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कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा मर्डर केस में बेटे ने किसका लिया नाम? देखें वारदात

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00:06नवस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:09कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मडर केस में पहली बार उनके बेटे सुबरत ने जुबान खोली
00:16कानपूर पुलिस के सामने पूच्टाज के दौरान सुबरत ने कहा
00:20कि उसे अपने पिता के कतल या कतल की साज़िश के बारे में कोई जानकारी नहीं
00:25हाला कि उसने ये माना कि पैसों और रोक टोक को लेकर उसकी और उसकी पतनी शालू की उसके पिता
00:32से नोग जोक होती थी
00:34लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो अपने पिता का कतल कर दे
00:38वैसे सुबरत ने पुलिस के सामने ये कुबूल किया
00:41कि उसे लगता है कि शायद उसकी पत्नी शालू ने ही उसके पिता का कतल किया है
00:51ये शालू की अलग अलग तस्वीर है
00:53खुला चेहरा, दुपटे से छुपाते हुए चेहरा, धका चेहरा
00:58कैमरे से बचता बचाता चहरा परेशान चहरा हैरान चहरा
01:06और ये विशाल गौतम और उसके दोस्त राच किशोर का चहरा है
01:10इन दोनों ने ना खुद अपने चहरे को छुपाने की कोशिश की
01:14ना ही पुलिस ने इनके चहरे को नकाब से ढखने की जहमत लखाई
01:18ये दोनों वही आरोपी सुपारी किलर हैं जिने 6 लाक रुपे में कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिनुचा के कतल
01:26की सुपारी दी गई थी
01:28और इल्जाम है कि ये सुपारी इन्हें खुद विनीत मिनुचा की वहू शालू ने दी थी
01:37दरसल शालू की गिरफतारी के बाद बुदवार को पहली बार शालू और दोनों सुपारी किलर को कानपूर सेंटरल जेल से
01:45निकाल कर कोट लाया गया था
01:47वज़ा ये थी कि कानपूर पुलिस इन तीनों की पुलिस रिमान लेकर इनसे पूछताच करना चाहती थी
01:53खासकर शालू और उसके पती सुगरत को आमने सामने बिठा कर पूछताच की गयानी थी
02:02लेकिन इत्तफाक से बुदवार को कानपूर कोट के वकील हड़ताग पर थे
02:06लहाद पुलिस रिमान पर कोट के अंदर सुनवाई हो ही नहीं पाई
02:10नतीजतन शालू और दोनों सुपारी खिलर को बैरंग वापस जेल भेज दिया गया
02:16अब तीनों की पुलिस रिमान पर 19 सितंबर को सुनवाई हो
02:20यानि अब कानपूर पुलिस को शालू और सुबरत को आमने सामने बिठाने के लिए
02:25कम से कम तीन दिन और इंतिजार करना पड़ेगा
02:31हलांकि इस दोरान सुबरत को पुलिस के सामने बिठाया जा चुका है
02:34पुलिस क्या खुद कानपूर के पुलिस कमिश्टर ने सुबरत को अपने सामने बिठा कर पहली बार
02:40उसके पिता के कतल और पत्नी शालू की भूमिका के साथ साथ
02:45कतल में खुद उसके अपने रोल के बारे में दो घंडे से ज्यादा पूछताच की
02:50पुलिस उत्रों के मताबिक पूछताच के दोरान जब सुबरत से पूछा गया
02:55कि उसके पिता का कतल किस ने किया
02:57तो सुबरत ने कहा कि शायद उसकी पत्नी शालू उसने कहा कि ये बात वो इसलिए कह रहा है
03:04क्योंकि विशाल को पुलिस का स्टडी में उसने ऐसा मीडिया के कैमरे पर कहते सुना था
03:09ये रहा विशाल का वो दावा जो उसने कैमरे पर किया था
03:37अच्छा पुलिस ने जब सुब्रत से पूछा कि विशाल ने ऐसा क्यों कहा होगा तब उसका कहना था कि ये
03:43विशाल ही बता सकता है
03:44पुलिस ने सुब्रत से ये भी पूछा विशालू उसके पिता का क्तल क्यों करवाएगी क्या बजा रही होगी
03:51सूत्रों के मताबिक इसमत सुब्रत साफ साफ तो जवाब नहीं दे पाया
03:55लेकिन उसने माना कि घर में पैसों और खर्च को लेकर तनाओ बना रहता था
03:59उसके पिता पैसों का सारा हिसाब किताब खुद रखते थे
04:03और खर्च को लेकर भी वो बेहत सखते
04:05इतना ही नहीं घर के अंदर और बाहर भी कई चीजों को लेकर उन्होंने कुछ रोक लगा रखी थी
04:11सुब्रत के मताबिक ये मुम्किन है कि इसी वज़ा से शालू ने ऐसा किया हो
04:16लेकिन उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी
04:19नकभी शालू ने उससे ऐसी कोई बात की
04:24विनीत मिनोचा का जिस रात कतल हुआ उस दिन शालू के साथ
04:28वक्त से पहले कलब में पहुँचने और देव से घर लोटने के बारे में
04:32जब पुलिस ने सुब्रत से पूँचा तो उसका कहना था
04:35कि उस रात किटी पार्टी का होस्ट वो और शालू थे
04:38होस्ट यानि मेजवान होने के नाते ही दो दो पार्टी शुरू होने से
04:43एक घंटा पहले ही कलब पहुँच गए थे
04:50कतल वाली रात विनीत मिनोचा के घर में दाखिल होने के लिए
04:53इल्जाम एकि खुद शालू ने विशाल को डूप्लिकेट चावी दी थी
04:57ये चावी खुद शालू ने बनवाई थी
04:59पर तफ्तीश के दौरान पता चला कि जिस दिन डूप्लिकेट चावी बनाने शालू मार्केट गई थी
05:04तब कार में उसके साथ सुबरत भी था
05:07तो क्या सुब्रत को पता था कि शालू डूप्लिकेट चावी क्यों बनवा रही है?
05:12पोच्टाच में सुब्रत ने बताया कि वो कार के अंदर ही बैठा था जबकि शालू दुकान पर गए थी
05:17उसे नहीं पता था कि शालू वहाँ डूप्रिकेट चाब बनवा ने गई
05:26कानपूर के चर्चित विनीद मिनोचा हत्या कान में पुलिस का शिकंजा अब शालू के पती सुब्रत पर कस्ता जा रहा
05:32है
05:3248 घंटे के अंदर दूसरी बार कानपूर पूलिस ने सुब्रत से कई घंटे पूछताच की
05:37पहले दिन 2 घंटे चली पूछताच में पूलिस ने सुब्रत से पूछा कि आखिरकारी हत्या किस ने की है
05:43जिस पर सुबरत ने जवाब दिया कि क्योंकि विशाल ने ऐसा स्टेटमेंट दिया है तो वे मानता है कि ये
05:48हत्या शालू ने की होगी
05:49जब पुलिस ने विशाल के स्टेटमेंट की वज़ा जानना चाही तो सुबरत ने कहा कि ये जानकारी आपको विशाल बहतर
05:58दे पाएगा
05:58इसके साथ ही कानपुर पुलिस ने विरीत मिनोचा और शालू की रिष्टों को लेकर जब सवाल किये
06:03तो सुबरत ने माना कि हाँ पाबंदियों को लेकर दोनों के बीच में रिष्टे ठीक नहीं थे और आए दिन
06:10खट पड जरूर होती थी
06:11जिसके बाद कानपुर पुलिस ने सवाल किया कि जिस दिन शालू घर की डूबली के चाबी बनवाने के लिए बाजार
06:18गई
06:18तो आखिर कार वे उसके साथ क्यों मौझूद था जिस पर सुबरत ने अपना बचाफ किया
06:22कि वे उस वक्क गाड़ी में बैठा था और उसे कोई जानकारी नहीं थी कि आखिर शालू क्या कर रही
06:28है
06:30वारदात वाली रात या उससे पहले विशाल से सुबरत ने फोन पर इतनी बात क्यों की
06:35इस पर सुबरत ने पुलिस को बताया कि विशाल बरसों से उसके और उसके घर के छोटे मोटे काम करता
06:41रहा है
06:41उसे किसी भी चीज़ की जरुवत होती या कुछ सामान मंगवाना होता वो विशाल को फोन करता
06:47उसका कहना था कि विशाल से लगबग हर दिन ही उससे फोन पर या मैसिच पर बात होती रही है
06:53कतले वाले दिन भी सुबरत ने विशाल से बात की थी जो उसने खुद कुबूल किया
06:58पर सुबरत का कहना था, कि उस दिन शालु ने उससे कुछ ग्लास और गज्रा मंगवाया था
07:06सूत्रों के मताबिक सुबरत ने पूछताच में ये भी कहा, कि उसे अभी यकीन नहीं होता, कि शालु ने ऐसा
07:11किया है
07:12लेकिन विशाल के वयान के बाद अब यकीन होने लगा है
07:15वैसे शालू की गिरफतारी के बाद से अभी तक सुब्रत शालू से एक बार भी नहीं मिला
07:21ना पहले पुलिस खिरासत के दौरान और ना फिर जेल यहां तक कि बुदवार को जब शालू कोट लाई गई
07:28तब दे सुब्रत शालू से मिलने कोट नहीं गया
07:34आरोपी शालू पहली बार हत्या के बात कैमरे के सामने नजर आई
07:38कोट में पेशी के दौरान शालू के परिवार से तो लोग मौजूद थे
07:42लेकिन सुब्रत या उसके परिवार से कोई भी व्यक्ति नहीं दिखा
07:45और ना ही किसी ने अभी तक जेल में जाके शालू से मुलाकात की
07:49शालू के वकील की माने तो फिलाल सुब्रत ने अभी तक किसी तरीके से
07:53उनसे संपर्ग नहीं सादा है और ना ही केस से जुड़ी कोई जानकारी उनसे साजा की है
07:57सूत्रों के माने तो शालू के मन में भी ये सवाल है कि आखिरकार सुबरत ने एक बार भी उससे
08:03पूछने की ये कोशिश नहीं की
08:04कि आखिर उसने ये हत्या क्यों की या फिर की भी या नहीं
08:09फिलाल पुलिस को भी सुबरत का ये बरताव संदिक लग रहा है जिसकी वैजाच कर रही है
08:14अब जल्द ही कानपुर पुलिस लोगों के बयानों के आधार पर और डिजिटल साक्षों के आधार पर इस पूरी घटना
08:22का खुलासा जल्द कर सकती है
08:25हाला कि पुलिस कस्टडी मांगने से पहले ही कानपर पुलिस कोट की इजाज़त से जेल जाकर शालू विशाल और राच
08:32किशोर से पूचताच कर चुकी है
08:34सूतरों के मताविक जेल में पूचताच के दौरा ने एक ऐसा मौका भी आया जब शालू और विशाल को आमने
08:41सामने बिठा कर पूचताच की गए
08:43दरसल पुलिस दोनों के बयानों के फर्क को पकड़ना चाहती थी
08:47पुलिस सूत्रों की माने तो जेल के अंदर आमने सामने की पूचताथ में भी विशाल में शालू के सामने ही
08:54ये कहा
08:54कि उसने ये कत्ल शालू के कहने पर ही किया था और इसके बदले शालू उस पैसे देने वाली थी
09:00विशाल ने कहा कि उसे पैसों की जरूरत थी और उस पर कर्ज भी था
09:05इसलिए वो इस काम के लिए राजी हो लिए
09:10दरसल विशाल मिनोचा परिवार का पुराना नौकर रहा है
09:14वो उनकी दवा की दुगान के साथ साथ खर का भी काम देखा करता था
09:18हलाकि ज़्यादा चुटी लेने की विज़ा से विरीत मिनोचा ने करीब बारा साल बाद उसे नौकरी से हटा दिया
09:24पर चूकी वो सुबरत के खरीब था
09:49तो क्या घर के किसी मेंबर पर किसी का शक्त जाता क्योंकि तब शायद अगले ही दिन अंतिम संसकार भी
09:56हो जाता तो क्या ऐसे प्लान या ऐसी सूरत में जिसमें मौत दिल का दौरा पड़ना दिखाया जाना था क्या
10:03ये मुम्किन नहीं कि शालू और विशाल के साथ-साथ ख�
10:18बुदवार को शालू की पुलिस का स्टडी मिल जाएगी इसलिए शायद आमने सामने बिठा कर पूछताच के लिए बुदवार को
10:25ही सुब्रत को थाने बुलाया गया था लेकिन कोट में वकीलों के हरताल के चलते सुनवाई टल दे लेकिन बुदवार
10:32शाम सुब्रत 48 घं�
10:34के अंदर अंदर दूसरी बार कानपूर पुलिस के सामने पेश हो सुब्रत थाने में अकेला आया था पूछताच के बाद
10:42सुब्रत वापस लोट गया लेकिन सूत्रों के मुदाविए 19 या 20 सितंबर को जैसे ही शालू की पुलिस कस्रडी मिलती
10:50है उसी दिए शालू और सु
11:04सिमर चावला कानपूर आज तक
11:11तब घब रा जाता है इसके बाद वो मंदर मंदर भागता रहता है
11:40ये राजस्तान के रिंगस रेलवे स्टेशन के पास का एक CCTV फुटेज है
11:44फुटेज में एक शक्स चेहरे पर रुमाल बांधे चाय नाश्ते की एक दुकान की तरफ बढ़ता हुआ दिखता है
11:50जब आप इस फुटेज को ध्यान से देखेंगे तो समझ में आएगा कि आसपास कुछ और भी लोग खड़े हैं
11:57जो बड़े ही खुफिया तरीके से इस आद्मी पर निगाह जमाए हुए है
12:01फिर जैसे ही चेहरे पर रुमाल बांधे वो शक्स एक दुकान के अंदर खुसता है देखते ही देखते उसका पीछा
12:08कर रहे लोग उसे घेर लेते हैं और फिर बातों में उलज़ा कर उसे अपने साथ लेकर वहां से निखल
12:14जा देगा
12:20यहां ना तो कोई भाग दोड़ है ना अफरा तफरी और नहीं खीचता लेकिन इन तस्वीरों में एक ऐसे शक्स
12:27की गिरफतारी का मनजर कैद है जिस पर एक नहीं बलकि एक साथ चार-चार लोगों के कतल का इल्जाम
12:34है
12:4045 साल की गीता जहा का, 22 साल की उसकी बड़ी बेटी नंदनी का, 17 साल की उसकी मंजली बेटी
12:48राधीका का और महस 14 साल की लाड़ी गोरी का
12:53और पुलिस ने अभी अभी जिस शक्स को गिरफतार किया है वो राहुल जा है
12:57और राहुल जा कोई और नहीं बलकि गीता का पती और इन तीन छोटी छोटी बच्चियों का पिता है
13:03जैपुर के करधनी इलाके में इसी राहुल की कर्दूत ने न सिर्फ उसके मुहले को बलकि पूरे शहर को तहला
13:10कर रख दिया
13:11क्योंकि राहुल ने सीमेंट के भारी स्लैब से सिर्फ कुचल कुचल कर मुँ अंधेरे एक एक कर अपनी पत्नी और
13:18तीन बेटियों की जान दे
13:33एक एक कर अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया बलकि चार-चार कतल करने के बाद बड़े आराम से
13:39नहाया
13:40कपड़े बदले दूध लेकर आया और फिर घर में उसी के रहमों करम से जिन्दा बचे अपने बुजर्ग पिता को
13:47चाय बना कर पिलाए और खर से निकल ले
13:50वो तो जब चाय वाई पीने के बाद राहुल के पच्चासी साल के बज़ुग पिता बच्चों को जगाने के लिए
13:56अंदर के कमरों में पहुंचे तो खून खराबे का मनजर देखकर सन्नापे में आग
14:08सुबह करीब सवा नौ बजे उन्होंने पड़ुज की एक महिला को अपने पास बुलाया और घर के अंदर चल कर
14:14मनजर देखने की गुजारिश की शायद उनका बुजर्ग दिमाग इस मामले को ठीक से समझ नहीं पा रहा थी
14:20लेकिन जैसे ही महिला को पूरी बात समझ में आई पूरे महले में पोहराम मच गया
14:25अगले ही बल जैपुर की पुलिस मौका ये वारदात पर थी
14:29पुलिस ने बड़ी ही बारीकी से मौके का मुआयना किया
14:32घर में पत्नी गीता की लाश उनके बेट्रूम में पड़ी थी
14:35जबकि बाकी की तीन बेटियों की लाशें दो अलग-अलग कमरों में
14:40सभी लाशों का सिर किसी भारी चीज से बुरी तरह से कुछल दिया गया था
14:45लहाज़ा बिस्तर से लेकर फर्ष तक हर जगा सिर्फ खूनी खून बिखरा था
14:57चूंकि राहूल घर से गायब था और अपने बुज़र पिता को चाय पिला कर निकला था
15:01लोगों को ये समझते देर नहीं लगी कि इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी आदमी नहीं बलके खुद
15:07राहूल ही था
15:08अब पुलिस ने राहूल की तलाश शुरू कर ले
15:11मगर दिक्कत ये थी कि राहूल कहा गया था ये किसी को पता नहीं था
15:15उपर से वो अपना मुबाइल फोन जान भूज कर स्विश्ट आफ कर घर पर ही छोड़ गया था
15:21ऐसे में उसे मुबाइल फोन के जरीए भी ट्रैक कर पाना नमुम्किन थी
15:26पुलिस ने उसके जानने वालों और नाते रिष्टेदारों से संपर्क साधा
15:30और राहुल के बारे में कोई जानकारी मिलने पर फोरण इतला करने की अपील
16:00और उसके जब फोन और अन्य चीजों की जानकारी गट्टे करने की प्रयास किये गए तो वो फोन बंदा आया
16:05उससे यह कुदीत हुआ कि कही ना कही उसका इमिरेट्टा में कोई ना कोई रोल है
16:10इसके रोल को संधिक्त मानते हुए और चार हत्याओं के वहने के वज़े से
16:16शिंबान सिर्टी साफदार इसको गटित किया गे जिसमें जिले की बीस्टी, करदनी थाने की स्पेशल टीम, हमारी जिले की दो
16:27अन्य टीम, साइबर टीम
16:28और कमिशनरेट की सीएस्टी, इनको इस अक्यूज़ और सस्पेक्ट इसको गिरफतार करने की लिए और इसको उस्ताज करने की लिए
16:37इनको मामूल किया गया
16:38इस पूरी प्रक्रिया में जब हम यह वाहां पर सिसीडी भी देखना स्टार्ट किया, तो हमें समझ में आया कि
16:43यह इतनी जो है, जट से सुबह करीब 8 बच के 10 निट पर घर से निकल गया
17:03और तब उसने कुछ रुपयों के लिए जैपूर में ही अपनी भतीजी को फोन किया
17:08और यहीं से पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद रहुल खाटु शाम जी मंदिर की तरफ गया
17:14है
17:14अब पुलिस ने खाटु शाम जी मंदिर के आसपास की चौकसी बढ़ा गया
17:18राहुल रडार पर आ गया, पता चला कि वो रिंगस रिल्विस्टेशन के आसपास घूम रहा है
17:23और तब आखिरकार पुलिस ने उसकी तस्वीर और हुलिय के आधार पर उसे धर दबुचा
17:53और वहां देखा लिया थी इस सूचना को डेवलप करते हुए खाटु शाम में जो हमारे जिले की स्पेशल टीम
18:00उसको उतबतार रवाना किया कि वहां बहुंच पर जब जिले की स्पेशल टीम ने पता किया तो इनों ने पताया
18:07कि यह वेक्ती ज़ूर यहां आया था और य
18:23इंडर्स में इसके साथ इसको हम तलाश कर रहे तो हमारे सीएश्टी के जो वेद्वीर कॉंस्टिबल हैं उनको यह वेक्ती
18:29माँपर दिखा और उन्होंने इसको दस्तिया गिरफ्त में आने के बाद राहुल ने ना सिर्फ अपने ही घर में चार
18:37-चार कतल की वारदात को अ
18:52नंदनी से कुछ ज्यादा ही नारास था रहुल एंदाबाद में रहकर शेयर क्रेडिंग का काम करता था उसे इस काम
18:59में भी अच्छा खासा नुकसान हुआ इधर जैपूर में उसे लगता था कि उसकी बड़ी बेटी नंदनी उसकी बात नहीं
19:06मान दी जबकि उसकी पतनी ब
19:22प्रण के पीछे अपनी बड़ी बेटी थी उनके साथ किसी प्रकार की इनका मलगटाव चल रहा था वो इनकी बाते
19:32को कम तवज्यू दिया करती थी इससे विज़े से इनकी चोटी-मोटी चोटी-मोटी रड़ाईयां कही बार उच्छा इन सब
19:40रड़ाईयों को लेख लेक
19:57इस बड़ी बेटी के वज़े से बागी दो बेटी है उस पे बुरा असल में नंदिनी की दोस्ती कुछ लड़कूं
20:06से थी और इसे लेकर रहुल अक्सर उससे नाराज रहता था
20:09और इसी घुसे के माहुल में उसने पहले अपनी पत्नी और फिर बड़ी बेटी की हत्या करने और फिर खुदकुशी
20:16करने का फैसला किया
20:17लेकिन बाद में उसे लगा कि दोनों की हत्या करके अगर वो अपनी जान दे देगा तो बागी की बेटियों
20:24का क्या होगा
20:24फिर यही सोच कर उसने पहले चारों की जान लेने और फिर आखिर में खुदकुशी करने का फैसला किया
20:31रही बात 85 साल के बुज़र्ग पिता की
20:34तो रहुल को लगा कि उसके पिता को करीब 33,000 रुपए हर महीने पिंशन के मिलते हैं
20:40ऐसे में उसका भाई अपने बुज़र्ग पिता को साथ रख सकता है
20:43ये सब कुछ सोच कर उसमें 11 सितंबर की रात पहले धोके से अपनी पत्नी और बेटियों के खाने में
20:50नीन की गोलियां मिलाए
20:51और फिर सुबह होते होते सीमेंट के स्लैब से सिर्फ पुछल कर उनकी जान ले
21:00तब तालव आपको यही बताएंगी कि इनके बात ना मानने के वज़े से एक तरीके के इनके मन में कोई
21:07ऐसी कुंधा उत्पन हुई
21:09उस कुंधा के वज़े से इनके इसके एक्ष्रीम स्टेप उठाए जहां पर सबसे पडली इनके मुझा कि अपने दोनों बच्चों
21:19का और उसके बाद ग्लास्ट एक उपने बड़ी पिजी मुझा किया है
21:43इसके बाद उसने खून से सने कपड़े बदले नहाया और दूद लाकर बुज़र पिता को गर्मा गरम चाय पिलाई और
21:50इसके बाद घर से निकल गई
21:52रहुल का दिमाग कतल से पहले तो आशान्त था ही कतल के बाद भी उसे चैन नहीं मिला
21:57उसने एक बार एक गाड़ी के सामने कूद कर खुदकुशी करने की कोशिश की मगर डर कर पीछे हड़ गया
22:02इसके बाद वो एक एक कर खाटू श्याम जी समीद कई अलग-अलग मंदिरों में गया
22:08लेकिन इसी बीच उसके पास पैसे खत्म हो गये और जैसे ही उसने पैसों के लिए अपनी भतीजी को फोन
22:14किया
22:15पुलिस को उसकी लोकेशन की बात पता चलिए जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफतार कर दिया
22:20पूचताच में उसने खुलासा किया कि वो टीवी पर अलग-अलग क्राइम फिक्शन सीरीज और सीरियल्स देखता था
22:27जिसके बाद उसे मर्डर का आइडिया आया और उसने सोचा कि अगर वो अपना फोन घर पर छोड़ कर जाएगा
22:34तो कभी पकड़ा नहीं जाएगा
22:36मगर आखिरकार उसकी फोल खुल देगी
22:40क्राइम सीरीज देखकर एक पिता इसकदर संकी हो चुका था कि अपनी बड़ी बेटी के चाल और चरितर पर सक
22:47करने लगा
22:48इसी को लेकर अक्षर घर में जगड़ा होता था लेकिन एक दिन ऐसा आया कि राहुल नाम के इस सक्स
22:55ने
22:55ना सिर्फ अपनी पत्नी और बड़ी बेटी के अलावा दो छोटी बेटियों को भी मोत के गाट उतार दिया
23:01हाला कि उसने अपने बुजुर्ग पिता की जान बख्स दी और चाई नास्ता करवाने के बाद वो मोके से बाग
23:10छुटा
23:10भागा इसकदर कि वो दर-दर मंदिर में माफी मांगता रहा
23:15एक समय ऐसा भी आया जब गाड़ी के आकर खुट को खत्म करने का पर्यास किया लेकिन हिम्बत नहीं हुई
23:22आकर में खाटू श्याम मंदिर में जाकर सरन ली लेकिन पीछे से जयापर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा
23:33विशाल शर्मा जयपूर आज तक
23:40तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बागी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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