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  • 6 weeks ago
In 1990s Punjab, Sukhman loses his beloved Dilruba after her family is murdered. Forced into marriage, he seeks the truth, only to discover a shocking secret.
Transcript
00:00पुल्वे नू समझावन आया, पैना ते पर जाया, मानने बुल्या साथा कहना, छड़दे पन्ला रहाया
00:07कौँ?
00:09जी मैं सुखमन, लाग ले पिंडो
00:12मैंनू कहनता मैं दरगा ते मत्था टिकन ओने, मैं ख्या जी?
00:18दरगा ते मर्था नहीं तेक्क है जाना, सेज़दा की ते जाना
00:23जाद सुखने वी फासल पक्की होगे ना, ता गुदो दावना ड़दा ही है
00:37आप पाणी मिल साथे सुखमन, आमें सुखने जी ना देख्या का
00:41मिल क्यों नी सागदे, और कौन रुकू जटनू
00:58सारे टबर नो मार के खपादू
01:02तार बिना तूंब वज़दही ना, तार बिना तूंब वज़दही ना
01:09जितने मर्जी बग्चे, जिनना मर्जी पाचले कुछ नियाथ लगना है तो
01:17यार तू चौना की है पंदा मार ना, अमा
01:27पंदानी, कौन सानू सारे टबर नो मारेंगा
01:31तेरी मनी से वांदू कुम दी, फिरी दीरू सजणा
01:37केडे ता के विच्च परोती तूं हूं सजणा
01:46पत्तेयां ते पाणी छड़कनल भूटा हरा नी रेंदा
01:51जिनना चर पाणी जड़नू ना लग्ये
01:53पूं मार ना ली ता मार्गी बेपे
01:57मेरा की कसुर है, में नू क्यों तेल-तेल कारके मार रहा तेरा पोत्त
02:10तेरे मुख देने चोड़ दीता काण काने रांग
02:14नी काण कवन्नी ये
02:15नी काण कवन्नी ये

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