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  • 6 minutes ago
देश में UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI मर्चेंट पेमेंट पर लगने वाले MDR शुल्क को वापस लेने की मांग की है। वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कोई टैक्स नहीं है और 96% से ज्यादा लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वहीं सरकार ने भी साफ किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

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Transcript
00:28UPI tax
00:30AMERICA के दवाब में लिया गया है
00:31राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से फैसला तुरंथ वापस लेने की मांगी है
01:15कई विपक्षी बल राहुल गांधी की भाशा बोल रहे हैं
01:18और कह रहे हैं कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो लोग फिर से कैशी प्रिफर करेंगे
01:24क्या किया जा रहा है यहां पर और एक सबसे बड़ी बात यह कहना की बहुत कम है बिल्कुल नहीं
01:29कमर्शल ट्रांजक्शन 2000 से उपर वाला 4% है 605 करोड कमर्शल ट्रांजक्शन ऐसे हुए है
01:37लेकिन वाल्यू टर्म में वो 66.22 लाख करोड है छोटा पैसा नहीं है एक लाग दो लाग करोड नहीं
01:44है
01:44च्छाचट लाख करोड से उपर का पैसा और वो पैसा सीधे आप गूगल और फोन पे की जेव में डाल
01:50रहे हैं
01:50यह लूट है लूट चोड दर्वाजे से जन्ता को जेव काटने का तरीका है जो क्रेडिट कार्ड कंपनियां बड़ी-बड़ी
01:57अमेरिकन कंपनी स्था तेम जा रहे थी उनको शिकायत हो रही थी उनका प्रॉफिट कम हो रहा था यह उनके
02:03दवाब में लिया हुआ निर्ण
02:17जहां इस मुद्दे पर विपक्ष गरम है वहीं केंदर सरका ने UPI पर मर्चंट डिसकाउंट रेट लगाने के फैसले को
02:24लेकर विदेशी दवाब के आरोपो को खारिच किया है
02:29वितमंत्राले का कहना है कि ये फैसला किसी भी विदेशी दवाब में नहीं लिया गया है
02:34UPI से जुड़े नीतिगत फैसले भारत अपने स्थर पर लेता है और इनका किसी विदेशी दवाब से कोई लेना देना
02:43नहीं है
02:43इनका मकसर डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आत्म निर्भर, समावेशी और किफायती बनाना है
02:49आम उप्भुगताओं के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा
02:54वही बीजेपी और उसके सहयोगियों का कहना है कि यह कोई टेक्स नहीं है
02:59और इस पर कॉंग्रेस की राजनीती दुर्भाग्यपून है
03:03आज दुनिया का सबसे सशक्त, सबसे पारेदर्शी और सबसे बहतर जो UPI का इंटरफेस है वो भारत में है
03:11और आप राहुल गांदी जी इस परकार की बाते कर रहे हैं कोई मतलब नहीं इन बातों कर
03:16देखे आम उब भोक्ताओं को बहुत परशान होने की जरूरत नहीं है
03:22सामाने तोर पर हम यह कह सकते हैं कि यह बहुत ही मामूली ब्रिधी वो भी ब्यापारियों को इसका भुकतान
03:31करना होगा
03:31कुन मिला कर कहें तो UPI पर कॉंग्रेस और केंदर सरकार के बीच सियासी तकरा तेज हो गई है
03:38अब देखना होगा कि राहुल गांदी के मांग पर सरकार क्या जवाब देती है
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