं, आओ, उनको मिला करके कुछ बनाते हैं, जो गएं, वापस आ जाएंगा, यहां
07:45तो सब कुछ है, मुकाह को वहाँ बैठे हुए, और कल से नहीं जा रही है, जनरेशन जा रही है,
07:52चंडीगर में शूटिंग करते हैं, हो जी इत्थे बह�
07:54पे बात बिहारी हैं, बिहारी बात हैंजी, हैंजी बात, तो बिहार का बिहारी का आँग? जैदा तो नहीं बूल लिया?
08:04नहीं नहीं कुछ चीज़ें जादा होती हैं तब भी जरूरी होती हैं तो संज्ज़ जी वैसे ये कहीं कि क्योंकि
08:13मेरा पूरा पूरी पढ़ाई लिखाई पटना में हुई और स्कूल से लेके कोलेज तक पटना के हैं वेसाली के पढ़े
08:23पटना में
08:28सेंट्रल स्कूल अच्छा लेकिन उसमें यह कि लड़कियों के लिए अच्छे स्कूल कॉलेज थे लड़कों के लिए थोड़ी कमी होती
08:36थी निकलते थे सब बाहर पढ़ने अब पटना बहुत बदला हुआ दिखता है क्योंकि आपका पास सड़क बहुत बन गई
08:42है कटल पत ह
08:42है मरीन ड्राइव है बहुत सारी चीज़ें होंगे अब यहीं परिवर्तन थोड़ा से हम थोड़ा से बाहर निकल कि आपके
08:49अक्टिंग करियर पर भी जाते हैं यह इसी पर बात करो ना एक्टिंग करियर को दोनों चीज मिला जुला कि
08:53संजर जी दोनों चीज देखिए वहा
09:11आज करना लोगों को प्ला क्याद कर लो क्याद मतलब किसी भी चीज को आँ सुन्दर साड़ी क्राइड एक समय
09:20में फुर्षत नहीं होता देए यही सब देखने मेरे बाप ही गंगा जी है पहले दो गंगा देख लो या
09:26दो अपने को गंगा के साथ देख लो गंगा जी है �
09:31अब लोग विकाज कट और मोबाईल कट कट कट बूरील अब है भी रिल और बहुत चंगी चीज है कि
09:38दो मिनट में आपको पॉपलर कर देखी कि दो मिनट में पॉपलर कर देखी कि तो हर कोई चाहेगा पॉपलर
09:46हो हमारा यह सब नहीं था अच्छा है बुरा है क्योंकि आ�
09:54परिवर्तन होता है वक्त आप परवर्तित हो गई जब आप पटना में पढ़ी होंगी फिजिकली मैं परवर्तित हो गया फिजिकली
10:05तो पेड़ परवर्तित हो जाते हैं पौदे से व्रिच्छ बन जाते हैं तो बदलाओ तो नियम है लेकिन बदलाओ को
10:14अगर बेश से आप प
10:24तो अभी से प्रयातने शुरू कर दो
10:26कि मैं साथ का हूँ
10:28सिर्फ बोडी परिवर्तने में
10:30बदलाओ की जो बात कर रहे है न
10:32अभी आते नीचे एक बिहार में
10:34बदलाओ कैसा अभी या
10:36हम गा तू ना बदल नहीं रहे
10:39दस साल पहले इसे थे तुमरे
10:43अभी तो हम बदल में की हैं
10:45लेकिन बिहार का हम कैसे नहीं
10:47बदलेगा
10:49बदलाओ तो है तो आप बोडी
10:51आप अपनी जान नहीं कि मुझे बदलाओ
10:53चाहिए अब चाहिए अब चाहिए
10:55अब चाहिए अब नहीं होगा तो देर हो जाएगा
10:58फिर आप ऐसे हो जाते हैं
10:59कोई पानी दे दो
11:04शहर का बदलाओ भी ऐसा ही होना चाहिए
11:08क्या आप जैसे अभी हमारे रोड्स है पाटली पुत्रा में
11:12गली वली किसी वो अच्छा लगे बुरा लगे
11:14लेकिन सोच ऐसी होनी चाहिए ना
11:16कि आज से 20 साल बाद यहां क्या होगा
11:19गाड़ी तो हम यहां माई पर दे रहा है
11:22सड़कवा किने है भया
11:24कहां थे मुडोगे कहां से टर्निंग फिर वई
11:29आज आप किसी को रोके हुए हैं
11:31कल आप अंबुलेंस में होंगे कोई आपको रोका हो
11:35यह शहर का बदलाओ विजन विजन विजन बहुत जरूरी है
11:40कि आज से 20 साल बाद यह सड़क क्या होगी
11:43यह मैं नहीं जाना हूँ तो आप हमारे नेता नहीं है सर्थ
11:47आपको कोई हक नहीं है कि आप
11:50मालूमी नहीं है एक के को साइकिल जाएगा चलो दवड़ा दो
12:04आज आज हम इतना जिल्ल है तो बदलाओ को बेश से ही पकड़ लेना चाहिए
12:10हमारे फादर पत्र सूचना का रहे ले वेते तो ऐसे ही यहां तो खैर शीशे का बोतल है
12:33आप अजिवड़ा पानी वहा है यार जाजीव गांदी पानी पीता है कमाल है ध्यान उदर नहीं जा रही है उसमें
12:43प्लास्टिक का बोटल है उसी समय उसको रोका गया होता तो आज आप प्लास्टिक बचाओ एक बड़ा आप कर रहे
12:50ही थी तो बेटी का ख्याला है बेटी क्यों हम उसको इतनी बेटी बचाओ बोलने का मतलब आंसू आ रहे
12:58हैं मुझे ये किसका हक है बेटी बचाओ
13:02human है वो
13:05सिर्फ उसके साथ कुछ बोज लाद दिया गया है
13:08इसको पढ़ा के क्या करेंगे
13:10दूसरा घर चल जाएगी
13:12संतोस को पढ़ाओ
13:14एक दिन हम ऐसे ही सूच रहे दे
13:16बेटी क्यों क्यों क्या होगा
13:18कि आज मैं हूँ मेरी वाइफ हैं
13:20दो बेटिया हैं कल को
13:22अगर मैं न रहूँ
13:25बुड़ा पर मैं वाइफ को
13:26देखेगा कौन अगर वाइफ न रहे
13:28तो मुझे कौन देखेगा
13:31अपना बेटा के घर
13:32होते ना
13:33तब बात कुछ और होता
13:36दूसरा के बेटा दमा
13:38अरे
13:40वज़ा है
13:43उसकी साधी में इतना
13:44उस क्यों
13:46क्यों उसको बोच बना रहे
13:50दे दो छे साल के लिए
13:51महिलाओं को देश देगो क्या हो जाएगा
13:53बेसिक चीजें सुधार देंगी
13:54मैं इतना जानता हूँ
13:57बेसिक चीजें सुधार देंगी
13:59वो, मैं अपनी किताब लिख रहा हूँ, बताना तो नहीं चाहिए, लेकिन क्या करें, उस समय होता था, नौ भाई
14:09में, एक मेरी माँ बेहन थी, अकेली, तो उस चैप्टर में मैंने लिखा है, नाना नानी ने बेटी की चाहत
14:17में मुहला बसा दिया,
14:21तो फिर बेटी बचाओ, कुछ ऐसे भी लोग है, और कई लोग आठ बेटियों के बाद एक बेटा, क्या कर
14:37लोगे?
14:38तो जो शिक्षा में जिस परिवर्तन की बात आप चाह रहे हैं, वो स्कूली शिक्षा होगी या घर में जो
14:43चाहिए?
14:43हर एक की शिक्षा, हर एक की शिक्षा, आज कोई भी लीडर है, कैसे है लीडर? किसी को भी जाके
14:50दान दिखवा देओगी, क्या तुम?
14:52सर पेट में या दर्द हो रहा है, आप क्या करते हैं, रिक्षा चलाते हैं, देख लीजे ना, उसके लिए
14:57एक पर्टिकुलर आदमी होता है, इंसान होता है, जिसने उसकी पढ़ाई पढ़ी होती है, हम आस तक देश किसको दिये
15:04हैं, हमें नहीं पता, बुरा नमानना हो लि
15:21होगा, 3900 का क्या था, ये सब से नहीं, तभी तो मैं कह रहा हूँ कि बेसिक सिख्षा ऐसा कीजे
15:28कि, सेर, मेरा बेता है, तीन बार IPS दिया नहीं हो पा रहा है, फिलिल्म लाइन में करवा दीजे ना,
15:37क्या मतलब है, IPS के लिए आपने तीन साल दिये, और फिल्म लाइन में ऐस
15:53लेकिन एक चीज थी तुम्हारे खोड़ने, उसरी हिसाब तो तुमने लाइन पकड़ा, फून में है ये लाइन, बिहार में तो
16:03अधिकांच होता है कि UPSC नहीं कंपीट कर पाते हैं तो दूसरा लाइन गाहेज के लिए, अरे महराज हम खुट
16:09टेंथ में पढ़ते थे और �
16:10के लिए इंतिहान दिलवाये थे चोरी से, हम खुट टेंथ में पढ़ लेते, बारवी क्लास के लिए मैं इंतिहान देना
16:16था, और इंतिहान देने वाला लड़का कौन था, अरे लिखो जल्दील को बहुत लिखना है, हाँ हाँ, उसको टी लिखना
16:24भी नहीं आ रहा था, और
16:26वो ऐसे ड्राइंग बना रहा था, ऐसे उपर हो लाएं, यह निच ही, हम का तूतर लिख लेले बेटा, वो
16:39तो काहे पढ़ा रहें बेटे को, दहेज तनी दू लाख, और जहेलेगा कौन, बेटी का बाप, वो पढ़ा नहीं सकता,
16:49वो नहीं पढ़ा सकता कि उसकी बेटी ब
16:53यह पास है, में पास है, उसको दहेज नहीं मिलेगा, है तो बेटी यह ना, यह क्यों है, यह वज़ा
16:59है, सोचने की वज़ा है गुरू, और अब सुधर जाना चाहिए, क्योंकि हमारे हाथों से बहुत कुछ निकल चुका है,
17:08इस कंप्यूटर ने कहा था कि, एक सौ आदमी क
17:11अकेला काम करेगा, सव आदमी तो नियत्ते हुआ, अब सब, हमने अपना पूरा संस्कृती, कल्चर, सारी चीजे छोड़ दी है,
17:21पत्ता तक तो यूट्यूब बद है, वो गो, कुछ बता देता है, इस बता देता है, इस पेल कॉल टेंडाउल
17:28टें, आह, बटा, भीस साल से
17:30डिलोर डिन लगाए वे थे, अरे तेरी, मतलब जो चीज खाते रहें, सब करते रहें, बहुत जानकारी उपर के दूसरी
17:41डिलोर डिन का प्लान, जानने वाले भी क्या कर लेगा, तीसी सेसमी निकल गया, हाँ, बहुत तीज भाग गये, बेश
17:53नहीं पर, संजय जी एक बात �
17:55यूपी बिहार की हम बात कर रहे हैं, या हम समुझे देश की बात कर रहे हैं, क्या बिहार एक
18:01स्टीरियो टाइप का भी शिकार हो जाता है, हो नहीं पड़ा, हो नहीं पड़ा, नौकर कहा का होगा फिल्मों में,
18:09बिहार का, कोई चिरकुट पॉलिटीशन को कहा का होगा, ब
18:20बनने लग गए हैं।
18:22बड़े IAS IPS बनते हैं।
18:26बड़े डॉक्टोस बनते हैं।
18:29डॉक्टर कहाँ का होगा तो वो कहीं और का।
18:32लेकिन डॉक्टर के बगल में जो स्टील का उल्ट का है वो बिहार का।
18:36तो ये शुरू से और बुरा न मानियेगा ये हम लोगों की भी गलती है हम लोगों की भी गलती
18:44है लगाओगे आम तो कहां से काओगे कटायल या क्या बोला पेड़ बबूल का आम कहां से होई तो ये
18:52हमारी भी गलती अब भी सुधर जाना चाहिए अब भी सुधर जाना चाहि
19:01कहते हैं न जैसे मैं आठेस्ट हूं मेरा क्या कंट्रिबूशन होगा मेरा काम मुह नहीं मेरा कंट्रिबूशन होगा मेरा काम
19:11मैं दिखाऊंगा जल आपदा सोचो ना यार हम जब इत्ते बड़े थे शायद उससे भी छोटे शायद मेरे पापा भी
19:19जब इत्ते बड़े होंग
19:30फलना का बाड है यह बाड है महराज वह आपकी वजह से आ रहा है आपना सब कुछ सेमेंटेट कर
19:35दिया है सब कुछ कर दिया है जो भी कर दिया हूँ आपको चाहिए कि उसके पानी को मैं दिशा
19:40दे दे
19:43ताकि फरवरी मार्च अप्रेल में जून जुलाई किसान भी उससे काम कर सके सब कुछ का हम दिशा दे दे
19:49हम बड़ा बड़ा प्रजेक्ट बना चुके हैं लेकिन एक धारा को मोड़ने का प्रजेक्ट नहीं बनाएं कि वो पानी हमारा
19:55राजिस्थान कैसे चला जाए जिसके �
19:57घर्च के सामने से जाएगा वो जगह सुन्दर भी लगेगी और एक हमारा परपस सौल हो जाएगा हम्री एक पुआ
20:03थी पापाजी की बेटा तुमको बीड़ी पिला दो नहां तो तुमको चार भीगा जमीन देंगे कि बहुत मान बहुत उमर
20:11हो गई थी उनकी काफी 85 वगर
20:21बीड़ी पिला दो नहां पांच भीगा देंगे चलो चोबिगा एक दिन हम पता कि यह है कहां चोबिगा तो उन
20:29नदी किनारे उच्व महिना डूबल लहता है वहां नाव चला हिए
20:35नाव भी अपनी खरी दिये तो ऐसे जगर पे जमीन है कोई लिया ही नहीं बीड़ी पी गई वो जमीन
20:45कहां है
20:45हाँ है तो वो बहुत देखे वहां वहां वहां जो पत्तर पे को मारा ना डुपकी मेरा जमीन है
20:54वो प्रॉंबम हम सॉलूंभी नहीं कर पा रहे हैं वज़े क्या वज़ए क्योंकि नदी नाले तालाप यह वोट नहीं देते
21:02यह वोट दे रहे होते ना तो इनका भी आप केरियर बना दियों लेकिन पहार सो चलेंगे मचली खाएंगे।
21:12आज कल यहां मचली नहीं कह सकते हैं क्यों पता है तुमको यह बात आज कल वो नेपाल के बाढ़
21:20की बॉडी जो हैं यहां आई हैं कहीं सड़ नहीं हैं उनको खतम करने के लिए कोई दवा डाली गई
21:26है जो मचलियां भी खा रहे हैं
21:32तो इसलिए आप मचली मत खाई थोड़ा सोचना चाहिए हमें हमारा क्या बार जैसी आप दाओं को नियती बनाते चले
21:42गए सब्सक्राइगा ही लेकिन उसको कंट्रोल किया जा सकता है आपका घर ऐसी जगह है जहां बारिशें होती रहती है
21:50दिन भर रात भर तो आप क्या करें
21:53एक प्लास्टिक का कुछ अपनी तो तैयारी करेंगे तो देश की तैयारी कौन करेंगा आप तो अपनी तैयारी कर लिए
22:00दर से पानी नहीं आएगा उधर बड़ी चूरा आएगो ड्रम लगा दो वहां ठीक है इसकी तैयारी को मैं एक
22:07फिल्म मना रहा था तब मुझे कैमरा
22:22अगे जो प्रिस्तावना उसमें उसने लिखा था श्री लंका का एक राजा था तीन सौ साल पहले उसने अपने मंत्री
22:31मंडल के हर एक को आदेश दे के रखा था कि अगर एक बून भी पानी बारिश का सागर में
22:37गया बिटा तो बाकी तुम जो कियो करो
22:42कितनी बड़ी बात सोचके गया वो इस पानी के लिए हम तरसेंगे हम देश वाले एक दिन के लिए स्रमदान
22:51करें एक बहुत कोने में बहुत बड़ा गड़ा खुद दें कि ये पानी चलो आओ भेजो नेपाल हम इसके समेट
22:59लेंगे
23:01हुख ओड़ेगा भी तो बारिश भी होगा नीचे जाएगा तो जमीन में पानी आएगा आप सोचेंगे हम मुट है किल्गिक
23:08करने के लिए सिमेंट कर दो गाड़ी खरा करने के लिए सिमेंट कर दो क्या से बीच साल पहले नहीं
23:14सोचा गया था घाजियाबाद यह बा
23:20वाले की यह इस मकान वाले की और टमाटर वाला भी घुम रहा है बीच से अब आप कर लो
23:24किया कर लोगे
23:30सट पानी आना चाहिए सट से पता नहीं कहां चल जाना चाहिए लेकिन हमें गर्व होना चाहिए इस पानी को
23:35हमने वेश्ट नहीं किया चलू तु तु देखती ही जा रही है यार
23:46उहां समस्या ही एतनी है हाँ समस्या है धिक्कत यह हो जाती है कि हम लोग हम लोग
23:55पूलना शुरू करते हैं तो लगता है जलए यह भी इसमस्या यह-बी समस्या।
24:00समस्या है कि कौन उस कुर्सी पर बैटना चाहिए या फिर कौन वहां आये स dhikara आना चाहिए
24:08जो तै करें कि यहां का विकास कैसे होना है हम इसलिए करेंगे क्योंकि हम टैक्स लेते हैं जवाब तो
24:15हम ही लोग मांगेंगे बिल्कुल और समधान यह ऐसे नहीं होगा कि एक साथ समधान
24:20कि समधान कू मतलब सुल्याना होगा आओ इस बार हम पानी की विवस्ता की ठीक करने का वचन
24:30लीते हैं मःद्च मणे पूर नहीं एक स्टेट है उसका गाव पूरा गावाले ही गाव साफ करतें हिए उनका कोई
24:40कोई चक्कर ही नहीं है कि आप क्या मिघाले में गाले में पूरा हम लोग पान खाका मत भी नहीं
24:50ओटे की ठूख दे गुजरात में भी गाउँ है यह तो ऐसे ऐसे हम कब बनेंगे
24:56कि अरे हमरे समोसा में कीड़ा निकला लड़का मर गया सरकार कुछ नहीं कर रहे हैं यह तो सरकार अब
25:19समोसा समाले
25:21तुम दिखा दो सरकार, अभे हमें जनता इसे कर दी तो हमें तो कुछ करने ही पड़ेगा, समध्धान है, लेकिन
25:27हम चाहते हैं, बेसिकली हम बड़े आलसी टाइप के लोग हैं, डाल बन गया, बात बन गया, चलो हम नहाते
25:34हैं, खाल ये दो पहर में सो जाते हैं, जानते हो, �
25:40योगा गुरु कहा हैं, पहला बाए करवट सो, इससे अन पचेगा, फिर इनने करवट, कहां जाओगी समाधान के लिए जब
25:54हम फसे ही, बड़ा अच्छा था एक सोधा में उगे लोग, इसके बाद सवाल ना पूछना, बहुत याद करके बोलना
26:03है, वैसे हमकर्स को लोग �
26:14को अवोड़ फसे लोग, दुवधा में फसे लोग, करते हैं, बाघ बरगत की, गमले में होगे लोग, इसा या बाटता
26:25हु cush. ध्यान रखना के बरगत बनना है तो जमीन पकड़ो
26:32बरगत भी बड़ा तेज होता है गंबला की नीचे छेड़ होता उसी में से मार देता है जड़
26:38खाली बड़ी बातें नहीं वो क्या कर रहा हम क्या कर रहे हैं ओफिस ओफिस में मेरे था दखे बाइस
26:45आप था है थूप दिये
26:49अब जिसको उठाना होगा उठाएगा यह वही वाली बात हम आपको काम की बात बता रहे हैं लेकिन बेकाम तरीके
26:55से तो गुरू ऐसा है जाओ अब ही कहां जाओ अरे भगना है लटका के लिए जाएंगे फ्राइट वाले आप
27:08लिटाएं जब जब वो अब फ्राइट वाले �
27:12कमाल होते है अरे अभी कुछ करीं कहे थे ऐसे हिला था तो मैंने एहर होस्ते से पूछा तुमको तो
27:19हमेशा का सर्क अवी कभी तो वो क्या बोलते हैं वो पहिया रही नहीं खुलता वो उध्र क्रिए लैंड करने
27:30हैं अच्छा पहिया है यहां लैंडिंग करे कि कभी-कभी �
27:33पईया ही नहीं खुलता बाप सुच अभी आसमान में ऐसे हिल रहा हो और बोले कभी कभी तू खुलता ही
27:40नहीं है तो ऐसे ना करो यारू लटका के लिए जाएंगे दोसों सॉरी एक विमान को लैंड कर दें आप
27:48विमान को लैंड कर दो आपकी यह मेरे उपर अच्छा लग र
27:53लग रहा था आपकी बागी बाउत एकदम बढ़कीला दे देते कुछ बड़ी बड़ी बातों का छोटा संदेश छोटी छोटी बातों
28:00का बड़ा संदेश सब हमने यहां पर सुविकार किया है मैं उमीद करती हूं कि वह युवास सुनेंगे सोचेंगे और
28:07यह बेखेंगे
28:08कि अपने में बदलाव कहां से लाना है तभी बदलेगा बिहार बड़ी चीजे मिली भी हमें पुस्तैनी उनको समहाल के
28:15रखना है उनको समहाल के रखना है वहां का अगर एक गंदगी भी हटा देते हो ना तो बहुत बड़ी
28:22वाद बहुत पुस्तैनी चीजे मिली भी रोक �
28:25उसको वो वक्त है जो बोलते हैं बदलाओ वो वहां से यहां तक कि बिल्डिंग का बदलाओ है उनको भी
28:30सॉरी मैं मैं ही जाना नहीं चाहरा है
28:33बहुत धन्यवाद संजर जी जैस्वेदा
Comments

Recommended