00:04अभी मैं महाराश्य के नागपूर में आया हूँ और यहाँ पर मैं कुछ आदिवासी स्टुडेंट से मिल रहा था तो
00:10मेरे साथ कुछ गर्ल्स ट्राइबल स्टुडेंट्स है तो लेट सी वाट इस देर एक्स्पीरियंस अब ट्राइबल स्कूल्स और ट्राइबल होस्टेल
00:20मैं मैं अब देखने का नज़रिया था और यॉ बहुत अलग था और मजह इतना गंदा लगाव और
00:48सबी स्टूडन्स मतलब जो गर्ल्स है वो गाव जाती है एक महीने के लिए घर पे रहती है तो आने
00:54के बाद उनके पास से प्रेडिनेंसी चेक अप करवाया लिया जाता है तो तीन होस्टेट जो है उसकी इमारत बनी
01:02है जिसमें एक स्टूडन्ट में एक रूम में 25 लड़कि
01:18लड़किया वाश्रूम भी ठिक से यूज नहीं कर सकती वहाँ पर पढ़ाई भी नहीं कर सकती वह सो भी नहीं
01:23पाती है नीचे कॉट भी नहीं वहाँ पर नीचे सोती है
01:36अपने घर से वापस आती है अपने होस्टेल पर इनसे प्रेवन से टेस्ट करवाया जाता है
01:43एक रूम में 20-25-25 लड़कियों का रहना पड़ता है और उसके बाद 125 या 1500 गर्ल्स का जो
01:50होस्टेल होता है वहाँ पर वाश्रूम होते दो या तीन बस
01:54कितने मिनिस्टर्स कितने एमेलेज अपनी बेटियों के साथ अगर ऐसा ट्रीटमेंट होगा तो या तीन रहते है
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