00:28UPI tax
00:30AMERICA के दवाब में लिया गया है
00:31राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से फैसला तुरंथ वापस लेने की मांगी है
01:15कई विपक्षी बल राहुल गांधी की भाशा बोल रहे हैं
01:18और कह रहे हैं कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो लोग फिर से कैशी प्रिफर करेंगे
01:24क्या किया जा रहा है यहां पर और एक सबसे बड़ी बात यह कहना की बहुत कम है बिल्कुल नहीं
01:29कमर्शल ट्रांजक्शन 2000 से उपर वाला 4% है 605 करोड कमर्शल ट्रांजक्शन ऐसे हुए है
01:37लेकिन वाल्यू टर्म में वो 66.22 लाख करोड है छोटा पैसा नहीं है एक लाग दो लाग करोड नहीं
01:44है
01:44च्छाचट लाख करोड से उपर का पैसा और वो पैसा सीधे आप गूगल और फोन पे की जेव में डाल
01:50रहे हैं
01:50यह लूट है लूट चोड दर्वाजे से जन्ता को जेव काटने का तरीका है जो क्रेडिट कार्ड कंपनियां बड़ी-बड़ी
01:57अमेरिकन कंपनी स्था तेम जा रहे थी उनको शिकायत हो रही थी उनका प्रॉफिट कम हो रहा था यह उनके
02:03दवाब में लिया हुआ निर्ण
02:17जहां इस मुद्दे पर विपक्ष गरम है वहीं केंदर सरका ने UPI पर मर्चंट डिसकाउंट रेट लगाने के फैसले को
02:24लेकर विदेशी दवाब के आरोपो को खारिच किया है
02:29वितमंत्राले का कहना है कि ये फैसला किसी भी विदेशी दवाब में नहीं लिया गया है
02:34UPI से जुड़े नीतिगत फैसले भारत अपने स्थर पर लेता है और इनका किसी विदेशी दवाब से कोई लेना देना
02:43नहीं है
02:43इनका मकसर डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आत्म निर्भर, समावेशी और किफायती बनाना है
02:49आम उप्भुगताओं के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा
02:54वही बीजेपी और उसके सहयोगियों का कहना है कि यह कोई टेक्स नहीं है
02:59और इस पर कॉंग्रेस की राजनीती दुर्भाग्यपून है
03:03आज दुनिया का सबसे सशक्त, सबसे पारेदर्शी और सबसे बहतर जो UPI का इंटरफेस है वो भारत में है
03:11और आप राहुल गांदी जी इस परकार की बाते कर रहे हैं कोई मतलब नहीं इन बातों कर
03:16देखे आम उब भोक्ताओं को बहुत परशान होने की जरूरत नहीं है
03:22सामाने तोर पर हम यह कह सकते हैं कि यह बहुत ही मामूली ब्रिधी वो भी ब्यापारियों को इसका भुकतान
03:31करना होगा
03:31कुन मिला कर कहें तो UPI पर कॉंग्रेस और केंदर सरकार के बीच सियासी तकरा तेज हो गई है
03:38अब देखना होगा कि राहुल गांदी के मांग पर सरकार क्या जवाब देती है
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