Skip to playerSkip to main content
  • 55 minutes ago
देश आज पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन मना रहा है। गुजरात के छोटे से गांव वडनगर के एक साधारण परिवार में जन्मे नरेंद्र दामोदर दास मोदी आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधान हैं। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उनके व्यक्तित्व की नींव उन्हीं शुरुआती वर्षों में पड़ी, जब वो वडनगर के एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र थे। बचपन की जिज्ञासा, सीखने की ललक, मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास और जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता। बाल नरेंद्र के शिक्षक एच.सी. पटेल आज भी इन खूबियों को याद करते हैं।

Category

🗞
News
Transcript
00:00देशाज पियम मोदी का 76 जनम दिन मना रहा है।
00:04गुजरात के छोटे से गाउं वर्णगर के एक साधारन परिवार में जन्में
00:08नरेंद्र, दामुदर, दास, मोदी आज, दुनिया के सबसे बड़े लोककंत्र के प्रधान है।
00:14लेकिन इस मुकाम कत पहुँचने से पहले उनके व्यक्तित्व की नीव उन्ही शुरुवाती वर्षों में पढ़ी जब वो वर्णगर के
00:22एक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र थे।
00:24बच्पन की जिग्यासा, सीखने की ललक, मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास और जिम्मेदारियों के प्रती गंभी इता।
00:33बाल नरेंद्र मोदी के शिक्षक एकसी पटेल आज भी इन खूबियों को याद करते हैं।
00:40वड़नगर के बी एन हाई स्कूल में 1965 से 1967 तक नरेंद्र मोदी को गणिद और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक
00:48एकसी पटेल ने अपने छात्र की कई यादे सांजा की।
00:53जिसमें एक तरफ पढ़ाई में तेज और हर गतिविदी में आगे रहने वाला छात्र नजर आता है। तो वहीं दूसी
01:00तरफ बच्पत से ही कुछ अलग करने का जुनून भी दिखाई देता है।
01:04एकसी पटेल बताते हैं कि नरेंद्र मोधी पढ़ाई में बेहत तेश तो थे ही सामाजिक और सांत्रितिक गतिविद्यों में भी
01:11अग्रहनी रहते थे।
01:34स्थल करीब 10 मनें तक तालियों की गड़गाडा हाट से गुशता रहा।
02:10लेकिन नरेंद्र मोधी के छात्र जीवन की सबसे चर्चित यादों में से एक है मगरमच का बच्चा पकड़ने वाला किस्सा।
02:18एक्सी पटेल वो किस्सा ऐसे बया करते हैं जैसे मानो कल की ही बात हो।
02:23हो मगर का बच्चे हमारे बच्चे में शर्मिष्टा तालाव है।
02:27शर्मिष्टा तालाव से हो मगर के छोटे बच्चे को लेकर वो घर पर आए थी।
02:41
02:42
02:42
02:43
02:44
02:45
02:50foreign
02:52foreign
02:53foreign
02:55foreign
02:56foreign
02:57foreign
03:06foreign
03:10I don't want to be able to do any work.
03:14I didn't want to be able to do any work.
03:15We were the teachers.
03:19They said that they were less than the same.
03:23They said, I was gone, I didn't want to be able to do any work.
03:27They were also written their name, but they didn't get transferred.
03:30My son was the law of JS.
03:32foreign
03:33foreign
03:34foreign
03:34foreign
03:35foreign
03:38foreign
03:39foreign
03:39foreign
Comments

Recommended